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सांसद सीपी जोशी ने बड़ीसादड़ी में डाले गए जहरीले अपशिष्ट के मामले में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।

12 hrs ago
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DS7NEWS NETWORK
News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
12 hrs ago

सांसद सीपी जोशी ने बड़ीसादड़ी में डाले गए जहरीले अपशिष्ट के मामले में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • 'जहर मुक्त 'बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के आह्वान पर बड़ीसादड़ी में पूर्ण बंद सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह बंद हिन्दुस्तान जिंक के 'जेरोफिक्स अपशिष्ट पदार्थ' से जुड़े मामले के विरोध में किया गया था। इस सफल बंद के दौरान, मेडिकल स्टोर जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप रहीं।
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    'जहर मुक्त 'बड़ीसादड़ी संघर्ष समिति' के आह्वान पर बड़ीसादड़ी में पूर्ण बंद सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह बंद हिन्दुस्तान जिंक के 'जेरोफिक्स अपशिष्ट पदार्थ' से जुड़े मामले के विरोध में किया गया था। इस सफल बंद के दौरान, मेडिकल स्टोर जैसी आवश्यक सेवाएं भी ठप रहीं।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    44 min ago
  • आज सांवरिया सेठ जी के मनमोहक दर्शन हुए, जिसके बाद भक्त ने अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। भक्त ने सांवरिया सेठ जी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक सबका बहुत साथ दिया और बहुत निभा लिया है, लेकिन अब वे स्वयं के लिए जीने का इरादा रखते हैं।
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    आज सांवरिया सेठ जी के मनमोहक दर्शन हुए, जिसके बाद भक्त ने अपनी गहरी भावनाएँ साझा कीं। भक्त ने सांवरिया सेठ जी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक सबका बहुत साथ दिया और बहुत निभा लिया है, लेकिन अब वे स्वयं के लिए जीने का इरादा रखते हैं।
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    Priest चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • महिला विकास मंच की वीणा माधवी ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिवारों को बचाना है।
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    महिला विकास मंच की वीणा माधवी ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिवारों को बचाना है।
    user_प्रतापhttps://www.facebook.com
    प्रतापhttps://www.facebook.com
    Nurse चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में धर्म, संगठन और छात्र राजनीति से जुड़ी कई गतिविधियां सामने आईं। इन प्रमुख घटनाओं में महाकाल सेना में नई नियुक्तियां की गईं, लक्ष्मीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और एनएसयूआई (NSUI) ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
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    चित्तौड़गढ़ में धर्म, संगठन और छात्र राजनीति से जुड़ी कई गतिविधियां सामने आईं। इन प्रमुख घटनाओं में महाकाल सेना में नई नियुक्तियां की गईं, लक्ष्मीनाथ मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और एनएसयूआई (NSUI) ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
    user_Hello Chittorgarh News
    Hello Chittorgarh News
    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • सांसद सीपी जोशी ने बड़ीसादड़ी में डाले गए जहरीले अपशिष्ट के मामले में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
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    सांसद सीपी जोशी ने बड़ीसादड़ी में डाले गए जहरीले अपशिष्ट के मामले में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
    user_DS7NEWS NETWORK
    DS7NEWS NETWORK
    News Anchor चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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    राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा मंगलवार को बेगूं उपखंड क्षेत्र के उत्थन कलां गांव में जे के सीमेंट लिमिटेड की प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) देने के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार ने की, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।

मेसर्स जे. के. सीमेंट लिमिटेड द्वारा बेगूं उपखंड क्षेत्र के चन्दाखेडी, ढोरिया, ठुकराई, परख्या खेडी, पालका, उत्थन कला, धारला, शादी और रायता गांवों में प्रस्तावित लाइम स्टोन उत्पादन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति मांगी गई है। यह जनसुनवाई परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय प्रभावों और ग्रामीणों की चिंताओं को सुनने के उद्देश्य से आयोजित हुई।

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों, जल स्रोतों, कृषि भूमि, रोजगार और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले असर को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया के तहत प्राप्त इन सुझावों और आपत्तियों को अंतिम प्रतिवेदन में शामिल कर सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी पर निर्णय लिया जाएगा।

इस मौके पर एसडीएम गंगरार पुनीत कुमार के साथ आर ओ आरएसपीसीबी चित्तौड़गढ़ आशीष बोरासी, डीएसपी अंजलि सिंह, तहसीलदार गोपाल जीनगर, बीडीओ सुरेश गिरी गोस्वामी सहित आसपास क्षेत्र के सभी ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
    user_The fact khabar
    The fact khabar
    Local News Reporter बेगूं, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है। आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
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    महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार, राजस्थान पुलिस ने प्रदेशव्यापी विशेष यातायात एवं कानून पालन अभियान के आठवें दिन 8,448 वाहन चालकों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन में जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी एल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने वाहनों में अवैध संरचनात्मक परिवर्तन, अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर व स्ट्रोब लाइट, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द व चिन्ह तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने जैसे उल्लंघनों पर विशेष कार्रवाई की है।

आँकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि राज्य में सबसे ज्यादा 3,264 कार्रवाई वाहनों के शीशों पर काली फिल्म के खिलाफ की गईं, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके अतिरिक्त, नियम विरुद्ध और वीआईपी स्टाइल में नंबर प्लेट लगाने वाले 2,079 वाहन चालक, अपनी गाड़ियों पर अवैध रूप से पद, जाति या अनाधिकृत शब्द लिखवाने वाले 1,204 लोग, और बिना अनुमति के गाड़ी की चेसिस या बॉडी मॉडिफाई कराने वाले 861 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।

