दुर्गा बाग मंदिर में तीसरी शादी का ड्रामा: फेरे के बीच पहुंची पहली पत्नी, पुलिस देख दूल्हा फरार। बेतिया के प्रसिद्ध दुर्गा बाग मंदिर में उस समय अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया, जब एक युवक अपनी कथित तीसरी शादी रचाने पहुंचा और फेरे के दौरान ही उसकी पहली पत्नी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। मंदिर परिसर में चल रही शादी की रस्में अचानक थम गईं, लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस की गाड़ी मंदिर के बाहर रुकी और जैसे ही जवान अंदर पहुंचे, दूल्हा बना युवक मौके से फरार हो गया। आरोपी की पहचान अनिल सहनी, पिता जगदीश सहनी, निवासी अरेराज मलाई के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अनिल की पहली शादी वर्ष 2019 में मोतिहारी जिले के भवानीपुर जिरात निवासी अर्चना देवी से अरेंज मैरेज के तहत हुई थी। शादी के कुछ वर्षों तक सब सामान्य चला, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2024 में उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अर्चना देवी का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। दोनों के दो छोटे-छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा 4.5 वर्षीय ऋषु कुमार फिलहाल पिता के पास रह रहा है, जबकि 3.5 वर्षीय आर्यन अपनी मां के साथ है। पीड़िता की मांग साफ है—उसे अपने पति से कोई संबंध नहीं रखना, बस अपने बेटे से मिलने या उसे अपने पास रखने का अधिकार चाहिए। उसका कहना है कि वह लगातार प्रताड़ना झेलती रही है और अब केवल अपने बच्चे के लिए लड़ रही है। इसी बीच जानकारी मिली कि अनिल सहनी बेतिया के दुर्गा बाग मंदिर में तीसरी शादी रचा रहा है। बताया जाता है कि मंदिर में विधि-विधान से फेरे चल रहे थे, तभी पहली पत्नी को इसकी सूचना मिली। वह तत्काल पुलिस के साथ मंदिर पहुंच गई। जैसे ही पुलिस ने हस्तक्षेप किया, अनिल सहनी वहां से फरार हो गया। इस अचानक घटनाक्रम से मंदिर परिसर में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तीसरी पत्नी के रूप में सामने आई युवती की पहचान बगहा के सेमरा बाजार कुरकुरवा निवासी दुखन सहनी की पुत्री पुनीता कुमारी के रूप में हुई है। पुनीता कुमारी का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनका होने वाला पति पहले से दो शादियां कर चुका है और एक मामला कोर्ट में लंबित है। उन्होंने खुद को ठगा हुआ बताते हुए कहा कि अब वह भी अपने नए-नवेले दूल्हे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के बड़े भाई और कथित तीसरी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है—पहली शादी, दूसरी शादी और अब तीसरी शादी की कोशिश, सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। दुर्गा बाग मंदिर में हुई इस घटना ने एक बार फिर वैवाहिक धोखाधड़ी, महिलाओं की सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पहली पत्नी न्याय और अपने बच्चे के अधिकार की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर तीसरी पत्नी भी खुद को ठगा हुआ बता रही है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस पूरे मामले में सच क्या है और आरोपी पर क्या कार्रवाई होती है।
दुर्गा बाग मंदिर में तीसरी शादी का ड्रामा: फेरे के बीच पहुंची पहली पत्नी, पुलिस देख दूल्हा फरार। बेतिया के प्रसिद्ध दुर्गा बाग मंदिर में उस समय अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया, जब एक युवक अपनी कथित तीसरी शादी रचाने पहुंचा और फेरे के दौरान ही उसकी पहली पत्नी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। मंदिर परिसर में चल रही शादी की रस्में अचानक थम गईं, लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस की गाड़ी मंदिर के बाहर रुकी और जैसे ही जवान अंदर पहुंचे, दूल्हा बना युवक मौके से फरार हो गया। आरोपी की पहचान अनिल सहनी, पिता जगदीश सहनी, निवासी अरेराज मलाई के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अनिल की पहली शादी वर्ष 2019 में मोतिहारी जिले के भवानीपुर जिरात निवासी अर्चना देवी से अरेंज मैरेज के तहत हुई थी। शादी के कुछ वर्षों तक सब सामान्य चला, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2024 में उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अर्चना देवी का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। दोनों के दो छोटे-छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा 4.5 वर्षीय ऋषु कुमार फिलहाल पिता के पास रह रहा है, जबकि 3.5 वर्षीय आर्यन अपनी मां के साथ है। पीड़िता की मांग साफ है—उसे अपने पति से कोई संबंध नहीं रखना, बस अपने बेटे से मिलने या उसे अपने पास रखने का अधिकार चाहिए। उसका कहना है कि वह लगातार प्रताड़ना झेलती रही है और अब केवल अपने बच्चे के लिए लड़ रही है। इसी बीच जानकारी मिली कि अनिल सहनी बेतिया के दुर्गा बाग मंदिर में तीसरी शादी रचा रहा है। बताया जाता है कि मंदिर में विधि-विधान से फेरे चल रहे थे, तभी पहली पत्नी को इसकी सूचना मिली। वह तत्काल पुलिस के साथ मंदिर पहुंच गई। जैसे ही पुलिस ने हस्तक्षेप किया, अनिल सहनी वहां से फरार हो गया। इस अचानक घटनाक्रम से मंदिर परिसर में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तीसरी पत्नी के रूप में सामने आई युवती की पहचान बगहा के सेमरा बाजार कुरकुरवा निवासी दुखन सहनी की पुत्री पुनीता कुमारी के रूप में हुई है। पुनीता कुमारी का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनका होने वाला पति पहले से दो शादियां कर चुका है और एक मामला कोर्ट में लंबित है। उन्होंने खुद को ठगा हुआ बताते हुए कहा कि अब वह भी अपने नए-नवेले दूल्हे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के बड़े भाई और कथित तीसरी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है—पहली शादी, दूसरी शादी और अब तीसरी शादी की कोशिश, सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। दुर्गा बाग मंदिर में हुई इस घटना ने एक बार फिर वैवाहिक धोखाधड़ी, महिलाओं की सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पहली पत्नी न्याय और अपने बच्चे के अधिकार की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर तीसरी पत्नी भी खुद को ठगा हुआ बता रही है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस पूरे मामले में सच क्या है और आरोपी पर क्या कार्रवाई होती है।
- बेतिया पावर हाउस चौक स्थित संतोषी माता मंदिर आज आस्था, श्रद्धा और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जहां तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ पूरे धार्मिक विधि-विधान और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। मंदिर परिसर से निकली भव्य कलश यात्रा ने पूरे इलाके को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सैकड़ों श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे, वहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज और माता के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि नगरवासियों में इस आयोजन को लेकर गहरी आस्था और विशेष उत्सुकता है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया है, जिससे पूरा वातावरण दिव्य और मनमोहक दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है, जिससे उपस्थित श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव कर रहे हैं। आयोजन के आगामी चरणों में अधिवास पूजन तथा मुख्य प्राण प्रतिष्ठा पूजन संपन्न कराया जाएगा, जिसमें विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ माता की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठित किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन के समापन अवसर पर महाप्रसाद एवं भंडारे का भी भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें सभी भक्तगण सपरिवार शामिल होकर प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। आयोजन समिति ने नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने और माता के आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। पूरे पावर हाउस चौक में आज श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की जो अलौकिक छटा बिखरी है, उसने इस धार्मिक आयोजन को एक ऐतिहासिक और यादगार स्वरूप दे दिया है।1
