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दरभंगा जिले की बहादुरपुर देकुली पंचायत अभी भी उपेक्षा का शिकार है। पंचायत में मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर स्तर पर है, जहाँ लोगों को चलने के लिए सही सड़कें तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही, पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है, क्योंकि निवासियों को समय पर पानी नहीं मिल पाता।
JAN PAD Digital News
दरभंगा जिले की बहादुरपुर देकुली पंचायत अभी भी उपेक्षा का शिकार है। पंचायत में मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर स्तर पर है, जहाँ लोगों को चलने के लिए सही सड़कें तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही, पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है, क्योंकि निवासियों को समय पर पानी नहीं मिल पाता।
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- दरभंगा जिले की बहादुरपुर देकुली पंचायत अभी भी उपेक्षा का शिकार है। पंचायत में मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर स्तर पर है, जहाँ लोगों को चलने के लिए सही सड़कें तक उपलब्ध नहीं हैं। इसके साथ ही, पीने के पानी की समस्या भी बनी हुई है, क्योंकि निवासियों को समय पर पानी नहीं मिल पाता।1
- एक महिला का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया है, जिसके बाद उसके मायके वालों ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतिका के भाई का दावा है कि उसकी बहन की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने कथित तौर पर दो लाख रुपये नहीं दिए थे। इस घटना के बाद से मृतिका का पति घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।1
- मुंबई की चकाचौंध में एक बार फिर बिहार के एक श्रमिक परिवार का सपना टूट गया है, जब दरभंगा के एक मजदूर की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इस घटना को एक सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। उन्होंने प्रशासन पर न्याय न मिलने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। दरभंगा के बेहेड़ी थाना क्षेत्र के सिरुआ गाँव के निवासी फूलचंद झा मुंबई में एक निर्माण कार्य स्थल पर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार के अनुसार, 17 मई की दोपहर के बाद से फूलचंद से उनका संपर्क टूट गया था और अगले ही दिन उन्हें उनकी मौत की दुखद खबर मिली। परिवार का दावा है कि मुंबई जाकर शव देखने पर उन्हें शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले, जो किसी दुर्घटना के बजाय किसी हमले की ओर इशारा कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस मामले को पुलिस और निर्माण कार्य से जुड़े प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है और अपनी शिकायत की एफआईआर कॉपी तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की माँग कर रहा है। यह मामला बिहार भवन नई दिल्ली और स्थानीय प्रशासन तक पहुँच चुका है। फिलहाल, परिवार की एकमात्र माँग एक निष्पक्ष जाँच और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एक गरीब मजदूर को न्याय मिल पाएगा, या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में यह मामला भी दबा दिया जाएगा।1
- दरभंगा जिले में सिमरी-दरभंगा सड़क पर एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH 27) के निर्माण कार्य पर तुरंत ध्यान देने और सड़क को जल्द से जल्द बनाने की अपील की है।1
- बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद भी इसका कोई फायदा नहीं दिख रहा है, ऐसी टिप्पणी के साथ एक ताज़ा मामला सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री आवास से महंगी शराब की बोतलें बरामद की गई हैं। इस घटना ने शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन और उसकी प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- दरभंगा के DMCH अस्पताल में एक्स-रे मशीन ठप होने के बाद भारी हंगामा हुआ। नाराज महिलाओं ने सड़क पर लेटकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।1
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- बिहार के मुख्यमंत्री ने काम नहीं करने वाले अधिकारियों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेंगे, उन्हें सबसे पहले 10 दिन में पहला नोटिस मिलेगा। इसके बाद, यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो 20 दिन में दूसरा नोटिस और 25 दिन में तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों नोटिसों के बाद भी यदि काम पूरा नहीं होता या सुधार नहीं दिखता, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से सीधे निलंबन का आदेश जारी कर दिया जाएगा।1