डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह रिपोर्ट दिनांक 24/05/2026 को ईश्वर प्रसाद साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।
डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के
200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय
कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल
है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह रिपोर्ट दिनांक 24/05/2026 को ईश्वर प्रसाद साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह रिपोर्ट दिनांक 24/05/2026 को ईश्वर प्रसाद साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।4
- डिंडौरी जिले के शहपुरा तहसील स्थित करौंदी की श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार, 24 मई 2026 को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराते हुए एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के अथक प्रयासों से इस पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के साथ लगातार 200 सप्ताह (रविवार) पूरे कर लिए हैं। इस विशेष अवसर पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए गए। इस 200वें रविवार के महाअभियान में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनके साथ ही इस पुनीत कार्य में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया, आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू, योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू, डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू, पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेंद्र कुड़ापे सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक अनूठी मिसाल है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न केवल पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का एक सुंदर बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।4
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर चर्चा में है। इस बार कारण अस्पताल की अव्यवस्थाएं नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम से जुड़ा एक वायरल वीडियो है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि अस्पताल के ड्रेसिंग रूम में बने शौचालय की सीट के ठीक बगल में मरीजों के ड्रेसिंग का सामान रखा हुआ है। लोगों को सबसे अधिक हैरानी इस बात से है कि जहाँ मरीजों के संवेदनशील इलाज और ड्रेसिंग का सामान रखा गया है, वहीं चारों ओर गंदगी भी स्पष्ट दिख रही है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि जहाँ मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहाँ स्वच्छता और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए, लेकिन यहाँ स्थिति बिल्कुल विपरीत है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या अस्पताल प्रबंधन को यह नजर नहीं आया कि शौचालय की सीट के पास रखा ड्रेसिंग का सामान संक्रमण फैलाने का एक बड़ा जरिया बन सकता है। जब इस वायरल वीडियो के संबंध में पाली के बीएमओ डॉ. पुट्टू लाल सागर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया, जिससे अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि इस वीडियो के बाद स्वास्थ्य विभाग केवल स्पष्टीकरण देगा या फिर अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।1
- डिंडोरी जिले में कलेक्टर अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में, खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने मां नर्मदा नदी के तट पर पुल के पास एक विशेष संडे डांस एरोबिक्स का आयोजन किया। यह गतिविधि "आरोह-2026" ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का हिस्सा थी, जिसे 5 मई से 5 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष संडे एक्टिविटी के तहत एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस गतिविधियां शामिल थीं, जिनमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना को विकसित करना रहा, ताकि सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक एवं शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें।1
- उमरिया जिले के ग्राम खेरवा टोला में बाघ के हमले के बाद ग्रामीण लोग भड़क उठे। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने रेंजर पर हमला कर दिया।1
- डिंडौरी नगर के वार्ड क्रमांक 11 में रविवार, 24 मई 2026 को एक बेल अचानक गहरे गड्ढे में गिर गई, जिससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। इस घटना की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद शत्रुघ्न पाराशर जी ने तत्काल युवा शक्ति टीम को सूचित किया, जिसके बाद टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुँची। युवा शक्ति टीम ने काफी मशक्कत के बाद बेल को सुरक्षित गड्ढे से बाहर निकाला। इस बचाव कार्य में टीम के सदस्य रोहित कांसकार और यीशु गवले ने मौके पर मौजूद रहकर सक्रिय भूमिका निभाई। टीम की इस त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई। स्थानीय लोगों ने युवा शक्ति टीम के इस सराहनीय कार्य की खूब प्रशंसा की और कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं।1
- डिंडौरी जिले के करौंदी (तहसील शहपुरा) स्थित श्रीराम जानकी वाटिका में रविवार को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के तहत एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों के निरंतर प्रयासों से इस रविवार को पौधारोपण महाअभियान ने सफलता के 200 सप्ताह पूरे कर लिए। इस खास अवसर पर वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधों का रोपण किया गया। महाअभियान के 200वें रविवार को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध जन और पर्यावरण प्रेमी एकत्रित हुए। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं पौधा रोपकर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। उनके साथ भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू और कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू; आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट विनय कुमार झारिया और आप शिक्षा विंग के जिलाध्यक्ष देवेंद्र साहू; योग शिक्षक ब्रज बिहारी साहू; डीएसएस मध्य प्रदेश के सचिव एडवोकेट निर्मल कुमार साहू; पर्यावरण प्रेमी नंदकिशोर साहू और विधिक सेवा समिति शहपुरा के लिपिक महेन्द्र कुड़ापे सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बिना रुके लगातार 200 रविवारों तक पौधारोपण करना क्षेत्र के लिए एक मिसाल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रोपे गए इन फलदार पौधों से न सिर्फ पर्यावरण शुद्ध होगा, बल्कि भविष्य में यह वाटिका पक्षियों का बसेरा और आम जन के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया। यह जानकारी दिनांक 24/05/2026 की है।2
- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे खेरवा टोला गांव में शनिवार देर रात बाघ के हमले से दहशत फैल गई। एक बाघ आबादी वाले इलाके में घुस आया और घर में सो रही फूलबाई नामक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। महिला को बचाने पहुंचे चार ग्रामीण भी बाघ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया और बाघ कई घंटों तक उसी घर में छिपा रहा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा भड़क चुका था। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों का घेराव किया और आक्रोशित भीड़ ने रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव सहित वन विभाग के पांच कर्मचारियों पर हमला कर दिया, जिससे रेंजर के सिर में गंभीर चोट आई और अन्य कर्मचारी भी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संज्ञान लिया और मृत महिला के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ सभी घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से विस्तृत जानकारी भी ली। इस बीच, वन विभाग ने गांव में छिपे बाघ को पकड़ने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। विशेषज्ञों और चिकित्सकीय टीम की मौजूदगी में बाघ को ट्रैंकुलाइज किया गया, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा जा सके। शुरुआत में बाघ की हालत सामान्य थी, लेकिन थोड़ी देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद चिकित्सकीय टीम के प्रयासों के बावजूद बाघ की मौत हो गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, ट्रैंकुलाइज के दौरान दवा की अधिक मात्रा दिए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शनिवार देर रात से शुरू हुआ यह घटनाक्रम रविवार सुबह तक पूरे इलाके में तनाव का कारण बना रहा। रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन खेरवा टोला में अब भी डर और गुस्से का माहौल बरकरार है।3