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Singrauli breaking news : BARGWA चोरों का आतंक पुलिस के साथ खाली? सिंगरौली में बेखौफ चोरों का तांडव: सीएम राइज स्कूल के सामने सोनी की दो दुकानों से लाखों का सोना साफ!

2 hrs ago
user_Devendra Journalist_Singrauli
Devendra Journalist_Singrauli
पत्रकार Singrauli, Madhya Pradesh•
2 hrs ago

Singrauli breaking news : BARGWA चोरों का आतंक पुलिस के साथ खाली? सिंगरौली में बेखौफ चोरों का तांडव: सीएम राइज स्कूल के सामने सोनी की दो दुकानों से लाखों का सोना साफ!

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  • सिंगरौली में बेखौफ चोरों का तांडव: सीएम राइज स्कूल के सामने सोनी की दो दुकानों से लाखों का सोना साफ!
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    सिंगरौली में बेखौफ चोरों का तांडव: सीएम राइज स्कूल के सामने सोनी की दो दुकानों से लाखों का सोना साफ!
    user_Devendra Journalist_Singrauli
    Devendra Journalist_Singrauli
    पत्रकार Singrauli, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से सामने आया यह दोहरा हत्याकांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि अंधविश्वास, डर और शक की उस खतरनाक मानसिकता का नतीजा है, जिसने इंसान को हैवान बना दिया। NDTV की ग्राउंड पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो इस सनसनीखेज वारदात की परत-दर-परत सच्चाई बयां करते हैं। क्या है पूरा मामला दरअसल सिंगरौली जिले जियावन थाना क्षेत्र के अंतरवा गांव का यह मामला है. जहाँ अंधविश्वास ने दो जिंदगियां लील लीं. 21 वर्षीय आरोपी छत्रपति सिंह ने संतान न होने और पत्नी के गर्भपात का जिम्मेदार पड़ोसियों के जादू-टोने को माना. इसी सनक में उसने केवल सिंह उम्र 65 वर्ष और फूलमती सिंह उम्र 50 वर्ष की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी. इस हमले में सुमित्रा सिंह और राम भजन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. वारदात के बाद हत्यारे ने खुद को घर में कैद कर लिया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया. फिलहाल आरोपी पुलिस के गिरप्त में है. इस हत्याकांड की ग्राउंड पड़ताल के लिए NDTV के रिपोर्टर देवेंद्र पाण्डेय जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूरी का सफर तय कर अंतरवा गाँव के लोहरा बस्ती में पहुँचे जहाँ में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है, लोग दहसत में है,NDTV से गाँव के कई लोगों ने हादसे वाली रात का वो ख़ौफ़नाक मंजर की दास्तां भी बयां किया. खामोशी से पहले की वो रात ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाली रात गांव में सब कुछ सामान्य था। लोग अपने-अपने घरों में थे, लेकिन आरोपी के मन में उथल-पुथल मची हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी पिछले कई दिनों से डरा हुआ, चिड़चिड़ा और शंकालु व्यवहार कर रहा था। उसे यह भ्रम हो गया था कि दो लोग उस पर जादू-टोना कर रहे हैं, जिससे उसकी पत्नी के संतान होने में बाधा आ रही है. शक ने लिया खूनी रूप ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी ने बिना किसी ठोस वजह के पीड़ितों को अपना दुश्मन मान लिया। अंधविश्वास के इस जाल में फंसा आरोपी यह मान बैठा कि अगर उन्हें खत्म कर दिया जाए, तो उसका डर और परेशानी खत्म हो जाएगी। इसी वहम ने उसे कुल्हाड़ी उठाने पर मजबूर कर दिया। और आधी रात को उसने कुल्हाड़ी लेकर गांव में निकल दिया और जिस पर उसे जादू टोने का शक था, उसके घर मे पंहुचा, और 50 वर्षीय फूलकुमारी सिंह को घसीटकर बाहर निकाला, और अपने घर मे ले गया, फुलकुमारी के घर मे उस वक्त उसकी बहु थी, और छोटे 2 बच्चें, बहू रोकने की कोसिस की लेकिन कुल्हाड़ी आरोपी