रोहतास जिले के सासाराम स्थित सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गंभीर मरीजों के अस्पताल पहुंचने पर भी वहाँ एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इसी दौरान सासाराम नगर थाना की पुलिस चार अभियुक्तों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण पुलिसकर्मियों को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सदर अस्पताल की पूरी व्यवस्था 'भगवान भरोसे' चल रही है। जनता ने सवाल उठाया है कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे के समय स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर दिखाई जा रही थी, तो अब यह स्थिति क्यों बनी हुई है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रभाव वाले क्षेत्र में भी डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी के चलते मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आम जनता का तर्क है कि जब पुलिस प्रशासन को ही इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है, तो आम मरीजों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों में अस्पताल प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और जिला अधिकारी से आग्रह किया है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
रोहतास जिले के सासाराम स्थित सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गंभीर मरीजों के अस्पताल पहुंचने पर भी वहाँ एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इसी दौरान सासाराम नगर थाना की पुलिस चार अभियुक्तों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण पुलिसकर्मियों को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सदर अस्पताल की पूरी व्यवस्था 'भगवान भरोसे' चल रही है। जनता ने सवाल उठाया है कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे के समय स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर दिखाई जा रही थी, तो अब यह स्थिति क्यों बनी हुई है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रभाव वाले क्षेत्र में भी डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी के चलते मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आम जनता का तर्क है कि जब पुलिस प्रशासन को ही इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है, तो आम मरीजों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों में अस्पताल प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और जिला अधिकारी से आग्रह किया है कि वे इस मामले का संज्ञान लें और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
- राजद से मोह भंग होने के बाद, खेसारी लाल यादव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएँ देने के लिए उनके आवास पर पहुँचे।1
- बिहार के कैमूर जिले में सोनहन थाना क्षेत्र के मचहलपुर गाँव में लगभग डेढ़ एकड़ भूमि पर वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहा पुराना विवाद गुरुवार देर रात आगजनी में बदल गया। इस घटना में एक झोपड़ी, उसमें रखा सारा सामान और पुआल की गांज पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आगजनी के बाद गाँव में तनाव का माहौल है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यह भूमि विवाद काफी समय से चला आ रहा था, जिसने गुरुवार रात तब तूल पकड़ा जब अचानक एक पक्ष की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दूसरे पक्ष द्वारा रखे गए पुआल की गांज को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो क्लिप के आधार पर, एक पक्ष पर दूसरे पक्ष को 'दलित एक्ट' के तहत फंसाने की धमकी देने और बहुसंख्यक होने का धौंस दिखाकर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। प्रथम पक्ष के पीड़ित अर्जुन साह और उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे इस भूमि पर सैकड़ों वर्षों से खेती करते आ रहे हैं और उनकी झोपड़ी भी कई सालों से वहीं थी, जिसे जानबूझकर निशाना बनाया गया। वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि विवादित भूमि सार्वजनिक है और अर्जुन साह ने इस पर अवैध कब्जा कर रखा है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और सोनहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गहन जांच में जुट गई। सोनहन थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अंचलाधिकारी (CO) के निर्देशों के अनुसार जल्द ही भूमि का विधि-व्यवस्था के तहत सीमांकन (नापी) कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि सार्वजनिक है या निजी, इसका अंतिम निर्णय कागजातों की बारीकी से जांच के बाद ही होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि कानून को हाथ में लेना और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।4
- मोहनिया, कैमूर में उत्पाद विभाग की टीम ने एक एंबुलेंस को शराब जांच के लिए रोका। चालक ने टीम पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने चेकपोस्ट को आधे घंटे तक जाम कर दिया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर जाम खुलवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- रोहतास में एक शख्स ने डेढ़ साल से खाली पड़े अपने घर को लेकर एक बड़ी कसम खाई है। उन्होंने ऐलान किया है कि अब उनका घर और खाली नहीं रहेगा। इस भावुक घोषणा के पीछे की पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो देखें।1
- धीरे-धीरे ढलता सूरज, पूरे रेगिस्तान को सुनहरे रंगों में रंग रहा है। यह मनमोहक दृश्य प्रकृति की अद्भुत सुंदरता को दर्शाता है।4
- कैमूर जिले के भभुआ में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग लड़की ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपनी माँ को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया गया है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए भूत-प्रेत का बहाना बनाया गया था।1
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- रोहतास जिले के सासाराम में आगामी बकरीद पर्व के मद्देनज़र एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएँ।1