महेशपुर प्रखंड के अंतर्गत जयपुर बोरंगा गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली की समस्या का समाधान हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी के प्रयासों से गांव में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारू हुई है, जिससे ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। दरअसल, गांव का 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण कई दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से उपासना मरांडी को अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। उपासना मरांडी ने तुरंत संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा और इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। उनके लगातार और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, विभाग द्वारा गांव में एक नया 25 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया, जिससे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस अवसर पर, उपासना मरांडी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा आम लोगों के हितों की रक्षा और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है, और भविष्य में भी जनहित के कार्यों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। नया ट्रांसफार्मर स्थापित होने और बिजली बहाल होने के बाद, जयपुर बोरंगा गांव के ग्रामीणों ने उपासना मरांडी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि वे सदैव जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनती हैं और उनके समाधान के लिए तत्पर रहती हैं। लोगों ने उनके जनसेवा के प्रति समर्पण की प्रशंसा की और आशा जताई कि वे आगे भी क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।
महेशपुर प्रखंड के अंतर्गत जयपुर बोरंगा गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली की समस्या का समाधान हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी के प्रयासों से गांव में बिजली आपूर्ति पुनः सुचारू हुई है, जिससे ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। दरअसल, गांव का 25 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण कई दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से उपासना मरांडी को अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। उपासना मरांडी ने तुरंत संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा और इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। उनके लगातार और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, विभाग द्वारा गांव में एक नया 25 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया, जिससे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस अवसर पर, उपासना मरांडी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा आम लोगों के हितों की रक्षा और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है, और भविष्य में भी जनहित के कार्यों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। नया ट्रांसफार्मर स्थापित होने और बिजली बहाल होने के बाद, जयपुर बोरंगा गांव के ग्रामीणों ने उपासना मरांडी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि वे सदैव जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनती हैं और उनके समाधान के लिए तत्पर रहती हैं। लोगों ने उनके जनसेवा के प्रति समर्पण की प्रशंसा की और आशा जताई कि वे आगे भी क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों पर इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी।
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान बिरसा मुंडा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- फिलीपींस में आज छात्रों ने भूकंप के दौरान दहशत के उन पलों को महसूस किया। यह दृश्य एक स्कूल के भीतर का था, जहाँ भूकंप के कारण छात्रों ने बेहद खौफनाक और डरावने अनुभव का सामना किया।1
- एक पत्रकार द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए पैसों के स्रोत पर सवाल उठाए जाने के बाद, खान सर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के निर्माण के लिए राज शमानी के प्लेटफॉर्म पर लोगों ने सहयोग राशि एकत्र की थी। जब यह राशि उन्हें भेजने की बात आई, तो खान सर ने इसे लेने से मना कर दिया और स्पष्ट कहा कि इन पैसों को उन्हें न भेजा जाए, बल्कि किसी ज़रूरतमंद के काम में लगाया जाए। यह कार्य ऐसे समय में बहुत बड़ी बात है जब लोग हर अवसर को कमाई के ज़रियए के रूप में देखते हैं, वहीं खान सर ने अपने लिए आई सहायता को भी ज़रूरतमंदों के नाम कर दिया। यही कारण है कि लाखों छात्र उन्हें केवल एक शिक्षक नहीं मानते। उन्होंने शिक्षा को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों तक पहुँचाया, कम फीस में पढ़ाया, और बार-बार यह साबित किया कि समाज के लिए कुछ करने की नीयत ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। जबकि आरोप लगाना और सवाल उठाना आसान है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षों से लाखों छात्रों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। अन्य सभी आरोप-प्रत्यारोपों का फैसला अदालत और कानून करेंगे, लेकिन किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों और समाज के लिए किए गए योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए। इसी भरोसे और योगदान के चलते लाखों छात्र आज भी खान सर के साथ खड़े हैं।1
- सड़क पर मकाई फैला दिए जाने के कारण सवारी करने वाले लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव में कथित तौर पर एक भूत के निकलने से दहशत फैल गई है। खबरों के अनुसार, यह भूत लोगों से कह रहा है कि वे सिर्फ आर्यन केल्वीन को ही फॉलो करते हैं।1
- चांदन में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत 507 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के बावजूद, रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताएँ गहरे आक्रोश में हैं। आशा कर्मियों ने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें पिछले दस महीनों से उनका वेतन नहीं मिला है। वेतन लंबित होने के साथ-साथ उन पर काम का भारी बोझ भी है, और इन सब के बावजूद उन्हें चयन मुक्त (सेवा से हटाने) करने की धमकी दी जा रही है। आशा कर्मियों के अनुसार, इन्हीं कारणों से उनमें भारी असंतोष और गुस्सा व्याप्त है।1
- बौंसी प्रखंड कार्यालय परिसर के बाहर मंगलवार को आरजेडी दल ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था।1
- ईरान ने देश इज़राइल के पूरे शहर को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागी हैं। इस कार्रवाई के माध्यम से ईरान ने इज़राइल को उसकी 'औकात' दिखा दी है।1