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रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में एक अत्यंत मार्मिक दृश्य सामने आया, जहाँ एक मादा हथिनी अपने मृत शावक को जीवित करने का अथक प्रयास करती दिखी। बीती रात अपनी माँ और हाथियों के झुंड के साथ नहाने आए शावक की एक तालाबनुमा खड्डे में डूबने से मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद, माँ हथिनी अपनी संतान को छोड़ने को तैयार नहीं हुई और बार-बार उसे सूंड से उठाकर बचाने की कोशिश करती रही, जिससे आसपास मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे छाल रेंज के पुसल्दा गांव स्थित आमामुड़ा तालाब के पास 39 हाथियों का एक दल नहाने पहुंचा था। इसी दौरान शावक पानी में डूब गया। सुबह ग्रामीणों ने जब हथिनी को अपने मृत शावक को कभी सूंड से तो कभी पैर से उठाते देखा, तो उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं, तालाब के आसपास अन्य हाथी भी चिंघाड़कर शावक की मौत का दुख मना रहे थे। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मादा हाथी अपने मृत बच्चे को छोड़ने को तैयार नहीं थी, लगातार उसे जीवित करने का प्रयास करती रही। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि ममता केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्य जीवों में भी अपने बच्चों के प्रति गहरा लगाव और संवेदनाएं होती हैं। यह घटना पिछले पांच माह के भीतर आठवीं हाथी शावक की मौत है। इससे पहले 27 जनवरी को घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट में एक शावक की चट्टान में फंसकर मौत हुई थी। 22 फरवरी को तमनार रेंज के झिंगोल परिसर में कमजोरी से एक शावक ने दम तोड़ा, जबकि 11 मार्च को घरघोड़ा रेंज की कुरकुट नदी में दो शावकों के शव मिले थे। 23 अप्रैल को लैलूंगा रेंज के आमापाली में कमजोरी के कारण एक और शावक की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, 8 मई को छाल रेंज के घोघरा डेम में और 11 मई को छाल रेंज के तरकेला गांव में भी एक-एक हाथी शावक की मौत हुई थी। यह वर्तमान घटना 22 मई की रात को छाल रेंज के पुसल्दा गांव में हुई थी।

7 hrs ago
user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
नरेश शर्मा जिला रायगढ़
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
7 hrs ago

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में एक अत्यंत मार्मिक दृश्य सामने आया, जहाँ एक मादा हथिनी अपने मृत शावक को जीवित करने का अथक प्रयास करती दिखी। बीती रात अपनी माँ और हाथियों के झुंड के साथ नहाने आए शावक की एक तालाबनुमा खड्डे में डूबने से मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद, माँ हथिनी अपनी संतान को छोड़ने को तैयार नहीं हुई और बार-बार उसे सूंड से उठाकर बचाने की कोशिश करती रही, जिससे आसपास मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे छाल रेंज के पुसल्दा गांव स्थित आमामुड़ा तालाब के पास 39 हाथियों का एक दल नहाने पहुंचा था। इसी दौरान शावक पानी में डूब गया। सुबह ग्रामीणों ने जब हथिनी को अपने मृत शावक को कभी सूंड से तो कभी पैर से उठाते देखा, तो उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं, तालाब के आसपास अन्य हाथी भी चिंघाड़कर शावक की मौत का दुख मना रहे थे। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मादा हाथी

अपने मृत बच्चे को छोड़ने को तैयार नहीं थी, लगातार उसे जीवित करने का प्रयास करती रही। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि ममता केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्य जीवों में भी अपने बच्चों के प्रति गहरा लगाव और संवेदनाएं होती हैं। यह घटना पिछले पांच माह के भीतर आठवीं हाथी शावक की मौत है। इससे पहले 27 जनवरी को घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट में एक शावक की चट्टान में फंसकर मौत हुई थी। 22 फरवरी को तमनार रेंज के झिंगोल परिसर में कमजोरी से एक शावक ने दम तोड़ा, जबकि 11 मार्च को घरघोड़ा रेंज की कुरकुट नदी में दो शावकों के शव मिले थे। 23 अप्रैल को लैलूंगा रेंज के आमापाली में कमजोरी के कारण एक और शावक की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, 8 मई को छाल रेंज के घोघरा डेम में और 11 मई को छाल रेंज के तरकेला गांव में भी एक-एक हाथी शावक की मौत हुई थी। यह वर्तमान घटना 22 मई की रात को छाल रेंज के पुसल्दा गांव में हुई थी।

