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अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई, जिसमें सुरक्षा कर्मियों ने जूते, मोजे, कान और अन्य संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की। निर्धारित नियमों के अनुरूप ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश दिए।

20 hrs ago
user_रबि जर्नलिस्ट
रबि जर्नलिस्ट
अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई, जिसमें सुरक्षा कर्मियों ने जूते, मोजे, कान और अन्य संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की। निर्धारित नियमों के अनुरूप ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश दिए।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत बौराजगदीशपुर के सिद्ध पीठ आश्रम में तीन दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। यह धार्मिक आयोजन 9 जून से प्रारंभ होकर 11 जून तक चलेगा, जिसमें क्षेत्र भर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में 12 जून को एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। कथा के प्रथम दिवस पर कथावाचक आचार्य पंडित अमरनाथ शास्त्री ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, मर्यादा और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। दूसरी ओर, अवध क्षेत्र के हैदरगढ़ से पधारीं सुप्रसिद्ध कथावाचक बहन मानस मंजरी पांडेय ने अपनी मधुर वाणी से श्रीराम कथा का अमृतमय रसपान कराते हुए श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा। आश्रम के पूज्य संत बाबा दयाराम दास जी महाराज ने बताया कि भगवान की असीम कृपा से 12 जून को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे में लगभग दो हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से कथा एवं भंडारे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की। इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह और उल्लास का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में भाईचारा, सद्भाव और धार्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
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    सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत बौराजगदीशपुर के सिद्ध पीठ आश्रम में तीन दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। यह धार्मिक आयोजन 9 जून से प्रारंभ होकर 11 जून तक चलेगा, जिसमें क्षेत्र भर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में 12 जून को एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।

कथा के प्रथम दिवस पर कथावाचक आचार्य पंडित अमरनाथ शास्त्री ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, मर्यादा और मानव कल्याण से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। दूसरी ओर, अवध क्षेत्र के हैदरगढ़ से पधारीं सुप्रसिद्ध कथावाचक बहन मानस मंजरी पांडेय ने अपनी मधुर वाणी से श्रीराम कथा का अमृतमय रसपान कराते हुए श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

आश्रम के पूज्य संत बाबा दयाराम दास जी महाराज ने बताया कि भगवान की असीम कृपा से 12 जून को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे में लगभग दो हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से कथा एवं भंडारे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह और उल्लास का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में भाईचारा, सद्भाव और धार्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पिछले हफ्ते एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने नए लुक को लेकर सुर्खियों में रहे। आमतौर पर लाल टोपी और कुर्ता-पायजामा में दिखने वाले अखिलेश यादव इस बार कैजुअल लिबास में नज़र आए, जो उनके बदले अंदाज़ को दर्शाता है। उनके इस नए रूप का वीडियो सामने आते ही यह सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया है। उनके समर्थक इस बदलाव को 'नई सियासत, नया अंदाज़' बता रहे हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लाल टोपी से हटकर एक नए अंदाज़ में दिखे हैं।
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    पिछले हफ्ते एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने नए लुक को लेकर सुर्खियों में रहे। आमतौर पर लाल टोपी और कुर्ता-पायजामा में दिखने वाले अखिलेश यादव इस बार कैजुअल लिबास में नज़र आए, जो उनके बदले अंदाज़ को दर्शाता है। उनके इस नए रूप का वीडियो सामने आते ही यह सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया है। उनके समर्थक इस बदलाव को 'नई सियासत, नया अंदाज़' बता रहे हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लाल टोपी से हटकर एक नए अंदाज़ में दिखे हैं।
    user_ABHISHEK SINGH
    ABHISHEK SINGH
    Teacher जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • शिवगढ़ बाजार से लम्भुआ, शिम्भुगंज और प्रतापगढ़ के लिए जाने वाला रास्ता अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है, जो उसकी जीर्ण-शीर्ण हालत को दर्शाता है।
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    शिवगढ़ बाजार से लम्भुआ, शिम्भुगंज और प्रतापगढ़ के लिए जाने वाला रास्ता अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है, जो उसकी जीर्ण-शीर्ण हालत को दर्शाता है।
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा। कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
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    बस्ती के महुआ डाबर में, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित तीन दिवसीय "महुआ डाबर महोत्सव-2026" के दूसरे दिन ऐतिहासिक क्रांति स्थल पर भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महुआ डाबर संग्रहालय द्वारा आयोजित इस महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कई प्रेरणादायी आयोजन हुए।

कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा निर्मित आधे घंटे की ऐतिहासिक ऑडियो डॉक्यूमेंट्री 'महुआ डाबर: निशां अभी बाक़ी हैं' का श्रवण कराया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। इस डॉक्यूमेंट्री में 'गैर-चिरागी' महुआ डाबर के आम लोगों के अनुभवों के साथ ही, महुआ डाबर का उत्खनन करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार, महुआ डाबर संग्रहालय के निदेशक डॉ. शाह आलम राना, और उत्तर प्रदेश पर्यटन की पूर्व विशेष सचिव ईशा प्रिया के विचार शामिल हैं। इसकी स्क्रिप्ट एवं प्रस्तुति नवोदिता मिश्रा ने की है, वाचन स्वर रितु राजपूत और नाट्यांश स्वर मनोज मयंकर का है, जबकि गीत के रचयिता कर्नल तिलकराज और गायक डॉ. ग़ज़ल श्रीनिवास हैं। आकाशवाणी संवाददाता दीपांकर मिश्र, प्रस्तुति सहयोगी शिवाली एवं संयोजन राम अवतार बैरवा का रहा।

कार्यक्रम के समापन पर महुआ डाबर के क्रांतिवीरों को मशालों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में जलती मशाल लेकर क्रांति स्थल की परिक्रमा की और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर क्रांतिकारी वंशज डॉ. शाह आलम राना ने बताया कि वर्ष 1857 में अंग्रेजों ने महुआ डाबर को 'गैर-चिरागी' घोषित कर दीपक जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने कहा कि आज मशाल जलाकर यह संदेश दिया गया है कि शहीदों की स्मृति का चिराग 169 वर्ष बाद भी बुझा नहीं है, और यह क्रांति की वह ज्वाला है जो कभी बुझनी नहीं चाहिए। युवाओं को मशाल सौंपकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे महुआ डाबर के गौरवशाली इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे।

आयोजकों ने जानकारी दी कि 10 जून को 'शौर्य दिवस' के अवसर पर सुबह शहीद स्थल पर सशस्त्र पुलिस गारद द्वारा सलामी दी जाएगी, जिसके बाद 'विरासत संरक्षण संकल्प सभा' का आयोजन होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, इतिहास प्रेमियों, युवाओं और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में अतुल सिंह, नासिर खान, केपी राठौर, मोहम्मद कैफ, ऋतिक कुमार, सुनील पंडित, श्रवण कुमार, फ़कीर मोहम्मद, विनोद कुमार यादव, मुमताज़ खान, अनूप कुमार एडवोकेट, रमजान खान, धर्मेन्द्र, प्रणब मुखर्जी, आदिल खान, रामकेश गौतम, प्रभाकर चौधरी, नागेंद्र प्रताप सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
    user_आनंद धर द्विवेदी
    आनंद धर द्विवेदी
    Local News Reporter हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पश्चिम बंगाल के हावड़ा में टीएमसी नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती ने पुलिस से बचने के लिए खुद को साड़ियों के ढेर में छिपा लिया, जब पुलिस 'कट मनी' के हिसाब-किताब के लिए उनके आवास पर पहुंची। नेता जी ने इस तरह राजनीति में 'पर्दा डालने' की कला को एक नया और अनूठा आयाम दे दिया, खुद को सूती और सिल्क की साड़ियों के बीच 'समाहित' करके, यह साबित करते हुए कि वे वाकई 'जनता के आदमी' हैं। पुलिस दल को नेता जी के आवास पर किसी फाइल या कानूनी दस्तावेज़ों के बजाय साड़ियों का एक पहाड़ मिला, जिसे नेता जी ने 'पारदर्शिता' की नई परिभाषा गढ़ते हुए, अपने बचाव के लिए इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नेता जी पर सरकारी योजनाओं में 'कट मनी' लेने का आरोप लगा रही थी, और नेता जी ने इसे 'छिप मनी' का खेल कहकर साड़ियों के नीचे छिपने का हुनर दिखाया। यह एक गजब का 'अदृश्य करने वाला लबादा' था, जिसे स्थानीय बाजार में 'साड़ी का ढेर' कहा जा रहा है। हालांकि, नेता जी का यह 'सिल्क का सुरक्षा कवच' भी उन्हें बचा नहीं पाया। पुलिस ने उन्हें साड़ियों के ढेर से बाहर निकालकर हकीकत का सामना कराया। ब्रह्मानंद चक्रवर्ती का यह कृत्य राजनीति के पन्नों में एक मिसाल बन गया है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि अगली बार वे बचने के लिए क्या करेंगे। इस घटना के बाद हावड़ा के बाजार में साड़ियों की मांग बढ़ने की बात भी कही जा रही है, इस उम्मीद में कि वे सिर्फ पहनने के नहीं, बल्कि 'इतिहास के पन्नों में छिपने' के भी काम आ सकती हैं।
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    पश्चिम बंगाल के हावड़ा में टीएमसी नेता ब्रह्मानंद चक्रवर्ती ने पुलिस से बचने के लिए खुद को साड़ियों के ढेर में छिपा लिया, जब पुलिस 'कट मनी' के हिसाब-किताब के लिए उनके आवास पर पहुंची। नेता जी ने इस तरह राजनीति में 'पर्दा डालने' की कला को एक नया और अनूठा आयाम दे दिया, खुद को सूती और सिल्क की साड़ियों के बीच 'समाहित' करके, यह साबित करते हुए कि वे वाकई 'जनता के आदमी' हैं।

