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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खाना खाने के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत खराब हो गई. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 8 साल की दीपांशी और 6 साल के प्रिंस की मौत हो गई. वहीं, बच्चों की मां 35 वर्षीय रूबी का इलाज अभी भी चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा के मोहल्ला शांति नगर निवासी रूबी और उनके बच्चों ने रात में नारियल पानी, पास्ता, ब्रेड और पपीता खाने के बाद दूध पिया था. इसके बाद तीनों सो गए, लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. सोमवार को इलाज के दौरान पहले दीपांशी और फिर प्रिंस की मौत हो गई. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जाँच में अचानक तबीयत खराब होने का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, और परिजनों ने भी किसी जहरीले पदार्थ के सेवन, जहरीले भोजन या किसी साजिश की आशंका नहीं जताई है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से छानबीन कर रही है.

18 hrs ago
user_Sapna vyas
Sapna vyas
Viral news Jaunpur, Uttar Pradesh•
18 hrs ago

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खाना खाने के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत खराब हो गई. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 8 साल की दीपांशी और 6 साल के प्रिंस की मौत हो गई. वहीं, बच्चों की मां 35 वर्षीय रूबी का इलाज अभी भी चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा के मोहल्ला शांति नगर निवासी रूबी और उनके बच्चों ने रात में नारियल पानी, पास्ता, ब्रेड और पपीता खाने के बाद दूध पिया था. इसके बाद तीनों सो गए, लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. सोमवार को इलाज के दौरान पहले दीपांशी और फिर प्रिंस की मौत हो गई. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जाँच में अचानक तबीयत खराब होने का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, और परिजनों ने भी किसी जहरीले पदार्थ के सेवन, जहरीले भोजन या किसी साजिश की आशंका नहीं जताई है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से छानबीन कर रही है.

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  • उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खाना खाने के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत खराब हो गई. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 8 साल की दीपांशी और 6 साल के प्रिंस की मौत हो गई. वहीं, बच्चों की मां 35 वर्षीय रूबी का इलाज अभी भी चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा के मोहल्ला शांति नगर निवासी रूबी और उनके बच्चों ने रात में नारियल पानी, पास्ता, ब्रेड और पपीता खाने के बाद दूध पिया था. इसके बाद तीनों सो गए, लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. सोमवार को इलाज के दौरान पहले दीपांशी और फिर प्रिंस की मौत हो गई. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जाँच में अचानक तबीयत खराब होने का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, और परिजनों ने भी किसी जहरीले पदार्थ के सेवन, जहरीले भोजन या किसी साजिश की आशंका नहीं जताई है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से छानबीन कर रही है.
