Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी क्षेत्र से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ आए श्रद्धालुओं ने महिलाओं के साथ अभद्रता की, जिसके बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि हरिद्वार में लोग धर्म-कर्म के लिए आते हैं या केवल पाप कमाने के इरादे से।
Dpk Chauhan
उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी क्षेत्र से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ आए श्रद्धालुओं ने महिलाओं के साथ अभद्रता की, जिसके बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि हरिद्वार में लोग धर्म-कर्म के लिए आते हैं या केवल पाप कमाने के इरादे से।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- आजकल सोशल मीडिया पर हरिद्वार बनाम हरियाणा की बहस चल रही है, जिसमें हरिद्वार में हरियाणवी लोगों को उनके आचरण के लिए कुख्यात बताया जा रहा है। मूल पोस्ट के अनुसार, यदि पुलिस फाइलों की पड़ताल की जाए तो ज्यादातर कार्रवाइयाँ इन्हीं लोगों पर निकलने की बात कही गई है। इस सामाजिक मीडिया बहस के बीच, बीते कल शाम लोगों ने चार हरियाणा मूल के व्यक्तियों को हरिद्वार के बाजारों में धुत नशे में घूमते और दुर्व्यवहार करते देखा, जिसे उन्होंने कैमरे में कैद कर लिया। बाद में, जब यही लोग नशे की हालत में गंगा नदी में अठखेलियाँ करने उतरे, तो लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन चारों का पुलिस एक्ट के तहत चालान कर दिया।1
- लक्सर क्षेत्र के एक गांव निवासी एक खिलाड़ी ने अपने ही गांव के कुछ ग्रामीणों पर उनकी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। खिलाड़ी का कहना है कि इस मामले में उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- रुड़की में बाल विवाह का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के एक गाँव में 14 साल की नाबालिग बच्ची का जबरन बाल विवाह कराया गया था। यह मामला तब उजागर हुआ जब बच्ची के गर्भवती होने पर सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को संदेह हुआ और आधार कार्ड की जाँच में उसकी उम्र केवल 14 साल पाई गई। डॉक्टरों की सूचना पर हरिद्वार पुलिस तुरंत अस्पताल पहुँची, लेकिन पुलिस को देखते ही बच्ची का पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में पति सहित ससुराल पक्ष के खिलाफ पोक्सो एक्ट, बाल विवाह अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल, सभी आरोपियों की तलाश जारी है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है।1
- लक्सर तहसील में पत्रकारों और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले रहा है। यह विवाद 22 मई को सूचना संकलन के दौरान शुरू हुआ, जिसके बाद पत्रकारों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीन सैनी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी के आरोपों के बाद 29 मई से बड़े धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। इस मामले को लेकर आज एक संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें किसान यूनियन, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, भीम आर्मी और कई अन्य सामाजिक संगठनों ने पत्रकारों को अपना समर्थन दिया। हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही और इसमें कोई सहमति नहीं बन पाई। लक्सर के उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों को हटाने पर अपनी सहमति नहीं दी। वार्ता विफल होने के बाद, अब 29 मई को तहसील परिसर में एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है।1
- लक्सर में बीती 22 मई को सूचना संकलन के दौरान नाज़िर खुशाल सिंह रावत और एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीन सैनी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था। यह मामला जब लक्सर उपजिलाधिकारी के सामने पहुंचा, तो नाज़िर खुशाल सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में ही प्रवीन सैनी को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस गंभीर घटना पर लक्सर उपजिलाधिकारी मूकदर्शक बने चुप बैठे रहे थे, जिसके बाद गुस्साए पत्रकारों ने 29 मई का अल्टीमेटम देते हुए एक ज्ञापन सौंपा था। पत्रकारों के साथ बढ़ते जनसहयोग को देखते हुए प्रशासन द्वारा आज पत्रकारों को वार्ता के लिए बुलाया गया था। इस संयुक्त बैठक में किसान यूनियन क्रांति, बार एसोसिएशन, व्यापार मंडल, भीम आर्मी उत्तराखंड किसान मोर्चा, प्रधान संगठन, भारतीय किसान यूनियन टिकैत और मजदूर किसान संगठन समिति सहित सभी दलों के क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे। बैठक में आए सभी लोगों ने एकमत होकर दोनों ही कर्मचारियों को तत्काल हटाने की मांग रखी, लेकिन लक्सर उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने इस पर असहमति जताई। उपजिलाधिकारी ने नाज़िर द्वारा की गई घटना को स्वीकार किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाते नज़र आए, जिसके परिणामस्वरूप बैठक बेनतीजा रही और कोई सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद सभी लोग एक साथ उठ खड़े हुए और लक्सर उपजिलाधिकारी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 29 मई तक दोनों कर्मचारियों को नहीं हटाया जाता है, तो तहसील परिसर में हज़ारों की तादाद में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लक्सर तहसील प्रशासन की होगी। लोगों ने मांग की कि उक्त कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लक्सर तहसील से हटाया जाए और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि समाज के चौथे स्तंभ, यानी पत्रकारों पर इस तरह का प्रहार किसी भी हाल में नहीं करने दिया जाएगा, क्योंकि पत्रकार समाज का आईना होते हैं। सभी ने लक्सर के पत्रकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और इस लड़ाई को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया, जब तक उक्त कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, भले ही इसके लिए तहसील में तालाबंदी करनी पड़े।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में सफाई कर्मचारी संघ ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उसका घोर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकारों की प्रशंसा में भी नारे लगाए। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार उनके हितों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि उन्हें केवल ₹10 हज़ार का वेतन दिया जाता है, जिससे उनका गुजारा करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने याद दिलाया कि बसपा सरकार के कार्यकाल में सभी सफाई कर्मचारियों को स्थायी कर दिया गया था, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी को देखते हुए, मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को सुना। संघ ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा सरकार द्वारा की जा रही इस अनदेखी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी क्षेत्र से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ आए श्रद्धालुओं ने महिलाओं के साथ अभद्रता की, जिसके बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि हरिद्वार में लोग धर्म-कर्म के लिए आते हैं या केवल पाप कमाने के इरादे से।1
- लक्सर में तहसील प्रशासन और प्रेस क्लब के बीच आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक विफल साबित हुई। यह बैठक इसलिए बेनतीजा रही क्योंकि तहसील प्रशासन अपने निर्धारित वार्डों के प्रति अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका और अपने वादों पर खरा नहीं उतरा, जिसके परिणामस्वरूप बैठक में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया।1
- डोईवाला के माजरी क्षेत्र में एक फौजी के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगे हैं। भू-माफियाओं ने कथित तौर पर पहले फौजी को जमीन बेची और बाद में उसी जमीन का सौदा किसी और व्यक्ति को कर दिया। आरोप है कि इस दौरान फौजी द्वारा बनाई गई बाउंड्री को भी तोड़ दिया गया और जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश की गई। इस धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित फौजी ने डोईवाला के एसडीएम से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। इसके साथ ही, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ताज प्रधान ने भी फौजी को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। यह घटना भू-माफियाओं द्वारा आम लोगों और सैनिकों की जमीनों पर किए जा रहे अवैध कब्जों और फर्जीवाड़े को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक ऐसे तत्वों पर लगाम नहीं लगेगी।1