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नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के मूनलाइट मैरिज गार्डन के सामने सोमवार को एक भव्य घोड़ा दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र के लोगों को रोमांच से भर दिया। इस रोमांचक मुकाबले में दिलबर की चाल और सन्जाब की दौड़ ने जीत हासिल की, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मालगुजार परिवार के सुपुत्र काजिम खान द्वारा आयोजित यह अनोखा और पारंपरिक कार्यक्रम आसपास के क्षेत्रों से आए खेल प्रेमियों और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रतियोगिता में कुल 10 चुनिंदा और प्रशिक्षित घोड़ों ने हिस्सा लिया, और दौड़ शुरू होते ही मैदान का माहौल पूरी तरह से बदल गया।
Satish Vishwakarma
नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के मूनलाइट मैरिज गार्डन के सामने सोमवार को एक भव्य घोड़ा दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र के लोगों को रोमांच से भर दिया। इस रोमांचक मुकाबले में दिलबर की चाल और सन्जाब की दौड़ ने जीत हासिल की, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मालगुजार परिवार के सुपुत्र काजिम खान द्वारा आयोजित यह अनोखा और पारंपरिक कार्यक्रम आसपास के क्षेत्रों से आए खेल प्रेमियों और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रतियोगिता में कुल 10 चुनिंदा और प्रशिक्षित घोड़ों ने हिस्सा लिया, और दौड़ शुरू होते ही मैदान का माहौल पूरी तरह से बदल गया।
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- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के मूनलाइट मैरिज गार्डन के सामने सोमवार को एक भव्य घोड़ा दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र के लोगों को रोमांच से भर दिया। इस रोमांचक मुकाबले में दिलबर की चाल और सन्जाब की दौड़ ने जीत हासिल की, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मालगुजार परिवार के सुपुत्र काजिम खान द्वारा आयोजित यह अनोखा और पारंपरिक कार्यक्रम आसपास के क्षेत्रों से आए खेल प्रेमियों और आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रतियोगिता में कुल 10 चुनिंदा और प्रशिक्षित घोड़ों ने हिस्सा लिया, और दौड़ शुरू होते ही मैदान का माहौल पूरी तरह से बदल गया।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम परिसर में भीषण गर्मी के बीच एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ प्यासे बंदरों ने नगर पालिका परिषद द्वारा रखे गए पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। यह घटना उजागर करती है कि इस प्रचंड गर्मी के मौसम में केवल इंसान ही नहीं, बल्कि मूक पशु-पक्षी भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इन बेजुबान जीवों को पानी की तलाश में भटकते देखा गया, जिन्हें टैंकर के सहारे कुछ राहत मिली। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मुक्तिधाम सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में बंदर और अन्य जीव-जंतु विचरण करते हैं, जिन्हें गर्मी के मौसम में पेयजल की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए, नागरिकों ने प्रशासन से इन स्थानों पर पानी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि इन जीवों को गर्मी से राहत मिल सके।1
- नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम बारहा बड़ा में, वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई। गांव वालों ने बताया कि पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा उमर नदी तक और कंछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी वाले के मकान तक की सड़कें पूरी तरह खराब और कीचड़ भरी हैं। यह सिर्फ खराब सड़क नहीं, बल्कि कच्चे और दलदली रास्ते हैं। इन बदहाल और कीचड़ भरी सड़कों के कारण, खासकर मानसून के मौसम में, बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है, जिससे वे स्कूल का बहिष्कार करने को मजबूर हैं। लगभग 40 से 50 परिवार और अनुमानित 40 से 50 बच्चे इस समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर सड़क का 1.5 किलोमीटर का हिस्सा अत्यधिक दलदली और मुश्किल है। इस गंभीर स्थिति के चलते माता-पिता ने सामूहिक रूप से यह फैसला लिया है कि जब तक सड़क ठीक नहीं हो जाती, वे आगामी मानसून में अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे, क्योंकि इन खतरनाक रास्तों से बच्चों का गुजरना जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई सालों से अच्छी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई। पिछले 49 दिनों से वे लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सड़क, पानी, बिजली और घर जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया गया है, लेकिन सड़क बनाने की उनकी मुख्य मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। इस उपेक्षा से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है, क्योंकि वे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों को प्राथमिकता से ठीक करने का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन वार्डों में सही सड़क के अभाव में बच्चों, माता-पिता या परिवारों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।3
- नगर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने और तेज धूल भरी आंधी चलने से गोटेगांव शहर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज हवाओं के दबाव के कारण स्थानीय पेट्रोल पंप के समीप लगा एक भारी-भरकम लोहे का सूचकांक (साइन) बोर्ड अचानक उखड़कर नीचे आ गिरा। यह मार्ग मुख्य और व्यस्त इलाकों में से एक होने के कारण घटना के वक्त वहां से वाहनों और राहगीरों का लगातार आना-जाना लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही लोहे का विशालकाय बोर्ड भरभरा कर नीचे गिरा, वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। गनीमत रही कि बोर्ड किसी वाहन या राहगीर के ऊपर नहीं गिरा, जिससे एक बड़ी जनहानि और अप्रिय घटना टल गई। बोर्ड के बीच सड़क पर गिरने से कुछ समय के लिए यातायात और वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों और पेट्रोल पंप प्रबंधन को दी। इस घटना के बाद नगरवासियों में ऐसे भारी होर्डिंग्स और सूचकांक बोर्डों की मजबूती को लेकर रोष देखा जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों और पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थानों के आसपास लगे ऐसे भारी बोर्डों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।1
- आज सोमवार को नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के मूनलाइट मैरिज गार्डन के सामने एक भव्य घोड़ा दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र के लोगों का दिल जीत लिया। मालगुजार परिवार के बेटे काजिम खान द्वारा आयोजित इस रोमांचक कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के इलाकों से भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ा, और दर्शकों के जबरदस्त उत्साह के बीच पूरी प्रतियोगिता बेहद रोमांचक तथा मनोरंजक रही। इस प्रतियोगिता में कुल 10 चुनिंदा घोड़ों ने भाग लिया, और दौड़ शुरू होते ही सभी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैदान में दौड़ते घोड़ों की रफ्तार और दर्शकों की चहल-पहल से पूरा माहौल गूंज उठा। कड़े मुकाबले के बाद, 'सन्जाब' नाम के घोड़े ने अपनी गति और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया और विजेता की ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं, घोड़ा चाल प्रतियोगिता में काजिम मालगुजार के घोड़े 'दिलबर' ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के समापन पर, मुख्य अतिथि मालगुजार परिवार द्वारा विजेता और उपविजेता घोड़ों के मालिकों और सवारों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। नरसिंहपुर में आयोजित इस रोमांचक घोड़ा दौड़ में दिलबर की चाल और सन्जाब की दौड़ ने सबका दिल जीत लिया।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ प्यासे बंदरों ने पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखने वाले हर व्यक्ति का दिल छू गया है।1
- करेली में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बंदरों ने एक पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में अत्यधिक गर्मी पड़ रही है।1
- नरसिंहपुर में हुए एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान हुई मारपीट की घटना को कोतवाली पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।1