- बेतिया में संजय जायसवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस, चाणक्य नीति पर विशेष चर्चा बेतिया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय जायसवाल ने बेतिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक रणनीति, विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने “चाणक्य नीति” का उल्लेख करते हुए राजनीतिक दृष्टिकोण, नीति-निर्माण और नेतृत्व की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और दूरदर्शी नीतियाँ किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे। सांसद ने मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर भी जानकारी दी।1
- सबका सम्मान जीवन आसान कार्यक्रम के तहत समाहरणालय स्थित कक्ष में जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने सभी समस्याओं पर ध्यान देते हुए जिला के सभी पदाधिकारीयों को तुरंत समाधान हेतु दिशा निर्देश जारी किया। 20.02.2026.1
- Post by Shambhu Rajbhar1
- Post by Akash Kumar1
- Post by Sadhana national News1
- गोपालगंज बलथरी चेकपोस्ट पर इथेनॉल का टैंकर और डंफर के एक्सीडेंट से इथेनॉल का रिसाव,, जिला प्रशासन के द्वारा एलर्ट,,1
- बेतिया के प्रसिद्ध दुर्गा बाग मंदिर में उस समय अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया, जब एक युवक अपनी कथित तीसरी शादी रचाने पहुंचा और फेरे के दौरान ही उसकी पहली पत्नी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। मंदिर परिसर में चल रही शादी की रस्में अचानक थम गईं, लोग हैरान रह गए और देखते ही देखते पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस की गाड़ी मंदिर के बाहर रुकी और जैसे ही जवान अंदर पहुंचे, दूल्हा बना युवक मौके से फरार हो गया। आरोपी की पहचान अनिल सहनी, पिता जगदीश सहनी, निवासी अरेराज मलाई के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अनिल की पहली शादी वर्ष 2019 में मोतिहारी जिले के भवानीपुर जिरात निवासी अर्चना देवी से अरेंज मैरेज के तहत हुई थी। शादी के कुछ वर्षों तक सब सामान्य चला, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2024 में उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अर्चना देवी का कहना है कि वह लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। दोनों के दो छोटे-छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा 4.5 वर्षीय ऋषु कुमार फिलहाल पिता के पास रह रहा है, जबकि 3.5 वर्षीय आर्यन अपनी मां के साथ है। पीड़िता की मांग साफ है—उसे अपने पति से कोई संबंध नहीं रखना, बस अपने बेटे से मिलने या उसे अपने पास रखने का अधिकार चाहिए। उसका कहना है कि वह लगातार प्रताड़ना झेलती रही है और अब केवल अपने बच्चे के लिए लड़ रही है। इसी बीच जानकारी मिली कि अनिल सहनी बेतिया के दुर्गा बाग मंदिर में तीसरी शादी रचा रहा है। बताया जाता है कि मंदिर में विधि-विधान से फेरे चल रहे थे, तभी पहली पत्नी को इसकी सूचना मिली। वह तत्काल पुलिस के साथ मंदिर पहुंच गई। जैसे ही पुलिस ने हस्तक्षेप किया, अनिल सहनी वहां से फरार हो गया। इस अचानक घटनाक्रम से मंदिर परिसर में मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तीसरी पत्नी के रूप में सामने आई युवती की पहचान बगहा के सेमरा बाजार कुरकुरवा निवासी दुखन सहनी की पुत्री पुनीता कुमारी के रूप में हुई है। पुनीता कुमारी का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनका होने वाला पति पहले से दो शादियां कर चुका है और एक मामला कोर्ट में लंबित है। उन्होंने खुद को ठगा हुआ बताते हुए कहा कि अब वह भी अपने नए-नवेले दूल्हे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के बड़े भाई और कथित तीसरी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है—पहली शादी, दूसरी शादी और अब तीसरी शादी की कोशिश, सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। दुर्गा बाग मंदिर में हुई इस घटना ने एक बार फिर वैवाहिक धोखाधड़ी, महिलाओं की सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पहली पत्नी न्याय और अपने बच्चे के अधिकार की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर तीसरी पत्नी भी खुद को ठगा हुआ बता रही है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस पूरे मामले में सच क्या है और आरोपी पर क्या कार्रवाई होती है।1