उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली सोमवार को आगरा के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मध्यम स्तर का बताया। अधिकांश छात्रों का कहना था कि पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान, लेकिन सफलता के लिए एकाग्रता और प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर उत्तर देना आवश्यक था। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आगरा पहुंचे। इनमें कई उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी भी थे जो सरकारी नौकरी पाने के उद्देश्य से परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थी रिषभ ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र द्वारा फॉर्म भरे जाने के बाद परीक्षा देने का निर्णय लिया। वहीं, छात्र तेजपाल ने कहा कि प्रश्नपत्र संतुलित था और अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए धैर्य तथा समझदारी के साथ प्रश्न हल करना आवश्यक था। बरेली से आए अतुल ने साझा किया कि उनका बचपन से ही पुलिस विभाग में सेवा करने का सपना रहा है; उन्होंने कहा कि बीटीसी करने के बावजूद, सीमित भर्तियों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण वे पुलिस भर्ती परीक्षा में भी अपना भविष्य तलाश रहे हैं। अतुल ने अपनी मेहनत के रंग लाने और सरकारी सेवा का अवसर मिलने की उम्मीद जताई। परीक्षा शुरू होने से पहले, जिलाधिकारी मनीष बंसल और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था और परीक्षा संचालन से जुड़े इंतजामों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। पहली पाली के सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली पाली सोमवार को आगरा के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मध्यम स्तर का बताया। अधिकांश छात्रों का कहना था कि पेपर न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान, लेकिन सफलता के लिए एकाग्रता और प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर उत्तर देना आवश्यक था। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आगरा पहुंचे। इनमें कई उच्च शिक्षा प्राप्त अभ्यर्थी भी थे जो सरकारी नौकरी पाने के उद्देश्य से परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थी रिषभ ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र द्वारा फॉर्म भरे जाने के बाद परीक्षा देने का निर्णय लिया। वहीं, छात्र तेजपाल ने कहा कि प्रश्नपत्र संतुलित था और अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए धैर्य तथा समझदारी के साथ प्रश्न हल करना आवश्यक था। बरेली से आए अतुल ने साझा किया कि उनका बचपन से ही पुलिस विभाग में सेवा करने का सपना रहा है; उन्होंने कहा कि बीटीसी करने के बावजूद, सीमित भर्तियों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण वे पुलिस भर्ती परीक्षा में भी अपना भविष्य तलाश रहे हैं। अतुल ने अपनी मेहनत के रंग लाने और सरकारी सेवा का अवसर मिलने की उम्मीद जताई। परीक्षा शुरू होने से पहले, जिलाधिकारी मनीष बंसल और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सुरक्षा, प्रवेश व्यवस्था और परीक्षा संचालन से जुड़े इंतजामों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। पहली पाली के सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
- आगरा के सर्किट हाउस में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी विभिन्न शिकायतों को सुना गया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद तथा अन्य प्रकार के मामलों की शिकायतें सुनी गईं, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसीपी हरिपर्वत, संबंधित विभागों के अधिकारी और जनपद के विभिन्न थानों से आए उपनिरीक्षक (SI) तथा जन सूचना अधिकारी उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान एक 75 वर्षीय वृद्ध महिला अपने पति की शिकायत लेकर पहुंची, जिसने बताया कि इस उम्र में उसका पति दूसरी शादी करना चाहता है। इस शिकायत पर तत्काल पति को बुलाने का आदेश दिया गया। आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने जोर देकर कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र में अवैध रूप से बनाई गई झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने के लिए प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। सहायक पुलिस आयुक्त सदर और एसडीएम सदर के नेतृत्व में संबंधित इलाके में मुनादी करवाई गई, जिसके माध्यम से लोगों को जगह खाली करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लोग स्वयं स्थान खाली नहीं करते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम पूरी तरह सतर्क दिखी। प्रशासन ने यह भी कहा है कि अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।4
- पुलिस कमिश्नरेट आगरा के थाना जगदीशपुरा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस एक्शन में पुलिस ने इन तस्करों के पास से 2 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया है।1
- आगरा में ताजमहल देखने आए ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के पर्यटकों का ताज सुरक्षा पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया दल ने गर्मजोशी से स्वागत किया। "ऑपरेशन टूरिस्ट डिलाइट" नामक पहल के तहत, सुरक्षा टीम ने पर्यटकों को ताजमहल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ, आवश्यक सुरक्षा सलाह और एक मैत्रीपूर्ण वातावरण प्रदान किया। आगरा पुलिस की इस विशेष पहल की पर्यटकों ने खूब सराहना की।1
- आगरा के बल्केश्वर मंदिर में आयोजित भागवत कथा के दौरान एक महिला के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। यह घटना नकली और असली पास को लेकर हुए भ्रम के कारण हुई। इस मामले के बाद, बल्केश्वर मंदिर के सेवक अर्चित पांड्या ने एक वीडियो जारी कर संबंधित महिला से क्षमा मांगी है।1
- आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र स्थित वरना गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ उटंगन नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय प्रशांत और 11 वर्षीय लक्ष्मण नामक ये दोनों बच्चे बकरियां चराने गए थे। नदी किनारे खेलते-खेलते जब वे नहाने के लिए पानी में उतरे, तो गहरे पानी में चले जाने के कारण यह हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है, और मृतकों के परिजन बेहाल हैं।1
- बिहार के मशहूर शिक्षक खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, एक बार फिर बड़ी मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। बिहार पुलिस और SIT की टीमें उनकी लगातार तलाश कर रही हैं, जिसके तहत पटना और आसपास के जिलों में छापेमारी भी जारी है। खान सर पर हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि वे इस पूरे मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रहे हैं। दूसरी ओर, खान सर का एक पुराना और तेवर वाला बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बयान में वे कहते हैं कि सरकार के पास कोचिंग बंद कराने की शक्ति है, लेकिन वे इसे दोबारा चालू कर लेंगे क्योंकि यह कोचिंग सरकार द्वारा नहीं दी गई थी। इस बीच, रिपोर्ट के अनुसार, खान सर की तरफ से अदालत में ऑनलाइन अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) भी दायर की जा चुकी है। इस पूरे मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खान सर को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, या फिर यह कानून की सामान्य कार्रवाई का हिस्सा है। इस विवाद के दोनों पहलुओं को सामने रखते हुए, पूरी सच्चाई जानने और अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- झांसी के चिरगांव स्थित मिश्रा ढाबा के मालिक का हाल उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब एक मारपीट की घटना का वीडियो बनाया जा रहा था। जब जनता के बीच वीडियो बनने लगा, तो ढाबा मालिक के बेटे ओम मिश्रा ने बीच में आकर लोगों से मोबाइल छीन लिया। इतना ही नहीं, उसने मोबाइल से वीडियो डिलीट करने का भी प्रयास किया। इस पूरी घटना के बाद प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का निवेदन किया गया है।1