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अमेठी के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के लोढ़ियांवा गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब सुबह शौच के लिए गए एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हीरालाल द्विवेदी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से चार खोखा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक हीरालाल द्विवेदी के पौत्र जितेंद्र द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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अमेठी के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के लोढ़ियांवा गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब सुबह शौच के लिए गए एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हीरालाल द्विवेदी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से चार खोखा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक हीरालाल द्विवेदी के पौत्र जितेंद्र द्विवेदी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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- Post by विनय कुमार कनौजिया पत्रकार2
- रायबरेली जिले के विकासखंड खीरो की ग्राम सभा भीतरगांव में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का जनआक्रोश फूट पड़ा। पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने समाजसेवी संदीप के नेतृत्व में एकजुट होकर पानी की टंकी के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इलाके में लंबे समय से जलापूर्ति बाधित है, जिसके कारण उन्हें पीने के पानी के लिए भयंकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने तत्काल और नियमित रूप से जलापूर्ति बहाल करने की मांग की, यह सवाल उठाते हुए कि आखिर कब उनके गांव की प्यास बुझेगी।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक 8 वर्षीय दलित बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के आरोपी के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। यह घटना अमरोहा ब्रेकिंग न्यूज के रूप में सामने आई है और उत्तर प्रदेश की खबरों में प्रमुखता से शामिल है। यह सख्त कार्रवाई महिला अपराधों के प्रति प्रशासन की कड़े रुख को दर्शाती है, विशेषकर दलित बच्ची से हुए इस जघन्य दुष्कर्म के मामले में। इस बुलडोजर एक्शन के माध्यम से पीड़ित को न्याय दिलाने और अपराधियों में एक कड़ा संदेश देने का प्रयास किया गया है, जो राज्य में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति को उजागर करता है।1
- प्रतापगढ़ में एलायंस क्लब इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय निदेशक और समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य के नेतृत्व में भीषण गर्मी के दिनों में पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह पहल जारी है, जिसके तहत चौराहों और खुले स्थानों पर जल पात्र रखे जा रहे हैं, ताकि पशु-पक्षियों को पानी की तलाश में भटकना न पड़े। इस अभियान के अलावा, मिट्टी के घड़े, मिट्टी के जल पात्र और फाइबर से बने बड़े-बड़े पात्र जनमानस में वितरित किए जा रहे हैं, जिन्हें पेड़ों और घरों के दरवाजों पर टांगा जा सके। एलायंस क्लब का यह अभियान इस भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित है।1
- प्रतापगढ़ में एलायंस क्लब इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय निदेशक और समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य के नेतृत्व में बेजुबान पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए भीषण गर्मी के बीच एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले वर्ष की तरह इस साल भी क्लब जगह-जगह चौराहों और खुले स्थानों पर जलपात्र रख रहा है, ताकि पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। इसके अतिरिक्त, मिट्टी के घड़े, मिट्टी के जलपात्र और फाइबर से बने बड़े-बड़े पात्र, जिन्हें पेड़ों और घरों के दरवाजों पर टांगा जा सके, जनमानस में वितरित किए जा रहे हैं। आज के अभियान के तहत चिलबिला, सदर बाजार, रोडवेज बस अड्डा और अंबेडकर चौराहा जैसे विभिन्न स्थानों पर जलपात्रों का वितरण किया गया। समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने आम जनता से अपील की है कि मनुष्य संसार का सर्वश्रेष्ठ प्राणी है और उसका यह उत्तरदायित्व है कि वह समस्त प्राणियों और वनस्पतियों की रक्षा करे। उन्होंने भारतीय धर्म और संस्कृति में प्राचीन काल से चले आ रहे पशु-पक्षियों के कल्याण संबंधी विविध सेवा कार्यों का स्मरण दिलाया, जहां जीवों पर दया की भावना प्रबल थी। लोग अपने घरों के आसपास पक्षियों के लिए पानी रखते थे और गर्मी में सूखने वाले तालाबों को अन्य साधनों से भरवाते थे। क्लब उन्हीं परंपराओं से प्रेरणा लेकर जनमानस के सहयोग से यह अभियान चला रहा है, जिसका उद्देश्य मिट्टी, सीमेंट या फाइबर के जलपात्रों में पानी भरवाकर पशु-पक्षियों को इस भीषण गर्मी से राहत दिलाना है। उन्होंने सभी से इस अभियान से जुड़कर बेजुबान जीवों को कालकवलित होने से बचाने और पुण्य के भागीदार बनने का आग्रह किया। इस अभियान में सुरेश अग्रवाल, शनि महाराज, मोहम्मद अनवर, संजय कनौजिया, अमरनाथ यादव, विनय कुमार श्रीवास्तव, राजेश सिंह, अंशुमान सिंह, संतोष कुमार, छेदीलाल, देवानंद, शिवेश शुक्ला, परमानंद मिश्रा, आदर्श कुमार, विवेक यादव और विजय सहित कई अन्य लोग सक्रिय रूप से शामिल हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेतापुर गांव में रास्ते के विवाद को लेकर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल रामआसरे की ६ जून को प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मार्च महीने में विपक्षी दल द्वारा रामआसरे पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें उन्हें अत्यंत गंभीर चोटें आई थीं। तभी से उनका लगातार अस्पताल में उपचार चल रहा था। महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच लंबी जंग के बाद आखिरकार ६ जून को उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी मालती देवी और एक इकलौती बेटी को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। रामआसरे की मौत के बाद उनकी पत्नी मालती देवी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़ित पत्नी का कहना है कि पुलिस ने न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के भारी दबाव के चलते अत्यंत जल्दबाजी में मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया गया, ताकि मामले को तूल पकड़ने से रोका जा सके। इन गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा आक्रोश और चर्चाओं का बाजार गर्म है, हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना और पुलिसिया रवैये से आहत होकर, मृतक की पत्नी मालती देवी ने जिलाधिकारी (प्रतापगढ़) को ०७/०६/२०२६ को एक लिखित मांग पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से पीड़िता ने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा व भविष्य को लेकर प्रशासन के सामने ५ सूत्रीय माँगें रखी हैं, जिनमें पीड़िता व उसकी पुत्री के जीवन निर्वाह के लिए ५० लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा, परिवार के गुजारे के लिए एक बीघा भूमि आवंटन, पीड़िता और उसकी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्थाई रोजगार की व्यवस्था, पति की हत्या में शामिल सभी अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई कर उन्हें तत्काल जेल भेजना और पीड़िता व उसकी बेटी की जान-माल की सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध शामिल हैं। एक तरफ जहाँ कमाने वाले मुखिया की मौत से परिवार पूरी तरह बिखर चुका है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसिया दबाव के आरोपों ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि महीनों पहले हुए हमले के बावजूद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। अब देखना यह है कि प्रतापगढ़ जिला प्रशासन इस पीड़ित परिवार की गुहार पर क्या संज्ञान लेता है और आरोपियों के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाता है।1
- पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे "ऑपरेशन चक्रव्यूह" अभियान के तहत, जायस पुलिस ने 9 जून 2026 को बड़ी कार्रवाई की। वांछितों की तलाश, क्षेत्र की देखरेख और संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं व वाहनों की चेकिंग के दौरान, पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल छह वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पहला मामला मु0अ0सं0 79/26 धारा 109(1), 352, 351(3) बीएनएस के तहत दर्ज था, जिसमें पूरे शिवा मजरे सराय महेशा, थाना जायस, जनपद अमेठी निवासी तीन अभियुक्तों को पकड़ा गया। इनमें करीब 35 वर्षीय मो. इमरान पुत्र रफीक, करीब 26 वर्षीय मो. एहसान पुत्र रफीक और करीब 20 वर्षीय मो. जिसान पुत्र रफीक शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने 02 अदद डंडा और 01 अदद लोहे का पाइप बरामद किया। इसी क्रम में, मु0अ0सं0 80/26 धारा 109(1), 352, 351(3) बीएनएस में वांछित कार सवार तीन अन्य अभियुक्तों को भी जायस पुलिस ने गिरफ्तार किया। इन अभियुक्तों की पहचान पूरे शिवा मजरे सराय महेशा, थाना जायस, जनपद अमेठी निवासी करीब 40 वर्षीय रियाज पुत्र जाकिर, करीब 32 वर्षीय सिराज पुत्र जाकिर और करीब 22 वर्षीय अबुबकर पुत्र फारुख के रूप में हुई। तलाशी के दौरान, इनकी कार की डिग्गी से 02 अदद डंडे और 01 सरिया बरामद हुआ, जबकि वे कार के कागजात दिखाने में असमर्थ रहे। "ऑपरेशन चक्रव्यूह" अभियान के अंतर्गत की गई इस कार्रवाई में जायस पुलिस ने कुल 06 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, मारपीट में प्रयुक्त 04 डंडे, 01 लोहे की रॉड और 01 सरिया बरामद किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में जायस थाना पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।3
- प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र स्थित सेतापुर गांव में रास्ते के एक विवाद ने एक बड़ी घटना का रूप ले लिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस विवाद के दौरान हुई मारपीट में घायल हुए रामआसरे का प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि रामआसरे पर मार्च में हमला हुआ था और तब से उनका लगातार इलाज जारी था। अब उनकी मौत के बाद, परिजनों का कहना है कि मामले को दबाने और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की जा रही है। मृतक की पत्नी ने पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त है।1
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पेट दर्द का इलाज कराने लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल पहुँची एक लड़की के साथ डॉक्टर ने 'गलत काम' किया। इस घटना को लेकर डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले के संदर्भ में राज्य महिला आयोग और रेणु भाटिया का भी उल्लेख किया गया है।1