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दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दूसरे व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
ABN News Plus
दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दूसरे व्यक्ति की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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- अम्बेडकर नगर जिले में कल गंगा दशहरा का पर्व उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसके तहत कई विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन आयोजनों के माध्यम से जिले को एक बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। इसी गंगा दशहरा के अवसर पर जिले में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और कुपोषण मुक्ति पर केंद्रित एक महा-अभियान भी चलाया जाएगा, जिसकी जानकारी CDO आनंद शुक्ला से हुई एक ख़ास बातचीत में मिली है।1
- अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र में आधी रात एक वकील के घर में करीब 12 लाख रुपये की बड़ी लूट हुई। चोरों ने कट्टे के बल पर घर में घुसकर पहले सारे दरवाजे बाहर से बंद किए, फिर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया।1
- जौनपुर में एक लापता युवती का शव कुएं में मिलने से सनसनी फैल गई है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जो अभी जारी है।1
- सुलतानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दोनों बाइकों पर सवार कुल चार लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कादीपुर पहुँचाया। घायलों में शामिल आलोक संसधर की स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल सुलतानपुर रेफर कर दिया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अन्य घायलों का उपचार अभी भी जारी है। दुर्घटना के बाद पुलिस ने मृतक युवक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर विनय गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में एक युवक की जान गई है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- संत कबीर नगर के शनिचरा बाजार में ACPS (एशियन) कम्प्यूटर प्र.सं.फाउंडेशन का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण, कोचिंग तथा योग्य छात्रों को रोजगार की व्यवस्था प्रदान करना है। रामजानकी मार्ग, शनिचरा बाजार स्थित इस संस्थान की शाखाएं गोरखपुर, बस्ती, खलीलाबाद, संत कबीर नगर और शनिचरा बाजार में संचालित हैं। प्रबन्धक शिव ने जानकारी देते हुए बताया कि यहाँ PGDCA, ADCA, CCC, Tally Prime, MS Office सहित सभी प्रमुख कम्प्यूटर कोर्स उपलब्ध हैं। छोटे बच्चों के लिए कम्प्यूटर और अन्य विषयों की कोचिंग की सुविधा भी दी जाती है। उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने वाले योग्य छात्रों को संस्थान द्वारा रोजगार दिलाने की व्यवस्था भी की जाती है। कम्प्यूटर प्रशिक्षण और कोचिंग के अतिरिक्त, ACPS (एशियन) कम्प्यूटर प्र.सं.फाउंडेशन अन्य ऑनलाइन सेवाएं भी प्रदान करता है, जिनमें उद्यम रजिस्ट्रेशन, ITR, राशन कार्ड, जाति-आय-निवास, पैन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार संशोधन, जन्म प्रमाण पत्र, ई-श्रम कार्ड और किसान निधि जैसे सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्य शामिल हैं। साथ ही, कम्प्यूटर हार्डवेयर का सामान भी यहाँ उपलब्ध है। इस अवसर पर सदस्य विपिन कुमार, राम लौट, राजू और विद्यार्थी अस्मिता, नितेश, उज्जवल, शिखा, सत्यम आदि उपस्थित रहे।2
- प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र के झिलहा विश्वंभरपुर गांव में 17 वर्षीय किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के पिता ने इसे दुर्घटना मानने से साफ इनकार किया है और अपने बेटे की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, झिलहा विश्वंभरपुर निवासी अमृतलाल पटेल का 17 वर्षीय बेटा साहेब वर्मा 3 मई को अपने दोस्तों के साथ रस्तीपुर में एक निमंत्रण पर गया था। आरोप है कि लौटते समय गांव के ही एक युवक ने साहेब को घर छोड़ने की बात कही। इसके कुछ देर बाद ही परिजनों को सूचना मिली कि साहेब गंभीर रूप से घायल हो गया है। परिजन उसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज ले गए, जहाँ हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे एसआरएन रेफर कर दिया। लगभग 15 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद साहेब ने दम तोड़ दिया। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद, पिता अमृतलाल पटेल रानीगंज थाने पहुँचे। पुलिस ने शुरू में इस घटना को एक हादसा बताया, लेकिन पिता का आरोप है कि उनके बेटे की सुनियोजित साजिश के तहत हत्या की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद साहेब का मोबाइल फोन गायब कर दिया गया, जिससे महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाया जा सके। पीड़ित पिता ने पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, गांव में इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा है और परिजनों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में, कलवारी थाना क्षेत्र के माझा खुर्द और माझा कला तीलियावा इलाके इन दिनों 'कानून के जंगलराज' का केंद्र बने हुए हैं। सरयू नदी के किनारे स्थित इन गांवों में खनन माफियाओं पर प्रशासनिक संरक्षण और दबंगई के दम पर बड़े पैमाने पर तबाही मचाने का आरोप है। स्थिति यह है कि माफिया अब केवल सरकारी पट्टे की ज़मीन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की निजी खेती की ज़मीनों पर भी कब्ज़ा कर उसे खोखला कर रहे हैं। प्रशासन और खनन विभाग की संदिग्ध चुप्पी ने इस मामले को 'अंधेर नगरी, चौपट राज' जैसी स्थिति में ला दिया है। इस पूरे खेल के मुख्य भुक्तभोगी दिनेश यादव ने साक्ष्यों के साथ बताया कि खनन माफिया दिवाकर सोनकर के गुर्गों ने बिना किसी अनुमति या मुआवज़े के उनकी पुस्तैनी ज़मीन (गाटा संख्या 861 एवं 870) में जेसीबी डालकर बालू निकालना शुरू कर दिया है। दिनेश का दावा है कि पट्टा गाटा संख्या 1164/33 एवं 1164/51 के लिए स्वीकृत है, लेकिन अवैध खनन गाटा संख्या 1164/71 में किया जा रहा है। जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया। थाना कलवारी में शिकायत के बाद पुलिस ने 'पैमाइश तक खुदाई बंद' रहने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह आश्वासन महज़ खानापूर्ति साबित हुआ, और अगले ही दिन भारी मशीनों का काफिला फिर से सक्रिय हो गया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शाम ढलते ही प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनों की गूंज सुनाई देने लगती है और रात भर ओवरलोडेड डंपर तथा तेज़ रफ़्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ती रहती हैं, जिससे रास्ते टूट रहे हैं और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। माझा खुर्द के ग्रामीणों ने खनन माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक मज़बूत 'गठजोड़' होने का आरोप लगाया है। जिला खनन अधिकारी प्रशांत यादव पर आरोप हैं कि वे शिकायतकर्ताओं को नज़रअंदाज़ करते हैं या उनके नंबर ब्लॉक कर देते हैं। इस अंधाधुंध खुदाई से सरयू नदी की कोख छलनी हो रही है, जिससे आगामी मानसून में गांव में कटान और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है, जिससे हर साल सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि योग्य ज़मीन नदी में विलीन हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि माफिया कम समय में अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में गांव के भविष्य को ही दांव पर लगा रहे हैं। गांव के प्रधान और दर्जनों ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब ज़िले की तेज़तर्रार डीएम कृतिका ज्योत्सना के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है कि क्या वह इस 'खनन माफिया तंत्र' को तोड़ पाएंगी। ग्रामीणों की निगाहें उन पर टिकी हैं कि क्या गलत तरीके से जारी पट्टों को तत्काल निरस्त किया जाएगा, क्या खनन अधिकारी और माफिया के कथित 'गठजोड़' की जांच होगी, और क्या प्रशासन अपनी नाक के नीचे हो रहे इस पर्यावरणीय और राजस्व अपराध पर नकेल कस पाएगा। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या जिला खनन विभाग 'बिक चुका है' और खनन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों ने 'आर-पार की लड़ाई' लड़ने का मन बना लिया है, और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो माझा खुर्द का नक्शा बदल सकता है और आने वाली पीढ़ियां इस गांव को केवल यादों में ही देख पाएंगी।1
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