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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, 'समुद्र मंथन प्राणायाम' को घर पर करने का तरीका बताया गया है। इस प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत सरल बताया गया है और इसे सीखने व करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वीडियो देखने वालों से आग्रह किया गया है कि वे इसे अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करें। धन्यवाद।
Jagdish Chandra Sharma
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, 'समुद्र मंथन प्राणायाम' को घर पर करने का तरीका बताया गया है। इस प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत सरल बताया गया है और इसे सीखने व करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वीडियो देखने वालों से आग्रह किया गया है कि वे इसे अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करें। धन्यवाद।
- Jagdish Chandra Sharmaछिपाबड़ौद, बारां, राजस्थानnice1 hr ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- गुना पुलिस लाइन स्थित एक सरकारी आवास में महिला आरक्षक का शव फंदे पर लटका मिलने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान अशोकनगर जिले की निवासी महिला आरक्षक निशा शर्मा के रूप में हुई है, जो छुट्टी लेकर अपने घर गई हुई थीं और सोमवार शाम को ही अपने सरकारी क्वार्टर पर लौटी थीं। मंगलवार सुबह जब उनकी काम वाली महिला क्वार्टर पहुंची और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई घंटों तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां महिला आरक्षक का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला, जिससे सभी हैरान रह गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है।2
- झालावाड़ में कवि एवं सामाजिक चिंतक शैलेंद्र जैन 'गुनगुना' ने घरेलू गैस सिलेंडरों की लगातार बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा महंगाई के दौर में रसोई गैस के दाम आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर एक अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं, जिसके चलते उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से गैस उपभोक्ताओं को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है। 'गुनगुना' ने जोर देकर कहा कि रसोई गैस अब हर परिवार की एक मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन इसके बढ़ते दामों के कारण मध्यम वर्ग, श्रमिक वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके चलते कई परिवारों को अपनी अन्य आवश्यक खर्चों में भी कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल कमी लाई जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त सब्सिडी उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया। 'गुनगुना' ने यह भी कहा कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देकर आम जनता को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा प्रदान की जा सकती है। शैलेंद्र जैन 'गुनगुना' ने इस बात पर बल दिया कि बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलेंडर के दामों में मिलने वाली राहत आम नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत होगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को गंभीरता से उठाएं और आमजन के हित में प्रभावी पहल करें, क्योंकि बढ़ती गैस कीमतों ने आमजन का बजट बिगाड़ दिया है।1
- शासकीय हाई स्कूल खारपा में मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे एल एंड टी कंपनी का स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बीईओ रामबाबू पाटीदार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में बीआरसी गजेंद्र शर्मा, संकुल प्राचार्य देवेंद्र शर्मा, प्राचार्य राधेश्याम पुरविया, जनशिक्षक बालचंद्र सिगला, सुरेश नदांगी और सेवानिवृत्त शिक्षक दिनेश गुप्ता का शाल, श्रीफल एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एल एंड टी कंपनी के उमेश सिंह ने की। इस अवसर पर उत्कृष्ट गुप्ता, दिलीप सिंह और अभिनव कुमार गौतम राठौर द्वारा एल एंड टी कंपनी के सहयोग से विद्यालय के 51 छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, पेंसिल, कटर, रबर और कॉपियां वितरित की गईं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें नियमित अध्ययन और अनुशासन का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान, अतिथियों ने एल एंड टी कंपनी की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों की सराहना की और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र मालवीय ने किया, स्वागत भाषण हरीश लुहार ने दिया, और आभार प्राचार्य राधेश्याम पुरविया ने व्यक्त किया। इस अवसर पर नंद किशोर किरार, शिव सिंह कुशवाह, भंवरलाल वर्मा, अशोक कुमार राठौर, गायत्री गुप्ता, अनीता मालवीय, रमेश मालवीय, देवेंद्र जोशी, कौशल्या मालवीय, संजय जोशी सहित शिक्षकगण, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अंत में अतिथियों ने वृक्षारोपण भी किया, जो जिला कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और जिला शिक्षा अधिकारी करण सिंह भिलाला के आह्वान पर जिले के विद्यालयों में पर्यावरण क्लब, जूनियर रेड क्रॉस और स्काउट गाइड के माध्यम से वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा है।1