के हाथ मे था जिस वजह से हिम्मत नही जुटा पाई और बहू के आँखों के सामने उसने फुलमुकारी पर कुल्हाड़ी से कई प्रहार किया, जिससे उसकी मौत हो गई,इसके बाद आरोपी फिर निकल दिया गाँव मे कुल्हाड़ी लेकर और पहुँच गया 65 वर्षीय केमला सिंह के घर, केमला सिंह घर मे अकेले थे, जैसे ही आरोपी उनके घर मे दाखिल हुआ, वह डर गए, शोर शराबा कर पाते इसके पहले ही कुल्हाड़ी का डर दिखाकर अपने घर ले आया, जहाँ उसने कुल्हाड़ी से केमला सिंह पर कई वार किया, कुल्हाड़ी के प्रहार से केमला के शरीर से सर अलग हो गया, यह घटना फूलकुमारी की बहू अपने आँखों से आरोपी के घर के बाहर से देख रही थी, उसकी हिम्मत नही हुई कि शोर मचा सके,,, गाँव के रंगदेव सिंह बताते है कि घटना वाली आधी रात को 8 से 10 गाँव के लोग चीख पुकार सुनकर हत्याकांड वाली जगह पर पहुँचे लेकिन कुल्हाड़ी उसके हाथ मे था, डर इतना ज्यादा था कि किसी को उसके पास जाने की हिम्मत नही हुआ, किसी तरह से लोग अपनी जान वहाँ से बचाकर भागे, सुबह इसकी जानकारी पुलिस को दी गई, पुलिस मौके पर पहुँची तो आरोपी अपने घर के आंगन में डबल हत्याकांड को अंजाम देकर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था, पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाली और गिरफ्तार कर लिया. कुल्हाड़ी से मौत का तांडव प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अचानक हमला किया। बचाव का मौका तक नहीं मिला। सिर पर किए गए ताबड़तोड़ वार इतने बेरहमी भरे थे कि मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और दहशत का माहौल बन गया। पुलिस की कार्रवाई और खुलासे सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अंधविश्वास और शक को हत्या की वजह बताया। पुलिस का कहना है कि यह मामला पूरी तरह मानसिक भ्रम और सामाजिक कुरीतियों से जुड़ा हुआ है। अंधविश्वास बना सबसे बड़ा आरोपी इस दोहरे हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंधविश्वास सिर्फ सोच नहीं, बल्कि एक जानलेवा बीमारी बन चुका है। जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी और ऐसे वहमों पर समय रहते लगाम नहीं लगेगी, तब तक ऐसे खूनी खेल दोहराए जाते रहेंगे।
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    मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से सामने आया यह दोहरा हत्याकांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि अंधविश्वास, डर और शक की उस खतरनाक मानसिकता का नतीजा है, जिसने इंसान को हैवान बना दिया। NDTV की ग्राउंड पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो इस सनसनीखेज वारदात की परत-दर-परत सच्चाई बयां करते हैं।
क्या है पूरा मामला 
दरअसल सिंगरौली जिले जियावन थाना क्षेत्र के अंतरवा गांव का यह मामला है. जहाँ अंधविश्वास ने दो जिंदगियां लील लीं. 21 वर्षीय आरोपी छत्रपति सिंह ने संतान न होने और पत्नी के गर्भपात का जिम्मेदार पड़ोसियों के जादू-टोने को माना. इसी सनक में उसने केवल सिंह उम्र 65 वर्ष और फूलमती सिंह उम्र 50 वर्ष की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी. इस हमले में सुमित्रा सिंह और राम भजन गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. वारदात के बाद हत्यारे ने खुद को घर में कैद कर लिया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया. फिलहाल आरोपी पुलिस के गिरप्त में है. इस हत्याकांड की ग्राउंड पड़ताल के लिए NDTV के रिपोर्टर देवेंद्र पाण्डेय जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूरी का सफर तय कर अंतरवा गाँव के लोहरा बस्ती में पहुँचे जहाँ में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है, लोग दहसत में है,NDTV से गाँव के कई लोगों ने हादसे वाली रात का वो ख़ौफ़नाक मंजर की दास्तां भी बयां किया.
