आज के दौर में जहां लोग मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में व्यस्त होते जा रहे हैं, वहीं पहुना सेतु वेलफेयर फाउंडेशन ने एक अनोखी 'चहकती पहल अभियान' चलाकर पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता, सेवा और इंसानियत की नई मिसाल पेश की है। 15 से 20 मई 2026 तक संचालित इस अभियान का भव्य समापन 24 मई 2026 को हुआ, जिसमें कुल 63 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। फाउंडेशन का यह पहला प्रयास था, जो लोगों की भागीदारी और उत्साह के चलते एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल गया। अभियान के दौरान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने पशु-पक्षियों और प्रकृति के प्रति अपने प्रेम तथा सेवा भाव को विभिन्न तरीकों से प्रदर्शित किया। कई प्रतिभागियों ने पक्षियों के लिए दाना-पानी का प्रबंध किया, तो कुछ ने भीषण गर्मी में मूक पशुओं के लिए पानी के पात्र रखे। इसके अतिरिक्त, कई लोगों ने पौधारोपण और गौसेवा करके समाज को एक संवेदनशील संदेश दिया। प्रतिभागियों द्वारा साझा किए गए फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब सराहे गए। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि यह केवल एक प्रतियोगिता न होकर लोगों के दिलों को जोड़ने वाला एक भावनात्मक अभियान बन गया, जिससे प्रतिभागियों ने पहली बार सेवा के साथ गहरा जुड़ाव महसूस किया। समापन समारोह में, उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार, सम्मान और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके सेवा भाव की सराहना की गई। इस अवसर पर सोनू शर्मा, डोमर साहू, दुर्गा साहू, रोहिणी, हीना, गुंजन वर्मा, आकाश वर्मा, चिंटू और मुस्कान विशेष रूप से उपस्थित रहे। फाउंडेशन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि 'चहकती पहल अभियान' का लक्ष्य केवल एक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देना था कि हर व्यक्ति अपने आसपास के पशु-पक्षियों और प्रकृति के लिए छोटा कदम भी उठाए, तो बड़ा सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित लोगों ने फाउंडेशन की इस अनोखी पहल की जमकर सराहना की और भविष्य में भी इस अभियान को बड़े स्तर पर आयोजित करने की मांग की।
आज के दौर में जहां लोग मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में व्यस्त होते जा रहे हैं, वहीं पहुना सेतु वेलफेयर फाउंडेशन ने एक अनोखी 'चहकती पहल अभियान' चलाकर पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता, सेवा और इंसानियत की नई मिसाल पेश की है। 15 से 20 मई 2026 तक संचालित इस अभियान का भव्य समापन 24 मई 2026 को हुआ, जिसमें कुल 63 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। फाउंडेशन का यह पहला प्रयास था, जो लोगों की भागीदारी और उत्साह के चलते एक बड़े सामाजिक आंदोलन में
बदल गया। अभियान के दौरान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने पशु-पक्षियों और प्रकृति के प्रति अपने प्रेम तथा सेवा भाव को विभिन्न तरीकों से प्रदर्शित किया। कई प्रतिभागियों ने पक्षियों के लिए दाना-पानी का प्रबंध किया, तो कुछ ने भीषण गर्मी में मूक पशुओं के लिए पानी के पात्र रखे। इसके अतिरिक्त, कई लोगों ने पौधारोपण और गौसेवा करके समाज को एक संवेदनशील संदेश दिया। प्रतिभागियों द्वारा साझा किए गए फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब सराहे गए। इस कार्यक्रम की सबसे खास
बात यह रही कि यह केवल एक प्रतियोगिता न होकर लोगों के दिलों को जोड़ने वाला एक भावनात्मक अभियान बन गया, जिससे प्रतिभागियों ने पहली बार सेवा के साथ गहरा जुड़ाव महसूस किया। समापन समारोह में, उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार, सम्मान और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके सेवा भाव की सराहना की गई। इस अवसर पर सोनू शर्मा, डोमर साहू, दुर्गा साहू, रोहिणी, हीना, गुंजन वर्मा, आकाश वर्मा, चिंटू और मुस्कान विशेष रूप
से उपस्थित रहे। फाउंडेशन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि 'चहकती पहल अभियान' का लक्ष्य केवल एक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देना था कि हर व्यक्ति अपने आसपास के पशु-पक्षियों और प्रकृति के लिए छोटा कदम भी उठाए, तो बड़ा सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित लोगों ने फाउंडेशन की इस अनोखी पहल की जमकर सराहना की और भविष्य में भी इस अभियान को बड़े स्तर पर आयोजित करने की मांग की।
