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आगरा के खेड़ा राठौर स्थित ग्राम कासगंज में एक 35 वर्षीय महिला लगभग 100 फीट गहरे कुएं में गिर गई। डायल-112 पर सूचना मिलते ही थाना खेड़ा राठौर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और महिला के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही फायर सर्विस को भी बुलाया गया। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसे पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। करीब 100 फीट गहरे और 4 फीट चौड़े कुएं से महिला को सकुशल बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के उपरांत महिला को उपचार के लिए सीएचसी बाह भेजा गया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों और परिजनों ने आगरा पुलिस की तत्परता की जमकर सराहना की।
Journalist MAHESH DHARIYA
आगरा के खेड़ा राठौर स्थित ग्राम कासगंज में एक 35 वर्षीय महिला लगभग 100 फीट गहरे कुएं में गिर गई। डायल-112 पर सूचना मिलते ही थाना खेड़ा राठौर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और महिला के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही फायर सर्विस को भी बुलाया गया। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसे पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। करीब 100 फीट गहरे और 4 फीट चौड़े कुएं से महिला को सकुशल बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के उपरांत महिला को उपचार के लिए सीएचसी बाह भेजा गया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों और परिजनों ने आगरा पुलिस की तत्परता की जमकर सराहना की।
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- आगरा कोर्ट में एक फायरमैन ने अनोखे ढंग से न्याय की गुहार लगाई है। यह फायरमैन कोर्ट परिसर में 'कॉकरोच' की वेशभूषा धारण कर पहुँचा और उसने अपने मामले में न्याय दिए जाने की माँग की। यह घटना आगरा में एक असामान्य विरोध प्रदर्शन के तौर पर सामने आई है।1
- आगरा दीवानी परिसर में उस समय एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जब फायरमैन जितेंद्र राठौर कॉकरोच बनकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचे। उन्होंने खुद को एक झूठे दुष्कर्म मुकदमे में फंसाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। जितेंद्र राठौर का कहना है कि उन्होंने 12 फरवरी 2024 को हरीपर्वत थाने में 'नकल माफिया' के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद कथित तौर पर एक साजिश के तहत उनके खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया। उनका दावा है कि 9 जुलाई 2024 को वह महराजगंज में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, और आईजीआरएस जांच रिपोर्ट में भी उन पर लगे आरोप सिद्ध नहीं हुए। इन सबके बावजूद, उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर उन्हें आरोपी बनाए जाने का आरोप लगाया है, जिससे उनके करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्य नेट (गणित) क्वालिफाई होने के बावजूद उनके रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं, और उन्हें 15 फरवरी 2026 को निलंबित भी कर दिया गया।4
- आगरा के खेड़ा राठौर स्थित ग्राम कासगंज में एक 35 वर्षीय महिला लगभग 100 फीट गहरे कुएं में गिर गई। डायल-112 पर सूचना मिलते ही थाना खेड़ा राठौर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और महिला के कुएं में गिरने की जानकारी मिलते ही फायर सर्विस को भी बुलाया गया। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसे पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। करीब 100 फीट गहरे और 4 फीट चौड़े कुएं से महिला को सकुशल बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के उपरांत महिला को उपचार के लिए सीएचसी बाह भेजा गया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय लोगों और परिजनों ने आगरा पुलिस की तत्परता की जमकर सराहना की।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को आगरा पहुंचे, जहां खेरिया एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में आयोजित नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया और कहा कि पत्रकार समाज तथा सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत करार दिया। अपने संबोधन में, उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का समर्थन करते हुए कहा कि इससे देश का समय, संसाधन और धन बचेगा, जिससे विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और मेक इन इंडिया अभियान की सफलताओं का भी विशेष उल्लेख किया। पत्रकार सम्मेलन के बाद, उपमुख्यमंत्री सर्किट हाउस पहुंचे और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने जनपद में चल रहे विकास कार्यों, लोककल्याणकारी योजनाओं और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग में आवंटित धनराशि को लंबित रखने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी और पात्र लाभार्थियों को शीघ्र लाभान्वित किया जाए। उन्होंने तहसीलों, ब्लॉकों और थानों से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, ताकि आमजन को किसी भी कार्यालय से निराश होकर वापस न लौटना पड़े। मौर्य ने प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जनता के साथ सेवा भाव व सद्व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आवास, राशन, पेंशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं में पात्र लोगों का पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा गरीबों के अधिकारों में बाधा बनने वाले भ्रष्टाचारियों एवं कालाबाजारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दोहराया कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा और आम नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।3
- हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में एक पारिवारिक मामले को लेकर एक नाराज पति पानी की एक निर्माणाधीन टंकी पर चढ़ गया। रामपाल नामक यह व्यक्ति करीब 2 घंटे तक टंकी पर चढ़ा रहा। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी उसकी इज्जत नहीं करती है। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर उसे समझाया-बुझाया, जिसके बाद वह सुरक्षित टंकी से नीचे उतर आया।1
- मथुरा के बरसाना थाने में आधी रात को जमकर हंगामा हुआ, जहाँ मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के प्रतिनिधि नरदेव और थाना प्रभारी अश्वनी कुमार के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान, नरदेव ने थाना प्रभारी को मंत्री को बुलाने की धमकी दी और उन पर अपनी सत्ता का प्रभाव दिखाने की कोशिश की। इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हो गया है। वायरल वीडियो के अनुसार, सत्ता के नशे में चूर एक भाजपा नेता के रूप में वर्णित नरदेव ने थाना प्रभारी को मंत्री का डर दिखाया, जबकि मौके पर मौजूद सीनियर अधिकारी भी मूक दर्शक बने रहे। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब आम जनता पर रौब झाड़ने वाला थाना प्रभारी यहाँ बेबस हो गया, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। यह घटना पुलिस की कमजोरी या सत्ता की शक्ति का स्पष्ट उदाहरण बन गई है, और यह प्रश्न उठ रहा है कि जनता के थानों में नेताओं का यह राज कब तक चलेगा।1
- पटना पुलिस को 'खान सर' नहीं मिल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अपनी तलाश तेज़ कर दी है।1
- कुदरकोट पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर आरोप है कि वह “खून खराबा” का इंतजार करती है। जानकारी के अनुसार, एक लड़की एक लड़के के साथ भागने की पूरी तैयारी में थी, और इस सूचना के बावजूद पुलिस ने कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी निष्क्रियता का परिणाम यह हुआ कि आज लड़की के परिजनों ने लड़के के भाई, माँ और भाभी को बेरहमी से पीटा, जिससे यह साबित हुआ कि पुलिस शायद इसी तरह की घटना का इंतजार कर रही थी।1
- आगरा के माल रोड स्थित मंडलायुक्त कैंप कार्यालय चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चलती कार अचानक आग का गोला बन गई। कार में सवार चार लोगों ने समय रहते बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग बुझाने के इंतजाम किए जाने से पहले ही पूरी कार आग की लपटों में घिर गई थी। इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1