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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित प्राथमिक विद्यालय शादीपुर सरसई हेलू की हालत बेहद खस्ता है। इस विद्यालय की दयनीय स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से ध्यान आकर्षित किया गया है।
डॉ संजीव मौर्या शादीपुर
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित प्राथमिक विद्यालय शादीपुर सरसई हेलू की हालत बेहद खस्ता है। इस विद्यालय की दयनीय स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से ध्यान आकर्षित किया गया है।
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- इटावा में आए एक भीषण तूफान ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसके चलते इटावा डीएम चौराहे पर स्थित अटल चौक पर लगी अटल प्रतिमा को नुकसान पहुंचा है। तूफान के कारण प्रतिमा पर अंकित 'भारत रत्न' का डिजाइन और माइक क्षतिग्रस्त हो गए हैं।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इटावा में एक बड़ा बयान देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ओमप्रकाश राजभर को अपने मुख्य निशाने पर रखा। यादव ने दावा किया कि जो लोग समाजवादी पार्टी को सैफई भेजने की बात कहते थे, वे केशव प्रसाद मौर्य और ओमप्रकाश राजभर 2027 के विधानसभा चुनाव तक चुनाव लड़ने लायक नहीं रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 'मन की बात' करने वाले लोग जनता की बात की अनदेखी करते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए शिवपाल यादव ने सवाल उठाया कि जब केवल पांच परिवार की सीटें ही जीतने की बात कही जा रही थी, तब भी समाजवादी पार्टी ने 37 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतकर 'इंडिया' गठबंधन को मजबूत कैसे किया। शिवपाल यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को सत्ता से दूर करने का सपना देखने वालों को जनता खुद ही घर भेज देगी।2
- इटावा के नौगावा/चकरनगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का आज अंतिम दिन रहा, जहाँ कथा व्यास आचार्य डॉ. ब्रह्म कुमार मिश्र ने सुदामा चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। डॉ. मिश्र ने अपने प्रवचनों में सुदामा की सच्ची मित्रता, उनकी निस्वार्थ भक्ति और श्रीकृष्ण के साथ उनके अटूट प्रेम को बहुत ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावुक होकर अपने आँसू रोक नहीं पाए। कथा के दौरान सुदामा चरित्र की मुख्य बातों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता को धन-संपत्ति या रुतबे से परे सच्चे प्रेम का आदर्श बताया गया। यह भी स्मरण कराया गया कि दोनों ने उज्जैन के संदीपन ऋषि के आश्रम में साथ शिक्षा ग्रहण की थी। अपनी अत्यधिक दरिद्रता के बावजूद, सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर कृष्ण से मिलने द्वारका पहुँचे। उनके पास द्वारपाल को देने के लिए कोई पहचान न होने पर भी, 'सुदामा' नाम सुनते ही श्रीकृष्ण नंगे पैर उनकी ओर दौड़े चले आए। महल में पहुँचने पर, श्रीकृष्ण ने उन्हें अपने सिंहासन पर बिठाया और इतने भावुक हो गए कि अपने आंसुओं से ही सुदामा के पैर धो डाले। कथा में बताया गया कि सुदामा अपनी गरीबी में भी भगवान को समर्पित रहे और जब वे बिना कुछ मांगे वापस लौटे, तो श्रीकृष्ण की कृपा से उनकी टूटी झोपड़ी की जगह सोने की द्वारका जैसी नगरी बन गई। डॉ. मिश्र के इस मार्मिक चरित्र चित्रण ने भक्तों को अत्यंत भावुक कर दिया। कार्यक्रम के संचालक ने सभी ग्रामवासियों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया और धन्यवाद दिया, जिन्होंने अपना शारीरिक सहयोग देकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। नौगाँव में चल रही इस कथा के अंतिम दिन भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ा। अब जून को अतिथि सत्कार हेतु भंडारे का आयोजन किया जाएगा।4
- जबलपुर में भीषण गर्मी के लंबे दौर के बाद मूसलाधार बारिश हुई है, जिसने वहाँ के लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। पारा लगातार बढ़ने के कारण ऐसी बारिश को किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है, और इसके साथ ठंडी हवाएँ भी चली हैं। इस तेज बारिश और हवाओं के बावजूद, कोई जनहानि नहीं हुई है। इस सुहावने मौसम का लुत्फ उठाने के लिए गरमा-गरम चाय और पकौड़ों का दौर बताया गया है, लेकिन साथ ही कुछ सावधानियाँ बरतने की भी सलाह दी गई है। मूसलाधार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलजमाव की समस्या हो सकती है, इसलिए बाहर निकलते समय रास्तों का ध्यान रखने को कहा गया है। इसके अलावा, तेज बारिश और गरज के दौरान बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर देना समझदारी बताया गया है।1
