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आमला में जल संरक्षण और पानी बचाने के बड़े-बड़े दावों के बीच नगर पालिका की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने स्थित एक सार्वजनिक नल पिछले कई दिनों से लगातार बह रहा है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बर्बाद हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका परिसर के सामने होने के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध नहीं ली है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका ने लगभग 45 दिन पहले ही पुराने नल को हटाकर एक नया नल लगाया था। हालांकि, इस नए नल की गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि कुछ ही दिनों में यह खराब हो गया और इससे लगातार पानी बहने लगा। इस घटना से न केवल पेयजल की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली और उसके द्वारा करवाए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि एक तरफ नगर पालिका जल संकट और पानी की कमी का हवाला देकर लोगों से पानी बचाने की अपील करती है, वहीं दूसरी ओर उसकी आंखों के सामने ही हजारों लीटर पानी रोजाना नालियों में बहता रहता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते खराब नल को ठीक कर दिया जाता, तो इस पानी की बर्बादी को आसानी से रोका जा सकता था। लगातार बहते पानी के कारण नल के आसपास का क्षेत्र भी हमेशा गीला और गंदा बना रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भी काफी असुविधा हो रही है। नागरिकों का यह भी कहना है कि जब नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने की स्थिति इतनी खराब है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी किस प्रकार हो रही होगी, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और संबंधित विभाग से तुरंत खराब नल को बदलने और पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने भविष्य में घटिया सामग्री का उपयोग करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। जनता सवाल उठा रही है कि जब जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था ही पानी की बर्बादी रोकने में गंभीर नहीं है, तो आम नागरिकों से जल बचाने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।

6 hrs ago
user_Dabang kesari amla mohd. asif
Dabang kesari amla mohd. asif
Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

आमला में जल संरक्षण और पानी बचाने के बड़े-बड़े दावों के बीच नगर पालिका की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने स्थित एक सार्वजनिक नल पिछले कई दिनों से लगातार बह रहा है, जिससे प्रतिदिन हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ बर्बाद हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका परिसर के सामने होने के बावजूद अब तक किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध नहीं ली है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पालिका ने लगभग 45 दिन पहले ही पुराने नल को हटाकर एक नया नल लगाया था। हालांकि, इस नए नल की गुणवत्ता इतनी खराब निकली कि कुछ ही दिनों में यह खराब हो गया और इससे लगातार पानी बहने लगा। इस घटना से न केवल पेयजल की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली और उसके द्वारा करवाए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि एक तरफ नगर पालिका जल संकट और पानी की कमी का हवाला देकर लोगों से पानी बचाने की अपील करती है, वहीं दूसरी ओर उसकी आंखों के सामने ही

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हजारों लीटर पानी रोजाना नालियों में बहता रहता है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते खराब नल को ठीक कर दिया जाता, तो इस पानी की बर्बादी को आसानी से रोका जा सकता था। लगातार बहते पानी के कारण नल के आसपास का क्षेत्र भी हमेशा गीला और गंदा बना रहता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भी काफी असुविधा हो रही है। नागरिकों का यह भी कहना है कि जब नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने की स्थिति इतनी खराब है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी किस प्रकार हो रही होगी, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और संबंधित विभाग से तुरंत खराब नल को बदलने और पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने भविष्य में घटिया सामग्री का उपयोग करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। जनता सवाल उठा रही है कि जब जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था ही पानी की बर्बादी रोकने में गंभीर नहीं है, तो आम नागरिकों से जल बचाने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।

More news from Betul and nearby areas
  • मल्टी नगर में नगर पालिका की अनदेखी के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इन कचरे के ढेरों में मवेशी भोजन की तलाश करते हैं, जिसके चलते वे कचरे में मिली पन्नी खा लेते हैं। पन्नी खाने की वजह से मवेशियों की मौत हो रही है, जो नगर पालिका की लापरवाही का एक गंभीर परिणाम है।
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    मल्टी नगर में नगर पालिका की अनदेखी के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इन कचरे के ढेरों में मवेशी भोजन की तलाश करते हैं, जिसके चलते वे कचरे में मिली पन्नी खा लेते हैं। पन्नी खाने की वजह से मवेशियों की मौत हो रही है, जो नगर पालिका की लापरवाही का एक गंभीर परिणाम है।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    14 hrs ago
  • आठनेर पुलिस को ट्रेक्टर और कृषि मशीनरी की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो ट्रेक्टर बरामद किए हैं। यह गिरोह फर्जी इकरारनामा और छल-पूर्वक किसानों के ट्रेक्टर हड़पने का काम करता था। टेमनी पाटादा निवासी विजय उईके ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राजेश विजयकर और उसके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका ट्रेक्टर अपने कब्जे में ले लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने ट्रेक्टर को विभिन्न लोगों को बेच दिया था और किसान को लगातार गुमराह किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की और जितेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी किसानों के उपकरण गिरवी रखकर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस फिलहाल और पूछताछ कर रही है, जिसमें अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने यह भी बताया है कि पूरे गिरोह की तलाश जारी है।
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    आठनेर पुलिस को ट्रेक्टर और कृषि मशीनरी की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो ट्रेक्टर बरामद किए हैं।

