झारखंड के पाकुड़ जिले में अवैध लॉटरी का कारोबार पूरी तरह चरम पर पहुंच गया है, जहाँ कानून-व्यवस्था को दरकिनार कर माफिया सरेआम सड़कों और गलियों में यह काला खेल चला रहे हैं। विशेष रूप से महेशपुर के ग्रामीण इलाकों में, एजेंट बिना किसी खौफ के मोटरसाइकिल पर घूम-घूम कर लॉटरी के टिकट बेच रहे हैं और भोले-भाले लोगों की गाढ़ी कमाई को लूट रहे हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक मोटरसाइकिल पर सवार एजेंट सड़क किनारे खड़े होकर लॉटरी टिकटों की गिनती और पैसों का लेन-देन कर रहे हैं, जबकि दूसरा व्यक्ति फोन पर किसी बड़े सिंडिकेट से संपर्क साध रहा है, जो महेशपुर में लॉटरी माफिया के मजबूत नेटवर्क की पुष्टि करता है। जिले के नए-नए युवक भी इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जा रहे हैं, जिससे इनका धंधा दिनों-दिन विस्तृत होता जा रहा है। इस अवैध धंधे का सबसे बुरा असर स्थानीय दैनिक मजदूरों, रिक्शा चालकों और बेरोजगार युवाओं पर पड़ रहा है। रातों-रात अमीर बनने की लालच में ये लोग अपनी दिनभर की पूरी कमाई इन लॉटरी टिकटों में झोंक दे रहे हैं, जिससे कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुँच चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह खेल सुबह से लेकर देर शाम तक धड़ल्ले से चलता है, लेकिन इस पर कोई रोक-टोक नहीं है। आम जनता को यह अवैध कारोबार सरेआम दिखाई देने के बावजूद, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की चुप्पी पर बड़ा सवाल उठता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे सिंडिकेट को किसी सफेदपोश या स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त हो सकता है। महेशपुर की जनता ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से तत्काल प्रभाव से इस अवैध लॉटरी सिंडिकेट पर नकेल कसने, सड़कों पर घूम रहे एजेंटों और उनके मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है, ताकि इलाके के युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।
झारखंड के पाकुड़ जिले में अवैध लॉटरी का कारोबार पूरी तरह चरम पर पहुंच गया है, जहाँ कानून-व्यवस्था को दरकिनार कर माफिया सरेआम सड़कों और गलियों में यह काला खेल चला रहे हैं। विशेष रूप से महेशपुर के ग्रामीण इलाकों में, एजेंट बिना किसी खौफ के मोटरसाइकिल पर घूम-घूम कर लॉटरी के टिकट बेच रहे हैं और भोले-भाले लोगों की गाढ़ी कमाई को लूट रहे हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक मोटरसाइकिल पर सवार एजेंट सड़क किनारे खड़े होकर लॉटरी टिकटों की गिनती और पैसों का लेन-देन कर रहे हैं, जबकि दूसरा व्यक्ति फोन पर किसी बड़े सिंडिकेट से संपर्क साध रहा है, जो महेशपुर में लॉटरी माफिया के मजबूत नेटवर्क की पुष्टि करता है। जिले के नए-नए युवक भी इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जा रहे हैं, जिससे इनका धंधा दिनों-दिन विस्तृत होता जा रहा है। इस अवैध धंधे का सबसे बुरा असर स्थानीय दैनिक मजदूरों,
रिक्शा चालकों और बेरोजगार युवाओं पर पड़ रहा है। रातों-रात अमीर बनने की लालच में ये लोग अपनी दिनभर की पूरी कमाई इन लॉटरी टिकटों में झोंक दे रहे हैं, जिससे कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुँच चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह खेल सुबह से लेकर देर शाम तक धड़ल्ले से चलता है, लेकिन इस पर कोई रोक-टोक नहीं है। आम जनता को यह अवैध कारोबार सरेआम दिखाई देने के बावजूद, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की चुप्पी पर बड़ा सवाल उठता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे सिंडिकेट को किसी सफेदपोश या स्थानीय स्तर पर संरक्षण प्राप्त हो सकता है। महेशपुर की जनता ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से तत्काल प्रभाव से इस अवैध लॉटरी सिंडिकेट पर नकेल कसने, सड़कों पर घूम रहे एजेंटों और उनके मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है, ताकि इलाके के युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।
- खान सर को कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिल गई है, जिससे उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। यह जानकारी खान सर के वकील द्वारा दी गई है, जिन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में केस डायरी और एंटीसीडेंट की मांग की है। इस कानूनी राहत के बाद, खान सर अब जहां चाहें आ और जा सकते हैं, और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। कोर्ट के इस आदेश के चलते वे अब निर्बाध रूप से अपनी गतिविधियों को जारी रख सकते हैं।1
- भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड की अंतिचक पंचायत में विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों ने अपनी कीमती कृषि भूमि के बदले प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग को लेकर अब मोर्चा खोल दिया है।1
- चांदन में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत 507 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के बावजूद, रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताएँ गहरे आक्रोश में हैं। आशा कर्मियों ने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें पिछले दस महीनों से उनका वेतन नहीं मिला है। वेतन लंबित होने के साथ-साथ उन पर काम का भारी बोझ भी है, और इन सब के बावजूद उन्हें चयन मुक्त (सेवा से हटाने) करने की धमकी दी जा रही है। आशा कर्मियों के अनुसार, इन्हीं कारणों से उनमें भारी असंतोष और गुस्सा व्याप्त है।1
- सीमा पर देश की रक्षा करने वाले एक जवान की मौत के बाद, अब उसका परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। यह गंभीर सवाल बना हुआ है कि आखिर कब तक इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी और परिवार को न्याय मिल पाएगा।1
- बौंसी प्रखंड कार्यालय परिसर के बाहर मंगलवार को आरजेडी दल ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था।1
- तेजस्वी यादव ने सरकार पर एक बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि खजाना खाली हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है।1
- खान सर को एक बड़ी राहत मिली है, जब उनके वकील ने कोर्ट में ऐसी दलीलें पेश कीं कि जज साहब ने उनकी गिरफ्तारी पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दे दिया। इस घटना को 'सच को आवाज जनता के साथ' उठाने वाले और इस फैसले का जश्न मनाने वाले 'मगही शेर अभिषेक रंजन' ने अपनी पोस्ट में इसे एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में साझा किया है।1
- बांका जिले के पुनसिया चौक पर दो घंटे तक एक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। इस घटना में, परिजनों के तीव्र विरोध के बावजूद, एक प्रेमी युगल ने अंततः मंदिर में शादी रचा ली।1
- एक अंतिम यात्रा के दौरान फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या यह वास्तव में एक शव यात्रा थी या फिर केवल शक्ति प्रदर्शन का एक तरीका मात्र था।1