- इटावा के मोती झील चौराहे पर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय के बगल में एक पेड़ क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इस घटना में कार्यालय में कार्यरत एक बोलेरो कार पेड़ के नीचे दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, बोलेरो का चालक इस हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दिल्ली से लखनऊ लौटते समय एक बिल्कुल नए अंदाज़ में नज़र आए। वर्षों से सफेद कुर्ता-पायजामा, सदरी और लाल टोपी में दिखने वाले अखिलेश यादव इस बार एयरपोर्ट पर जींस और टी-शर्ट पहने हुए दिखाई दिए, जिसने राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर गहन चर्चा छेड़ दी। उनका यह बदला हुआ रूप उनके छात्र जीवन की याद दिलाता है। ऑस्ट्रेलिया के University of Sydney में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान अखिलेश अक्सर ऐसे ही आधुनिक परिधान में दिखते थे। राजनीति में सक्रिय होने और सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारियां संभालने के बाद उन्होंने पारंपरिक भारतीय परिधान को अपनी पहचान बना लिया था। समाजवादी आंदोलन के पुरोधा और सपा संस्थापक स्व. नेता मुलायम सिंह यादव ने ही उन्हें सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ाया था, जिनके मार्गदर्शन में अखिलेश यादव ने कन्नौज से सांसद बनकर और वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री के रूप में नई पहचान बनाई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका सफेद कुर्ता-पायजामा, सदरी और लाल टोपी वाला व्यक्तित्व उनकी राजनीतिक छवि का स्थायी हिस्सा बन गया था। लंबे समय बाद जींस और टी-शर्ट में दिखे अखिलेश यादव को देखकर समर्थकों को उनके छात्र जीवन और शुरुआती राजनीतिक दिनों की याद ताज़ा हो गई। कई लोगों ने इसे उस दौर की झलक बताया, जब अखिलेश राजनीति में आने से पहले एक युवा इंजीनियर के रूप में जाने जाते थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बदलाव केवल पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा वर्ग से जुड़ाव और आधुनिक सोच का भी एक संदेश हो सकता है। सोशल मीडिया पर उनके नए लुक की तस्वीरें तेज़ी से वायरल हो रही हैं और समर्थक इसे "पुराने अखिलेश की वापसी" के रूप में देख रहे हैं। हालाँकि, अखिलेश यादव की पहचान उनकी राजनीति, विचारधारा और नेताजी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले नेता के तौर पर है, फिर भी एयरपोर्ट पर उनका यह सहज और अनौपचारिक अंदाज़ दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। उनके इस नए लुक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय के साथ शैली बदल सकती है, लेकिन राजनीतिक विरासत और जन-सरोकारों से जुड़ाव ही किसी नेता की असली पहचान होती है।1
- फ़िलीपींस में आए भूकंप से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भूकंप के कारण धरती के बुरी तरह हिलने के दौरान, अचानक एक टिन शेड स्कूली बच्चों पर गिर गया, जिससे एक भयावह स्थिति पैदा हो गई।1
- मंगलवार को जसवंतनगर में आई तेज आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुँचाया। मोहल्ला शीश ग्राउंड स्थित मस्जिद के पास चौक में खड़ा लगभग 100 वर्ष पुराना एक विशाल इमली का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। इस घटना की चपेट में आने से तीन कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें कदीर सिद्दीकी की टाटा टिगोर, मोमिन सिद्दीकी की सेंट्रो और तसलीम सिद्दीकी की ऑल्टो शामिल हैं। इन वाहनों के शीशे, छत और बॉडी को गंभीर नुकसान पहुँचा है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय चौक पर कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि कोई राहगीर मौजूद नहीं था। तेज आंधी का असर इतना प्रचंड था कि इस इमली के पेड़ के साथ-साथ लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना एक ऐतिहासिक कुआँ और उसके ऊपर पिलरों पर बनी छतरीनुमा संरचना भी धराशायी हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह इमली का पेड़ क्षेत्र की पहचान माना जाता था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए रास्ता भी बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने मिलकर पेड़ की शाखाओं को हटाने का प्रयास किया और प्रशासन को घटना की जानकारी दी। वाहन स्वामियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त कारों से लगभग दो से तीन लाख रुपये की आर्थिक क्षति का अनुमान है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से माँग की है कि क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक कुएँ और छतरी का संरक्षण किया जाए, साथ ही प्रभावित वाहन स्वामियों को उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।1