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कांग्रेस नेता विपिन पाण्डेय जी ग्राम पुरवा जिला रीवा में विमलेश शुक्ला जी यहां तिलक समारोह मे सामिल हुएं
Praveen Shukla
कांग्रेस नेता विपिन पाण्डेय जी ग्राम पुरवा जिला रीवा में विमलेश शुक्ला जी यहां तिलक समारोह मे सामिल हुएं
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- Post by Abhishek Pandey1
- Post by Praveen Shukla1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 इंडिया AI समिट: यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, शर्ट उतारकर की नारेबाजी, अब जमकर हो रही किरकिरी नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित 'इंडिया AI समिट' के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने शर्ट उतारकर नारेबाजी की और भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। जब दुनिया की बड़ी हस्तियां भारत की तकनीक देख रही थीं, तब इस "घटिया प्रदर्शन" को विपक्ष की हताशा माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसे व्यवहार से राजनीतिक लाभ के बजाय देश की छवि को नुकसान और खुद पार्टी की फजीहत ही होगी।1
- अमरपाटन रीवा राजमार्ग में स्थित ओढ़की टोल प्लाजा में महिला यात्रियों की सुविधा के लिए नवनिर्मित दो ‘टॉयलेट कम पाउडर रूम’ WOLOO (महिला प्रसाधन केंद्र) जो कि टोल प्लाजा के दोनों तरफ़ बनाए गए है, का विधिवत लोकार्पण संपन्न हुआ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नादन पुलिस थाना प्रभारी श्री रेणु मिश्रा ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया। इस सुविधा के प्रारंभ होने से हाईवे पर यात्रा करने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।3
- Post by Tikar se desh duniya ki khabar1
- जय श्री राम 🙏1
- Post by Piyush kumar1
- 💥 बड़ी खबर💥 लाल बत्ती गई, हूटर आया: सतना की सड़कों पर फिर लौटा ‘VIP रौब’ का नया अवतार सतना। साल 2017 में केंद्र सरकार ने गाड़ियों से 'लाल बत्ती' हटाकर जिस VIP कल्चर को दफन करने की कोशिश की थी, वह अब नए और खतरनाक रूप में सड़कों पर लौट आया है। कभी समानता का संदेश देने के लिए बत्तियां उतरी थीं, लेकिन आज सतना की सड़कों पर नियमों को ठेंगा दिखाकर बहुरंगी LED फ्लैशर और कान फाड़ते हूटरों का शोर सुनाई दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिन मल्टीकलर लाइटों का अधिकार सिर्फ पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को था, उनका इस्तेमाल अब रसूखदार नेता और अधिकारी धड़ल्ले से कर रहे हैं। संवैधानिक पदों की गरिमा के नाम पर शुरू हुआ यह खेल अब 'स्टेटस सिंबल' बन चुका है। अपनी ही सरकार के नियमों की धज्जियाँ उड़ाते स्थानीय नेता न केवल जनता को परेशान कर रहे हैं, बल्कि व्यवस्था की फजीहत भी करा रहे हैं। क्या प्रशासन इस 'न्यू इंडिया' के नए VIP कल्चर पर लगाम कसेगा?1