खामोशी से पहले की वो रात
ग्रामीणों के मुताबिक घटना वाली रात गांव में सब कुछ सामान्य था। लोग अपने-अपने घरों में थे, लेकिन आरोपी के मन में उथल-पुथल मची हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी पिछले कई दिनों से डरा हुआ, चिड़चिड़ा और शंकालु व्यवहार कर रहा था। उसे यह भ्रम हो गया था कि दो लोग उस पर जादू-टोना कर रहे हैं, जिससे उसकी पत्नी के संतान होने में बाधा आ रही है.
शक ने लिया खूनी रूप
ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी ने बिना किसी ठोस वजह के पीड़ितों को अपना दुश्मन मान लिया। अंधविश्वास के इस जाल में फंसा आरोपी यह मान बैठा कि अगर उन्हें खत्म कर दिया जाए, तो उसका डर और परेशानी खत्म हो जाएगी। इसी वहम ने उसे कुल्हाड़ी उठाने पर मजबूर कर दिया। और आधी रात को उसने कुल्हाड़ी लेकर गांव में निकल दिया और जिस पर उसे जादू टोने का शक था, उसके घर मे पंहुचा, और 50 वर्षीय फूलकुमारी सिंह को घसीटकर बाहर निकाला, और अपने घर मे ले गया, फुलकुमारी के घर मे उस वक्त उसकी बहु थी, और छोटे 2 बच्चें, बहू रोकने की कोसिस की लेकिन कुल्हाड़ी आरोपी के हाथ मे था जिस वजह से हिम्मत नही जुटा पाई और बहू के आँखों के सामने उसने फुलमुकारी पर कुल्हाड़ी से कई प्रहार किया, जिससे उसकी मौत हो गई,इसके बाद आरोपी फिर निकल दिया गाँव मे कुल्हाड़ी लेकर और पहुँच गया 65 वर्षीय केमला सिंह के घर, केमला सिंह घर मे अकेले थे, जैसे ही आरोपी उनके घर मे दाखिल हुआ, वह डर गए, शोर शराबा कर पाते इसके पहले ही कुल्हाड़ी का डर दिखाकर अपने घर ले आया, जहाँ उसने कुल्हाड़ी से केमला सिंह पर कई वार किया, कुल्हाड़ी के प्रहार से केमला के शरीर से सर अलग हो गया, यह घटना फूलकुमारी की बहू अपने आँखों से आरोपी के घर के बाहर से देख रही थी, उसकी हिम्मत नही हुई कि शोर मचा सके,,, 
गाँव के रंगदेव सिंह बताते है कि घटना वाली आधी रात को 8 से 10 गाँव के लोग चीख पुकार सुनकर हत्याकांड वाली जगह पर पहुँचे लेकिन कुल्हाड़ी उसके हाथ मे था, डर इतना ज्यादा था कि किसी को उसके पास जाने की हिम्मत नही हुआ, किसी तरह से लोग अपनी जान वहाँ से बचाकर भागे, सुबह इसकी जानकारी पुलिस को दी गई, पुलिस मौके पर पहुँची तो आरोपी अपने घर के आंगन में डबल हत्याकांड को अंजाम देकर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था, पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाली और गिरफ्तार कर लिया.