- दिनांक 9 जून, 2026 मंगलवार को कस्बे में आदिवासी समाज के स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन अंता के सदस्यों ने नगर अध्यक्ष दिलकुश मीणा के नेतृत्व में उन्हें श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बिरसा मुंडा की जीवनी पर भी प्रकाश डाला गया। भीम आर्मी के राकेश गोडाला ने जानकारी देते हुए बताया कि बिरसा मुंडा ने 1886 से 1890 के बीच चाईबासा में ब्रिटिश विरोधी और मिशनरी विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्हें 3 मार्च, 1900 को ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और उसी वर्ष 9 जून को 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में उनका निधन हो गया था। तभी से इस दिन को उनके महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में भीम आर्मी राजस्थान के प्रदेश मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रेम शंकर शांत ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' (धरती पिता) के नाम से भी जाना जाता है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज का नेतृत्व किया और 'उलगुलान' का आह्वान किया था। भीम आर्मी आईटी सेल के प्रदेश सदस्य देवी शंकर मेघवाल ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा को उनके स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार कार्यों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। विधि सलाहकार एडवोकेट देश राज मेहरा ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी अधिकारों और संस्कृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई। श्रद्धांजलि सभा के दौरान संभाग मीडिया प्रभारी भुवनेश रेगर, जिला सचिव जितेंद्र गोडाला, नगर सचिव सोनू रेगर, राजू तम्बोली, कपिल गोडाला सहित अन्य कई सदस्य उपस्थित रहे।2
- यह एक टॉप रैंकर छात्र और उसके संघर्ष की कहानी है।1
- कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दरा अभ्यारण्य के भीतर बन रही सुरंग की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। यह सुरंग 20 जून के बाद आमजन के लिए खोली जा सकती है। इस सुरंग के चालू होने से गुरुग्राम से वड़ोदरा तक का सफर काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस यात्रा में 20 से 22 घंटे लगते हैं, वहीं इसके शुरू होने के बाद यह अवधि घटकर मात्र 10 से 12 घंटे रह जाएगी। इसके साथ ही, दरा नाल में लगने वाले जाम की समस्या का भी स्थायी समाधान मिलेगा। इन महत्वपूर्ण बदलावों से आमजन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, 'समुद्र मंथन प्राणायाम' को घर पर करने का तरीका बताया गया है। इस प्राणायाम को मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत सरल बताया गया है और इसे सीखने व करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वीडियो देखने वालों से आग्रह किया गया है कि वे इसे अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ लाइक, कमेंट और शेयर करें। धन्यवाद।1
- उत्तर प्रदेश से एक अत्यंत मार्मिक घटना सामने आई है, जिसने सरकारी व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अयोध्या के मया बाजार क्षेत्र की निवासी गीता देवी की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनका सात वर्षीय बेटा अर्पित लगभग 24 घंटे तक अपनी मां के शव के पास बैठा रहा। इस मासूम बच्चे को अपनी मां के निधन का कोई आभास नहीं था। गीता देवी के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, और इस कठिन घड़ी में कई रिश्तेदारों ने भी उनसे दूरी बना ली। परिवार को सहारा देने या अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के लिए कोई भी आगे नहीं आया, जिससे स्थिति और भी हृदयविदारक हो गई। जब इस दुखद घटना की सूचना स्थानीय हिंदू संगठनों को मिली, तो उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पहले भूखे-प्यासे अर्पित को संभाला, उसे भोजन कराया और फिर उसकी मां का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है, जहां संकट के समय न प्रशासन समय पर पहुंचा और न ही सामाजिक तंत्र सक्रिय दिखाई दिया। आखिरकार समाज के कुछ जागरूक लोगों ने आगे बढ़कर इंसानियत का फर्ज निभाया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर सरकारी सहायता और सामाजिक सुरक्षा तंत्र कितनी प्रभावी भूमिका निभा पाते हैं। मासूम अर्पित की मां को खोने के दर्द और अकेलेपन की यह तस्वीर लोगों को लंबे समय तक झकझोरती रहेगी।1
- माचलपुर स्थित परोंडा बालाजी मंदिर में राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में कथावाचक भरत जी हिनौती द्वारा राम कथा का वाचन किया जाएगा।1