- छत्तीसगढ़ में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहाँ कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच चुका है। ऐसे में, लोगों को राहत पहुँचाने वाली बिजली ही अब सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन गई है। लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेशभर में बार-बार बिजली गुल होने से आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। शहरों से लेकर गाँवों तक, घंटों बिजली बंद रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। दिन की तेज गर्मी और रात की उमस के कारण लोगों के लिए अपने घरों में रहना भी दूभर हो गया है। इस बिजली कटौती का असर पेयजल व्यवस्था, छोटे कारोबारों और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर दीपक बैज ने सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद जनता को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। कांग्रेस का दावा है कि बिजली को दूसरे राज्यों में अधिक कीमतों पर बेचा जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ की जनता भीषण गर्मी में बिजली संकट से जूझ रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आम लोग बिजली विभाग के कार्यालयों और हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है, जबकि प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप पर बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाती है। नगर निगम बिलासपुर के नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने भी बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल किए हैं और जनता की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। फिलहाल, यह बिजली संकट और इस पर शुरू हुई सियासत प्रदेश में एक बड़ा चर्चा का विषय बन चुकी है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और बिजली विभाग आम जनता को इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।3
- बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मिट्ठू नवागांव में 21 मई 2026 को सुशासन तिहार के तहत एक जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की, और कई हितग्राहियों को मौके पर ही इन योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर में कुल 513 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम बताया। शिविर में विधायक अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, अपर मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव मनोज पिंगुवा, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष सूरज साधे, लाल भारद्वाज, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ मनोज पांडे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, डीएफओ नीरज कुमार, एसडीएम प्रवेश पैकरा, जनपद सीईओ युवराज सिन्हा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अपने संबोधन में विधायक अटल श्रीवास्तव ने लोगों से शासन की अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने 'सुशासन तिहार' को केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का एक भरोसेमंद मंच बताया, जिसका उद्देश्य गांव, गरीब, किसान, महिला और जरूरतमंद व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता से पहुंचाना है। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी सचिव मनोज पिंगुवा ने उल्लेख किया कि इन शिविरों से लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण हो रहा है, जिससे प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास बढ़ रहा है। प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस 'सुशासन तिहार' से ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान की बात कही। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए लोगों से आगे आने की अपील भी की। शिविर के दौरान कई हितग्राहियों को तत्काल लाभ भी दिया गया। इसमें 5 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 13 को श्रम कार्ड, 8 को मनरेगा जॉब कार्ड, 4 को आयुष्मान कार्ड, 15 लोगों को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, 2 महिला हितग्राहियों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन, 11 हितग्राहियों को कृषक ऋण पुस्तिका और 4 किसानों को कृषि उपकरण प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, 52 महिला हितग्राहियों का महतारी वंदन योजना के तहत केवाईसी किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत, 75 लोगों की बीपी और शुगर जांच, 22 लोगों की सिकल सेल जांच और 118 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपनी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराई गई।1
