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डिंडोरी जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 7 स्थित पुल घाट पर आज जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन सहित प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर डिंडोरी अंजू पवन भदोरिया के निर्देशन पर 'मैया अभियान' के तहत संपन्न हुआ। 'मैया अभियान' के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह के रविवार को आयोजित होने वाला यह श्रमदान कार्यक्रम स्वच्छता की एक मिसाल बन रहा है। लगातार तीन वर्षों से जारी इस 'मैया अभियान' की यह यात्रा अपनी कहानी खुद बयां कर रही है, जो निरंतर स्वच्छता के प्रयासों और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Pradeep singh Rajput
डिंडोरी जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 7 स्थित पुल घाट पर आज जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन सहित प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में एक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर डिंडोरी अंजू पवन भदोरिया के निर्देशन पर 'मैया अभियान' के तहत संपन्न हुआ। 'मैया अभियान' के अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह के रविवार को आयोजित होने वाला यह श्रमदान कार्यक्रम स्वच्छता की एक मिसाल बन रहा है। लगातार तीन वर्षों से जारी इस 'मैया अभियान' की यह यात्रा अपनी कहानी खुद बयां कर रही है, जो निरंतर स्वच्छता के प्रयासों और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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- डिंडोरी में कलेक्टर अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 'ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026' के अंतर्गत माँ नर्मदा तट पर एक विशेष संडे डांस एरोबिक्स कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों, खिलाड़ियों, उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना को विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों ने भी इसमें सक्रिय सहभागिता की और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। कलेक्टर अंजू भदौरिया ने इस आयोजन की सराहना करते हुए प्रत्येक रविवार को इस तरह की गतिविधियाँ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे 31 मई 2026 को सुबह 7 बजे अधिक से अधिक संख्या में इन कार्यक्रमों में शामिल हों।4
- डिंडोरी में 'मैया अभियान' के तहत पवित्र नर्मदा के घाटों की विशेष सफाई की गई। इस अभियान में जिला प्रशासन, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। यह पहल नर्मदा के तटों को स्वच्छ रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।2
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर चर्चा में है। इस बार कारण अस्पताल की अव्यवस्थाएं नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक वायरल वीडियो है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल के ड्रेसिंग रूम में बने शौचालय की सीट के ठीक बगल में मरीजों के ड्रेसिंग का सामान रखा हुआ है। लोगों को सबसे अधिक हैरानी इस बात से है कि जहाँ मरीजों के संवेदनशील इलाज और ड्रेसिंग का सामान रखा गया है, वहीं चारों ओर गंदगी भी स्पष्ट दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि जहाँ मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहाँ स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, लेकिन यहाँ स्थिति बिल्कुल विपरीत है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या अस्पताल प्रबंधन को यह नजर नहीं आया कि शौचालय की सीट के पास रखा ड्रेसिंग का सामान संक्रमण फैलाने का एक बड़ा जरिया बन सकता है। जब इस वायरल वीडियो के संबंध में पाली के बीएमओ डॉ. पुट्टू लाल सागर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि इस वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग केवल स्पष्टीकरण देगा या फिर अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।1
- मंडला जिले के विकास खण्ड मोहगांव अंतर्गत ग्राम झीना में गोहदार मार्ग से बांध मोहल्ला तक बन रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि ठेकेदार ने सभी नियमों-कानूनों को ताक पर रखकर मनमर्जी से सड़क का निर्माण किया है। इस निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया है और सड़क की मोटाई भी कम रखी गई है, जिसके परिणामस्वरूप निर्माण के महज दो दिन के भीतर ही सड़क उखड़ने लगी है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यह जिले में बैठे सिस्टम की मिलीभगत का परिणाम है या शासन-प्रशासन की घोर अनदेखी का। जनता के बीच यह आक्रोश है कि भ्रष्टाचारियों के हाथों लोग आखिर कब तक पिसते रहेंगे, जबकि नवनिर्मित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क में स्पष्ट भ्रष्टाचार के बावजूद शासन-प्रशासन पूरी तरह से बेखबर बना हुआ है।1
- कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में दो बाघों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इस प्रक्रिया के बाद, आवश्यक उपचार प्रदान कर दोनों बाघों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया।1