कुल्हाड़ी से मौत का तांडव
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने अचानक हमला किया। बचाव का मौका तक नहीं मिला। सिर पर किए गए ताबड़तोड़ वार इतने बेरहमी भरे थे कि मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासे
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए अंधविश्वास और शक को हत्या की वजह बताया। पुलिस का कहना है कि यह मामला पूरी तरह मानसिक भ्रम और सामाजिक कुरीतियों से जुड़ा हुआ है।
अंधविश्वास बना सबसे बड़ा आरोपी
इस दोहरे हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंधविश्वास सिर्फ सोच नहीं, बल्कि एक जानलेवा बीमारी बन चुका है। जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी और ऐसे वहमों पर समय रहते लगाम नहीं लगेगी, तब तक ऐसे खूनी खेल दोहराए जाते रहेंगे।
    user_Devendra Pandey
    Devendra Pandey
    TV News Anchor सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • देखिए किस तरह पत्रकारों के नाम पर पैसा बनता जा रहा है अभी तक इसके ऊपर कानूनी कार्रवाई नहीं सिंगरौली पुलिस की है और ना ही सिंगरौली कलेक्टर
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    देखिए किस तरह पत्रकारों के नाम पर पैसा बनता जा रहा है अभी तक इसके ऊपर कानूनी कार्रवाई नहीं सिंगरौली पुलिस की है और ना ही सिंगरौली कलेक्टर
    user_Saud pathan patrakar
    Saud pathan patrakar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Singrauli News: सिंगरौली। कोतवाली वैढ़न पुलिस ने अवैध जुए के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए ताश के पत्तों पर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे 7 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 हजार 900 रुपये नकद बरामद कर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 फरवरी को सब्जी मंडी बिलौंजी क्षेत्र में जुए की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी वैढ़न के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सभी आरोपी जुआ खेलते पाए गए, जिनके पास से नगद राशि जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू केशरवानी (ढोटी, विन्ध्यनगर), कामख्या शाह (बिलौंजी), मिश्रीलाल शाह (देवरा), जिआउल मोहम्मद (बलियरी), ओमप्रकाश जायसवाल (कर्सुआलाल, माड़ा), पवन कुमार शाह (बिलौंजी) एवं ओमप्रकाश शाह (बिलौंजी) शामिल हैं। पुलिस ने सभी के विरुद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इस सफल कार्रवाई में उनि उदयचंद करिहार, सउनि पप्पू सिंह, सउनि सजीत सिंह, प्रधान आरक्षक अजीत सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की सराहनीय भूमिका रही। यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर सख्ती से नियंत्रण की दिशा में मध्य प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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    Singrauli News: सिंगरौली। कोतवाली वैढ़न पुलिस ने अवैध जुए के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए ताश के पत्तों पर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे 7 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 हजार 900 रुपये नकद बरामद कर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 फरवरी को सब्जी मंडी बिलौंजी क्षेत्र में जुए की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी वैढ़न के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सभी आरोपी जुआ खेलते पाए गए, जिनके पास से नगद राशि जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में सोनू केशरवानी (ढोटी, विन्ध्यनगर), कामख्या शाह (बिलौंजी), मिश्रीलाल शाह (देवरा), जिआउल मोहम्मद (बलियरी), ओमप्रकाश जायसवाल (कर्सुआलाल, माड़ा), पवन कुमार शाह (बिलौंजी) एवं ओमप्रकाश शाह (बिलौंजी) शामिल हैं। पुलिस ने सभी के विरुद्ध धारा 13 जुआ एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
इस सफल कार्रवाई में उनि उदयचंद करिहार, सउनि पप्पू सिंह, सउनि सजीत सिंह, प्रधान आरक्षक अजीत सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की सराहनीय भूमिका रही। यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर सख्ती से नियंत्रण की दिशा में मध्य प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
    user_Journalist Manu Kumar shah
    Journalist Manu Kumar shah
