शेखपुरा बाजार स्थित माता चामुंडा मंदिर, जो पहाड़ियों की तलहटी में बसा है और लगभग 100 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर विराजमान है, इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को एक कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है, लेकिन माता के प्रति उनकी गहरी आस्था इस कठिनाई को आसान बना देती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से निर्मित यह मंदिर अब शहरवासियों के बीच धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता का भी प्रतीक माना जा रहा है। प्रत्येक मंगलवार को सुबह-सुबह बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे पहाड़ी की ऊंची चोटी तक पहुँचते हैं, जहाँ वे माता चामुंडा की पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होते हैं। भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि माता के दरबार में आकर उन्हें मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और नई सकारात्मकता की अनुभूति होती है। इसी वजह से, समय के साथ यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। राहगीर एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार ने बताया कि पहाड़ी पर पैदल चढ़ाई करना स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है, और लोगों को नियमित रूप से यहाँ आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे आस्था के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य का भी लाभ उठा सकें। इस धार्मिक आयोजन और जनजागरण अभियान में सड़क सुरक्षा अभियान के सदस्य डॉ. शिवरतन मिश्रा, दीपक बरनवाल, सनोज पासवान यादव, कुणाल कुमार, संतोष शाह, डॉ. एच.पी. गुप्ता, डॉ. मणिकांत, डॉ. दिग्विजय, डॉ. उदंत, मुकेश कुमार, संतोष बरनवाल, अशोक महतो, नालंदा पैथोलॉजी के अखिलेश सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, शिशु मंदिर के अध्यक्ष विश्वनाथ, संतोष कुमार, कन्हैया कुमार, श्रीराम ज्वेलर्स से जुड़े सदस्य, बजरंग दल के कार्यकर्ता और अन्य स्थानीय युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक पहाड़ी पर चढ़कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। अरुण कुमार ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि यदि भविष्य में भी इसी तरह लोगों का सहयोग मिलता रहा, तो आस्था और स्वास्थ्य को जोड़ने वाली यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। शेखपुरा का यह चामुंडा मंदिर अब केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, स्वास्थ्य जागरूकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। इसी बीच, बरबीघा में लक्ष्य फिजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित एक विदाई सह सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर मिला, जहाँ प्रशिक्षक रंजय जी के अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के परिणामस्वरूप इस वर्ष लगभग 80 युवक-युवतियों का चयन बिहार पुलिस में हुआ है। यह सफलता न केवल चयनित अभ्यर्थियों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे बरबीघा क्षेत्र के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। समारोह में सभी चयनित युवाओं को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं, इस आशा के साथ कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए समाज और राज्य का नाम गौरवान्वित करेंगे।
शेखपुरा बाजार स्थित माता चामुंडा मंदिर, जो पहाड़ियों की तलहटी में बसा है और लगभग 100 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर विराजमान है, इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। मंदिर तक पहुँचने के लिए भक्तों को एक कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है, लेकिन माता के प्रति उनकी गहरी आस्था इस कठिनाई को आसान बना देती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से निर्मित यह मंदिर अब शहरवासियों के बीच धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता का भी प्रतीक माना जा रहा है। प्रत्येक मंगलवार को सुबह-सुबह बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे पहाड़ी की ऊंची चोटी तक पहुँचते हैं, जहाँ वे माता चामुंडा की पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होते हैं। भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि माता के दरबार में आकर उन्हें मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और नई सकारात्मकता की अनुभूति होती है। इसी वजह से, समय के साथ यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। राहगीर एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार ने बताया कि पहाड़ी पर पैदल चढ़ाई करना स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है, और लोगों को नियमित रूप से यहाँ आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे आस्था के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य का भी लाभ उठा सकें। इस धार्मिक आयोजन और जनजागरण अभियान में सड़क सुरक्षा अभियान के सदस्य डॉ. शिवरतन मिश्रा, दीपक बरनवाल, सनोज पासवान यादव, कुणाल कुमार, संतोष शाह, डॉ. एच.पी. गुप्ता, डॉ. मणिकांत, डॉ. दिग्विजय, डॉ. उदंत, मुकेश कुमार, संतोष बरनवाल, अशोक महतो, नालंदा पैथोलॉजी के अखिलेश सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, शिशु मंदिर के अध्यक्ष विश्वनाथ, संतोष कुमार, कन्हैया कुमार, श्रीराम ज्वेलर्स से जुड़े सदस्य, बजरंग दल के कार्यकर्ता और अन्य स्थानीय युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक पहाड़ी पर चढ़कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। अरुण कुमार ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि यदि भविष्य में भी इसी तरह लोगों का सहयोग मिलता रहा, तो आस्था और स्वास्थ्य को जोड़ने वाली यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। शेखपुरा का यह चामुंडा मंदिर अब केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, स्वास्थ्य जागरूकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। इसी बीच, बरबीघा में लक्ष्य फिजिकल ग्रुप द्वारा आयोजित एक विदाई सह सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर मिला, जहाँ प्रशिक्षक रंजय जी के अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के परिणामस्वरूप इस वर्ष लगभग 80 युवक-युवतियों का चयन बिहार पुलिस में हुआ है। यह सफलता न केवल चयनित अभ्यर्थियों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे बरबीघा क्षेत्र के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। समारोह में सभी चयनित युवाओं को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं, इस आशा के साथ कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए समाज और राज्य का नाम गौरवान्वित करेंगे।
