Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज नौतन के मौसम में भीषण गर्मी महसूस की गई, जिससे लोगों में काफी बेचैनी थी। कुछ देर बाद आसमान में बादल छा गए और फिर बारिश हुई, जिसने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की।
Triloki rai
आज नौतन के मौसम में भीषण गर्मी महसूस की गई, जिससे लोगों में काफी बेचैनी थी। कुछ देर बाद आसमान में बादल छा गए और फिर बारिश हुई, जिसने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की।
More news from बिहार and nearby areas
- बेतिया जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक लगातार समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में, 7 और 8 जून की रात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक यातायात और पुलिस उपाधीक्षक रक्षित पुलिस केंद्र ने बैरिया, नौतन, जगदीशपुर, बलथर, सिकटा, पुरुषोत्तमपुर और इनरवा थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस औचक जांच के दौरान, कई थानों के रात्रि गश्ती दल, ओडी पदाधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाए गए। गश्ती, निगरानी और अन्य पुलिस कार्यों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता सामने आने पर पुलिस अधीक्षक ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित थानों के कुल 14 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त, 26 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक ने इस बात पर जोर दिया है कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता या जनता से जुड़े मामलों में उदासीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, तत्परता और जवाबदेही के साथ करने का सख्त निर्देश दिया है।1
- मझौलिया प्रखंड के लालसरैया स्थित गोडा पुल सोमवार को अचानक ध्वस्त हो गया। बखारिया चौक एनएच-727 से लालसरैया होते हुए करमवा और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण पुल, जिसका लगभग 10 फीट हिस्सा टूटकर धनौती नदी में समा गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल पिछले लगभग छह माह से जर्जर अवस्था में था, जिसके बीचों-बीच गड्ढा बन गया था और इसकी रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। लोगों का आरोप है कि जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के बावजूद प्रशासन को कई बार इसकी सूचना दी गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने जानकारी दी कि धनौती नदी पर बना यह पुल लगभग 35 वर्ष पुराना था और इसकी खराब स्थिति को लेकर दो माह पूर्व जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी गई थी, फिर भी मरम्मत या जीर्णोद्धार की दिशा में कोई पहल नहीं हुई, जिससे यह हादसा हुआ। पुल ध्वस्त होने के कारण आधा दर्जन पंचायतों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिमी चंपारण को पूर्वी चंपारण से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी बाधित हो गया है, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और सब्जी विक्रेताओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग पुल के किनारे से नदी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और नए पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है, ताकि क्षेत्र में आवागमन सुचारु रूप से बहाल हो सके।1
- एक छात्र ने खान सर के समर्थन में आकर मनीष कश्यप को जमकर आड़े हाथों लिया। छात्र ने अपने तीखे और जोरदार शब्दों से मनीष कश्यप की कड़ी आलोचना की।1
- पूर्वी चंपारण जिले की छपरा पंचायत के मधुमालती गांव में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर अपने अद्भुत और दुर्लभ पंचमुखी शिवलिंग के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। हिंदू धर्म में पंचमुखी शिवलिंग को भगवान शिव के पांच स्वरूपों का प्रतीक माना जाता है, जो सामान्यतः बहुत कम स्थानों पर देखने को मिलता है, जिससे इस मंदिर का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। गांव के बुजुर्गों द्वारा सुनाई गई एक कथा के अनुसार, वर्षों पहले कुछ लोग इस शिवलिंग को कहीं और से चुराकर ले जा रहे थे। पूरी रात यात्रा करने के बाद जब सुबह होने लगी, तो वे इसी स्थान पर पहुंच गए। मान्यता है कि शिवलिंग का भार अचानक इतना बढ़ गया कि उसे आगे ले जाना असंभव हो गया। इसके बाद, चोर शिवलिंग को यहीं स्थापित कर भाग गए, और तभी से यह स्थान श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से बाबा के दरबार में जल चढ़ाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। सावन माह, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह शिवलिंग अत्यंत अनोखा है और आसपास के क्षेत्रों में ऐसा पंचमुखी शिवलिंग कहीं और देखने को नहीं मिलता। मंदिर की प्राचीनता, शिवलिंग की अद्भुत कथा और लोगों की अटूट आस्था इस स्थल को एक विशेष धार्मिक पहचान प्रदान करती है। आज भी मधुमालती गांव का यह प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विश्वास, भक्ति और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।4
- पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना अंतर्गत मटियार्वा गांव में चक्रवात और बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान हवा काफी तेज चल रही थी, जिससे कई झोपड़ियां गिर गईं और अनेक पेड़ों की शाखाएं तथा डालियां भी टूटकर नीचे आ गिरीं। तूफान की तीव्रता को देखते हुए, लोगों को जान बचाने के लिए भागकर सुरक्षित स्थानों पर छिपना पड़ा। चक्रवात और बारिश के चलते हुए इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र में काफी क्षति हुई है।1
- कटगेनवा में कृषिसुगौली एचपीसीएल बायो फ्यूल्स लिमिटेड इकाई द्वारा किसान गन्ना ग्राम गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।1
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र की सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जानकारी दी है कि नगर निगम बोर्ड द्वारा पारित पाँच महत्वपूर्ण प्रस्तावों के आधार पर पूरे शहर की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जाएगा। इन प्रस्तावों के तहत, विभिन्न वार्डों में वर्षों से खराब पड़ी करीब 1,500 स्ट्रीट लाइटों को फिर से चालू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लगभग 635 पूरी तरह से खराब हो चुकी स्ट्रीट लाइटों को हटाकर उनकी जगह 90 वॉट की नई एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। निगम क्षेत्र में लगी पुरानी हाई मास्ट लाइटों को भी पुनर्जीवित करने के लिए 150 वॉट क्षमता की 600 नई लाइटें खरीदी जाएंगी। साथ ही, प्रत्येक वार्ड में 16 मीटर ऊँचे पोल पर कुल 100 नई हाई मास्ट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी। महापौर ने बताया कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों में 1,500 नए पोल और स्ट्रीट लाइटें लगाने की भी योजना है। इसके अलावा, नगर निगम के नए अधिग्रहित क्षेत्रों में 90 वॉट क्षमता की 5,000 नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद और स्थापना का प्रस्ताव भी बोर्ड से पहले ही स्वीकृत हो चुका है। इन सभी स्वीकृत योजनाओं के लिए निविदा जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि जल्द ही पूरे नगर निगम क्षेत्र में एक बेहतर और सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1
- खान सर के छात्र उनके समर्थन में सामने आ गए हैं। विद्यार्थी कह रहे हैं कि 'पहले वे खान सर थे, अब फैज़ल खान हो गए हैं'।1
- बिहार में एक बार फिर पुलों पर खतरा मंडराने लगा है। इसी बीच, पश्चिम चंपारण का एक पुल चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।1