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जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के साथ आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
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जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के साथ आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँच गईं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
More news from Shajapur and nearby areas
- कैंसर शिविरों से सामने आए नतीजों ने गहरी बेचैनी पैदा कर दी है, विशेषकर बहन-बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। सर्वाइकल कैंसर बड़ी संख्या में पाया जा रहा है, जिसके कारण कई परिवार कम उम्र में ही अपनी बेटियों को इस जानलेवा बीमारी से खो रहे हैं। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है। हालांकि, सर्वाइकल कैंसर से बचाव पूरी तरह संभव है। एचपीवी (HPV) वैक्सीन इस बीमारी के खिलाफ बहुत प्रभावी पाई गई है। यदि 14 साल तक की उम्र की बेटियों को यह वैक्सीन लगाई जाए, तो उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखा जा सकता है। यह वैक्सीन स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। यह देखते हुए कि बेटियों के जीवन को कैंसर से सुरक्षित किया जा सकता है, सभी से आग्रह किया गया है कि वे अपनी 14 साल तक की बेटियों को स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर यह वैक्सीन अवश्य लगवाएं। इस वैक्सीन को हमारी बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की गारंटी के रूप में रेखांकित किया गया है।1
- जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं1
- मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों ने, जिनमें शाजापुर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं, अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए एक मार्मिक रास्ता अपनाया है। मंगलवार, 9 जून 2026 को दोपहर 12.51 बजे, उन्होंने अपने खून से एक भावुक पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की पुरजोर मांग की। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि 'संविदा कर्मी का निवेदन, सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।' कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना जैसी भीषण महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों जिंदगियां बचाईं और प्रदेश की सेवा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे, जब आम जनता घरों में थी। अस्पतालों, जांच केंद्रों और टीकाकरण केंद्रों पर 24 घंटे लगातार ड्यूटी देकर इन 'कोरोना योद्धाओं' ने हजारों मरीजों को मौत के मुंह से निकाला था। हालांकि, महामारी का दौर बीत जाने के बाद उन्हें लग रहा है कि सरकार उनके त्याग और बलिदान को भूल गई है, जिसके चलते वे अब असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। संविदा कर्मियों का आरोप है कि वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में निष्ठावान सेवा देने के बावजूद उनके भविष्य पर अनिश्चितता की तलवार लटकी हुई है। समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलता है, और लगातार छंटनी का डर तथा भविष्य की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस कदम को कर्मचारियों की घोर हताशा का परिणाम बताया है। संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अनवरत चलाने वाले इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से नियमित कर उनका जायज हक दिया जाए, ताकि उन्हें भविष्य में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।2
- Post by मंगल भिलाला1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर स्थित माणा टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मौत का सच क्या है। इस बीच, घटना से संबंधित एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- शाजापुर के ग्राम पनवाड़ी स्थित एबी रोड के एक ब्लैक स्पॉट (डेंजर जोन) पर मंगलवार दोपहर सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए 'जीवन रक्षक पाठशाला' का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को रोकना और आम नागरिकों को शुरुआती कुछ मिनटों, यानी 'गोल्डन आवर' में मददगार बनने के लिए प्रेरित करना था, जो घायल की जान बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं। उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन और शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, एसडीओपी अजय मिश्रा, रक्षित निरीक्षक वंदना सिंह, यातायात प्रभारी सौरव शुक्ला और सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती सहित पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। शाजापुर जिला अस्पताल से आई चिकित्सकों की टीम ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने का सही तरीका सिखाया। डॉक्टरों ने जोर देकर बताया कि किसी भी दुर्घटना या कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में यदि मरीज को तुरंत और सही तरीके से सीपीआर दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को दुर्घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिक को अब पुलिस परेशान नहीं करती, बल्कि उन्हें 'राहवीर योजना' के तहत ₹25,000 तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाता है। साथ ही, 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के अंतर्गत सड़क दुर्घटना के पात्र घायलों को ₹1.50 लाख तक का कैशलेस (मुफ्त) उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान भी समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को देखकर कतराएं नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह आगे बढ़कर उसकी मदद करें। इसके अतिरिक्त, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत भी दी गई। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर आपातकालीन सहायता संबंधी अहम जानकारियाँ प्राप्त कीं।3
- मोड़ी में हजारों भगवा ध्वजों के साथ एक भव्य झंडा सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे वातावरण में 'जय श्रीराम' के जयकारे गूंज उठे, जिससे माहौल अत्यंत उत्साहपूर्ण हो गया।1
- सुसनेर में जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस पार्षद ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को एक पत्र सौंपा है, जिसमें पुराने नगर पालिका भवन में एक उप-कार्यालय शुरू करने का अनुरोध किया गया है। यह कदम नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने भारी हंगामा किया। इस दौरान नेता एक-दूसरे को धक्का मारते हुए भी नजर आए। यह गहमागहमी सिर्फ विधानसभा तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर भी काफी भीड़भाड़ और तनाव का माहौल देखा गया।1