छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित नेहरू नगर के मारुति सुजुकी शोरूम में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब CEO पुलिस अधिकारियों के साथ ऑफिस के भीतर पहुँचे, तभी एक महिला कर्मचारी ने अचानक उनके सामने आकर चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंकी। स्याही फेंकने के बाद महिला का गुस्सा और बढ़ गया, और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उसने CEO को थप्पड़ भी मारा और लात भी चला दी। मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस अधिकारी बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन महिला लगातार आक्रोश जताती रही। इस दौरान शोरूम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, और अन्य महिला कर्मचारी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। यह आरोप केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं है, बल्कि शोरूम में काम करने वाली तीन से चार अन्य महिला कर्मचारियों ने भी CEO के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कहा गया है कि CEO का व्यवहार लंबे समय से महिला स्टाफ के प्रति ठीक नहीं था, जिससे कई कर्मचारी परेशान थीं। घटना के बाद पुलिस ने CEO को हिरासत में ले लिया है, और सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े इस पूरे मामले की जांच CSP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। यह घटना भिलाई में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित नेहरू नगर के मारुति सुजुकी शोरूम में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब CEO पुलिस अधिकारियों के साथ ऑफिस के भीतर पहुँचे, तभी एक महिला कर्मचारी ने अचानक उनके सामने आकर चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंकी। स्याही फेंकने के बाद महिला का गुस्सा और बढ़ गया, और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उसने CEO को थप्पड़ भी मारा और लात भी चला दी। मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस अधिकारी बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन महिला लगातार आक्रोश जताती रही। इस दौरान शोरूम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, और अन्य महिला कर्मचारी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। यह आरोप केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं है, बल्कि शोरूम में काम करने वाली तीन से चार अन्य महिला कर्मचारियों ने भी CEO के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कहा गया है कि CEO का व्यवहार लंबे समय से महिला स्टाफ के प्रति ठीक नहीं था, जिससे कई कर्मचारी परेशान थीं। घटना के बाद पुलिस ने CEO को हिरासत में ले लिया है, और सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े इस पूरे मामले की जांच CSP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। यह घटना भिलाई में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
- छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित नेहरू नगर के मारुति सुजुकी शोरूम में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब CEO पुलिस अधिकारियों के साथ ऑफिस के भीतर पहुँचे, तभी एक महिला कर्मचारी ने अचानक उनके सामने आकर चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंकी। स्याही फेंकने के बाद महिला का गुस्सा और बढ़ गया, और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उसने CEO को थप्पड़ भी मारा और लात भी चला दी। मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस अधिकारी बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन महिला लगातार आक्रोश जताती रही। इस दौरान शोरूम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, और अन्य महिला कर्मचारी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। यह आरोप केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं है, बल्कि शोरूम में काम करने वाली तीन से चार अन्य महिला कर्मचारियों ने भी CEO के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कहा गया है कि CEO का व्यवहार लंबे समय से महिला स्टाफ के प्रति ठीक नहीं था, जिससे कई कर्मचारी परेशान थीं। घटना के बाद पुलिस ने CEO को हिरासत में ले लिया है, और सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े इस पूरे मामले की जांच CSP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। यह घटना भिलाई में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।1
- छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कोसीर ग्राम के मड़वापारा में एक 28 वर्षीय युवक नितेश कुमार बंजारे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 21 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मौके पर नितेश के हाथ और पैर जंजीरों से बंधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और तत्काल जांच में जुट गई। ASP एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन और SDOP स्नेहिल साहू के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनीता नाग बंजारे को इस मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया गया था। प्रारंभिक जांच में परिजनों ने युवक के पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलती गईं। खुलासा हुआ कि मृतक को उसके दो भाइयों रोशन बंज, सतीश बंज और भाभी अश्वनी बंज (रोशन की पत्नी) ने मानसिक और शारीरिक रूप से इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि पिता के देहांत के बाद मृतक के खाते में आए पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण तीनों आरोपी मृतक को मानसिक बीमार बताते हुए दो महीने से उसके हाथ-पैर जंजीरों में बांधकर कमरे में ताला लगाकर रखते थे। उसे खाना भी नहीं दिया जाता था और लगातार गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया। इस हृदय विदारक घटना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने मृतक के दोनों भाई रोशन बंज और सतीश बंज के साथ उनकी भाभी अश्वनी बंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।1
- सक्ती जिले के करही में हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ‘ऑपरेशन हंट’ चलाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पिस्टल व बाइक बरामद हुई।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर ढोकर हर महीने 9 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचती है ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। पहले घर पर ही पेंशन मिलती थी, लेकिन अब बैंक में उपस्थिति अनिवार्य होने से यह हृदय विदारक स्थिति बनी है, जो राज्य की लचर व्यवस्था को दर्शाती है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बिंझरा-डुमरकछार समेत कई क्षेत्रों से 3 जेसीबी और 16 ट्रैक्टर जब्त किए गए। इस कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।1
- कोरबा जिले के केराकछार में कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं। इस दौरान, उन्होंने 163 आवेदनों का तुरंत निराकरण किया, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली। यह पहल छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदायों के मुद्दों को तेजी से हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- जमाअत रज़ा-ए-मुस्तफा छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और मुस्लिम समाज के सदस्यों ने प्रदेशभर में उर्स के आयोजनों के दौरान डीजे, ढोल, नाच-गाने और कथित हुड़दंग पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। इस संबंध में, समाज के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज को एक ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उर्स के अवसर पर कुछ स्थानों पर डीजे, ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समाज ने इन गतिविधियों को धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना है। इसलिए, समाज के लोगों ने ऐसे आयोजनों पर तत्काल रोक लगाने और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया है। इस मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि उर्स के दौरान डीजे और ढोल के उपयोग पर वास्तव में रोक लगेगी या नहीं।1
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में एक अत्यंत मार्मिक दृश्य सामने आया, जहाँ एक मादा हथिनी अपने मृत शावक को जीवित करने का अथक प्रयास करती दिखी। बीती रात अपनी माँ और हाथियों के झुंड के साथ नहाने आए शावक की एक तालाबनुमा खड्डे में डूबने से मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद, माँ हथिनी अपनी संतान को छोड़ने को तैयार नहीं हुई और बार-बार उसे सूंड से उठाकर बचाने की कोशिश करती रही, जिससे आसपास मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे छाल रेंज के पुसल्दा गांव स्थित आमामुड़ा तालाब के पास 39 हाथियों का एक दल नहाने पहुंचा था। इसी दौरान शावक पानी में डूब गया। सुबह ग्रामीणों ने जब हथिनी को अपने मृत शावक को कभी सूंड से तो कभी पैर से उठाते देखा, तो उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं, तालाब के आसपास अन्य हाथी भी चिंघाड़कर शावक की मौत का दुख मना रहे थे। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मादा हाथी अपने मृत बच्चे को छोड़ने को तैयार नहीं थी, लगातार उसे जीवित करने का प्रयास करती रही। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि ममता केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्य जीवों में भी अपने बच्चों के प्रति गहरा लगाव और संवेदनाएं होती हैं। यह घटना पिछले पांच माह के भीतर आठवीं हाथी शावक की मौत है। इससे पहले 27 जनवरी को घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट में एक शावक की चट्टान में फंसकर मौत हुई थी। 22 फरवरी को तमनार रेंज के झिंगोल परिसर में कमजोरी से एक शावक ने दम तोड़ा, जबकि 11 मार्च को घरघोड़ा रेंज की कुरकुट नदी में दो शावकों के शव मिले थे। 23 अप्रैल को लैलूंगा रेंज के आमापाली में कमजोरी के कारण एक और शावक की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, 8 मई को छाल रेंज के घोघरा डेम में और 11 मई को छाल रेंज के तरकेला गांव में भी एक-एक हाथी शावक की मौत हुई थी। यह वर्तमान घटना 22 मई की रात को छाल रेंज के पुसल्दा गांव में हुई थी।2