- मोहाबा बाजार, रायपुर (छत्तीसगढ़) में स्थित महामाया ट्रेडिंग कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट, एएसी ब्लॉक, रेड ब्रिक्स, फ्लाईऐश ब्रिक्स, रेत और स्टील की आपूर्ति करती है। विभिन्न निर्माण सामग्री के लिए ग्राहक 9074000021 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- बलौदाबाजार जिले के थाना हथबंद क्षेत्र के रिंगनी गांव में एक पुरानी कहासुनी को लेकर घर में घुसकर युवक पर चाकू से हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना में पीड़ित युवक को गंभीर चोटें आई हैं। हथबंद पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के महज दो घंटे के भीतर ही आरोपी को हिरासत में लेकर त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी शिवा बघेल ने बताया कि 23 मई 2026 की दोपहर करीब 1 बजे वह आरोपी महेश बंजारे के साथ बैठा था, तभी दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद और बहस हो गई। विवाद के बाद शिवा अपने घर चला गया। देर रात करीब 2 बजे आरोपी महेश बंजारे उसके घर पहुंचा, अश्लील गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए चाकू से हमला कर शिवा बघेल को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना की रिपोर्ट के आधार पर थाना हथबंद में अपराध क्रमांक 107/2026 के तहत धारा 296, 333, 351(2), 118(1) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में हथबंद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम रिंगनी निवासी 22 वर्षीय आरोपी महेश बंजारे को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने दोपहर के विवाद से नाराज होकर आवेश में चाकू से हमला करना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।1
- बीमा सलाहकारों ने दशकों से यह समझाया है कि भले ही हमारा जीवन दुनिया के लिए कुछ न हो, लेकिन परिवार के लिए वह सब कुछ होता है। हालांकि, कुछ लोग उनकी सलाह का मज़ाक उड़ाते हुए बीमा लेने से मना कर देते हैं, जिससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। यह स्वीकार करते हुए कि दुनिया में पैसा ही सब कुछ नहीं है, लेकिन एक परिवार के कमाने वाले सदस्य के न रहने पर इसकी कमी बहुत ज़्यादा महसूस होती है। ऐसे समय में, केवल जीवन बीमा ही एक ऐसे गोद लिए बच्चे के समान काम करता है, जो परिवार को कमाने वाले की गैरहाजिरी में उसकी कमी महसूस नहीं होने देता। इसी बात पर ज़ोर देते हुए, यह आग्रह किया गया है कि जीवन बीमा (टर्म बीमा) को कभी भी नज़रअंदाज़ न करें और आज ही सोच-विचार कर TATA से टर्म बीमा ज़रूर खरीदें।1
- मुंगेली पुलिस ने 'ऑपरेशन बाज' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 09 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और थाना लोरमी की एक संयुक्त टीम ने ग्राम नवागांव वेंकट में दबिश देकर इन जुआरियों को रंगे हाथ पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹36,500 नकद, 07 मोबाइल फोन, 06 मोटरसाइकिलें और ताश पत्ती सहित कुल ₹3.39 लाख मूल्य का सामान जब्त किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट और बीएनएसएस के तहत कानूनी कार्यवाही की गई है।1
- छत्तीसगढ़ में NEET पेपर लीक का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। साल भर से तैयारी कर रहे छात्र सदमे में हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक मौन है।4
- आज के दौर में जहां लोग मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में व्यस्त होते जा रहे हैं, वहीं पहुना सेतु वेलफेयर फाउंडेशन ने एक अनोखी 'चहकती पहल अभियान' चलाकर पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता, सेवा और इंसानियत की नई मिसाल पेश की है। 15 से 20 मई 2026 तक संचालित इस अभियान का भव्य समापन 24 मई 2026 को हुआ, जिसमें कुल 63 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। फाउंडेशन का यह पहला प्रयास था, जो लोगों की भागीदारी और उत्साह के चलते एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल गया। अभियान के दौरान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और परिवारों ने पशु-पक्षियों और प्रकृति के प्रति अपने प्रेम तथा सेवा भाव को विभिन्न तरीकों से प्रदर्शित किया। कई प्रतिभागियों ने पक्षियों के लिए दाना-पानी का प्रबंध किया, तो कुछ ने भीषण गर्मी में मूक पशुओं के लिए पानी के पात्र रखे। इसके अतिरिक्त, कई लोगों ने पौधारोपण और गौसेवा करके समाज को एक संवेदनशील संदेश दिया। प्रतिभागियों द्वारा साझा किए गए फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब सराहे गए। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि यह केवल एक प्रतियोगिता न होकर लोगों के दिलों को जोड़ने वाला एक भावनात्मक अभियान बन गया, जिससे प्रतिभागियों ने पहली बार सेवा के साथ गहरा जुड़ाव महसूस किया। समापन समारोह में, उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार, सम्मान और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके सेवा भाव की सराहना की गई। इस अवसर पर सोनू शर्मा, डोमर साहू, दुर्गा साहू, रोहिणी, हीना, गुंजन वर्मा, आकाश वर्मा, चिंटू और मुस्कान विशेष रूप से उपस्थित रहे। फाउंडेशन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि 'चहकती पहल अभियान' का लक्ष्य केवल एक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देना था कि हर व्यक्ति अपने आसपास के पशु-पक्षियों और प्रकृति के लिए छोटा कदम भी उठाए, तो बड़ा सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित लोगों ने फाउंडेशन की इस अनोखी पहल की जमकर सराहना की और भविष्य में भी इस अभियान को बड़े स्तर पर आयोजित करने की मांग की।4