पुलिस ने सड़कों पर बेवजह रौब झाड़ने और शोर मचाने वालों को भी नहीं बख्शा। राज्यभर में 544 मामले ऐसे सामने आए जहाँ गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर या हूटर लगे हुए थे, जबकि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 496 प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया। 'पटाखे' जैसी ध्वनि करती बुलेट गाड़ियों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इस अभियान में कोटा शहर सर्वाधिक 572 कार्रवाइयों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। अन्य जिलों में अजमेर में 416, बाड़मेर में 340, चित्तौड़गढ़ में 311, तथा भरतपुर में 309 कार्रवाइयाँ दर्ज की गईं। भीलवाड़ा में 281, झुंझुनूं में 257, जयपुर ग्रामीण में 247, तथा उदयपुर में 215 कार्रवाई कर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए गए। जयपुर यातायात पुलिस ने भी 320 मामलों में, जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने 180 मामलों में, और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने कुल 247 मामलों में कार्रवाई की है।

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी भी है। राजस्थान पुलिस का लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाकर एक सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करना है।
    user_राजकुमार गोयल
    राजकुमार गोयल
    Local News Reporter Bhilwara, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में कथित जेरोफिक्स औद्योगिक अपशिष्ट डंपिंग मामले को लेकर जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन और सरकार स्तर पर जहां जांच और समाधान के प्रयास जारी हैं, वहीं आंदोलनकारी संगठनों ने संघर्ष को निर्णायक चरण में ले जाने की घोषणा की है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ीसादड़ी बंद का व्यापक असर दिखा, जहां बाजार पूरी तरह बंद रहे और नगर में सन्नाटा पसरा रहा। मामले की गंभीरता के चलते बड़ीसादड़ी एवं डूंगला अभिभाषक संघ ने राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय लिया है कि वे दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की ओर से कोई मुकदमा नहीं लड़ेंगे। उधर, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल, हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रकाश चौधरी ने दोषियों पर कार्रवाई और क्षेत्र के जलाशयों की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई, जिस पर सहकारिता मंत्री गौतम दक ने निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में अपशिष्ट सामग्री हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई। सांसद सी.पी. जोशी ने भी प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अनुमति प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक केवल लगभग 10 प्रतिशत अपशिष्ट सामग्री ही हटाई गई है। इसे लेकर आंदोलन का एक धड़ा आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय कर चुका है, जिसके तहत डॉ. विमल कुमार नागौरी, हेमंत बागड़, विनोद रांका और जगदीश धाकड़ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। इस पूरे प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के निरीक्षण प्रतिवेदन में कथित "अवैध डंपिंग" का उल्लेख और दूसरी ओर रेलवे एम्बैंकमेंट निर्माण के लिए जेरोफिक्स के नियंत्रित उपयोग की वैधानिक अनुमति का जारी होना है, जो एक बड़ा विरोधाभास प्रस्तुत करता है। फिलहाल बड़ीसादड़ी का यह जेरोफिक्स विवाद पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही का एक अहम मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें संयुक्त विभागीय जांच, वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में कथित जेरोफिक्स औद्योगिक अपशिष्ट डंपिंग मामले को लेकर जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रशासन और सरकार स्तर पर जहां जांच और समाधान के प्रयास जारी हैं, वहीं आंदोलनकारी संगठनों ने संघर्ष को निर्णायक चरण में ले जाने की घोषणा की है। इसी क्रम में सोमवार को बड़ीसादड़ी बंद का व्यापक असर दिखा, जहां बाजार पूरी तरह बंद रहे और नगर में सन्नाटा पसरा रहा।

मामले की गंभीरता के चलते बड़ीसादड़ी एवं डूंगला अभिभाषक संघ ने राज्यपाल के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय लिया है कि वे दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की ओर से कोई मुकदमा नहीं लड़ेंगे। उधर, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सहकारिता मंत्री गौतम दक, पूर्व विधायक प्रकाश चौधरी, क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल, हिंदुस्तान जिंक के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रकाश चौधरी ने दोषियों पर कार्रवाई और क्षेत्र के जलाशयों की वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई, जिस पर सहकारिता मंत्री गौतम दक ने निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस बैठक में अपशिष्ट सामग्री हटाने के लिए 15 दिन का समय मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई।

सांसद सी.पी. जोशी ने भी प्रदूषण नियंत्रण तंत्र की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अनुमति प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि अब तक केवल लगभग 10 प्रतिशत अपशिष्ट सामग्री ही हटाई गई है। इसे लेकर आंदोलन का एक धड़ा आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय कर चुका है, जिसके तहत डॉ. विमल कुमार नागौरी, हेमंत बागड़, विनोद रांका और जगदीश धाकड़ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है।

इस पूरे प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के निरीक्षण प्रतिवेदन में कथित "अवैध डंपिंग" का उल्लेख और दूसरी ओर रेलवे एम्बैंकमेंट निर्माण के लिए जेरोफिक्स के नियंत्रित उपयोग की वैधानिक अनुमति का जारी होना है, जो एक बड़ा विरोधाभास प्रस्तुत करता है। फिलहाल बड़ीसादड़ी का यह जेरोफिक्स विवाद पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही का एक अहम मुद्दा बन चुका है। अब सबकी निगाहें संयुक्त विभागीय जांच, वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    Local News Reporter चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
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