बिहार के कटिहार स्थित बाल आश्रय गृह की सुरक्षा एक बार फिर पूरी तरह खोखली साबित हुई है, जहाँ बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में 5 बच्चे फरार हो गए। इस साल 6 महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब बच्चों ने इस आश्रय गृह को चकमा दिया है, जिससे जिला प्रशासन और शेल्टर होम के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि आखिर 12 फीट से भी ऊंची कंक्रीट की दीवार को ये छोटे-छोटे बच्चे कैसे पार कर गए। कटिहार के डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि प्रभारी अधीक्षक बाल सुधार गृह ने एक आवेदन दिया है, जिसमें 5 बच्चों के भागने की सूचना है। प्रभारी अधीक्षक के अनुसार, बच्चे द्वितीय तल की छत से दरवाजे की कुंडी तोड़कर भागे हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जा रही है और पुलिस बच्चों की तलाश में जुटी है। अब तक 5 में से 4 बच्चों को ढूंढ लिया गया है, जबकि एक बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। साल में तीसरी बार हुई इस चूक के बाद स्थानीय प्रशासन पर उंगलियां उठ रही हैं। जनता के बीच यह सवाल गूँज रहा है कि अगर इतनी ऊंची दीवारों के भीतर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और इतनी आसानी से गायब हो जा रहे हैं, तो फिर इस 'आश्रय गृह' की सुरक्षा के क्या मायने रह जाते हैं और आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।
बिहार के कटिहार स्थित बाल आश्रय गृह की सुरक्षा एक बार फिर पूरी तरह खोखली साबित हुई है, जहाँ बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में 5 बच्चे फरार हो गए। इस साल 6 महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब बच्चों ने इस आश्रय गृह को चकमा दिया है, जिससे जिला प्रशासन और शेल्टर होम के सुरक्षा दावों
की धज्जियां उड़ गई हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि आखिर 12 फीट से भी ऊंची कंक्रीट की दीवार को ये छोटे-छोटे बच्चे कैसे पार कर गए। कटिहार के डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि प्रभारी अधीक्षक बाल सुधार गृह ने एक आवेदन दिया है, जिसमें 5 बच्चों के भागने की सूचना है। प्रभारी अधीक्षक के अनुसार, बच्चे
द्वितीय तल की छत से दरवाजे की कुंडी तोड़कर भागे हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जा रही है और पुलिस बच्चों की तलाश में जुटी है। अब तक 5 में से 4 बच्चों को ढूंढ लिया गया है, जबकि एक बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। साल में तीसरी बार हुई इस चूक के
बाद स्थानीय प्रशासन पर उंगलियां उठ रही हैं। जनता के बीच यह सवाल गूँज रहा है कि अगर इतनी ऊंची दीवारों के भीतर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और इतनी आसानी से गायब हो जा रहे हैं, तो फिर इस 'आश्रय गृह' की सुरक्षा के क्या मायने रह जाते हैं और आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।
- लगातार पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।1
- बिहार के कटिहार स्थित बाल आश्रय गृह की सुरक्षा एक बार फिर पूरी तरह खोखली साबित हुई है, जहाँ बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में 5 बच्चे फरार हो गए। इस साल 6 महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब बच्चों ने इस आश्रय गृह को चकमा दिया है, जिससे जिला प्रशासन और शेल्टर होम के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि आखिर 12 फीट से भी ऊंची कंक्रीट की दीवार को ये छोटे-छोटे बच्चे कैसे पार कर गए। कटिहार के डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि प्रभारी अधीक्षक बाल सुधार गृह ने एक आवेदन दिया है, जिसमें 5 बच्चों के भागने की सूचना है। प्रभारी अधीक्षक के अनुसार, बच्चे द्वितीय तल की छत से दरवाजे की कुंडी तोड़कर भागे हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जा रही है और पुलिस बच्चों की तलाश में जुटी है। अब तक 5 में से 4 बच्चों को ढूंढ लिया गया है, जबकि एक बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। साल में तीसरी बार हुई इस चूक के बाद स्थानीय प्रशासन पर उंगलियां उठ रही हैं। जनता के बीच यह सवाल गूँज रहा है कि अगर इतनी ऊंची दीवारों के भीतर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और इतनी आसानी से गायब हो जा रहे हैं, तो फिर इस 'आश्रय गृह' की सुरक्षा के क्या मायने रह जाते हैं और आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।4
- बिहार में शराबबंदी के बीच कुर्सेला पुलिस ने कटारिया पुलिस पिकेट के पास वाहन जांच के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिससे शराब तस्करों की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन कुर्सेला पुलिस की तत्परता के आगे उनकी एक न चली। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने 107 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। इसके अतिरिक्त, तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक टोटो को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने पूर्णिया के रहने वाले प्रिंस और मनोज कुमार दास नामक दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। कुर्सेला पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- बिहार के कटिहार स्थित मणिपुर चौक से मन्नू कुमार के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके मन्नू कुमार से संपर्क किया जा सकता है। उपलब्ध कराए गए नंबर 6397484192 और 6202437112 हैं।4
- यह एक आम का बगीचा है। आज, इसमें आम तोड़े जा रहे हैं। पोस्ट के अनुसार, यह उनका अपना बगीचा है और सभी को इसे देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
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- कटिहार जिले के हसनगंज में बिजली पोल के एक बॉक्स में खराबी आने से उपभोक्ता परेशान थे, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इस समस्या के समाधान के लिए, एक मिस्त्री ने मौके पर पहुँचकर उस खराबी को दुरुस्त किया। मिस्त्री द्वारा मरम्मत किए जाने के बाद, क्षेत्र में बिजली सेवा बहाल कर दी गई।1
- कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड अंतर्गत एसएच 98 आबादपुर-बारसोई मुख्य सड़क पर सकपान ग्राम के पास सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार, अनियंत्रित और ओवरलोड ईंटों से भरा ट्रक पुल की रेलिंग से टकराकर नीचे गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और चालक तथा खलासी दोनों ही वाहन के अंदर फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए, मदद के लिए पुकारने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक जेसीबी बुलाई और उसकी मदद से ट्रक का दरवाजा तोड़कर चालक व खलासी को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक के शरीर से खून बह रहा था और उसके कई अंगों की पसलियां टूट चुकी थीं। ग्रामीणों ने आबादपुर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में भर्ती कराया। अनुमंडलीय अस्पताल बारसोई में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने ट्रक चालक को पूर्णिया रेफर कर दिया। डॉक्टर करमचंद उरांव ने बताया कि चालक की हालत अत्यंत नाजुक है, उसका दायां पैर टूट गया है और शरीर व माथे पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक की पहचान मुशर्रफ और खलासी की पहचान हुमायूं के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के हरिश्चन्द्रपुर थाना क्षेत्र स्थित मिलनगर के निवासी हैं। वे पश्चिम बंगाल निर्मित 'रेजा' ब्रांड की ईंटें आबादपुर की ओर ले जा रहे थे। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल क्षेत्र से अक्सर 'रेजा', 'हीरो' और 'शक्ति' ब्रांड की बंगाल निर्मित ईंटों से लदे ओवरलोड ट्रक बिना किसी रोक-टोक के चलते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है, साथ ही सड़क हादसों और राहगीरों के जान-जोखिम का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने अनुमंडल प्रशासन से इस अवैध परिचालन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।2