जनपद में स्वास्थ्य एवं महिला सुरक्षा सेवाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार देर रात्रि मेडिकल कॉलेज और वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। रात्रि 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड और महिला प्रसूति वार्ड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों को प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, तथा उपचार संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली तथा चिकित्सकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और मानवीय संवेदनाओं के साथ सेवाएं देने के निर्देश दिए। निरीक्षण में अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टर रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहें और निर्धारित ड्रेस कोड में अपनी ड्यूटी पर रहें। इसके उपरांत, रात्रि 9:00 बजे जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने केंद्र में महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही परामर्श, सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य सहायता सेवाओं की समीक्षा की। केंद्र के अभिलेखों, सुरक्षा व्यवस्था और आवासीय सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए, साथ ही तैनात कर्मियों को अपनी ड्यूटी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करने और अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता निरंतर बेहतर बनाई जाए और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जनपद में स्वास्थ्य एवं महिला सुरक्षा सेवाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार देर रात्रि मेडिकल कॉलेज और वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। रात्रि 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड और महिला प्रसूति वार्ड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों को प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, तथा उपचार संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली तथा चिकित्सकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और मानवीय संवेदनाओं के साथ सेवाएं देने के निर्देश दिए। निरीक्षण में अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टर रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहें और निर्धारित ड्रेस कोड में अपनी ड्यूटी पर रहें। इसके उपरांत, रात्रि 9:00 बजे जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने केंद्र में महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही परामर्श, सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य सहायता सेवाओं की समीक्षा की। केंद्र के अभिलेखों, सुरक्षा व्यवस्था और आवासीय सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए, साथ ही तैनात कर्मियों को अपनी ड्यूटी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करने और अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता निरंतर बेहतर बनाई जाए और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- जनपद में स्वास्थ्य एवं महिला सुरक्षा सेवाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सोमवार देर रात्रि मेडिकल कॉलेज और वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। रात्रि 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच, जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड और महिला प्रसूति वार्ड का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों को प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, तथा उपचार संबंधी अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली तथा चिकित्सकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और मानवीय संवेदनाओं के साथ सेवाएं देने के निर्देश दिए। निरीक्षण में अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता एवं अनुशासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टर रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहें और निर्धारित ड्रेस कोड में अपनी ड्यूटी पर रहें। इसके उपरांत, रात्रि 9:00 बजे जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने केंद्र में महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही परामर्श, सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य सहायता सेवाओं की समीक्षा की। केंद्र के अभिलेखों, सुरक्षा व्यवस्था और आवासीय सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को भी सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए, साथ ही तैनात कर्मियों को अपनी ड्यूटी कर्तव्यनिष्ठा के साथ करने और अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता निरंतर बेहतर बनाई जाए और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
