ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुशलगढ़ एवं सज्जनगढ़ की एक संयुक्त बैठक मंगलवार को कुशलगढ़ स्थित विधायक निवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्रीय जनसमस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें राजस्थान की पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत और क्षेत्रीय विधायक रमीला खड़िया प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने इस दौरान बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आमजन के प्रभावित होने तथा कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव कम होने की बात कही। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। वहीं, विधायक रमीला खड़िया ने मनरेगा में रोजगार और भुगतान में देरी, पलायन की समस्या और आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संघर्ष जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या, सज्जनगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष भरतभाई मेरावत, जनपद सदस्य एवं युवा नेता विजयसिंह खड़िया और युवा नेता विजयभाई मइड़ा ने भी संगठन के सुदृढ़ीकरण, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस की भूमिका को सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर कालूसिंह गरासिया, निलेश मेरावत, नारजी सिंघाड़ा, राजेंद्र कलाल, रोहित खड़िया, भीमा मइड़ा, शांतिलाल, राजेश, हितेश रावत, लालसिंह, भरत, कमजीभाई, हुरमल, मोगजी राणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुशलगढ़ एवं सज्जनगढ़ की एक संयुक्त बैठक मंगलवार को कुशलगढ़ स्थित विधायक निवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्रीय जनसमस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें राजस्थान की पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत और क्षेत्रीय विधायक रमीला खड़िया प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने इस दौरान बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आमजन के प्रभावित होने तथा कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव कम होने की बात कही। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। वहीं, विधायक रमीला खड़िया ने मनरेगा में रोजगार और भुगतान में देरी,
पलायन की समस्या और आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संघर्ष जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या, सज्जनगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष भरतभाई मेरावत, जनपद सदस्य एवं युवा नेता विजयसिंह खड़िया और युवा नेता विजयभाई मइड़ा ने भी संगठन के सुदृढ़ीकरण, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस की भूमिका को सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर कालूसिंह गरासिया, निलेश मेरावत, नारजी सिंघाड़ा, राजेंद्र कलाल, रोहित खड़िया, भीमा मइड़ा, शांतिलाल, राजेश, हितेश रावत, लालसिंह, भरत, कमजीभाई, हुरमल, मोगजी राणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- बांसवाड़ा जिले के दानपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए एक दुष्कर्म के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार, कांकईडूंगरी निवासी दिनेश पुत्र जीवनलाल पर आरोप था कि उसने महिला के पति की आवाज लगाकर घर का दरवाजा खुलवाया। इसके बाद आरोपी घर में घुस गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बताया गया कि आरोपी ने महिला को दोबारा अकेला पाकर दूसरी बार भी दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील योगेश सोमपुरा ने अदालत के समक्ष 8 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 28 दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद, जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और यह सजा सुनाई।1
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुशलगढ़ एवं सज्जनगढ़ की एक संयुक्त बैठक मंगलवार को कुशलगढ़ स्थित विधायक निवास पर आयोजित की गई। इस बैठक में महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्रीय जनसमस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें राजस्थान की पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुंतला रावत और क्षेत्रीय विधायक रमीला खड़िया प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने इस दौरान बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी से आमजन के प्रभावित होने तथा कांग्रेस की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव कम होने की बात कही। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। वहीं, विधायक रमीला खड़िया ने मनरेगा में रोजगार और भुगतान में देरी, पलायन की समस्या और आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संघर्ष जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या, सज्जनगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष भरतभाई मेरावत, जनपद सदस्य एवं युवा नेता विजयसिंह खड़िया और युवा नेता विजयभाई मइड़ा ने भी संगठन के सुदृढ़ीकरण, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस की भूमिका को सशक्त बनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर कालूसिंह गरासिया, निलेश मेरावत, नारजी सिंघाड़ा, राजेंद्र कलाल, रोहित खड़िया, भीमा मइड़ा, शांतिलाल, राजेश, हितेश रावत, लालसिंह, भरत, कमजीभाई, हुरमल, मोगजी राणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- राजस्थान जिला राज 35 प्रतापगढ़ तहसील उदयपुर पुलिस थाना देवगढ़ मेरा गांव का नाम लोहारिया डूंगरपुर बांसवाड़ा3
