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करौली जिले के सपोटरा स्थित पंचायत समिति परिसर में कृषि विभाग का एक पुराना भवन वर्षों से अनुपयोगी पड़ा है, जो मरम्मत के अभाव में अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोग इसकी मरम्मत कराकर इसे डाकघर या अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लेने की लगातार मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह भवन कभी कृषि विभाग की गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, जहाँ किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाती थी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते थे। बाद में पंचायत समिति परिसर में ही नया भवन बनने के बाद कृषि विभाग का कार्यालय वहाँ स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से यह पुराना भवन खाली पड़ा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं, कई जगह से प्लास्टर उखड़ चुका है, और बारिश में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है। खाली पड़े भवन के आसपास गंदगी भी जमा होने लगी है, जो इसकी बदहाली को और बढ़ा रही है। कस्बे के लोगों का कहना है कि यह भवन आज भी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि इसकी मरम्मत करा दी जाए तो इसे डाकघर सहित अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति का संरक्षण होगा, बल्कि आमजन को भी सुविधाएँ मिलेंगी। इस संबंध में कृषि पर्यवेक्षक राकेश खटाना ने बताया कि भवन के जर्जर होने की जानकारी पहले ही विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी। उनका कहना है कि नवीन भवन उपलब्ध होने के बाद ही कृषि विभाग कार्यालय को स्थानांतरित किया गया, क्योंकि पुराना भवन इतना जर्जर था कि वहाँ से विभागीय कार्यों का संचालन संभव नहीं था। कस्बे के लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर भवन की मरम्मत कराकर इसके उपयोग को लेकर एक ठोस निर्णय लें, ताकि वर्षों से खाली पड़ी इस सरकारी संपत्ति का जनहित में सदुपयोग किया जा सके।

5 hrs ago
user_Devendra Kumar Sihra
Devendra Kumar Sihra
Teacher सपोटरा, करौली, राजस्थान•
5 hrs ago

करौली जिले के सपोटरा स्थित पंचायत समिति परिसर में कृषि विभाग का एक पुराना भवन वर्षों से अनुपयोगी पड़ा है, जो मरम्मत के अभाव में अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोग इसकी मरम्मत कराकर इसे डाकघर या अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लेने की लगातार मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह भवन कभी कृषि विभाग की गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, जहाँ किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाती थी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते थे। बाद में पंचायत समिति परिसर में ही नया भवन बनने के बाद कृषि विभाग का कार्यालय वहाँ स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से यह पुराना भवन खाली पड़ा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं, कई जगह से प्लास्टर उखड़ चुका है, और बारिश में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है। खाली पड़े भवन के आसपास गंदगी भी जमा होने लगी है, जो इसकी बदहाली को और बढ़ा रही है। कस्बे के लोगों का कहना है कि यह भवन आज भी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि इसकी मरम्मत करा दी जाए तो इसे डाकघर सहित अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति का संरक्षण होगा, बल्कि आमजन को भी सुविधाएँ मिलेंगी। इस संबंध में कृषि पर्यवेक्षक राकेश खटाना ने बताया कि भवन के जर्जर होने की जानकारी पहले ही विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी। उनका कहना है कि नवीन भवन उपलब्ध होने के बाद ही कृषि विभाग कार्यालय को स्थानांतरित किया गया, क्योंकि पुराना भवन इतना जर्जर था कि वहाँ से विभागीय कार्यों का संचालन संभव नहीं था। कस्बे के लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर भवन की मरम्मत कराकर इसके उपयोग को लेकर एक ठोस निर्णय लें, ताकि वर्षों से खाली पड़ी इस सरकारी संपत्ति का जनहित में सदुपयोग किया जा सके।

