मुरैना-पोरसा मार्ग पर मोरैना से पोरसा जा रही एक यात्री बस में गंजरामपुर और जिगनी के बीच अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, चालक और परिचालक की सूझबूझ और तत्परता के कारण सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी कि अचानक उसमें से धुआँ उठने लगा, और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन चालक और परिचालक ने तुरंत बस रोककर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया, और बस जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक बस को भारी नुकसान हो चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, जिसकी वास्तविक वजह जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, और स्थानीय लोगों ने चालक व परिचालक की समझदारी और तत्परता की सराहना की है, जिनके कारण सभी यात्रियों की जान बच सकी।
मुरैना-पोरसा मार्ग पर मोरैना से पोरसा जा रही एक यात्री बस में गंजरामपुर और जिगनी के बीच अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, चालक और परिचालक की सूझबूझ और तत्परता के कारण सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी कि अचानक उसमें से धुआँ उठने लगा, और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन चालक और परिचालक ने तुरंत बस रोककर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया, और बस जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक बस को भारी नुकसान हो चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, जिसकी वास्तविक वजह जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, और स्थानीय लोगों ने चालक व परिचालक की समझदारी और तत्परता की सराहना की है, जिनके कारण सभी यात्रियों की जान बच सकी।
- मोरैना जिले की अम्बाह तहसील के अंतर्गत कमतरी पंचायत में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, गांव और शहरों में विकास कार्य जोरों पर चल रहे हैं। इन निर्माण कार्यों को लेकर यह मुद्दा उठाया गया है कि ये कार्य बिना रेत के ही किए जा रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आठवें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। इस हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 55 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें यह आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान, पीवीआई का समायोजन, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम उषा सिलावट, सुनीता भदौरिया, सीमा सोनी, प्रियंका दौहरे, जूली शाक्य, सोनाली जादौन, निक्की कौरव, सीएचओ गौरव पाल, अनिल उपाध्याय, दीपक श्रीवास, डॉ. पवन श्रीवास्तव, अकाउंटेंट सुनील माहौर, फार्मासिस्ट बृजमोहन तोमर, नर्सिंग ऑफिसर जगबीर सिकरवार, मोहन राठौर, अभय सिंह भदौरिया, आकाश बुंदेला, सोनू सिंघल सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे। हड़ताल के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ा है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और उन्होंने मरीजों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था हेतु अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए जिला कार्यालय को पत्र भेजा है। आंदोलन के सातवें दिन भी समाधान के कोई संकेत नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है; यदि जल्द ही इन मांगों पर निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका और भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।1
- पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश शाखा के बैनर तले शासकीय अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज लगातार आठवें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। मंगलवार से करीब 55 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान, पीवीआई का समायोजन, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधाएं, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, और वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ सहित कई अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम उषा सिलावट, सुनीता भदौरिया, सीमा सोनी, प्रियंका दौहरे, जूली शाक्य, सोनाली जादौन, निक्की कौरव; सीएचओ गौरव पाल, अनिल उपाध्याय, दीपक श्रीवास; डॉ. पवन श्रीवास्तव; अकाउंटेंट सुनील माहौर; फार्मासिस्ट बृजमोहन तोमर; और नर्सिंग ऑफिसर जगबीर सिकरवार, मोहन राठौर, अभय सिंह भदौरिया, आकाश बुंदेला, सोनू सिंघल सहित अनेक कर्मचारी शामिल हैं। इस हड़ताल के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों को आवश्यक सुविधाएं मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने भी स्वीकार किया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु जिला कार्यालय को एक पत्र भेजा गया है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। आंदोलन के सातवें दिन भी समाधान के कोई संकेत नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। यदि जल्द ही इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका और भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।1
- मध्य प्रदेश के लहार नगर में एक असामान्य घटना सामने आई है, जहाँ दो लड़कों ने आपस में शादी कर ली। इस घटना के बाद एक लड़के की मौत हो गई, जिसके बाद मृतक के परिजनों ने दूसरे लड़के पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। यह पूरा मामला लहार थाना क्षेत्र के बुधपुरा गाँव का बताया जा रहा है, और इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।1
- पोरसा क्षेत्र के गोपालपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन, पंडित प्रमोद शास्त्री मानपुर वाले ने श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान के रस में सराबोर कर दिया। उन्होंने अपने प्रवचनों में प्रेम, भक्ति और विनम्रता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भगवान केवल भक्ति के वश में हैं, पैसों से नहीं मिलते, और घमंडी व्यक्ति के पास कभी नहीं आते। उन्होंने शबरी के झूठे बेर खाने का उदाहरण दिया और यह भी बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेते हैं। कथा के चौथे दिन, पंडित शास्त्री ने अत्यंत भावपूर्ण शैली में समुद्र मंथन से अमृत निकलने, राजा बलि और वामन अवतार, अधर्म के विनाश तथा लंकापति रावण का वध कर मर्यादा स्थापित करने के लिए भगवान श्रीराम के जन्म, और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म जैसे प्रमुख प्रसंगों का वर्णन किया। उनके ओजस्वी प्रवचन से पूरा पंडाल "जय श्रीराम" और "हरे कृष्ण" के जयघोष से गूंज उठा। धार्मिक संदेश के साथ, उन्होंने वृक्षारोपण के लिए भी प्रेरित करते हुए कहा कि वृक्ष ही जीवन का आधार हैं, क्योंकि हरियाली से ऑक्सीजन और ऑक्सीजन से ही जीवन संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान की भक्ति जीवन को सरल और सुखमय बनाती है, माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है, और समाज में प्रेम, भाईचारा तथा मानवता बनाए रखना अनिवार्य है। पंडित प्रमोद शास्त्री ने आज के समय में बच्चों के नाम छोटे और अटपटे रखने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की, जबकि पहले लोग भगवान के नाम पर बच्चों के नाम रखते थे ताकि उन्हें पुकारते-पुकारते भगवान का जाप हो जाए, जिससे जीवन का उद्धार होता था। भक्तों के सराहनीय सहयोग से यह धार्मिक आयोजन केवल एक कार्यक्रम न रहकर, समाज में संस्कार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और आपसी सद्भाव का मजबूत संदेश दे रहा है। कथा का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन नए आध्यात्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया जाएगा। सच्चे संत का मार्गदर्शन और श्रद्धा से कथा श्रवण जीवन की दिशा बदल सकता है।1
- मुरैना-पोरसा मार्ग पर मोरैना से पोरसा जा रही एक यात्री बस में गंजरामपुर और जिगनी के बीच अचानक आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, चालक और परिचालक की सूझबूझ और तत्परता के कारण सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी कि अचानक उसमें से धुआँ उठने लगा, और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन चालक और परिचालक ने तुरंत बस रोककर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया, और बस जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक बस को भारी नुकसान हो चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जाँच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, जिसकी वास्तविक वजह जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, और स्थानीय लोगों ने चालक व परिचालक की समझदारी और तत्परता की सराहना की है, जिनके कारण सभी यात्रियों की जान बच सकी।1