धरमजयगढ़ में स्कूली बच्चों की जान पर मंडराता खतरा ? भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार बनी मुसीबत ! धरमजयगढ़ में स्कूली बच्चों की जान पर मंडराता खतरा, भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से दहशत धरमजयगढ़–पत्थलगांव मुख्य मार्ग इन दिनों स्कूली बच्चों के लिए खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। सड़क मरम्मत कार्य के चलते मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है और रफ्तार भी बेलगाम बनी हुई है। ऐसे में मुख्य सड़क के ठीक किनारे स्थित पी एम श्री आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल तथा उसके पीछे संचालित शासकीय पाठशाला के छात्र-छात्राएँ और उनके अभिभावक प्रतिदिन जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर हैं। स्कूल लगने और छुट्टी के समय सैकड़ों बच्चे सड़क पार करते हैं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति अत्यंत भयावह है, क्योंकि सड़क पर न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक नियंत्रण। छात्र संगठनों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से गुहार भी लगाई थी और मांग की गई थी कि स्कूल के समय—विशेषकर प्रवेश और छुट्टी के दौरान—कुछ समय के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाए, ताकि बच्चों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। हालांकि अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाया, तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों और नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, स्पीड ब्रेकर एवं चेतावनी संकेतक लगाने तथा स्कूल समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध लागू करने की मांग की है, ताकि मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
धरमजयगढ़ में स्कूली बच्चों की जान पर मंडराता खतरा ? भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार बनी मुसीबत ! धरमजयगढ़ में स्कूली बच्चों की जान पर मंडराता खतरा, भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से दहशत धरमजयगढ़–पत्थलगांव मुख्य मार्ग इन दिनों स्कूली बच्चों के लिए खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। सड़क मरम्मत कार्य के चलते मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है और रफ्तार भी बेलगाम बनी हुई है। ऐसे में मुख्य सड़क के ठीक किनारे स्थित पी एम श्री आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल तथा उसके पीछे संचालित शासकीय पाठशाला के छात्र-छात्राएँ और उनके अभिभावक प्रतिदिन जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर हैं। स्कूल लगने और छुट्टी के समय सैकड़ों बच्चे सड़क पार करते हैं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति अत्यंत भयावह है, क्योंकि सड़क पर न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक नियंत्रण। छात्र संगठनों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से गुहार भी लगाई थी और मांग की गई थी कि स्कूल के समय—विशेषकर प्रवेश और छुट्टी के दौरान—कुछ समय के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाए, ताकि बच्चों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। हालांकि अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाया, तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों और नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, स्पीड ब्रेकर एवं चेतावनी संकेतक लगाने तथा स्कूल समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध लागू करने की मांग की है, ताकि मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
- धरमजयगढ़ में स्कूली बच्चों की जान पर मंडराता खतरा, भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से दहशत धरमजयगढ़–पत्थलगांव मुख्य मार्ग इन दिनों स्कूली बच्चों के लिए खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। सड़क मरम्मत कार्य के चलते मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है और रफ्तार भी बेलगाम बनी हुई है। ऐसे में मुख्य सड़क के ठीक किनारे स्थित पी एम श्री आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल तथा उसके पीछे संचालित शासकीय पाठशाला के छात्र-छात्राएँ और उनके अभिभावक प्रतिदिन जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर हैं। स्कूल लगने और छुट्टी के समय सैकड़ों बच्चे सड़क पार करते हैं। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं, जिससे हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति अत्यंत भयावह है, क्योंकि सड़क पर न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही ट्रैफिक नियंत्रण। छात्र संगठनों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन से गुहार भी लगाई थी और मांग की गई थी कि स्कूल के समय—विशेषकर प्रवेश और छुट्टी के दौरान—कुछ समय के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई जाए, ताकि बच्चों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। हालांकि अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाया, तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों और नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने, स्पीड ब्रेकर एवं चेतावनी संकेतक लगाने तथा स्कूल समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध लागू करने की मांग की है, ताकि मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।1
- Post by Dhananajy jangde1
- Post by Sunil Gupta1
- कोरबा कुसमुंडा मार्ग में पसरे अंधेरे ने आज फिर एक जान ले ली, मिली जानकारी के अनुसार कोरबा कुसमुंडा मार्ग अंतर्गत ग्राम खम्हारिया मोड से कुछ ही दूरी पर कोरबा की ओर से आ रही तेज रफ्तार ट्रेलर क्रमांक CG 12 BB 8170 ने अपनी साइड ने चल रहे स्प्लेंडर बाइक ( CG 12 AR 5587) सवार को चपेट में लिया,व्यक्ति की सिर में चोट की वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इधर ट्रेलर चालक घटना के बाद ट्रेलर को छोड़कर मौके भागने लगा,जिसे स्थानीय राहगीरों ने पकड़ लिया और उसकी जमकर खिदमत की। वहीं जीवित होने हैं कि आस में पीड़ित को नजदीक के विकास नगर विभागीय अस्पताल पहुंचाया गया,परंतु डॉक्टर ने जांच उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान SECL कुसमुंडा से रिटायर्ड कर्मी अरुण कुमार के रूप में हुई,जो कि विकास नगर एम - 559 में रहते थे। इधर घटना की सूचना पर कुसमुंडा थाना प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पांडेय दल बल सहित मौके पर पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करते हुए,आरोपी चालक और दुर्घटनाकारित वाहन को थाने लाया गया। घटना की सूचना परिजनों को दी गई है। इस दुखद हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं हादसे को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरबा कुसमुंडा मार्गो पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने की वजह से शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है,जिस वजह आए दिन हादसे हो रहे हैं। बीते लगभग 5 वर्षों से यहां फोर लेन निर्माण की वजह से स्ट्रीट लाइट नहीं लगाया गया है। फोर लेन निर्माण की धीमी गति ने क्षेत्र के कई लोगों की जान ले ली है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।1
- Post by Arvind tirkey1
- 525 नग गुम मोबाइल असल मालिकों को किये गए वापस डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही। अभियान के दौरान कुल 525 नग मोबाइल कुल कीमती मशरुका लगभग 01 करोड़ रुपए हुआ बरामद। राजमोहनी भवन मे आयोजित कार्यक्रम मे डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा संबंधितो को किया गया वितरित। कार्यक्रम के दौरान नए आपराधिक क़ानून की प्रदर्शनी कर आमनागरिकों को नए क़ानून की अवधारणा से कराया गया अवगत। भविष्य मे भी सरगुजा पुलिस द्वारा ऐसा अभियान चलाकर गुमे हुए मोबाइल असल मालिकों कों किये जाएंगे सुपुर्द। जिले के विभिन्न थाना/चौकी में लगातार गुम मोबाइल फोन से संबंधित आवेदन प्राप्त हो रहे थे। इन आवेदनों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम द्वारा नागरिको के गुमे हुए मोबाइल फ़ोन कों खोजकर असल मालिकों कों पुनः वापस पहुचाये जाने हेतु विशेष अभियान की शुरुवात की गई थी, इसी क्रम मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व मे साइबर सेल एवं जिले के समस्त थाना/चौकी पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस तकनीक की मदद से पिछले 05 महीने मे कुल 525 गुम मोबाइल फोन कुल कीमती लगभग 01 करोड़ रुपये का मशरुका वापस बरामद किया गया और मोबाइल धारको को सौपा गया, इससे पूर्व सरगुजा पुलिस द्वारा अगस्त 2025 मे 60 नग गुमे हुए मोबाइल वापस को बरामद कर मोबाइल धारको को वापस सौपा गया था, मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे, अधिकतर मोबाइल फोन भीड़भाड़ वाले इलाकों में खो गए थे, जो बाद में ट्रैक