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  • करौली जिले के सपोटरा स्थित पंचायत समिति परिसर में कृषि विभाग का एक पुराना भवन वर्षों से अनुपयोगी पड़ा है, जो मरम्मत के अभाव में अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोग इसकी मरम्मत कराकर इसे डाकघर या अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लेने की लगातार मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह भवन कभी कृषि विभाग की गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, जहाँ किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाती थी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते थे। बाद में पंचायत समिति परिसर में ही नया भवन बनने के बाद कृषि विभाग का कार्यालय वहाँ स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से यह पुराना भवन खाली पड़ा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं, कई जगह से प्लास्टर उखड़ चुका है, और बारिश में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है। खाली पड़े भवन के आसपास गंदगी भी जमा होने लगी है, जो इसकी बदहाली को और बढ़ा रही है। कस्बे के लोगों का कहना है कि यह भवन आज भी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि इसकी मरम्मत करा दी जाए तो इसे डाकघर सहित अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति का संरक्षण होगा, बल्कि आमजन को भी सुविधाएँ मिलेंगी। इस संबंध में कृषि पर्यवेक्षक राकेश खटाना ने बताया कि भवन के जर्जर होने की जानकारी पहले ही विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी। उनका कहना है कि नवीन भवन उपलब्ध होने के बाद ही कृषि विभाग कार्यालय को स्थानांतरित किया गया, क्योंकि पुराना भवन इतना जर्जर था कि वहाँ से विभागीय कार्यों का संचालन संभव नहीं था। कस्बे के लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर भवन की मरम्मत कराकर इसके उपयोग को लेकर एक ठोस निर्णय लें, ताकि वर्षों से खाली पड़ी इस सरकारी संपत्ति का जनहित में सदुपयोग किया जा सके।
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    करौली जिले के सपोटरा स्थित पंचायत समिति परिसर में कृषि विभाग का एक पुराना भवन वर्षों से अनुपयोगी पड़ा है, जो मरम्मत के अभाव में अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोग इसकी मरम्मत कराकर इसे डाकघर या अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लेने की लगातार मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह भवन कभी कृषि विभाग की गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, जहाँ किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाती थी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते थे। बाद में पंचायत समिति परिसर में ही नया भवन बनने के बाद कृषि विभाग का कार्यालय वहाँ स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से यह पुराना भवन खाली पड़ा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं, कई जगह से प्लास्टर उखड़ चुका है, और बारिश में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है। खाली पड़े भवन के आसपास गंदगी भी जमा होने लगी है, जो इसकी बदहाली को और बढ़ा रही है।

कस्बे के लोगों का कहना है कि यह भवन आज भी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि इसकी मरम्मत करा दी जाए तो इसे डाकघर सहित अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति का संरक्षण होगा, बल्कि आमजन को भी सुविधाएँ मिलेंगी। इस संबंध में कृषि पर्यवेक्षक राकेश खटाना ने बताया कि भवन के जर्जर होने की जानकारी पहले ही विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी। उनका कहना है कि नवीन भवन उपलब्ध होने के बाद ही कृषि विभाग कार्यालय को स्थानांतरित किया गया, क्योंकि पुराना भवन इतना जर्जर था कि वहाँ से विभागीय कार्यों का संचालन संभव नहीं था।