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    उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खाना खाने के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत खराब हो गई. उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 8 साल की दीपांशी और 6 साल के प्रिंस की मौत हो गई. वहीं, बच्चों की मां 35 वर्षीय रूबी का इलाज अभी भी चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा के मोहल्ला शांति नगर निवासी रूबी और उनके बच्चों ने रात में नारियल पानी, पास्ता, ब्रेड और पपीता खाने के बाद दूध पिया था. इसके बाद तीनों सो गए, लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. सोमवार को इलाज के दौरान पहले दीपांशी और फिर प्रिंस की मौत हो गई. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जाँच में अचानक तबीयत खराब होने का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, और परिजनों ने भी किसी जहरीले पदार्थ के सेवन, जहरीले भोजन या किसी साजिश की आशंका नहीं जताई है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से छानबीन कर रही है.
    user_Sapna vyas
    Sapna vyas
    Viral news Jaunpur, Uttar Pradesh•
    18 hrs ago
  • इतिहास और धर्मग्रंथों में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं जो दर्शाते हैं कि घमंड हमेशा पतन की ओर ले जाता है, जबकि इंसानियत महानता की राह खोलती है। रावण, जो अत्यंत विद्वान और शक्तिशाली था, अपने अहंकार के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। इसके विपरीत, भगवान श्रीराम ने विनम्रता, करुणा और मानवता का मार्ग अपनाकर समाज के लिए एक आदर्श स्थापित किया। 'इंसानियत' का अर्थ केवल दूसरों की सहायता करना ही नहीं है, बल्कि सभी के प्रति सम्मान, प्रेम और सहानुभूति रखना भी है। जो व्यक्ति अपने जीवन में इंसानियत को आधार बनाता है, उसे समाज में सम्मान और विश्वास प्राप्त होता है। वहीं, घमंडी व्यक्ति कुछ समय के लिए भले ही प्रभावशाली लगे, लेकिन वह लोगों के दिलों में कभी जगह नहीं बना पाता। धन, पद और प्रतिष्ठा क्षणिक होते हैं, जबकि अच्छे कर्म और मानवता अमर रहती है। इसलिए, जीवन में सफलता मिलने पर भी सदैव विनम्र बने रहना चाहिए। इंसानियत का मार्ग अपनाकर ही एक बेहतर समाज और सुंदर राष्ट्र का निर्माण संभव है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय के संदेश के अनुसार, "घमंड व्यक्ति को ऊँचा दिखा सकता है, लेकिन इंसानियत ही उसे महान बनाती है।" घमंड को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है, क्योंकि यह व्यक्ति की सोच को संकुचित कर देता है, जबकि इंसानियत उसे दूसरों के दुःख-दर्द को समझने और उनकी सहायता करने के लिए प्रेरित करती है।
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    इतिहास और धर्मग्रंथों में ऐसे अनेक उदाहरण मिलते हैं जो दर्शाते हैं कि घमंड हमेशा पतन की ओर ले जाता है, जबकि इंसानियत महानता की राह खोलती है। रावण, जो अत्यंत विद्वान और शक्तिशाली था, अपने अहंकार के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। इसके विपरीत, भगवान श्रीराम ने विनम्रता, करुणा और मानवता का मार्ग अपनाकर समाज के लिए एक आदर्श स्थापित किया।

