कौशांबी जिले के नेवादा विकासखंड क्षेत्र में कटैया ग्राम सभा से मल्हीपुर गांव तक जाने वाली करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह मार्ग जगह-जगह गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की खराब हालत वर्षों से ऐसी ही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आता है। सड़क पर भारी मात्रा में कीचड़ और गंदगी जमा रहने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, और बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बीमार पड़ने या आपात स्थिति में किसी को अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीण असलम, फैजान, लल्लू गुप्ता और सलमान ने बताया कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र से चौबीसों घंटे ओवरलोड बालू लदे वाहन गुजरते हैं, जिनसे सड़क पर पानी और कीचड़ फैलता है, और मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार प्रदर्शन और चक्का जाम भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क का निर्माण कराने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने और क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी।
कौशांबी जिले के नेवादा विकासखंड क्षेत्र में कटैया ग्राम सभा से मल्हीपुर गांव तक जाने वाली करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह मार्ग जगह-जगह गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की खराब हालत वर्षों से ऐसी ही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आता है। सड़क पर भारी मात्रा में कीचड़ और गंदगी जमा रहने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, और बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बीमार पड़ने या आपात स्थिति में किसी को अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीण असलम, फैजान, लल्लू गुप्ता और सलमान ने बताया कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र से चौबीसों घंटे ओवरलोड बालू लदे वाहन गुजरते हैं, जिनसे सड़क पर पानी और कीचड़ फैलता है, और मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार प्रदर्शन और चक्का जाम भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क का निर्माण कराने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने और क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी।
- थाना कोखराज पुलिस ने 15 हजार रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी सिराथू द्वारा एक वीडियो बाइट जारी कर जानकारी दी गई है।1
- कौशाम्बी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र अंतर्गत पाण्डेय मऊ में सोमनाथ पाल की 29 वर्षीय पत्नी सोनिया पाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही कोखराज थाना क्षेत्र की पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।1
- कौशांबी के करारी कोतवाली क्षेत्र स्थित रिजवी डिग्री कॉलेज के पास एक डंपर ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में तुरतीपुर निवासी छोटका (25 वर्ष), जो वाहिद अली उर्फ साहेब का पुत्र है, डंपर के पिछले हिस्से में फंस गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए डंपर को रुकवाकर युवक की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, टक्कर मारने के बाद डंपर का चालक मौके से फरार हो गया। घायल युवक को लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले में 10 जून 2026 को बिजली चोरी का मामला दर्ज करना एक जूनियर इंजीनियर (JE) को महंगा पड़ गया। पीड़ितों द्वारा विद्युत विभाग के JE कैलाश बेलदार की विभागीय कार्यालय में घुसकर एक महिला और उसके साथियों ने चप्पलों से पिटाई कर दी। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- प्रयागराज जिले के मेजा में हुई एक घटना के संबंध में पुलिस ने अपना बयान जारी किया है। यह बयान उक्त घटना को लेकर पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी है।1
- कौशाम्बी जिले के सैनी थाने में तैनात हेड कांस्टेबल निरंजन कुशवाहा की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा तब हुआ जब बाथरूम के दरवाजे में करंट उतर आया और वह उसकी चपेट में आ गए। परिजनों द्वारा लगातार फोन किए जाने के बावजूद जब निरंजन कुशवाहा की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने सैनी थाने को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर खोला तो निरंजन कुशवाहा मृत अवस्था में मिले। उन्हें तुरंत सिराथू CHC ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हेड कांस्टेबल निरंजन कुशवाहा मूल रूप से गाजीपुर के निवासी थे।1
- कौशांबी जिले के नेवादा विकासखंड क्षेत्र में कटैया ग्राम सभा से मल्हीपुर गांव तक जाने वाली करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह मार्ग जगह-जगह गड्ढों, कीचड़ और जलभराव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की खराब हालत वर्षों से ऐसी ही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आता है। सड़क पर भारी मात्रा में कीचड़ और गंदगी जमा रहने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है, और बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बीमार पड़ने या आपात स्थिति में किसी को अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीण असलम, फैजान, लल्लू गुप्ता और सलमान ने बताया कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र से चौबीसों घंटे ओवरलोड बालू लदे वाहन गुजरते हैं, जिनसे सड़क पर पानी और कीचड़ फैलता है, और मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार प्रदर्शन और चक्का जाम भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द सड़क का निर्माण कराने, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करने और क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी।1