बेतिया ज़िले के मझौलिया प्रखंड में बखरिया-करमवा मुख्य मार्ग पर स्थित ब्रिटिशकालीन गोड़ा पुल सोमवार सुबह करीब 10 बजे अचानक धंस गया। इस घटना से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। राहत की बात यह रही कि पुल धंसने के समय कोई वाहन उस पर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। करमवा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहन गुप्ता ने बताया कि पुल का ऊपरी हिस्सा अप्रत्याशित रूप से धंस गया। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और स्थानीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल बखरिया, करमवा, पहाड़पुर और गोपालगंज को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुज़रते थे। पुल धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और एक नए पुल के निर्माण की मांग की है।
बेतिया ज़िले के मझौलिया प्रखंड में बखरिया-करमवा मुख्य मार्ग पर स्थित ब्रिटिशकालीन गोड़ा पुल सोमवार सुबह करीब 10 बजे अचानक धंस गया। इस घटना से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। राहत की बात यह रही कि पुल धंसने के समय कोई वाहन उस पर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। करमवा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहन गुप्ता ने बताया कि पुल का ऊपरी हिस्सा अप्रत्याशित रूप से धंस गया। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और स्थानीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल बखरिया, करमवा, पहाड़पुर और गोपालगंज को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुज़रते थे। पुल धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और एक नए पुल के निर्माण की मांग की है।
- एक विरोध प्रदर्शन अपडेट में, "कॉकक्रोच जनता पार्टी" के खिलाफ तीखा प्रदर्शन दर्ज किया गया है। इस प्रदर्शन के दौरान एक लड़की ने माहौल को ऊर्जावान बना दिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह स्पष्ट मांग की गई है कि अब राजनीति केवल पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ही केंद्रित होनी चाहिए।1
- मझौलिया प्रखंड के लालसरैया स्थित गोडा पुल सोमवार को अचानक ध्वस्त हो गया। बखारिया चौक एनएच-727 से लालसरैया होते हुए करमवा और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण पुल, जिसका लगभग 10 फीट हिस्सा टूटकर धनौती नदी में समा गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल पिछले लगभग छह माह से जर्जर अवस्था में था, जिसके बीचों-बीच गड्ढा बन गया था और इसकी रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। लोगों का आरोप है कि जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के बावजूद प्रशासन को कई बार इसकी सूचना दी गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने जानकारी दी कि धनौती नदी पर बना यह पुल लगभग 35 वर्ष पुराना था और इसकी खराब स्थिति को लेकर दो माह पूर्व जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी गई थी, फिर भी मरम्मत या जीर्णोद्धार की दिशा में कोई पहल नहीं हुई, जिससे यह हादसा हुआ। पुल ध्वस्त होने के कारण आधा दर्जन पंचायतों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिमी चंपारण को पूर्वी चंपारण से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और सब्जी विक्रेताओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग पुल के किनारे से नदी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और नए पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है, ताकि क्षेत्र में आवागमन सुचारु रूप से बहाल हो सके।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र की सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जानकारी दी है कि नगर निगम बोर्ड द्वारा पारित पाँच महत्वपूर्ण प्रस्तावों के आधार पर पूरे शहर की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जाएगा। इन प्रस्तावों के तहत, विभिन्न वार्डों में वर्षों से खराब पड़ी करीब 1,500 स्ट्रीट लाइटों को फिर से चालू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लगभग 635 पूरी तरह से खराब हो चुकी स्ट्रीट लाइटों को हटाकर उनकी जगह 90 वॉट की नई एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। निगम क्षेत्र में लगी पुरानी हाई मास्ट लाइटों को भी पुनर्जीवित करने के लिए 150 वॉट क्षमता की 600 नई लाइटें खरीदी जाएंगी। साथ ही, प्रत्येक वार्ड में 16 मीटर ऊँचे पोल पर कुल 100 नई हाई मास्ट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी। महापौर ने बताया कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों में 1,500 नए पोल और स्ट्रीट लाइटें लगाने की भी योजना है। इसके अलावा, नगर निगम के नए अधिग्रहित क्षेत्रों में 90 वॉट क्षमता की 5,000 नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद और स्थापना का प्रस्ताव भी बोर्ड से पहले ही स्वीकृत हो चुका है। इन सभी स्वीकृत योजनाओं के लिए निविदा जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि जल्द ही पूरे नगर निगम क्षेत्र में एक बेहतर और सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1
- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) एक बड़े बदलाव की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। इस बड़े अपडेट का असर टीम प्रबंधन और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर भी पड़ सकता है। पीसीबी के इस निर्णय से जुड़ी नवीनतम क्रिकेट समाचार और अपडेट के लिए एक संबंधित शॉर्ट वीडियो देखने की सलाह दी गई है। दर्शकों को क्रिकेट से जुड़े और अधिक अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़, खिलाड़ियों की कहानियों और दुनिया भर के मैच हाईलाइट्स के लिए बने रहने का आह्वान किया गया है।1
- जगदीशपुर थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर बीती रात एक साथ तीन दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद तीन घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का सवाल है कि थाने के इतने करीब ऐसी घटना कैसे हो सकती है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह इस क्षेत्र में हुई अब तक की पाँचवीं चोरी की घटना है।1
- बेतिया ज़िले के मझौलिया प्रखंड में बखरिया-करमवा मुख्य मार्ग पर स्थित ब्रिटिशकालीन गोड़ा पुल सोमवार सुबह करीब 10 बजे अचानक धंस गया। इस घटना से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। राहत की बात यह रही कि पुल धंसने के समय कोई वाहन उस पर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। करमवा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहन गुप्ता ने बताया कि पुल का ऊपरी हिस्सा अप्रत्याशित रूप से धंस गया। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी जिला प्रशासन, सांसद, विधायक और स्थानीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं हो सकी। ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल बखरिया, करमवा, पहाड़पुर और गोपालगंज को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुज़रते थे। पुल धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और एक नए पुल के निर्माण की मांग की है।1
- बिहार में एक बार फिर पुलों पर खतरा मंडराने लगा है। इसी बीच, पश्चिम चंपारण का एक पुल चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।1