कस्बे के लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर भवन की मरम्मत कराकर इसके उपयोग को लेकर एक ठोस निर्णय लें, ताकि वर्षों से खाली पड़ी इस सरकारी संपत्ति का जनहित में सदुपयोग किया जा सके।
    user_Devendra Kumar Sihra
    Devendra Kumar Sihra
    Teacher सपोटरा, करौली, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बाजार में अब एक नई तकनीक वाली ऑटोमैटिक प्लास्टर मशीन उपलब्ध हो गई है। यह मशीन पूरी तरह से स्वचालित है और नई टेक्नोलॉजी का प्रतिनिधित्व करती है।
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    बाजार में अब एक नई तकनीक वाली ऑटोमैटिक प्लास्टर मशीन उपलब्ध हो गई है। यह मशीन पूरी तरह से स्वचालित है और नई टेक्नोलॉजी का प्रतिनिधित्व करती है।
    user_HARKESH Nager
    HARKESH Nager
    Farmer गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • गंगापुर सिटी के नागेश्‍वर बाबा की धूनी दीवान का बाग, बाढ़, रायल, कैमला, नयागांव में संत नागा बाबा श्री प्रमोद गिरी जी महाराज द्वारा धूनी तपस्या की गई।
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    गंगापुर सिटी के नागेश्‍वर बाबा की धूनी दीवान का बाग, बाढ़, रायल, कैमला, नयागांव में संत नागा बाबा श्री प्रमोद गिरी जी महाराज द्वारा धूनी तपस्या की गई।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    8 hrs ago
  • पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत और धरने का आज चौथा दिन रहा। इस आंदोलन में ग्राम नयागांव-सैमाड़ा से भी भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसके बाद कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों, किसान नेताओं और किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलन को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने फैसला किया कि सभी गांवों में 'हथाई' बैठकों का आयोजन करके लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने सदियों से चली आ रही भाईचारे की परंपरा को मजबूत करने और संघर्ष समिति के आह्वान पर हर समय आंदोलन के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। धरने स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने यह भी दोहराया कि इस मांग को लेकर सर्व समाज एकजुट है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाने के इस आंदोलन को क्षेत्रवासियों का पूरा समर्थन प्राप्त है। आंदोलन अपने चौथे दिन भी पूरे जोश, उत्साह और अनुशासन के साथ जारी रहा। राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने पुनः मांग की है कि सरकार का कोई अधिकृत प्रतिनिधि तत्काल धरना स्थल पर पहुंचे, ज्ञापन प्राप्त करे और नहरों में पानी छोड़ने की मांग को शीघ्र पूरा करवाए। किसानों ने यह चेतावनी भी दी है कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो आगे चलकर बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। दिनांक 08 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे और हजारों किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। आज नयागांव-सैमाड़ा क्षेत्र की आम जनता भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसान नेताओं ने सभी के स्नेह, सम्मान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। क्षेत्रभर से मिल रहा यह अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है। आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में, दिनांक 09 जून 2026 से 10 जून 2026 तक धरना स्थल पर रुकने और समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पिलोंदा को सौंपी गई है। विधायक रामकेश मीना एवं अन्य किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा और निर्णायक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे और आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं। ग्राम खण्डीप की समस्त जनता धरनार्थियों की सेवा, आवभगत एवं व्यवस्थाओं में पूर्ण समर्पण भाव से जुटी हुई है। यह आंदोलन अब केवल किसी एक गांव या क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अस्तित्व, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।
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    पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत और धरने का आज चौथा दिन रहा। इस आंदोलन में ग्राम नयागांव-सैमाड़ा से भी भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसके बाद कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों, किसान नेताओं और किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलन को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने फैसला किया कि सभी गांवों में 'हथाई' बैठकों का आयोजन करके लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने सदियों से चली आ रही भाईचारे की परंपरा को मजबूत करने और संघर्ष समिति के आह्वान पर हर समय आंदोलन के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। धरने स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने यह भी दोहराया कि इस मांग को लेकर सर्व समाज एकजुट है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाने के इस आंदोलन को क्षेत्रवासियों का पूरा समर्थन प्राप्त है।

आंदोलन अपने चौथे दिन भी पूरे जोश, उत्साह और अनुशासन के साथ जारी रहा। राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने पुनः मांग की है कि सरकार का कोई अधिकृत प्रतिनिधि तत्काल धरना स्थल पर पहुंचे, ज्ञापन प्राप्त करे और नहरों में पानी छोड़ने की मांग को शीघ्र पूरा करवाए। किसानों ने यह चेतावनी भी दी है कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो आगे चलकर बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

दिनांक 08 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे और हजारों किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। आज नयागांव-सैमाड़ा क्षेत्र की आम जनता भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसान नेताओं ने सभी के स्नेह, सम्मान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। क्षेत्रभर से मिल रहा यह अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है।

आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में, दिनांक 09 जून 2026 से 10 जून 2026 तक धरना स्थल पर रुकने और समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पिलोंदा को सौंपी गई है। विधायक रामकेश मीना एवं अन्य किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा और निर्णायक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे और आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं।

ग्राम खण्डीप की समस्त जनता धरनार्थियों की सेवा, आवभगत एवं व्यवस्थाओं में पूर्ण समर्पण भाव से जुटी हुई है। यह आंदोलन अब केवल किसी एक गांव या क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अस्तित्व, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।
    user_Bsmeena
    Bsmeena
    Local News Reporter गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • हिण्डौन के नसीर बाबा क्रिकेट स्टेडियम गांवड़ा मीना में बुधवार शाम 6:00 बजे से गांवड़ा मीणा प्रीमियर लीग (जीपीएल-4) क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। इसी के उपलक्ष्य में मंगलवार से दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम 'सुड्डा दंगल' का भी प्रारंभ हुआ है, जिसकी जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता रामारी अग्रवाल ने मंगलवार शाम 4:00 बजे दी। मंगलवार को हुए सुड्डा दंगल कार्यक्रम में पालमपुर के मेंडिया धम्पेराम मीणा ने कृष्ण रुक्मणी के विवाह की कथा प्रस्तुत की, वहीं खूंटला गंगापुर सिटी के मेंडिया नेमीचंद ने नट-नटनी का खेल दिखाया। इसके अतिरिक्त, डेडान (सिकराय) के मेंडिया भीखाराम ने हरदौल भगत की कथा सुनाई। इस सुड्डा दंगल को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुधवार शाम को सुड्डा दंगल के समापन और क्रिकेट प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा, कृपाल मीणा, सौरभ एजुकेशन केंपस खेड़ा के महेश बेनीवाल, सपोटरा विधायक हंसराज मीणा, टोडाभीम विधायक राजेंद्र मीणा, और पूर्व विधायक लाखन सिंह कटकड शामिल हैं। इन विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ पांचों गांवों के पंच पटेलों को भी इस कार्यक्रम के लिए बुलाया गया है।
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    हिण्डौन के नसीर बाबा क्रिकेट स्टेडियम गांवड़ा मीना में बुधवार शाम 6:00 बजे से गांवड़ा मीणा प्रीमियर लीग (जीपीएल-4) क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। इसी के उपलक्ष्य में मंगलवार से दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम 'सुड्डा दंगल' का भी प्रारंभ हुआ है, जिसकी जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता रामारी अग्रवाल ने मंगलवार शाम 4:00 बजे दी।

मंगलवार को हुए सुड्डा दंगल कार्यक्रम में पालमपुर के मेंडिया धम्पेराम मीणा ने कृष्ण रुक्मणी के विवाह की कथा प्रस्तुत की, वहीं खूंटला गंगापुर सिटी के मेंडिया नेमीचंद ने नट-नटनी का खेल दिखाया। इसके अतिरिक्त, डेडान (सिकराय) के मेंडिया भीखाराम ने हरदौल भगत की कथा सुनाई। इस सुड्डा दंगल को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

