Shuru
Apke Nagar Ki App…
मधुबनी ज़िले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र के आमदा गांव में मधुबनी-राजनगर मुख्य सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर गहरे गड्ढे और भारी जलजमाव के कारण यह मार्ग राहगीरों, बाइक सवारों और स्थानीय लोगों के लिए भारी परेशानियों का सबब बन गया है। इस जर्जर हालत से आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस महत्वपूर्ण सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
Reporter Seraj
मधुबनी ज़िले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र के आमदा गांव में मधुबनी-राजनगर मुख्य सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर गहरे गड्ढे और भारी जलजमाव के कारण यह मार्ग राहगीरों, बाइक सवारों और स्थानीय लोगों के लिए भारी परेशानियों का सबब बन गया है। इस जर्जर हालत से आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस महत्वपूर्ण सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
More news from बिहार and nearby areas
- jgdvscjx vh cBzgbxh vbB cbafjzvhv c gaJ2
- दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मनीगाछी प्रखंड अंतर्गत कटमा गाँव की जनता ने सड़क निर्माण को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनाने के लिए ₹2,52,792 की राशि खर्च की गई थी, लेकिन आज भी गाँव में सड़क की स्थिति बेहद बदहाल है। ग्रामीणों ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए दस्तावेज़ और हस्ताक्षर भी प्रस्तुत किए हैं, जिससे यह गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि सड़क निर्माण के लिए आवंटित यह पैसा आखिर कहाँ गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। Awaaz-E-Kishore की यह ग्राउंड रिपोर्ट जनता की आवाज़ और ज़मीनी हकीकत को सामने लाते हुए इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।1
- बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्षी एकजुटता और राबड़ी आवास सुरक्षा विवाद पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है। मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इंडी एलायंस के पास स्वार्थ के सिवा और कुछ भी नहीं है।1
- मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेंद्र कुमार ने खजौली थाना के एसएचओ को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में की गई है। इस निलंबन संबंधी जानकारी मधुबनी पुलिस अधीक्षक ने स्वयं दी है।1
- दरभंगा ज़िला मोहर्रम चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जिसके तहत एक नई टीम का ऐलान किया गया है। इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।1
- घरों के आगे और पीछे 16 फीट की सड़क का आज तक निर्माण न होने से स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर से अधूरा होने के कारण लोगों को आने-जाने में अत्यधिक परेशानी होती है। निवासियों का कहना है कि वे ही जानते हैं कि उन पर क्या बीत रही है, और इस स्थिति के कारण उनके बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। समस्या यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि पूरे मोहल्ले, जिसमें अलीपुर, सुंदरपुर और वीर जैसे क्षेत्र शामिल हैं, का पानी एक पोखर में इकट्ठा होता है जो उनके घर के ठीक बगल में स्थित है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए निवासियों ने नगर निगम और प्रेस को दो-तीन बार बुलाया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने अपने वार्ड पार्षद पप्पू खान से भी कई बार संपर्क किया, फिर भी यह समस्या अनसुलझी बनी हुई है। उनके घरों के आगे-पीछे पुस्तैनी जमीन होने के बावजूद सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है।1
- खान ग्लोबल के कोचिंग सेंटर पर फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है, जिसके बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोचिंग सेंटर को सील किया जाएगा। इस पूरे मामले पर बिहार पुलिस के बयान का इंतजार है।1
- बिहार सरकार युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिसका लक्ष्य जुलाई तक 20 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मधुबनी के जयनगर स्थित आईबी परिसर में एक प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। मंत्री प्रसाद ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक एक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार के 75 आईटीआई संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक स्वास्थ्य विभाग में 10,882 लोगों को नौकरी दी गई है, जबकि कई युवाओं को विदेशों और अन्य राज्यों में भी रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। इस अवसर पर भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।1
- बहादुरपुर प्रखंड में बिजली विभाग की घोर लापरवाही या भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक खुला और असुरक्षित ट्रांसफार्मर खुलेआम किसी अप्रिय घटना को न्योता दे रहा है। यह चिंताजनक दृश्य बहादुरपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग के ठीक सामने का है, जबकि बहादुरपुर ब्लॉक कार्यालय भी वहाँ से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है। बताया गया है कि इसी मार्ग से जिलाधिकारी का महीने में कई बार आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद भी इस खतरनाक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। जंगल-झाड़ियों से घिरा यह ट्रांसफार्मर बिजली विभाग की घोर अनदेखी और लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। जनता में यह धारणा बनी हुई है कि भ्रष्ट बिजली विभाग की नींद तभी खुलेगी, जब ग्रामीणों को सड़कों पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा।1