कर वापस मांगवाकर पुनः मोबाइल मालिकों कों प्रदान किये गए। मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरे पर खुशी और पुलिस के प्रति विश्वास साफ झलकता नजर आया। पुलिस टीम की तकनीकी दक्षता, समन्वय और सतत प्रयासों की आमजनो द्वारा प्रशंसा की गई। इस दौरान डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि थोड़ी से असजगता, लापरवाही एवं भूल से मोबाइल गुम हो जाता है, मोबाइल आज़ के समय मे व्यक्ति की सबसे उपयोगी वस्तु है, नागरिकों द्वारा अपने मोबाइल गुमने की रिपोर्ट की जाती है, जिसे पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मोबाइल को ट्रेस कर मोबाइल धारक को पुनः वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाती है, अधिकतर मामलो मे पुलिस को सफलता प्राप्त होती है, जिससे नागरिकों मे संतुष्टि का भाव दिखता है, नागरिकों मे संतुष्टि देखकर पुलिस विभाग भी आत्मसंतुष्ट होता है, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने नागरिकों को भीड़ भाड़ वाले इलाकों मे सब्जी बाजारो मे शर्ट के सामने पॉकेट मे मोबाइल रखने पर एहतियात बरतने की जानकारी दी। साथ ही वापस मोबाइल पाने वाले धारको को शुभकामनायें प्रदान की गई। आवेदको ने थाना चौकी सहित ऑनलाइन पोर्टल https://www.ceir.gov.e पर अपने मोबाइल फोन खोने की शिकायत दर्ज कराई थी. इनमें से अधिकतर मामले बाजारों, सब्जी मंडियों, चौक चौराहे, यात्रा के दौरान और मंदिरो के आस पास से सामने आए थे, पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए इन मोबाइल फोनों को ट्रैक किया और फिर उनके मालिकों को सौंप दिया गया। सरगुजा पुलिस की अपील सावधानी बरतें सरगुजा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल फोन का विशेष ध्यान रखें और अगर फोन गुम हो जाए तो पुलिस को सूचित कर, रिपोर्ट दर्ज करवाये, इसके पश्चात भारत सरकार के CEIR पोर्टल (https://www.ceir.gov.in) पर लॉगिन कर गुम मोबाइल की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दर्ज करें। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता का चलाया गया अभियान इस अवसर पर सरगुजा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता अभियान भी चलाया गया। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने उपस्थित नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया और विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की अपील की गई। नागरिकों को बताया गया कि यातायात नियमों का पालन न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि यह जीवन सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी सरगुजा पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी कर नागरिकों को नए क़ानून की अवधारणा से अवगत कराया गया, 1 जुलाई 2024 से प्रभावी भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) पर केंद्रित प्रदर्शनी, औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर आधुनिक, तकनीकी-आधारित और न्याय-उन्मुख कानूनी ढांचे को दर्शाया गया, नए कानूनों मे फोरेंसिक जांच, ई-एफआईआर, महिलाओं/बच्चों के खिलाफ अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की जानकारी प्रदान की गई, उक्त नए क़ानून का उद्देश्य 'दंड से न्याय' की ओर जाना बताया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.), थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, थाना प्रभारी मणीपुर उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी, उप निरीक्षक अभय तिवारी, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, आरक्षक अनुज जायसवाल, अमनपुरी, अशोक यादव, अमित विश्वकर्मा, रमेश राजवाड़े, सत्येंद्र दुबे, रामशंकर यादव, सुशील मिंज सक्रिय रहे।1
- अपने गृहग्राम पोंगरो में रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने ऐसा संदेश दिया जिसने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा — “शिवरात्रि, चालीसा और पवित्र रमजान का संगम होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हम भाग्यशाली हैं कि सभी धर्मों के लोग यहां प्रेम और सौहार्द के साथ मिलकर रहते हैं। हमारा क्षेत्र अन्य जगहों के लिए प्रेरणास्रोत है।” धर्म और भाईचारे का यह संदेश पोंगरो की पहचान बन गया। Jashpur Times – सच सब तक #पोंगरो #सालिकसाय #धार्मिकसौहार्द #जशपुर #क्रिकेटप्रतियोगिता #JashpurTimes1
- पैसे की लेनदेन की बात को लेकर बोलेरो वाहन से अपहरण कर मारपीट करने वाले 05 आरोपी चढे पुलिस के हत्थे।1