    News Anchor सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • कोतवाली पुलिस ने गांजा तस्करी करते दो युवकों को किया गिरफ्तार 03 किलो गांजा, बाइक और मोबाइल जब्त कोतवाली थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 किलोग्राम गांजा, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को सूचना मिली थी कि दो युवक मोटरसाइकिल से गांजा की डिलीवरी देने की फिराक में हीरावती अस्पताल के पीछे गनियारी मैदान क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम अजय कुमार बैस (20 वर्ष) निवासी बहरखुद, थाना माड़ा और चंदन जायसवाल (21 वर्ष) निवासी मकरौर, थाना बैढ़न, जिला सिंगरौली बताए। तलाशी के दौरान उनके पास से 3 किलो गांजा, हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक MP66 ZF 5737 तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 197/26, धारा 8/20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक सिंगरौली के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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    कोतवाली पुलिस ने गांजा तस्करी करते दो युवकों को किया गिरफ्तार
03 किलो गांजा, बाइक और मोबाइल जब्त
कोतवाली थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 किलोग्राम गांजा, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को सूचना मिली थी कि दो युवक मोटरसाइकिल से गांजा की डिलीवरी देने की फिराक में हीरावती अस्पताल के पीछे गनियारी मैदान क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम अजय कुमार बैस (20 वर्ष) निवासी बहरखुद, थाना माड़ा और चंदन जायसवाल (21 वर्ष) निवासी मकरौर, थाना बैढ़न, जिला सिंगरौली बताए। तलाशी के दौरान उनके पास से 3 किलो गांजा, हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल क्रमांक MP66 ZF 5737 तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 197/26, धारा 8/20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया।
इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक सिंगरौली के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
    user_फणीन्द्र कुमार सिन्हा
    फणीन्द्र कुमार सिन्हा
    Photographer सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
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    Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सोनभद्र..... - लोढ़ी चौकी के हेड कांस्टेबल की सड़क हादसे में मौत - आशंका है कि रात्रि ड्यूटी के दौरान अज्ञात वाहन ने मारी होगी टक्कर - मृतक की पहचान 55 वर्षीय हेड कांस्टेबल रामसूरत यादव पुत्र रामधनी यादव, निवासी ग्राम गोटी बांध, थाना रायपुर, जनपद सोनभद्र के रूप में हुई - रामसूरत बीती रात ड्यूटी पर लोढ़ी चौकी में थे तैनात - स्थानीय दुकानदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर घटना की बाबत जानकारी ली - पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस में रखवा और आगे की कार्रवाई में जुटी - रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के शक्तिनगर-वाराणसी मार्ग स्थित खुशबू बाग नर्सरी के समीप की घटना।
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    सोनभद्र.....
- लोढ़ी चौकी के हेड कांस्टेबल की सड़क हादसे में मौत
- आशंका है कि रात्रि ड्यूटी के दौरान अज्ञात वाहन ने मारी होगी टक्कर 
- मृतक की पहचान 55 वर्षीय हेड कांस्टेबल रामसूरत यादव पुत्र रामधनी यादव, निवासी ग्राम गोटी बांध, थाना रायपुर, जनपद सोनभद्र के रूप में हुई
- रामसूरत बीती रात ड्यूटी पर लोढ़ी चौकी में थे तैनात
- स्थानीय दुकानदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का कब्जे में लेकर घटना की बाबत जानकारी ली 
- पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस में रखवा और आगे की कार्रवाई में जुटी 
- रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के शक्तिनगर-वाराणसी मार्ग स्थित खुशबू बाग नर्सरी के समीप की घटना।
    user_Manoj Verma
    Manoj Verma
    Photographer ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • एमपी के सिंगरौली जिले के कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व मामले में लापरवाही बतरने के मामले में कड़ा एक्शन लिया है, एक पटवारी सहित दो प्रभारी तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बताया जा रहा है कि कलेक्टर को लगातार तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों के द्वारा शिकायत प्राप्त हो रही थी कि राजस्व प्रकरणों के निपटारे में लापरवाही की जा रही है, शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जिले के बरगवां तहसील में अचानक निरीक्षण के लिए पहुँच गए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस दौरे से राजस्व अमले में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कलेक्टर ने सीधे तहसील कार्यालय में चल रहे राजस्व प्रकरणों की फाइलें तलब कीं और एक-एक मामले की गहन समीक्षा की। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद कलेक्टर ने मौके पर ही कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई राजस्व प्रकरण महीनों से लंबित पड़े हैं। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और नक्शा सुधार जैसे मामलों में तय समय-सीमा का पालन नहीं किया गया। कुछ प्रकरणों में तो फाइलों पर न तो सुनवाई की तारीख दर्ज थी और न ही किसी प्रकार की कार्यवाही की गई थी। कलेक्टर ने इसे सीधे तौर पर राजस्व कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता करार दिया। सबसे गंभीर मामला एक पटवारी से जुड़ा पाया गया, जिस पर राजस्व प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखने और हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने के आरोप सामने आए। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दे दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यहीं नहीं, बल्कि पूरे प्रकरण की जवाबदेही तय करते हुए कलेक्टर ने प्रभारी तहसीलदार को भी नहीं बख्शा। राजस्व प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग न करने और अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण न रखने के आरोप में बरगवां प्रभारी तहसीलदार नागेश्वर पनिका एवं बड़ोखर के प्रभारी तहसीलदार दिनेश पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम जनता की पहली कड़ी है और यहां की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। जमीन से जुड़े मामलों में देरी न केवल विवाद बढ़ाती है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगाड़ सकती है। इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी समय-सीमा में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्य करें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाकर उनका निराकरण किया जाए। साथ ही, हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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    एमपी के सिंगरौली जिले के कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व मामले में लापरवाही बतरने के मामले में कड़ा एक्शन लिया है, एक पटवारी सहित दो प्रभारी तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बताया जा रहा है कि कलेक्टर को लगातार तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों के द्वारा शिकायत प्राप्त हो रही थी कि राजस्व प्रकरणों के निपटारे में लापरवाही की जा रही है, शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जिले के बरगवां तहसील में अचानक निरीक्षण के लिए पहुँच गए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस दौरे से राजस्व अमले में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कलेक्टर ने सीधे तहसील कार्यालय में चल रहे राजस्व प्रकरणों की फाइलें तलब कीं और एक-एक मामले की गहन समीक्षा की। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद कलेक्टर ने मौके पर ही कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई राजस्व प्रकरण महीनों से लंबित पड़े हैं। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और नक्शा सुधार जैसे मामलों में तय समय-सीमा का पालन नहीं किया गया। कुछ प्रकरणों में तो फाइलों पर न तो सुनवाई की तारीख दर्ज थी और न ही किसी प्रकार की कार्यवाही की गई थी। कलेक्टर ने इसे सीधे तौर पर राजस्व कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता करार दिया।
सबसे गंभीर मामला एक पटवारी से जुड़ा पाया गया, जिस पर राजस्व प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखने और हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने के आरोप सामने आए। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दे दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यहीं नहीं, बल्कि पूरे प्रकरण की जवाबदेही तय करते हुए कलेक्टर ने प्रभारी तहसीलदार को भी नहीं बख्शा। राजस्व प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग न करने और अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण न रखने के आरोप में बरगवां प्रभारी तहसीलदार नागेश्वर पनिका एवं बड़ोखर के प्रभारी तहसीलदार दिनेश पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम जनता की पहली कड़ी है और यहां की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। जमीन से जुड़े मामलों में देरी न केवल विवाद बढ़ाती है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगाड़ सकती है। इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी समय-सीमा में पारदर्शी और निष्पक्ष कार्य करें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों की सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाकर उनका निराकरण किया जाए। साथ ही, हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
    user_Devendra Pandey
    Devendra Pandey
    TV News Anchor सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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