जमाअत रज़ा-ए-मुस्तफा छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और मुस्लिम समाज के सदस्यों ने प्रदेशभर में उर्स के आयोजनों के दौरान डीजे, ढोल, नाच-गाने और कथित हुड़दंग पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। इस संबंध में, समाज के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज को एक ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उर्स के अवसर पर कुछ स्थानों पर डीजे, ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समाज ने इन गतिविधियों को धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना है। इसलिए, समाज के लोगों ने ऐसे आयोजनों पर तत्काल रोक लगाने और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया है। इस मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि उर्स के दौरान डीजे और ढोल के उपयोग पर वास्तव में रोक लगेगी या नहीं।
जमाअत रज़ा-ए-मुस्तफा छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और मुस्लिम समाज के सदस्यों ने प्रदेशभर में उर्स के आयोजनों के दौरान डीजे, ढोल, नाच-गाने और कथित हुड़दंग पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है। इस संबंध में, समाज के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज को एक ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि उर्स के अवसर पर कुछ स्थानों पर डीजे, ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समाज ने इन गतिविधियों को धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना है। इसलिए, समाज के लोगों ने ऐसे आयोजनों पर तत्काल रोक लगाने और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया है। इस मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि उर्स के दौरान डीजे और ढोल के उपयोग पर वास्तव में रोक लगेगी या नहीं।
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को 500 रुपये की पेंशन दिलाने के लिए पीठ पर लादकर 5 किलोमीटर पैदल बैंक पहुंची। इस मार्मिक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी चुनौतियों और बहू के समर्पण को उजागर किया। बैंक प्रशासन ने अब बुजुर्ग महिला को घर पर पेंशन पहुंचाने का आश्वासन दिया है।1
- कोरबा जिले के तरदा गांव में अवैध वसूली के कारण अब 18 चक्का भारी वाहन घुसने लगे हैं। इन ट्रकों के गांव के भीतर प्रवेश से ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।1
- कोरबा में हुए करही गोली कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 'ऑपरेशन हिड' के तहत इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- सक्ती जिले के करही में हुए गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ‘ऑपरेशन हंट’ चलाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से पिस्टल व बाइक बरामद हुई।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर ढोकर हर महीने 9 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंचती है ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। पहले घर पर ही पेंशन मिलती थी, लेकिन अब बैंक में उपस्थिति अनिवार्य होने से यह हृदय विदारक स्थिति बनी है, जो राज्य की लचर व्यवस्था को दर्शाती है।1
- बिलासपुर पुलिस ने शराब के लिए पैसे न देने के विवाद में हुए चाकूबाजी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद इन तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।1
- कुसमुंडा खदान में एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ एक 60 टन का डंपर पलट गया। इस दुर्घटना में डंपर का ऑपरेटर घायल हो गया है। इस घटना के बाद खदान के प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- कोरबा जिले के बरपाली के कोथारी में एक बाइक और कुत्ते की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कुत्ते ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं बाइक पर सवार पूरा परिवार घायल हो गया है।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले में कैप्सूल वाहन ने ढाई साल के बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश में जुटकर मामले की जांच कर रही है।1