यह गिरोह फर्जी इकरारनामा और छल-पूर्वक किसानों के ट्रेक्टर हड़पने का काम करता था। टेमनी पाटादा निवासी विजय उईके ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राजेश विजयकर और उसके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका ट्रेक्टर अपने कब्जे में ले लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने ट्रेक्टर को विभिन्न लोगों को बेच दिया था और किसान को लगातार गुमराह किया जा रहा था।

पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की और जितेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी किसानों के उपकरण गिरवी रखकर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस फिलहाल और पूछताछ कर रही है, जिसमें अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने यह भी बताया है कि पूरे गिरोह की तलाश जारी है।
    user_आठनेर रिपोर्टर
    आठनेर रिपोर्टर
    पत्रकारिता आठनेर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बैतूल से मुलताई जाने की हड़बड़ी में गलत ट्रेन संघमित्रा एक्सप्रेस में सवार हुई एक मां और उसकी बेटी चिचोली के पास एक हादसे का शिकार हो गईं। ट्रेन के मुलताई में न रुकने की जानकारी मिलने पर घबराहट में चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में सरिता दुबे (49) और उनकी पुत्री अक्षरा दुबे (15) गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना में सरिता दुबे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें नागपुर रेफर कर दिया है। वहीं, उनकी पुत्री अक्षरा दुबे का उपचार पांढुर्णा सिविल अस्पताल में जारी है। रेलवे और जीआरपी पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घायलों को मेमो ट्रेन से पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पहुंचाया। वहाँ से उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए पांढुर्णा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस द्वारा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
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    बैतूल से मुलताई जाने की हड़बड़ी में गलत ट्रेन संघमित्रा एक्सप्रेस में सवार हुई एक मां और उसकी बेटी चिचोली के पास एक हादसे का शिकार हो गईं। ट्रेन के मुलताई में न रुकने की जानकारी मिलने पर घबराहट में चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में सरिता दुबे (49) और उनकी पुत्री अक्षरा दुबे (15) गंभीर रूप से घायल हो गईं।

दुर्घटना में सरिता दुबे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें नागपुर रेफर कर दिया है। वहीं, उनकी पुत्री अक्षरा दुबे का उपचार पांढुर्णा सिविल अस्पताल में जारी है। रेलवे और जीआरपी पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घायलों को मेमो ट्रेन से पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पहुंचाया। वहाँ से उन्हें तुरंत एंबुलेंस के जरिए पांढुर्णा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस द्वारा घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    9 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के भैंसदेही विकासखंड के सावलमेंढा ग्राम स्थित रामदेव बाबा संस्थान में पांच दिवसीय पंचकुंडी श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन शुरू हो गया है, जिसका समापन शुक्रवार को होगा। इस धार्मिक आयोजन के उपलक्ष्य में ग्राम के श्री गणेश मंदिर से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो पूरे ग्राम का भ्रमण करने के बाद रामदेव बाबा संस्थान पहुंची। इस कलश यात्रा में ग्रामीण महिलाओं की बड़ी संख्या ने बैंड-बाजे के साथ नृत्य करते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे ग्राम में उत्सव का माहौल बन गया। यात्रा के दौरान ग्रामवासियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश को संस्थान में स्थापित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक स्वामी रमेश आनंद गिरी ने बताया कि यह महायज्ञ श्री रामदेव महाराज की कृपा से और पुरूषोत्तम मास (अधिक मास) के विशेष पावन अवसर पर आयोजित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि यज्ञ में सावलमेंढा के यजमानों के साथ-साथ महाराष्ट्र के अमरावती, शेगाव, अंजनगाव सुर्जी, परतवाड़ा, पथ्रोट और धामनगाव गड़ी जैसे स्थानों से भी कई यजमान शामिल होंगे। धार्मिक पंडितों के अनुसार, पुरूषोत्तम मास में किए गए यज्ञ विशेष फलदायी माने जाते हैं और इनमें भाग लेने वालों को आध्यात्मिक शांति तथा सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। ग्रामवासियों ने भी इस आयोजन को लेकर अत्यंत उत्साह दिखाया है और सभी धार्मिक अनुष्ठानों का पालन विधि-विधान से किया जा रहा है। महायज्ञ का विधिवत समापन समारोह अंतिम दिन शुक्रवार को होगा।
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    मध्य प्रदेश के भैंसदेही विकासखंड के सावलमेंढा ग्राम स्थित रामदेव बाबा संस्थान में पांच दिवसीय पंचकुंडी श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ का आयोजन शुरू हो गया है, जिसका समापन शुक्रवार को होगा। इस धार्मिक आयोजन के उपलक्ष्य में ग्राम के श्री गणेश मंदिर से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो पूरे ग्राम का भ्रमण करने के बाद रामदेव बाबा संस्थान पहुंची।