- देवरिया के स्वास्थ्य विभाग में तबादलों को लेकर चल रही नाराजगी और विरोध के बावजूद, 16 चिकित्सा अधीक्षक अपनी नई तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जानकारी दी है, जिसके बाद सभी MOIC (एमओआईसी) से बातचीत की गई है और उन्हें आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह आवश्यक है। हुल्गी ने भरोसा जताया कि स्थानांतरित अधिकारी निर्धारित स्थानों पर समय पर कार्यभार ग्रहण कर लेंगे, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लगातार सुचारू रूप से संचालित होती रहेंगी।1
- देवरिया जिले की खेल एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को एक नया मंच प्रदान करने के उद्देश्य से देवभूमि खेल महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन 18 और 19 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इस महाकुंभ के लिए पहला ऑडिशन और प्रतिभा चयन कार्यक्रम 21 जून को आयोजित होगा। इस महोत्सव का आयोजन खेल जगत फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश द्वारा एस.एस. मॉल, देवरिया के सहयोग से किया जा रहा है। महोत्सव के आयोजक और खेल जगत फाउंडेशन के जिला महासचिव रामकेश सिंह ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं और बच्चों की खेल तथा सांस्कृतिक प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। महोत्सव में कबड्डी, खो-खो, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और फुटबॉल जैसी खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत मेहंदी, रंगोली, ड्राइंग, डांस, सिंगिंग, मॉडलिंग और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार भी निर्धारित किए गए हैं; प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को साइकिल, द्वितीय स्थान पर स्पोर्ट्स किट और तृतीय स्थान पर स्पोर्ट्स बैग प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव जिले के उभरते खिलाड़ियों और कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा अवसर होगा, और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित तिथि से पहले अपना पंजीकरण कराकर इस महोत्सव का हिस्सा बन सकते हैं।1
- हमारे गांव में नाले का चेंबर सही तरीके से नहीं बनाया गया है, और यह समस्या हर जगह इसी तरह बनी हुई है। इस खराब निर्माण के कारण लोगों को, खासकर बाइक ले जाते समय, बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।1
- जनपद देवरिया के थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम विक्रमपुर बांसपपार में एक शादी समारोह खूनी संघर्ष में बदल गया, जहां दूल्हे की गाड़ी को रास्ता न देने पर हुए विवाद में एक युवक की जान चली गई। यह घटना 05 जून 2026 की रात को हुई थी। जानकारी के अनुसार, दूल्हे की गाड़ी को रास्ते से नहीं जाने देने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। ग्राम विक्रमपुर बांसपार निवासी चिंटू यादव, धनंजय, कमलेश और मुनीब ने मिलकर राजीव कुमार पुत्र गौरीशंकर को गाली-गलौज करते हुए पीटा। इसके बाद, इन चारों आरोपियों ने राजीव कुमार को छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई। राजीव कुमार का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान 07 जून 2026 को उसकी मृत्यु हो गई। इस गंभीर प्रकरण के संबंध में थाना कोतवाली पर सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है, और पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- Post by विजय कुमार1
- बाराबंकी से देवरिया को जोड़ने वाले एक हाईवे रोड का उल्लेख किया गया है, जो अयोध्या धाम होते हुए गुजरता है। इस मार्ग को 'देवरिया अयोध्या धाम हाईवे रोड' और 'अयोध्या हाईवे' के रूप में संदर्भित किया गया है, जो सीधे बाराबंकी से देवरिया तक जाता है।1
- उत्तर प्रदेश शासन द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0' के द्वितीय चरण के तहत देवरिया जिले में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में, थाना एकौना की मिशन शक्ति टीम, जिसमें उ0नि0 मो0 इस्माइल, आरक्षी कुंदन यादव, महिला आरक्षी ममता तिवारी और रिक्रूट महिला आरक्षी स्वीटी यादव शामिल थीं, ने पचलड़ी स्थित एक बैंक में महिलाओं व बच्चियों को पम्पलेट वितरित किए। इसी प्रकार, थाना सुरौली की मिशन शक्ति टीम, जिसमें उ0नि0 विवेक यादव, रिक्रूट महिला आरक्षी प्रिया मिश्रा और रिक्रूट महिला आरक्षी गुंजन विश्वकर्मा थीं, ने ग्राम वैदा पाण्डेय में महिलाओं व बच्चियों को जागरूक किया। इन अभियानों के दौरान, टीमों ने सरकार द्वारा जारी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नम्बरों जैसे डॉयल-112, हेल्प लाइन-181, वुमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्प लाइन-1098, सी0एम0 हेल्पलाइन-1076, वन स्टॉप सेन्टर-181, स्वास्थ्य सेवा हेल्पलाइन-102, एंबुलेंस सेवा-108 और साइबर हेल्पलाइन-1930 के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इसी क्रम में, समस्त थानों की एण्टी रोमियो और मिशन शक्ति टीमों ने भी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को पम्पलेट देकर इन हेल्पलाइन नम्बरों और योजनाओं के प्रति जागरूक किया। यह अभियान 'मिशन शक्ति फेज-5.0' और 'शक्ति दीदी' के नाम से संचालित किया गया।1