भीलवाड़ा/आकोला क्षेत्र के चांदगढ़ गांव में मंगलवार दोपहर एक तेज रफ्तार वाहन ने जमकर कहर बरपाया। बड़लियास की ओर से तेज गति से आ रही एक गाड़ी अनियंत्रित होकर चांदगढ़ निवासी भगवान लाल ओड के मकान से जा टकराई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि घर के बाहर बना लोहे का छपरा क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी टीन की चादरें नीचे गिर गईं। इस घटना में मकान के बाहर बैठी एक गाय वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मर गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन चालक नशे की हालत में था। दुर्घटना में चालक भी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही बड़लियास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने की मांग की है।
भीलवाड़ा/आकोला क्षेत्र के चांदगढ़ गांव में मंगलवार दोपहर एक तेज रफ्तार वाहन ने जमकर कहर बरपाया। बड़लियास की ओर से तेज गति से आ रही एक गाड़ी अनियंत्रित होकर चांदगढ़ निवासी भगवान लाल ओड के मकान से जा टकराई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि घर के बाहर बना लोहे का छपरा क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी टीन की चादरें नीचे गिर गईं। इस घटना में मकान के बाहर बैठी एक गाय वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मर गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और
बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन चालक नशे की हालत में था। दुर्घटना में चालक भी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही बड़लियास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने की मांग की है।
- महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है। आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।1
- राजस्थान पुलिस द्वारा बाल श्रम से मुक्ति हेतु भीलवाड़ा में चलाए जा रहे 'उमंग 7' अभियान के अंतर्गत, टंकी के बालाजी मंदिर क्षेत्र से चार बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया गया है। बचाव के बाद, इन बच्चों को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा और सदस्य विनोद राव के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात्, बाल कल्याण समिति ने बच्चों को आश्रय प्रदान करते हुए 'एवरेस्ट शेल्टर' में रखवाया। इस संयुक्त कार्रवाई में मानव तस्करी विरोधी इकाई के उप निरीक्षक ओम प्रकाश सैन, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह और कांस्टेबल किशन सिंह ने अहम भूमिका निभाई। साथ ही, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार, चाइल्डलाइन (1098) के परियोजना समन्वयक हेमंत सिंह सिसोदिया, सुपरवाइजर आनंद कुमार सुमनारिया, नवाचार संस्थान के जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह तोमर और रेड एंड रेस्क्यू ऑफिसर भगवत सिंह चारण ने भी इस अभियान में सहयोग किया। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी भीलवाड़ा चाइल्ड हेल्पलाइन के हेमंत ने मंगलवार शाम करीब 4 बजे प्रदान की।1
- भीलवाड़ा ज़िले के कांवाखेड़ा वार्ड 27 में 9 जून को चम्बल परियोजना की पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कांवाखेड़ा नाले की पुलिया से गुज़र रही इस पाइपलाइन से हर रोज़ सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, क्योंकि एक तरफ जहाँ घरेलू नल कनेक्शनों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता, वहीं दूसरी ओर बेवजह पानी व्यर्थ बह रहा है। इस समस्या को लेकर चम्बल जल परियोजना अधिकारी से फोन पर संपर्क कर शिकायत भी की गई थी, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। कांग्रेस कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ, भीलवाड़ा (शहर) के ज़िला उपाध्यक्ष राकेश देसाई ने संगठन के तत्वावधान में मांग की है कि इस समस्या का अतिशीघ्र समाधान किया जाए ताकि वार्ड वासियों को राहत मिल सके।1
- भीलवाड़ा नगर निगम की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई है, जहाँ कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं दिखते। लोगों द्वारा बार-बार शिकायतें दर्ज कराने, ज्ञापन देने और निगम के सचिव व अन्य अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से कई बार अनुरोध करने के बावजूद, कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। शहर में नालियाँ इतनी भर गई हैं कि आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जब स्थिति इतनी बिगड़ गई, तब जाकर दो कर्मचारी मौके पर आते हैं। हालाँकि, उनकी कार्रवाई भी अधूरी रहती है, क्योंकि वे कचरा निकालकर सड़कों पर ही छोड़कर चले जाते हैं। विशेष रूप से यूआईटी की 2013 की नगर विकास न्यास कॉलोनी में, जहाँ 20 फीट चौड़ी सड़कें हैं, वहाँ भी यह कचरा सड़कों पर ही पड़ा रहता है। कुल मिलाकर, नगर निगम की ओर से कभी कोई उचित कार्रवाई नहीं होती। चाहे लोग कितने भी परेशान क्यों न हों, उन्हें निगम से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।1
- चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में कथित जेरोफिक्स औद्योगिक अपशिष्ट डंपिंग मामले को लेकर जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन और सरकार स्तर पर जहां जांच और समाधान के प्रयास जारी हैं, वहीं आंदोलनकारी संगठनों ने संघर्ष को निर्णायक चरण में ले जाने की घोषणा की है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ीसादड़ी बंद का व्यापक असर दिखा, जहां बाजार पूरी तरह बंद रहे और नगर में सन्नाटा पसरा रहा। मामले की गंभीरता के चलते बड़ीसादड़ी एवं डूंगला अभिभाषक संघ ने राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय लिया है कि वे दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की ओर से कोई मुकदमा नहीं लड़ेंगे। उधर, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल, हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रकाश चौधरी ने दोषियों पर कार्रवाई और क्षेत्र के जलाशयों की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई, जिस पर सहकारिता मंत्री गौतम दक ने निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में अपशिष्ट सामग्री हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई। सांसद सी.पी. जोशी ने भी प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अनुमति प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक केवल लगभग 10 प्रतिशत अपशिष्ट सामग्री ही हटाई गई है। इसे लेकर आंदोलन का एक धड़ा आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय कर चुका है, जिसके तहत डॉ. विमल कुमार नागौरी, हेमंत बागड़, विनोद रांका और जगदीश धाकड़ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। इस पूरे प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के निरीक्षण प्रतिवेदन में कथित "अवैध डंपिंग" का उल्लेख और दूसरी ओर रेलवे एम्बैंकमेंट निर्माण के लिए जेरोफिक्स के नियंत्रित उपयोग की वैधानिक अनुमति का जारी होना है, जो एक बड़ा विरोधाभास प्रस्तुत करता है। फिलहाल बड़ीसादड़ी का यह जेरोफिक्स विवाद पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही का एक अहम मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें संयुक्त विभागीय जांच, वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- आज सांवरिया सेठ जी के मनमोहक दर्शन हुए, जिसके बाद भक्त ने अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। भक्त ने सांवरिया सेठ जी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक सबका बहुत साथ दिया और बहुत निभा लिया है, लेकिन अब वे स्वयं के लिए जीने का इरादा रखते हैं।1
- महिला विकास मंच की वीणा माधवी ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिवारों को बचाना है।1
- भीलवाड़ा/आकोला क्षेत्र के चांदगढ़ गांव में मंगलवार दोपहर एक तेज रफ्तार वाहन ने जमकर कहर बरपाया। बड़लियास की ओर से तेज गति से आ रही एक गाड़ी अनियंत्रित होकर चांदगढ़ निवासी भगवान लाल ओड के मकान से जा टकराई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि घर के बाहर बना लोहे का छपरा क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी टीन की चादरें नीचे गिर गईं। इस घटना में मकान के बाहर बैठी एक गाय वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मर गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि वाहन चालक नशे की हालत में था। दुर्घटना में चालक भी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही बड़लियास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और क्षेत्र में यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने की मांग की है।2