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  • छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित नेहरू नगर के मारुति सुजुकी शोरूम में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब CEO पुलिस अधिकारियों के साथ ऑफिस के भीतर पहुँचे, तभी एक महिला कर्मचारी ने अचानक उनके सामने आकर चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंकी। स्याही फेंकने के बाद महिला का गुस्सा और बढ़ गया, और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उसने CEO को थप्पड़ भी मारा और लात भी चला दी। मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस अधिकारी बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन महिला लगातार आक्रोश जताती रही। इस दौरान शोरूम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, और अन्य महिला कर्मचारी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। यह आरोप केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं है, बल्कि शोरूम में काम करने वाली तीन से चार अन्य महिला कर्मचारियों ने भी CEO के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कहा गया है कि CEO का व्यवहार लंबे समय से महिला स्टाफ के प्रति ठीक नहीं था, जिससे कई कर्मचारी परेशान थीं। घटना के बाद पुलिस ने CEO को हिरासत में ले लिया है, और सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े इस पूरे मामले की जांच CSP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। यह घटना भिलाई में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
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    छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित नेहरू नगर के मारुति सुजुकी शोरूम में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा मच गया, जब एक महिला कर्मचारी ने कंपनी के CEO पर छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब CEO पुलिस अधिकारियों के साथ ऑफिस के भीतर पहुँचे, तभी एक महिला कर्मचारी ने अचानक उनके सामने आकर चेहरे और शर्ट पर स्याही फेंकी। स्याही फेंकने के बाद महिला का गुस्सा और बढ़ गया, और वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उसने CEO को थप्पड़ भी मारा और लात भी चला दी। मौके पर मौजूद पुरुष पुलिस अधिकारी बीच-बचाव का प्रयास करते रहे, लेकिन महिला लगातार आक्रोश जताती रही। इस दौरान शोरूम में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, और अन्य महिला कर्मचारी घटना देखती रहीं लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

यह आरोप केवल एक महिला कर्मचारी का नहीं है, बल्कि शोरूम में काम करने वाली तीन से चार अन्य महिला कर्मचारियों ने भी CEO के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कहा गया है कि CEO का व्यवहार लंबे समय से महिला स्टाफ के प्रति ठीक नहीं था, जिससे कई कर्मचारी परेशान थीं। घटना के बाद पुलिस ने CEO को हिरासत में ले लिया है, और सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े इस पूरे मामले की जांच CSP स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। यह घटना भिलाई में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • सारंगढ़ जिले के खर्री छोटे गाँव में 'धरती आबा अभियान' के तहत पूरा प्रशासनिक अमला एक साथ एकत्र हुआ। इस पहल के माध्यम से, ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर प्रदान किया गया, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिली।
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    सारंगढ़ जिले के खर्री छोटे गाँव में 'धरती आबा अभियान' के तहत पूरा प्रशासनिक अमला एक साथ एकत्र हुआ। इस पहल के माध्यम से, ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर प्रदान किया गया, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिली।
    user_Dev Kumar Jatwar
    Dev Kumar Jatwar
    सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    52 min ago
  • छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कोसीर ग्राम के मड़वापारा में एक 28 वर्षीय युवक नितेश कुमार बंजारे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 21 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मौके पर नितेश के हाथ और पैर जंजीरों से बंधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और तत्काल जांच में जुट गई। ASP एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन और SDOP स्नेहिल साहू के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनीता नाग बंजारे को इस मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया गया था। प्रारंभिक जांच में परिजनों ने युवक के पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलती गईं। खुलासा हुआ कि मृतक को उसके दो भाइयों रोशन बंज, सतीश बंज और भाभी अश्वनी बंज (रोशन की पत्नी) ने मानसिक और शारीरिक रूप से इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि पिता के देहांत के बाद मृतक के खाते में आए पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण तीनों आरोपी मृतक को मानसिक बीमार बताते हुए दो महीने से उसके हाथ-पैर जंजीरों में बांधकर कमरे में ताला लगाकर रखते थे। उसे खाना भी नहीं दिया जाता था और लगातार गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया। इस हृदय विदारक घटना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने मृतक के दोनों भाई रोशन बंज और सतीश बंज के साथ उनकी भाभी अश्वनी बंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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    छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कोसीर ग्राम के मड़वापारा में एक 28 वर्षीय युवक नितेश कुमार बंजारे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 21 मई 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब युवक अपने घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मौके पर नितेश के हाथ और पैर जंजीरों से बंधे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई और तत्काल जांच में जुट गई। ASP एवं प्रभारी पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन और SDOP स्नेहिल साहू के निर्देश पर थाना प्रभारी सुनीता नाग बंजारे को इस मामले की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया गया था।