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में मानसून से पहले 375 जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया है। इन केंद्रों के खस्ताहाल होने के कारण मासूम बच्चों की जान को खतरा बताया जा रहा है, और इन्हें खंडहर में तब्दील हो चुके भवनों के रूप में चिन्हित किया गया था। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक को इन्हें ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग इन वर्षों पुराने खतरनाक भवनों को गिराएगा। इसमें कुशलगढ़ ब्लॉक के 43 आंगनबाड़ी भवन भी शामिल हैं। ध्वस्तिकरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता उपखंड अधिकारी करेंगे और सीडीपीओ तथा पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता इसके सदस्य होंगे। ध्वस्त करते समय जन-धन हानि न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। हालांकि, इसी जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रुपगढ़ में स्थित सातलिया की टोडी का आंगनबाड़ी केंद्र पिछले सात वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसे पूर्व सरपंच द्वारा पूरा बनाया जाना था, लेकिन समाचार लिखे जाने तक यह केंद्र अधूरा ही है। इस पर जिला प्रशासन, एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन सात सालों में यह अधूरा पड़ा आंगनबाड़ी भवन उनकी नज़र में क्यों नहीं आया। अब देखना यह होगा कि इस बार सातलिया की टोडी के इस अधूरे आंगनबाड़ी केंद्र को पूरा करने और उस पर जिला प्रशासन ध्यान देगा या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा।3
- जेठाना में मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2026-27 के अंतर्गत स्वीकृत बस स्टैंड से सीताराम आश्रम वाया पाडाकला सड़क निर्माण कार्य के मार्ग में हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई कर हटा दिया है। यह कार्रवाई अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सागवाड़ा के निवेदन पर तथा उपखंड अधिकारी, सागवाड़ा के आदेशों की पालना में की गई। दरअसल, मौजा जेठाना में प्रस्तावित 5.50 मीटर चौड़ी सड़क के रास्ते पर ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर, तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग और पुलिस जाप्ते की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व टीम से भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त जेठाना यशपाल सिंह पंवार और पटवारी हल्का जेठाना पूनम सेवक उपस्थित रहे। सार्वजनिक निर्माण विभाग, सागवाड़ा से अधिशासी अभियंता माधव जोरवाल और कनिष्ठ अभियंता कीर्तेश पाटीदार भी मौजूद थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। तहसीलदार डॉ. रमेश चन्द्र वडेरा ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत स्वीकृत परियोजना समय पर पूरी हो सके, इसी उद्देश्य से यह अतिक्रमण हटाया गया है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सार्वजनिक विकास कार्यों में सहयोग करें।1
- लालगढ़ में किसानों के बीच मक्का मिनी किट का वितरण किया गया है। इस पहल के तहत, किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें इसी से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया।1
- डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में रात्रि 12 बजे से विद्युत आपूर्ति बंद होने से आमजन भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बिजली गुल होने के कारण पूरा आसपुर क्षेत्र अंधेरे में डूब गया है। इस समस्या को देखते हुए, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह खरोडिया ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा की है और उनसे तत्काल विद्युत सप्लाई सुचारु करने की मांग की है ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।1
- बांसवाड़ा में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासी समाज के लिए 'वनवासी' शब्द के इस्तेमाल पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। BAP जिलाध्यक्ष प्रभुलाल बुज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें पुतला दहन भी शामिल था। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट मांग रखी कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए 'वनवासी' शब्द का नहीं, बल्कि 'आदिवासी' शब्द का ही उपयोग किया जाए। उनका तर्क है कि आदिवासी समाज अपनी पहचान 'आदिवासी' के रूप में ही स्वीकार करता है और भारतीय संविधान में भी 'वनवासी' शब्द का कोई उल्लेख नहीं है। BAP नेताओं ने इस मुद्दे को आदिवासी समाज की पहचान, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया, और सभी सरकारी दस्तावेजों तथा कार्यक्रमों में 'आदिवासी' शब्द के अनिवार्य उपयोग की मांग की।1