इस कलश यात्रा में ग्रामीण महिलाओं की बड़ी संख्या ने बैंड-बाजे के साथ नृत्य करते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे ग्राम में उत्सव का माहौल बन गया। यात्रा के दौरान ग्रामवासियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश को संस्थान में स्थापित किया गया।

कार्यक्रम के आयोजक स्वामी रमेश आनंद गिरी ने बताया कि यह महायज्ञ श्री रामदेव महाराज की कृपा से और पुरूषोत्तम मास (अधिक मास) के विशेष पावन अवसर पर आयोजित किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि यज्ञ में सावलमेंढा के यजमानों के साथ-साथ महाराष्ट्र के अमरावती, शेगाव, अंजनगाव सुर्जी, परतवाड़ा, पथ्रोट और धामनगाव गड़ी जैसे स्थानों से भी कई यजमान शामिल होंगे। धार्मिक पंडितों के अनुसार, पुरूषोत्तम मास में किए गए यज्ञ विशेष फलदायी माने जाते हैं और इनमें भाग लेने वालों को आध्यात्मिक शांति तथा सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। ग्रामवासियों ने भी इस आयोजन को लेकर अत्यंत उत्साह दिखाया है और सभी धार्मिक अनुष्ठानों का पालन विधि-विधान से किया जा रहा है। महायज्ञ का विधिवत समापन समारोह अंतिम दिन शुक्रवार को होगा।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले के सिधौली पंचायत में घाघर नाला और ज्ञानी ढोह पर कुल 20 लाख रुपये की लागत से बनी दो पुलिया अब विवादों में घिर गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन पुलियों का निर्माण घटिया तरीके से किया गया है और वे स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से नहीं बनाई गई हैं। इस विवाद के बीच, यह भी चर्चा में है कि पंचायती और जनप्रतिनिधियों द्वारा पहले बनाई गई पानी टंकी भी कमजोर निर्माण के कारण गिर गई थी, जो क्षेत्र में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। ग्रामीणों के अनुसार, घाघर नाला की पुलिया के लिए 10 लाख रुपये और ज्ञानी ढोह के लिए भी 10 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। लेकिन, ग्रामीणों का कहना है कि घाघर नाला की पुलिया सिर्फ एक मकान के सामने बन रही है, जबकि ज्ञानी ढोह के पास तो कोई भी आवास नहीं है। उनका आरोप है कि इन पुलियों का मुख्य उद्देश्य लोगों के आवागमन के बजाय केवल जानवरों के आने-जाने के लिए मार्ग सुनिश्चित करना प्रतीत होता है। निर्माण की गुणवत्ता और स्थान चयन पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब इन पुलियों के बिलों का आधा भुगतान तीन महीने पहले ही कर दिया गया था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ज्ञानी ढोह की पुलिया का स्थान इतना अनावश्यक है कि यह केवल पशुओं के लिए मार्ग जैसा लगता है। इसी क्रम में, उमरवाह गांव में पिछले साल बनी एक पुलिया पर भी ग्रामीणों ने घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं। उन पर आरोप है कि बोल्डर पत्थर डालकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया, जिससे पुलिया दिखने में तो मजबूत लगती है, लेकिन उसकी असल मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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    छिंदवाड़ा जिले के सिधौली पंचायत में घाघर नाला और ज्ञानी ढोह पर कुल 20 लाख रुपये की लागत से बनी दो पुलिया अब विवादों में घिर गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन पुलियों का निर्माण घटिया तरीके से किया गया है और वे स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से नहीं बनाई गई हैं। इस विवाद के बीच, यह भी चर्चा में है कि पंचायती और जनप्रतिनिधियों द्वारा पहले बनाई गई पानी टंकी भी कमजोर निर्माण के कारण गिर गई थी, जो क्षेत्र में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाती है।

ग्रामीणों के अनुसार, घाघर नाला की पुलिया के लिए 10 लाख रुपये और ज्ञानी ढोह के लिए भी 10 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। लेकिन, ग्रामीणों का कहना है कि घाघर नाला की पुलिया सिर्फ एक मकान के सामने बन रही है, जबकि ज्ञानी ढोह के पास तो कोई भी आवास नहीं है। उनका आरोप है कि इन पुलियों का मुख्य उद्देश्य लोगों के आवागमन के बजाय केवल जानवरों के आने-जाने के लिए मार्ग सुनिश्चित करना प्रतीत होता है।