प्रारंभिक जांच में परिजनों ने युवक के पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात कही थी, लेकिन पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलती गईं। खुलासा हुआ कि मृतक को उसके दो भाइयों रोशन बंज, सतीश बंज और भाभी अश्वनी बंज (रोशन की पत्नी) ने मानसिक और शारीरिक रूप से इस हद तक प्रताड़ित किया था कि उसने आत्महत्या कर ली। बताया गया कि पिता के देहांत के बाद मृतक के खाते में आए पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी कारण तीनों आरोपी मृतक को मानसिक बीमार बताते हुए दो महीने से उसके हाथ-पैर जंजीरों में बांधकर कमरे में ताला लगाकर रखते थे। उसे खाना भी नहीं दिया जाता था और लगातार गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी, जिससे तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया।

इस हृदय विदारक घटना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने मृतक के दोनों भाई रोशन बंज और सतीश बंज के साथ उनकी भाभी अश्वनी बंज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • सक्ती जिले के करही में हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ‘ऑपरेशन हंट’ चलाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पिस्टल व बाइक बरामद हुई।
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    सक्ती जिले के करही में हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ‘ऑपरेशन हंट’ चलाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पिस्टल व बाइक बरामद हुई।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर ढोकर हर महीने 9 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचती है ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। पहले घर पर ही पेंशन मिलती थी, लेकिन अब बैंक में उपस्थिति अनिवार्य होने से यह हृदय विदारक स्थिति बनी है, जो राज्य की लचर व्यवस्था को दर्शाती है।
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    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर ढोकर हर महीने 9 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचती है ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। पहले घर पर ही पेंशन मिलती थी, लेकिन अब बैंक में उपस्थिति अनिवार्य होने से यह हृदय विदारक स्थिति बनी है, जो राज्य की लचर व्यवस्था को दर्शाती है।
    user_Lala upadhyay
    Lala upadhyay
    Local News Reporter Sakti, Chhattisgarh•
    15 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बिंझरा-डुमरकछार समेत कई क्षेत्रों से 3 जेसीबी और 16 ट्रैक्टर जब्त किए गए। इस कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
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    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बिंझरा-डुमरकछार समेत कई क्षेत्रों से 3 जेसीबी और 16 ट्रैक्टर जब्त किए गए। इस कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
    user_Dhananajy jangde
    Dhananajy jangde
    Advertising agency करतला, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • कोरबा जिले के केराकछार में कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं। इस दौरान, उन्होंने 163 आवेदनों का तुरंत निराकरण किया, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली। यह पहल छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदायों के मुद्दों को तेजी से हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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    कोरबा जिले के केराकछार में कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं। इस दौरान, उन्होंने 163 आवेदनों का तुरंत निराकरण किया, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली। यह पहल छत्तीसगढ़ में आदिवासी समुदायों के मुद्दों को तेजी से हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में एक अत्यंत मार्मिक दृश्य सामने आया, जहाँ एक मादा हथिनी अपने मृत शावक को जीवित करने का अथक प्रयास करती दिखी। बीती रात अपनी माँ और हाथियों के झुंड के साथ नहाने आए शावक की एक तालाबनुमा खड्डे में डूबने से मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद, माँ हथिनी अपनी संतान को छोड़ने को तैयार नहीं हुई और बार-बार उसे सूंड से उठाकर बचाने की कोशिश करती रही, जिससे आसपास मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे छाल रेंज के पुसल्दा गांव स्थित आमामुड़ा तालाब के पास 39 हाथियों का एक दल नहाने पहुंचा था। इसी दौरान शावक पानी में डूब गया। सुबह ग्रामीणों ने जब हथिनी को अपने मृत शावक को कभी सूंड से तो कभी पैर से उठाते देखा, तो उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं, तालाब के आसपास अन्य हाथी भी चिंघाड़कर शावक की मौत का दुख मना रहे थे। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मादा हाथी अपने मृत बच्चे को छोड़ने को तैयार नहीं थी, लगातार उसे जीवित करने का प्रयास करती रही। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि ममता केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्य जीवों में भी अपने बच्चों के प्रति गहरा लगाव और संवेदनाएं होती हैं। यह घटना पिछले पांच माह के भीतर आठवीं हाथी शावक की मौत है। इससे पहले 27 जनवरी को घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट में एक शावक की चट्टान में फंसकर मौत हुई थी। 22 फरवरी को तमनार रेंज के झिंगोल परिसर में कमजोरी से एक शावक ने दम तोड़ा, जबकि 11 मार्च को घरघोड़ा रेंज की कुरकुट नदी में दो शावकों के शव मिले थे। 23 अप्रैल को लैलूंगा रेंज के आमापाली में कमजोरी के कारण एक और शावक की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, 8 मई को छाल रेंज के घोघरा डेम में और 11 मई को छाल रेंज के तरकेला गांव में भी एक-एक हाथी शावक की मौत हुई थी। यह वर्तमान घटना 22 मई की रात को छाल रेंज के पुसल्दा गांव में हुई थी।
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    रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में एक अत्यंत मार्मिक दृश्य सामने आया, जहाँ एक मादा हथिनी अपने मृत शावक को जीवित करने का अथक प्रयास करती दिखी। बीती रात अपनी माँ और हाथियों के झुंड के साथ नहाने आए शावक की एक तालाबनुमा खड्डे में डूबने से मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद, माँ हथिनी अपनी संतान को छोड़ने को तैयार नहीं हुई और बार-बार उसे सूंड से उठाकर बचाने की कोशिश करती रही, जिससे आसपास मौजूद ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे छाल रेंज के पुसल्दा गांव स्थित आमामुड़ा तालाब के पास 39 हाथियों का एक दल नहाने पहुंचा था। इसी दौरान शावक पानी में डूब गया। सुबह ग्रामीणों ने जब हथिनी को अपने मृत शावक को कभी सूंड से तो कभी पैर से उठाते देखा, तो उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। इतना ही नहीं, तालाब के आसपास अन्य हाथी भी चिंघाड़कर शावक की मौत का दुख मना रहे थे। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मादा हाथी अपने मृत बच्चे को छोड़ने को तैयार नहीं थी, लगातार उसे जीवित करने का प्रयास करती रही। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि ममता केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्य जीवों में भी अपने बच्चों के प्रति गहरा लगाव और संवेदनाएं होती हैं।

यह घटना पिछले पांच माह के भीतर आठवीं हाथी शावक की मौत है। इससे पहले 27 जनवरी को घरघोड़ा रेंज के कमतरा बीट में एक शावक की चट्टान में फंसकर मौत हुई थी। 22 फरवरी को तमनार रेंज के झिंगोल परिसर में कमजोरी से एक शावक ने दम तोड़ा, जबकि 11 मार्च को घरघोड़ा रेंज की कुरकुट नदी में दो शावकों के शव मिले थे। 23 अप्रैल को लैलूंगा रेंज के आमापाली में कमजोरी के कारण एक और शावक की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, 8 मई को छाल रेंज के घोघरा डेम में और 11 मई को छाल रेंज के तरकेला गांव में भी एक-एक हाथी शावक की मौत हुई थी। यह वर्तमान घटना 22 मई की रात को छाल रेंज के पुसल्दा गांव में हुई थी।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
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