- कबीरधाम जिले के कवर्धा थाना क्षेत्र में स्थित हाडा एग्रो राईस मिल में हुई चोरी के मामले में कबीरधाम पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और चोरी किया गया चावल बरामद करने में सफलता पाई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल, अमित पटेल और डीएसपी आशीष शुक्ला के मार्गदर्शन में थाना कवर्धा पुलिस द्वारा की गई। प्रार्थी विक्की अग्रवाल (37 वर्ष, निवासी राजेंद्र नगर, ग्राम सगौना) ने थाना कवर्धा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम हरिनछपरा औद्योगिक नगर स्थित उनके राईस मिल में रखे चावल के ढेर में कमी पाई गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर 08-09 मई 2026 की मध्य रात्रि लगभग 02:48 बजे एक अज्ञात व्यक्ति सीसीटीवी कैमरा बंद करते और फिर 03:35 बजे उसे चालू करते हुए दिखा। जांच में यह सामने आया कि अज्ञात आरोपी द्वारा रात्रि के समय राईस मिल परिसर में घुसकर लगभग 35-40 कट्टा चावल चोरी कर लिया गया था। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 200/2026 धारा 305(1), 331(4) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान राईस मिल के पूर्व हमालों और अन्य संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई। तकनीकी और तथ्यात्मक जांच तथा मेमोरेण्डम कथन के आधार पर आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के 30 कट्टा चावल बरामद किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पाँच आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिसेन नेताम (19 वर्ष, निवासी ग्राम कूबा), हीरादास बंजारे (22 वर्ष, निवासी ग्राम सिंघनपुरी), संजय चन्द्रवंशी (29 वर्ष, निवासी ग्राम कन्झेटी), रवि धुर्वे (26 वर्ष, निवासी ग्राम घुक्सा) और मोतीराम मरकाम (26 वर्ष, निवासी ग्राम कुटेली) शामिल हैं। इन सभी आरोपियों को दिनांक 22 मई 2026 को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा है, जबकि प्रकरण की विवेचना अभी भी जारी है। कबीरधाम पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही निरंतर जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 7 स्थित पुल चौराहा से गुजरने वाली एक पाइपलाइन लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। जिम्मेदारों द्वारा इसकी मरम्मत को ज़रूरी नहीं समझा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में बनी हुई है जब जिले भर के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर जल संकट सामने आ रहा है और भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। वहीं, जिला मुख्यालय डिंडोरी में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत को अब तक आवश्यक नहीं माना गया है। इस व्यर्थ बहते पानी से नर्मदा मरीन ड्राइव रोड को भी नुकसान पहुँच रहा है, जहाँ जगह-जगह जल भराव के कारण गड्ढे पड़ गए हैं, जो सड़क दुर्घटनाओं को खुला आमंत्रण दे रहे हैं। यदि समय रहते इस क्षतिग्रस्त पाइपलाइन का मरम्मत कार्य करा दिया जाए, तो लाखों लीटर पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। जिम्मेदारों की इस लगातार अनदेखी के कारण हर दिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ में बह रहा है।1
- मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के सागर टोला में पेयजल संकट से नाराज ग्रामीणों ने अमरकंटक-जबलपुर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।1
- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे खेरवा टोला गांव में शनिवार देर रात बाघ के हमले से दहशत फैल गई। एक बाघ आबादी वाले इलाके में घुस आया और घर में सो रही फूलबाई नामक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। महिला को बचाने पहुंचे चार ग्रामीण भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया और बाघ कई घंटों तक उसी घर में छिपा रहा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा भड़क चुका था। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों का घेराव किया और आक्रोशित भीड़ ने रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव सहित वन विभाग के पांच कर्मचारियों पर हमला कर दिया, जिससे रेंजर के सिर में गंभीर चोट आई और अन्य कर्मचारी भी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लिया और मृत महिला के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ सभी घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी ली। इस बीच, वन विभाग ने गांव में छिपे बाघ को पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। विशेषज्ञों और चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में बाघ को ट्रैंकुलाइज किया गया, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जा सके। शुरुआत में बाघ की हालत सामान्य थी, लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद चिकित्सकीय टीम के प्रयासों के बावजूद बाघ की मौत हो गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, ट्रैंकुलाइज के दौरान दवा की अधिक मात्रा दिए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शनिवार देर रात से शुरू हुआ यह घटनाक्रम रविवार सुबह तक पूरे इलाके में तनाव का कारण बना रहा। रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन खेरवा टोला में अब भी डर और गुस्से का माहौल बरकरार है।3