बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा। कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा। कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
- राजधानी लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र में मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक निजी अस्पताल की 26 वर्षीय नर्स साधना की जान चली गई। अपनी ड्यूटी पूरी कर पैदल घर लौट रही साधना दुबग्गा स्थित जॉगर्स चौराहे के पास सड़क पार कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार मौरंग लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर उन पर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में साधना मौरंग के ढेर और ट्रैक्टर की चपेट में बुरी तरह दब गईं, जिससे उन्हें सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई। हादसे का शोर सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने तुरंत साधना को मौरंग के नीचे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर दुबग्गा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुटी है। इस दुखद घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में इस तरह के तेज रफ्तार वाहनों के बेखौफ आवागमन को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- अयोध्या के गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र 276 में समाजवादी पार्टी ने जन समस्याओं को लेकर एक विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने अयोध्या सदर तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जनता से जुड़ी प्रमुख माँगें रखी गईं। समाजवादी पार्टी की मुख्य माँगें अघोषित बिजली कटौती पर रोक, नीट पेपर लीक की समस्या, ईंधन (डीजल-पेट्रोल) की बढ़ती कीमतें और महंगाई, यूरिया खाद की कमी, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग व रिंग रोड निर्माण से संबंधित मुद्दे, सड़क निर्माण के बाद जल भराव व गड्ढों की समस्याएँ, पेयजल संकट, खराब पाइपलाइन, जल आपूर्ति और पानी टंकी से जुड़ी समस्याएँ तथा आरक्षण घोटाला थीं। इस कार्यक्रम में गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र 276 के अंतर्गत ब्लॉक प्रमुख, ग्राम पंचायत स्तर के समस्त पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंबेडकर नगर के सांसद माननीय लालजी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे, जबकि पूर्व विधायक दादा जयशंकर पांडेय विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पारसनाथ यादव ने की, और गोसाईगंज विधानसभा 276 के प्रभारी लौटन राम निषाद तथा पूर्व प्रत्याशी रामसागर वर्मा सहित समाजवादी पार्टी के सम्मानित कार्यकर्ता हजारों की संख्या में इस विशाल धरने में शामिल हुए। पार्टी ने यह धरना प्रदर्शन मिशन 2027 को लेकर अपनी आगे की तैयारी के तहत किया।4
- राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और उसमें कथित चोरी के मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जिससे अयोध्या में सियासी पारा चढ़ गया है। इस पूरे मामले पर चंपत राय ने अपनी सफाई पेश की है। वहीं, अखिलेश ने अयोध्या में चल रहे 'सियासी कलेश' पर अपनी बात रखी है। 'आखिरकार राम मंदिर में चोरी का सच क्या है?' इस प्रश्न को लेकर भी बहस तेज़ है, जिस पर दिवाकराचार्य महाराज ने एक बड़ा बयान दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में न्याय न मिलने से परेशान एक रेप पीड़िता ने अपने तीन साल के मासूम बच्चे को साड़ी के सहारे पीठ पर बांधकर मोबाइल टावर पर चढ़कर जमकर हंगामा किया। यह घटना थाना नगर कोतवाली अंतर्गत रघुकुल विद्यापीठ परिसर के पास घटी, जहाँ महिला लगभग 80 से 100 फीट की ऊंचाई तक चढ़ गई। यह पूरा घटनाक्रम लगभग छह घंटे तक चला। पुलिस और प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद पीड़िता को न्याय दिलाने का ठोस आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ही महिला अपने बच्चे सहित सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतरी। पीड़िता ने अपनी इस कार्रवाई का मुख्य कारण न्याय न मिलना बताया।1
- अयोध्या के नाका स्थित नीलकंठ लॉन में आयोजित 'फनलेट प्रदर्शनी एवं जल परी मेला' अयोध्यावासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस भव्य मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि मनोज जायसवाल ने फीता काटकर किया, जिन्होंने भीषण गर्मी की छुट्टियों में अयोध्या की जनता से परिवार सहित बड़ी संख्या में आकर इस प्रदर्शनी का भरपूर आनंद लेने की अपील की। जायसवाल ने बताया कि इस बार मेले में कुछ ऐसा नया और अद्भुत है जो लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कमलेश चंद्र पांडेय ने जानकारी दी कि इस सफल आयोजन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत महिला सुरक्षा के लिए विशेष महिला बॉडीगार्ड्स की उचित व्यवस्था की गई है। साथ ही, मेले में नए प्रकार के झूले और 'जलपरी' मुख्य आकर्षण का बिंदु बने हुए हैं। वीरेंद्र यादव ने मेले की विशेषताओं पर जोर देते हुए कहा कि यहाँ हर वर्ग के लिए विशेष प्रबंध हैं और आयोजन में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है; यहाँ आने पर आपको अच्छी चीजें देखने को मिलेंगी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बेहद कम दामों पर खरीदी जा सकती हैं। आशीष साहू ने इस प्रदर्शनी को क्षेत्रवासियों के लिए उत्साह और उमंग का एक अनूठा केंद्र बताया। इस गरिमामय समारोह में इंद्रप्रीत सिंह बेदी सहित क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित महिलाएं उपस्थित थीं, जिनमें श्रीमती रत्ना जायसवाल, सुनीता श्रीवास्तव, प्रतिमा मिश्रा, नीतू वर्मा, संगीता आहूजा, सुमिना मिश्रा और काजल पाठक प्रमुख रूप से शामिल थीं। अपनी शानदार व्यवस्था और आकर्षण के चलते यह मेला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।4
- अयोध्या के जिला चिकित्सालय में एक छठे भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसके तहत जनपद वासियों को रूहअफजा और अन्य शरबत वितरित कर एक नेक कार्य संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक रविकांत आर्य थे, जिनके साथ कार्यकर्ता राकेश तिवारी, रवि मौर्य, अमित कुमार, गिरीश गौड़ और सोनू चौधरी ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर लगभग 1500 लोगों को शरबत, टिहरी और मैंगो शेक परोसा। इस आयोजन के दौरान पूजा-अर्चना भी की गई।4
- Post by Sandeep Srivastava Press3
- अयोध्या के जिला चिकित्सालय में छठे भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ जनपद वासियों के लिए एक नेक कार्य करते हुए रूहअफजा का वितरण किया गया। इस दौरान लगभग 1500 लोगों को शरबत, टिहरी और मैंगो शेक पिलाया गया। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन रविकांत आर्य ने किया। इसमें राकेश तिवारी, रवि मौर्य, अमित कुमार, गिरीश गॉड और सोनू चौधरी जैसे कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।3
- लखनऊ में डीसीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। पाठक ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद भी सपा और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कभी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत नहीं किया। डीसीएम ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि अखिलेश यादव अब झूठ की अफवाहें फैलाकर एक झूठा नैरेटिव गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया में सनातन संस्कृति का वाहक राष्ट्र है, और अखिलेश यादव को अपनी सोच सनातन संस्कृति के खिलाफ नहीं करनी चाहिए, अन्यथा उन्हें आने वाले समय में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।1