पुलिस दल को नेता जी के आवास पर किसी फाइल या कानूनी दस्तावेज़ों के बजाय साड़ियों का एक पहाड़ मिला, जिसे नेता जी ने 'पारदर्शिता' की नई परिभाषा गढ़ते हुए, अपने बचाव के लिए इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस नेता जी पर सरकारी योजनाओं में 'कट मनी' लेने का आरोप लगा रही थी, और नेता जी ने इसे 'छिप मनी' का खेल कहकर साड़ियों के नीचे छिपने का हुनर दिखाया। यह एक गजब का 'अदृश्य करने वाला लबादा' था, जिसे स्थानीय बाजार में 'साड़ी का ढेर' कहा जा रहा है।

हालांकि, नेता जी का यह 'सिल्क का सुरक्षा कवच' भी उन्हें बचा नहीं पाया। पुलिस ने उन्हें साड़ियों के ढेर से बाहर निकालकर हकीकत का सामना कराया। ब्रह्मानंद चक्रवर्ती का यह कृत्य राजनीति के पन्नों में एक मिसाल बन गया है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि अगली बार वे बचने के लिए क्या करेंगे। इस घटना के बाद हावड़ा के बाजार में साड़ियों की मांग बढ़ने की बात भी कही जा रही है, इस उम्मीद में कि वे सिर्फ पहनने के नहीं, बल्कि 'इतिहास के पन्नों में छिपने' के भी काम आ सकती हैं।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।
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    राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी अभियुक्त, जो उसका सगा मामा है, को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा बाइट भी दी गई है।
    user_विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    विनोद कुमार सोनकर पत्रकार
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई, जिसमें सुरक्षा कर्मियों ने जूते, मोजे, कान और अन्य संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की। निर्धारित नियमों के अनुरूप ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश दिए।
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    अम्बेडकरनगर जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई, जिसमें सुरक्षा कर्मियों ने जूते, मोजे, कान और अन्य संदिग्ध वस्तुओं की बारीकी से जांच की। निर्धारित नियमों के अनुरूप ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति मिली। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के निर्देश दिए।
    user_रबि जर्नलिस्ट
    रबि जर्नलिस्ट
    अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के सेमरी चौकी स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना के साथ एक भव्य सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सेमरी चौकी प्रभारी सुबोध त्यागी के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। जयसिंहपुर कोतवाल विवेक राय, सेमरी चौकी प्रभारी सुबोध त्यागी और अन्य पुलिस कर्मियों ने स्वयं अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, सेवा, सद्भाव और जनसंपर्क का एक अनुकरणीय संदेश दिया। इतना ही नहीं, सड़क से गुजर रहे राहगीरों को भी आदरपूर्वक रोककर प्रसाद ग्रहण कराया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने काफी प्रशंसा की। शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगल दिवस पर जलपान, भंडारा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की आराधना करने और श्रद्धालुओं को भोजन-जलपान कराने से परिवार व समाज में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलकारी फल की प्राप्ति होती है। इसी भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करने का काम किया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र की उन्नति, खुशहाली और शांति की कामना की।
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    सुल्तानपुर जनपद के जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के सेमरी चौकी स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना के साथ एक भव्य सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सेमरी चौकी प्रभारी सुबोध त्यागी के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। जयसिंहपुर कोतवाल विवेक राय, सेमरी चौकी प्रभारी सुबोध त्यागी और अन्य पुलिस कर्मियों ने स्वयं अपने हाथों से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया, सेवा, सद्भाव और जनसंपर्क का एक अनुकरणीय संदेश दिया। इतना ही नहीं, सड़क से गुजर रहे राहगीरों को भी आदरपूर्वक रोककर प्रसाद ग्रहण कराया गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने काफी प्रशंसा की।

शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगल दिवस पर जलपान, भंडारा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की आराधना करने और श्रद्धालुओं को भोजन-जलपान कराने से परिवार व समाज में सुख, शांति, समृद्धि और मंगलकारी फल की प्राप्ति होती है। इसी भावना के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करने का काम किया।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र की उन्नति, खुशहाली और शांति की कामना की।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी की माँ राष्ट्रपति से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। अपनी शहीद बेटे की रोती हुई माँ को देखकर, राष्ट्रपति ने तुरंत प्रोटोकॉल तोड़ दिया और स्वयं उनके माता-पिता के पास जाकर उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। इस भावुक क्षण में राष्ट्रपति के इस कदम की सराहना की गई।
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    शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी की माँ राष्ट्रपति से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। अपनी शहीद बेटे की रोती हुई माँ को देखकर, राष्ट्रपति ने तुरंत प्रोटोकॉल तोड़ दिया और स्वयं उनके माता-पिता के पास जाकर उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। इस भावुक क्षण में राष्ट्रपति के इस कदम की सराहना की गई।
    user_ABHISHEK SINGH
    ABHISHEK SINGH
    Teacher जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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