बिहार के मशहूर शिक्षक खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, एक बार फिर बड़ी मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। बिहार पुलिस और SIT की टीमें उनकी लगातार तलाश कर रही हैं, जिसके तहत पटना और आसपास के जिलों में छापेमारी भी जारी है। खान सर पर हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि वे इस पूरे मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रहे हैं। दूसरी ओर, खान सर का एक पुराना और तेवर वाला बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान में वे कहते हैं कि सरकार के पास कोचिंग बंद कराने की शक्ति है, लेकिन वे इसे दोबारा चालू कर लेंगे क्योंकि यह कोचिंग सरकार द्वारा नहीं दी गई थी। इस बीच, रिपोर्ट के अनुसार, खान सर की तरफ से अदालत में ऑनलाइन अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) भी दायर की जा चुकी है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खान सर को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, या फिर यह कानून की सामान्य कार्रवाई का हिस्सा है। इस विवाद के दोनों पहलुओं को सामने रखते हुए, पूरी सच्चाई जानने और अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
बिहार के मशहूर शिक्षक खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, एक बार फिर बड़ी मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। बिहार पुलिस और SIT की टीमें उनकी लगातार तलाश कर रही हैं, जिसके तहत पटना और आसपास के जिलों में छापेमारी भी जारी है। खान सर पर हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि वे इस पूरे मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रहे हैं। दूसरी ओर, खान सर का एक पुराना और तेवर वाला बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान में वे कहते हैं कि सरकार के पास कोचिंग बंद कराने की शक्ति है, लेकिन वे इसे दोबारा चालू कर लेंगे क्योंकि यह कोचिंग सरकार द्वारा नहीं दी गई थी। इस बीच, रिपोर्ट के अनुसार, खान सर की तरफ से अदालत में ऑनलाइन अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) भी दायर की जा चुकी है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खान सर को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, या फिर यह कानून की सामान्य कार्रवाई का हिस्सा है। इस विवाद के दोनों पहलुओं को सामने रखते हुए, पूरी सच्चाई जानने और अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।
- बिहार के मशहूर शिक्षक खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, एक बार फिर बड़ी मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। बिहार पुलिस और SIT की टीमें उनकी लगातार तलाश कर रही हैं, जिसके तहत पटना और आसपास के जिलों में छापेमारी भी जारी है। खान सर पर हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि वे इस पूरे मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रहे हैं। दूसरी ओर, खान सर का एक पुराना और तेवर वाला बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान में वे कहते हैं कि सरकार के पास कोचिंग बंद कराने की शक्ति है, लेकिन वे इसे दोबारा चालू कर लेंगे क्योंकि यह कोचिंग सरकार द्वारा नहीं दी गई थी। इस बीच, रिपोर्ट के अनुसार, खान सर की तरफ से अदालत में ऑनलाइन अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) भी दायर की जा चुकी है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खान सर को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, या फिर यह कानून की सामान्य कार्रवाई का हिस्सा है। इस विवाद के दोनों पहलुओं को सामने रखते हुए, पूरी सच्चाई जानने और अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के कोटा गांव निवासी अंकित नामक एक युवक ने पुलिस उपायुक्त आगरा को शिकायत पत्र सौंपा है। इसमें उसने कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 जून की है जब अंकित अपनी दुकान पर मौजूद था। उसने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पहले उसके साथ अभद्रता की। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। युवक का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और उससे रुपये की मांग भी की। पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में पुलिस उपायुक्त से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। साथ ही, उसने आरोपित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- आगरा के कैलाशपुरी स्थित बाबा रंगूराम धाम में आयोजित दिव्य श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास पंडिता गरिमा किशोरी जी ने श्रीराम-सीता विवाह, बाल लीलाओं और ताड़का वध का भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया। कथा श्रवण के दौरान सभी श्रद्धालु भक्ति में पूरी तरह लीन दिखाई दिए और 'जय श्रीराम' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, जिससे बाबा रंगूराम धाम गूंज उठा। इसके अतिरिक्त, भजन संध्या में दास दीपक ग. उदासीन ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।1
- कृष्ण अष्टमी के पावन अवसर पर अयोध्या नगरी में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। इस विशेष दिन पर, राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहाँ लोग अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए।1
- भारतीय हलधर किसान यूनियन के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. शैलेश कुमार गिरि ने राष्ट्रीय मुख्य महासचिव को एक पत्र लिखकर हरिद्वार चिंतन शिविर एवं राष्ट्रीय अधिवेशन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए अनुशासन, आपसी सम्मान और सामूहिक चिंतन के महत्व को स्वीकार करते हुए यह बात कही है। डॉ. गिरि ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि किसी पदाधिकारी या कार्यकर्ता की अनुपस्थिति अथवा कार्यक्रम से पूर्व प्रस्थान के पीछे व्यक्तिगत, पारिवारिक, स्वास्थ्य संबंधी या अन्य अपरिहार्य कारण हो सकते हैं। इसलिए, सभी पक्षों को सुने बिना किसी की निष्ठा, समर्पण या संगठन के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं है। उनका यह पत्र रांची के आरएमसीएच, बरियातू से जारी किया गया है और इसे आगरा, उत्तर प्रदेश के वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ चैनल सहित अन्य मीडिया प्लेटफॉर्मों से भी जोड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की कमी, अनुशासनहीनता या संगठनात्मक त्रुटि हुई है, तो उसकी समीक्षा संगठन के निर्धारित मंच पर तथ्यों एवं प्रमाणों के आधार पर की जानी चाहिए, न कि सार्वजनिक टिप्पणियों के माध्यम से। उन्होंने संगठन के संविधान, नियमों और अनुशासन को सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर समान रूप से लागू होने की बात कही है। डॉ. गिरि ने सभी से संगठन की गरिमा, एकता और भाईचारे को सर्वोपरि रखने तथा ऐसे किसी भी वक्तव्य से बचने का आह्वान किया है जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो या संगठन की छवि को क्षति पहुंचे। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि यदि किसी स्तर पर समीक्षा आवश्यक हो तो उसे संगठन की सक्षम समिति अथवा विशेष बैठक में सभी संबंधित पक्षों को सुनकर निष्पक्ष रूप से संपन्न कराया जाए। पत्र का समापन "संगठन सर्वोपरि", "जय जवान, जय किसान" और "संगठन हित में" जैसे नारों के साथ हुआ।4
- movie dekhi Apne to humne hi chaha sapne Tere Jahan per kaccha1
- झांसी के चिरगांव स्थित मिश्रा ढाबा के मालिक का हाल उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब एक मारपीट की घटना का वीडियो बनाया जा रहा था। जब जनता के बीच वीडियो बनने लगा, तो ढाबा मालिक के बेटे ओम मिश्रा ने बीच में आकर लोगों से मोबाइल छीन लिया। इतना ही नहीं, उसने मोबाइल से वीडियो डिलीट करने का भी प्रयास किया। इस पूरी घटना के बाद प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है।1