- मंगलवार को चेवाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित अंबेडकर भवन परिसर के समीप राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। धरना को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक विजय सम्राट ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। उन्होंने सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल बताया। कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी जनसमस्याओं, बढ़ते अपराध और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर अपनी बात रखी। इस प्रदर्शन में राजद के प्रखंड अध्यक्ष जनार्दन प्रसाद, जिला अध्यक्ष गोरेलाल पासवान, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सुभाष पासवान, नगर अध्यक्ष विजय यादव, छठियारा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार यादव, संजय यादव सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित थे। धरना के दौरान नेताओं ने घोषणा की कि 17 जून को जिला मुख्यालय पर एक बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिले भर से राजद कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों और कानून व्यवस्था के सवाल पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। यह धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आगामी आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का आह्वान किया।1
- शेखपुरा में अधिकारियों ने लोगों को सावधान किया है कि यदि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपना वाहन खड़ा करते हैं, तो उनका चालान काट दिया जाएगा। यह चेतावनी स्पष्ट रूप से उन सभी वाहन चालकों के लिए है जो सार्वजनिक स्थानों पर यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन खड़ा करते हैं।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश कार्यालय के आह्वान पर मंगलवार को लखीसराय के सदर प्रखंड परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। राजद प्रखंड अध्यक्ष सुनील कुमार ने इस धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता की, जिसमें बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों और विरोध को व्यक्त किया। वक्ताओं ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए उनके समाधान की पुरजोर मांग की।1
- नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड मुख्यालय में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन राजद के राज्यव्यापी आंदोलन के तहत किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं के समाधान में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है, जिसके कारण जनता महंगाई और बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर है। इस कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। धरना में पूर्व विधायक शक्ति सिंह यादव, हिलसा प्रखंड प्रभारी टनटन खान, जिला प्रभारी खुर्शीद आलम सिद्दीकी, पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बबलू यादव, प्रखंड अध्यक्ष नवल यादव, महिला मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष शोभा देवी तथा वरिष्ठ नेता सज्जाद साह सहित कई अन्य राजद नेता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर राष्ट्रीय जनता दल का संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा और आम लोगों की आवाज को मजबूती के साथ उठाया जाता रहेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करते रहने का आह्वान भी किया।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड मुख्यालय में प्रखंड स्तरीय एकदिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित किया।1
- एक किसान का कार्य केवल अनाज उगाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह मिट्टी के प्रति अपना कर्ज भी चुकाता है। यह दर्शाता है कि किसानों का धरती के साथ केवल उत्पादन का नहीं, बल्कि एक गहरा, उत्तरदायी संबंध होता है, जहाँ वे भूमि के उपकार को वापस करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।1
- शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत तियाय गांव स्थित महुआ खंधा में दो बिजली के खंभों के बीच हाईटेंशन लाइन के नंगे तार काफी नीचे झूल रहे हैं, जिससे किसानों को लंबे समय से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या पिछले करीब दो वर्षों से बनी हुई है, जिसके कारण खेती-किसानी के कार्यों में लगातार बाधा आ रही है और किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। गांव के किसान राजेश महतो ने बताया कि इन झूलते तारों से आसपास के आधा दर्जन से अधिक किसान सीधे तौर पर प्रभावित हैं। खेतों में काम करते समय किसानों को हर पल बेहद सतर्क रहना पड़ता है। इस गंभीर समस्या के संबंध में विद्युत विभाग को कई बार जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे इस मामले पर विद्युत विभाग के जेई राजकुमार प्रसाद से बात की गई। जेई ने इस समस्या की जानकारी होने की पुष्टि की और आश्वासन दिया कि जल्द ही झूलते तारों को ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने के लिए समस्या के त्वरित निराकरण का वादा किया है। संभावित हादसों के खतरे को देखते हुए, ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा करने की पुरजोर मांग की है, ताकि किसानों को सुरक्षित माहौल में खेती करने की सुविधा मिल सके।1
- उत्तराखंड में एक अत्यंत दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसका संबंध दिल्ली के पर्यटन से बताया जा रहा है। यह एक बहुत ही हृदय विदारक घटना है, जिसने गहरी पीड़ा पहुंचाई है।1