बुधवार शाम को सुड्डा दंगल के समापन और क्रिकेट प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा, कृपाल मीणा, सौरभ एजुकेशन केंपस खेड़ा के महेश बेनीवाल, सपोटरा विधायक हंसराज मीणा, टोडाभीम विधायक राजेंद्र मीणा, और पूर्व विधायक लाखन सिंह कटकड शामिल हैं। इन विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ पांचों गांवों के पंच पटेलों को भी इस कार्यक्रम के लिए बुलाया गया है।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • श्योपुर, मध्य प्रदेश के बल्लू टी स्टॉल फेमस ने टोंक, बैरावडॉ और श्योपुर से आए सभी भाइयों का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह मुलाकात रात 10:45 बजे चाय की चुस्कियों के साथ हुई और बेहद सुखद अनुभव प्रदान किया। स्टॉल ने दूर-दूर से आए इन भाइयों के प्यार, अपनेपन और स्नेह को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि ऐसा मेलजोल और आपसी भाईचारा ही समाज को मजबूत बनाता है। बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर हमेशा अपने मित्रों और यात्रियों की सेवा के लिए तत्पर रहता है, और सभी भाइयों का प्रेम तथा विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। स्टॉल ने ईश्वर से सभी की अच्छी सेहत, खुशी और जीवन में निरंतर तरक्की के लिए प्रार्थना की, और अंत में सभी भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की।
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    श्योपुर, मध्य प्रदेश के बल्लू टी स्टॉल फेमस ने टोंक, बैरावडॉ और श्योपुर से आए सभी भाइयों का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह मुलाकात रात 10:45 बजे चाय की चुस्कियों के साथ हुई और बेहद सुखद अनुभव प्रदान किया। स्टॉल ने दूर-दूर से आए इन भाइयों के प्यार, अपनेपन और स्नेह को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि ऐसा मेलजोल और आपसी भाईचारा ही समाज को मजबूत बनाता है।

बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर हमेशा अपने मित्रों और यात्रियों की सेवा के लिए तत्पर रहता है, और सभी भाइयों का प्रेम तथा विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। स्टॉल ने ईश्वर से सभी की अच्छी सेहत, खुशी और जीवन में निरंतर तरक्की के लिए प्रार्थना की, और अंत में सभी भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की।
    user_बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
    Beerpur, Sheopur•
    2 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा में पशु चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ नवनिर्माणाधीन अस्पताल के पास स्थित एक खेत से अज्ञात चोर चार भैंसों को चुरा ले गए। पीड़ित पशुपालक रमेशचंद्र सैनी के अनुसार, सोमवार शाम को उन्होंने अपनी दो बड़ी और दो छोटी भैंसों को खेत पर बाँधकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे दूध निकालने पहुँचे, तो उन्हें चारों भैंसें गायब मिलीं। मौके पर भैंसों को बाँधने वाली रस्सियाँ कटी हुई और खूँटे उखड़े हुए पाए गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इस वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के पशुपालकों में दहशत का माहौल है। चोरी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए और दिनभर कस्बे में इस वारदात की चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने पुलिस से चोरों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग की है। पीड़ित रमेशचंद्र सैनी ने इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने चोरों की गिरफ्तारी और अपनी भैंसों की बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।
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    चौथ का बरवाड़ा में पशु चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ नवनिर्माणाधीन अस्पताल के पास स्थित एक खेत से अज्ञात चोर चार भैंसों को चुरा ले गए। पीड़ित पशुपालक रमेशचंद्र सैनी के अनुसार, सोमवार शाम को उन्होंने अपनी दो बड़ी और दो छोटी भैंसों को खेत पर बाँधकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे दूध निकालने पहुँचे, तो उन्हें चारों भैंसें गायब मिलीं। मौके पर भैंसों को बाँधने वाली रस्सियाँ कटी हुई और खूँटे उखड़े हुए पाए गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इस वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है।

इस घटना के बाद से क्षेत्र के पशुपालकों में दहशत का माहौल है। चोरी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए और दिनभर कस्बे में इस वारदात की चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने पुलिस से चोरों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग की है। पीड़ित रमेशचंद्र सैनी ने इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने चोरों की गिरफ्तारी और अपनी भैंसों की बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • राजस्थान के गंगापुर सिटी के खंडीप गाँव में पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने की माँग को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन जारी है। यह विरोध प्रदर्शन गंगापुर सिटी के विधायक रामकेश मीना और पाँचना बाँध कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
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    राजस्थान के गंगापुर सिटी के खंडीप गाँव में पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़ने तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने की माँग को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन जारी है। यह विरोध प्रदर्शन गंगापुर सिटी के विधायक रामकेश मीना और पाँचना बाँध कमांड एरिया विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    9 hrs ago
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