'इंसानियत' का अर्थ केवल दूसरों की सहायता करना ही नहीं है, बल्कि सभी के प्रति सम्मान, प्रेम और सहानुभूति रखना भी है। जो व्यक्ति अपने जीवन में इंसानियत को आधार बनाता है, उसे समाज में सम्मान और विश्वास प्राप्त होता है। वहीं, घमंडी व्यक्ति कुछ समय के लिए भले ही प्रभावशाली लगे, लेकिन वह लोगों के दिलों में कभी जगह नहीं बना पाता। धन, पद और प्रतिष्ठा क्षणिक होते हैं, जबकि अच्छे कर्म और मानवता अमर रहती है।

इसलिए, जीवन में सफलता मिलने पर भी सदैव विनम्र बने रहना चाहिए। इंसानियत का मार्ग अपनाकर ही एक बेहतर समाज और सुंदर राष्ट्र का निर्माण संभव है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय के संदेश के अनुसार, "घमंड व्यक्ति को ऊँचा दिखा सकता है, लेकिन इंसानियत ही उसे महान बनाती है।" घमंड को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है, क्योंकि यह व्यक्ति की सोच को संकुचित कर देता है, जबकि इंसानियत उसे दूसरों के दुःख-दर्द को समझने और उनकी सहायता करने के लिए प्रेरित करती है।
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    3 hrs ago
  • जौनपुर जिले में हवा के साथ हुई बूंदा बादी के कारण लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिली है। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
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    जौनपुर जिले में हवा के साथ हुई बूंदा बादी के कारण लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिली है। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में एक बेहद अनोखी शादी का मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। इस अजब-गजब घटना में दामाद ने अपनी सास से ही शादी कर ली, जिसके बाद दामाद दूल्हा और सास दुल्हन बन गई। यह सब देखकर दामाद की पत्नी, जो कि सास की बेटी भी है, पूरी तरह से हैरान रह गई।
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    उत्तर प्रदेश में एक बेहद अनोखी शादी का मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। इस अजब-गजब घटना में दामाद ने अपनी सास से ही शादी कर ली, जिसके बाद दामाद दूल्हा और सास दुल्हन बन गई। यह सब देखकर दामाद की पत्नी, जो कि सास की बेटी भी है, पूरी तरह से हैरान रह गई।
    user_जौनपुर ,  संवाददाता
    जौनपुर , संवाददाता
    Cybersecurity Analyst बदलापुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश जी को सर्वप्रथम पूजनीय देवता माना गया है, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, सिद्धिविनायक और मंगलमूर्ति के नाम से जाना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, विवाह, गृह प्रवेश या नए कार्य के आरंभ से पहले भगवान गणपति का स्मरण और पूजन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें देवताओं में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। उनका विशाल मस्तक ज्ञान का प्रतीक है, बड़े कान दूसरों की बातें सुनने की प्रेरणा देते हैं, और उनका वाहन मूषक यह संदेश देता है कि मनुष्य को अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना चाहिए। भगवान गणपति केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक समरसता, एकता और सद्भाव के भी प्रतीक हैं। गणेश उत्सव के अवसर पर, समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे भाईचारा और सामाजिक एकजुटता को बल मिलता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव को जनजागरण और राष्ट्रीय एकता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनाया था। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि भगवान गणपति हमें सद्बुद्धि, विवेक, सत्य के मार्ग पर चलने तथा मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण, समरस और मानवता आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। अंततः, सभी भगवान श्री गणपति बप्पा से प्रार्थना करते हैं कि वे जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करें, सुख-समृद्धि प्रदान करें तथा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
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    सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश जी को सर्वप्रथम पूजनीय देवता माना गया है, जिन्हें विघ्नहर्ता, बुद्धिदाता, सिद्धिविनायक और मंगलमूर्ति के नाम से जाना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, विवाह, गृह प्रवेश या नए कार्य के आरंभ से पहले भगवान गणपति का स्मरण और पूजन किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं। उनकी बुद्धिमत्ता, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें देवताओं में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। उनका विशाल मस्तक ज्ञान का प्रतीक है, बड़े कान दूसरों की बातें सुनने की प्रेरणा देते हैं, और उनका वाहन मूषक यह संदेश देता है कि मनुष्य को अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना चाहिए।

भगवान गणपति केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक समरसता, एकता और सद्भाव के भी प्रतीक हैं। गणेश उत्सव के अवसर पर, समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे भाईचारा और सामाजिक एकजुटता को बल मिलता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव को जनजागरण और राष्ट्रीय एकता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनाया था।

मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि भगवान गणपति हमें सद्बुद्धि, विवेक, सत्य के मार्ग पर चलने तथा मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर एक न्यायपूर्ण, समरस और मानवता आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। अंततः, सभी भगवान श्री गणपति बप्पा से प्रार्थना करते हैं कि वे जीवन से विघ्न-बाधाओं को दूर करें, सुख-समृद्धि प्रदान करें तथा मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
    user_सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    सूर्य प्रकाश पाण्डेय
    Voice of people Mariahu, Jaunpur•
    3 hrs ago
  • जौनपुर के हरिहरपुर में स्थित आनवी फ्लोर डीजे की बुकिंग के इच्छुक व्यक्ति सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह डीजे सेवा हरिहरपुर, रामपुर, जौनपुर पते पर उपलब्ध है, और बुकिंग के लिए यहीं संपर्क किया जा सकता है।
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    जौनपुर के हरिहरपुर में स्थित आनवी फ्लोर डीजे की बुकिंग के इच्छुक व्यक्ति सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह डीजे सेवा हरिहरपुर, रामपुर, जौनपुर पते पर उपलब्ध है, और बुकिंग के लिए यहीं संपर्क किया जा सकता है।
    user_Ashish Chauhan
    Ashish Chauhan
    जौनपुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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