निर्माण की गुणवत्ता और स्थान चयन पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब इन पुलियों के बिलों का आधा भुगतान तीन महीने पहले ही कर दिया गया था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ज्ञानी ढोह की पुलिया का स्थान इतना अनावश्यक है कि यह केवल पशुओं के लिए मार्ग जैसा लगता है। इसी क्रम में, उमरवाह गांव में पिछले साल बनी एक पुलिया पर भी ग्रामीणों ने घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं। उन पर आरोप है कि बोल्डर पत्थर डालकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया, जिससे पुलिया दिखने में तो मजबूत लगती है, लेकिन उसकी असल मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Salesperson तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बडकी बेलहरी स्थित मठिया राजभर बस्ती के लोग पिछले 35 सालों से घोर अंधेरे और बदहाल सड़कों के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा को दर्शाती है।
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    बडकी बेलहरी स्थित मठिया राजभर बस्ती के लोग पिछले 35 सालों से घोर अंधेरे और बदहाल सड़कों के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा को दर्शाती है।
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर स्थित जनपद पंचायत सभागार में मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर कुल 11 आवेदन एसडीएम प्रियंका भल्लवी को सौंपे। आवेदकों द्वारा दिए गए आवेदनों में मुख्य रूप से अतिक्रमण हटाने, बिजली की समस्या, नामांतरण, आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन न करना, नगर परिषद द्वारा पानी के निस्तारण की समस्या, समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान न होना और जमीन का सीमांकन कर कब्जा दिलवाने जैसी माँगें शामिल थीं। जनसुनवाई के दौरान तहसीलदार रामकिशोर झरबड़े, जनपद सीईओ प्रबल अर्जरिया, बीएमओ डॉक्टर रेखा सिंह गौर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राकेश उईके और बीआरसी राकेश रघुवंशी सहित कई विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर स्थित जनपद पंचायत सभागार में मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर कुल 11 आवेदन एसडीएम प्रियंका भल्लवी को सौंपे।

आवेदकों द्वारा दिए गए आवेदनों में मुख्य रूप से अतिक्रमण हटाने, बिजली की समस्या, नामांतरण, आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन न करना, नगर परिषद द्वारा पानी के निस्तारण की समस्या, समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान न होना और जमीन का सीमांकन कर कब्जा दिलवाने जैसी माँगें शामिल थीं।

जनसुनवाई के दौरान तहसीलदार रामकिशोर झरबड़े, जनपद सीईओ प्रबल अर्जरिया, बीएमओ डॉक्टर रेखा सिंह गौर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राकेश उईके और बीआरसी राकेश रघुवंशी सहित कई विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_सोहागपुर न्यूज़
    सोहागपुर न्यूज़
    Salesperson सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • छिंदवाड़ा में रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित प्रसिद्ध 'नारियल वाले हनुमान मंदिर' को प्रशासन द्वारा नारियल हटाने का नोटिस जारी किए जाने के बाद भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे मंदिर समिति के सदस्यों और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर एसडीएम सुधीर जैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर धार्मिक आस्था का सम्मान करने की मांग की है। मंदिर समिति का कहना है कि नारियल चढ़ाने की यह परंपरा बहुत पुरानी है और पूरे देश में यह मंदिर 'नारियल वाले हनुमान' के रूप में जाना जाता है, इसलिए प्रशासन को यह आदेश तत्काल वापस लेना चाहिए।
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    छिंदवाड़ा में रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित प्रसिद्ध 'नारियल वाले हनुमान मंदिर' को प्रशासन द्वारा नारियल हटाने का नोटिस जारी किए जाने के बाद भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे मंदिर समिति के सदस्यों और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर इस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर एसडीएम सुधीर जैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर धार्मिक आस्था का सम्मान करने की मांग की है। मंदिर समिति का कहना है कि नारियल चढ़ाने की यह परंपरा बहुत पुरानी है और पूरे देश में यह मंदिर 'नारियल वाले हनुमान' के रूप में जाना जाता है, इसलिए प्रशासन को यह आदेश तत्काल वापस लेना चाहिए।
    user_KB live News
    KB live News
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ग्राम दमुआ, जिला छिंदवाड़ा में एक घटना सामने आई है जहाँ एक अनजान व्यक्ति आम तोड़ने के इरादे से एक पेड़ पर चढ़ा। बताया गया है कि वह व्यक्ति पेड़ से नीचे गिर गया, जिसके कारण उसे बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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    ग्राम दमुआ, जिला छिंदवाड़ा में एक घटना सामने आई है जहाँ एक अनजान व्यक्ति आम तोड़ने के इरादे से एक पेड़ पर चढ़ा। बताया गया है कि वह व्यक्ति पेड़ से नीचे गिर गया, जिसके कारण उसे बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Aakash mg kahar
    Aakash mg kahar
    Farmer घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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