विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और आरक्षण को लेकर एक बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'संकल्प यात्रा' निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान निषाद समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि यदि भाजपा 2027 के चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती है, तो समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। मुकेश सहनी ने यह बात उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। वीआईपी प्रमुख सहनी ने बताया कि वे लगातार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों का दौरा कर रहे हैं, पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। सहनी ने कहा कि निषाद समाज को वर्तमान में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए समाज एससी/एसटी आरक्षण की मांग कर रहा है। उन्होंने बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों का उदाहरण दिया, जहाँ मल्लाह, बिंद और केवट समाज को आरक्षण मिल रहा है, और पूछा कि उत्तर प्रदेश तथा बिहार में निषाद समाज के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, जबकि देश का संविधान और प्रधानमंत्री एक हैं। उन्होंने इस अलग व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि भाजपा ने निषाद समाज को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है, बड़े सपने दिखाए लेकिन आज भी समाज आरक्षण और अधिकारों से वंचित है। मुकेश सहनी ने डॉ. संजय निषाद से अपील की कि वे भाजपा सरकार पर दबाव बनाकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छह महीने के भीतर आरक्षण लागू नहीं करती है, तो डॉ. संजय निषाद को सत्ता छोड़कर समाज के आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए, और ऐसा करने पर वीआईपी पार्टी व इंडिया गठबंधन उनका पूरा समर्थन करेगा। सहनी ने आगे कहा कि वीआईपी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनाना चाहती है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश में भी इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने बिहार और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिहार में रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई जा रही है और बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर फैसले हो रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार युवाओं, गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों की समस्याओं से ध्यान हटाकर सिर्फ सत्ता बचाने की राजनीति कर रही है। मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि देश का युवा तेजी से जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में जनता भाजपा को जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि वीआईपी पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी तथा निषाद समाज को उसका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। सहनी ने निषाद समाज से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की, यह बताते हुए कि वीआईपी पार्टी एक आंदोलन से निकली पार्टी है और समाज के अधिकारों की लड़ाई ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग उपस्थित रहे।
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और आरक्षण को लेकर एक बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'संकल्प यात्रा' निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान निषाद समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि यदि भाजपा 2027 के चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती है, तो समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। मुकेश सहनी ने यह बात उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। वीआईपी प्रमुख सहनी ने बताया कि वे लगातार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों का दौरा कर रहे हैं, पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। सहनी ने कहा कि निषाद समाज को वर्तमान में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए समाज एससी/एसटी आरक्षण की मांग कर रहा है। उन्होंने बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों का उदाहरण दिया, जहाँ मल्लाह, बिंद और केवट समाज को आरक्षण मिल रहा है, और पूछा कि उत्तर प्रदेश तथा बिहार में निषाद समाज के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, जबकि देश का संविधान और प्रधानमंत्री एक हैं। उन्होंने इस अलग व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि भाजपा ने निषाद समाज को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है, बड़े सपने दिखाए लेकिन आज भी समाज आरक्षण और अधिकारों से वंचित है। मुकेश सहनी ने डॉ. संजय निषाद से अपील की कि वे भाजपा सरकार पर दबाव बनाकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छह महीने के भीतर आरक्षण लागू नहीं करती है, तो डॉ. संजय निषाद को सत्ता छोड़कर समाज के आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए, और ऐसा करने पर वीआईपी पार्टी व इंडिया गठबंधन उनका पूरा समर्थन करेगा। सहनी ने आगे कहा कि वीआईपी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनाना चाहती है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश में भी इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने बिहार और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिहार में रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई जा रही है और बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर फैसले हो रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार युवाओं, गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों की समस्याओं से ध्यान हटाकर सिर्फ सत्ता बचाने की राजनीति कर रही है। मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि देश का युवा तेजी से जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में जनता भाजपा को जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि वीआईपी पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी तथा निषाद समाज को उसका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। सहनी ने निषाद समाज से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की, यह बताते हुए कि वीआईपी पार्टी एक आंदोलन से निकली पार्टी है और समाज के अधिकारों की लड़ाई ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग उपस्थित रहे।
- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और आरक्षण को लेकर एक बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'संकल्प यात्रा' निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान निषाद समाज के लोग गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेंगे कि यदि भाजपा 2027 के चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण लागू नहीं करती है, तो समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। मुकेश सहनी ने यह बात उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। वीआईपी प्रमुख सहनी ने बताया कि वे लगातार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों का दौरा कर रहे हैं, पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ समाज को एकजुट करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। सहनी ने कहा कि निषाद समाज को वर्तमान में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है, इसलिए समाज एससी/एसटी आरक्षण की मांग कर रहा है। उन्होंने बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों का उदाहरण दिया, जहाँ मल्लाह, बिंद और केवट समाज को आरक्षण मिल रहा है, और पूछा कि उत्तर प्रदेश तथा बिहार में निषाद समाज के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, जबकि देश का संविधान और प्रधानमंत्री एक हैं। उन्होंने इस अलग व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि भाजपा ने निषाद समाज को सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है, बड़े सपने दिखाए लेकिन आज भी समाज आरक्षण और अधिकारों से वंचित है। मुकेश सहनी ने डॉ. संजय निषाद से अपील की कि वे भाजपा सरकार पर दबाव बनाकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा छह महीने के भीतर आरक्षण लागू नहीं करती है, तो डॉ. संजय निषाद को सत्ता छोड़कर समाज के आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए, और ऐसा करने पर वीआईपी पार्टी व इंडिया गठबंधन उनका पूरा समर्थन करेगा। सहनी ने आगे कहा कि वीआईपी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनाना चाहती है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश में भी इंडिया ब्लॉक को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने बिहार और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिहार में रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई जा रही है और बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर फैसले हो रहे हैं, जबकि भाजपा सरकार युवाओं, गरीबों, किसानों और पिछड़े वर्गों की समस्याओं से ध्यान हटाकर सिर्फ सत्ता बचाने की राजनीति कर रही है। मुकेश सहनी ने यह भी कहा कि देश का युवा तेजी से जागरूक हो रहा है और आने वाले समय में जनता भाजपा को जवाब देगी। उन्होंने दोहराया कि वीआईपी पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को और तेज करेगी तथा निषाद समाज को उसका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। सहनी ने निषाद समाज से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की, यह बताते हुए कि वीआईपी पार्टी एक आंदोलन से निकली पार्टी है और समाज के अधिकारों की लड़ाई ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग उपस्थित रहे।1
- बिहार के पटोरी थाने के एसएचओ पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई है, जिससे राज्य में पुलिस के आचरण पर सवाल उठ रहे हैं।1
- समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बथुआ बुजुर्ग गांव में कानून के रखवालों पर ही कानून तोड़ने का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, गश्ती के दौरान Dial 112 सेवा के कुछ अधिकारी शराब के नशे में गांव पहुंचे थे। जब गांव वालों ने इसका विरोध किया, तो इन अधिकारियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।1
- बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित नौरंगा जलालपुर गांव में कथित सोनू मोनू गैंग द्वारा की गई फायरिंग के बाद जब पुलिस उनके घर छापेमारी करने पहुंची, तो एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। सोनू के घर की तलाशी लेने से पहले, सोनू के आदमियों ने पुलिस कर्मियों की ही तलाशी ली। इस दौरान पुलिस और सोनू मोनू के परिजनों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण अब तूल पकड़ गया है। वायरल वीडियो में पुलिस कर्मियों के साथ हाथीदह प्रभारी को भी जांच करवाते देखा गया है। इस गंभीर घटना पर बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसटीपीओ) 1 रामकृष्ण का बयान आया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कानून के नियमों के अनुसार ही कार्रवाई कर रही थी, लेकिन सोनू मोनू के गुर्गों द्वारा पुलिस की तलाशी ली गई। इस मामले में वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।1
- समस्तीपुर के NH-122 पर एक कार सवार महिला ने मामूली टक्कर के बाद पिकअप चालक को बीच सड़क पर बुरी तरह पीटा और गालियां दीं। दर्जनों लोग तमाशबीन बने रहे, जिसके बाद बछवाड़ा पुलिस ने पहुंचकर चालक को महिला के चंगुल से छुड़ाया।1
- विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार, जन स्वराज के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सहनी की अध्यक्षता में समस्तीपुर में संगठन विस्तार और उसकी मजबूती पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निरंजन ठाकुर ने इस बैठक का संचालन किया, जिसमें पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ करना था, साथ ही आगामी 4 जून को जन स्वराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के आगमन और भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना भी इसका एक प्रमुख लक्ष्य था। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सहनी ने ज़ोर देकर कहा कि संगठन की शक्ति ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने बताया कि जन स्वराज का लक्ष्य पंचायत से लेकर जिला स्तर तक एक मजबूत और सक्रिय संगठन तैयार करना है। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार, संगठन के पुनर्गठन और विस्तार का कार्य तेज़ी से किया जाएगा, जिसके तहत वार्ड, पंचायत, प्रखंड और विधानसभा स्तर पर नई टीमों का गठन होगा और युवाओं, महिलाओं एवं नए कार्यकर्ताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएंगी। कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाने, लोगों की समस्याओं को सुनने और संगठन की विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाने का आह्वान किया गया। सहनी ने यह भी कहा कि बिहार में जन स्वराज ही एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रहा है और सरकार से जनता के मुद्दों पर सीधे सवाल पूछ रहा है। बैठक के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने संगठन को और सशक्त बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव भी प्रस्तुत किए। अंत में, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई और सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं से इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। इस बैठक में जिला महामंत्री निरंजन ठाकुर, नृपेंद्र कुमार, किसान प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्याम कुमार चौधरी, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, कर्पूरी बिचार मंच के चेयरमैन राम नरेश चौरसिया, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, रवि कुमार, उदय शंकर ठाकुर, सुनील कुशवाहा, दीपक सहनी और बच्चू बाबू सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ 'कानून' की तलाश की जा रही है। मोकामा में खाकी वर्दी अपराधियों के सामने बेबस नज़र आई है। पुलिस को अपराधियों के घरों पर ही असहाय स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों के आगे पुलिस एक तरह से 'सरेंडर' कर चुकी है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महमद्दीपुर पंचायत के वार्ड संख्या 13 से एक किशोर रहस्यमय ढंग से लापता हो गया है। इस घटना के बाद से ही उसके परिजनों में गहरी चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। लापता किशोर की पहचान कुश कुमार के रूप में हुई है, जिसकी गुमशुदगी को लेकर मोहिउद्दीननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के तिसऔता निवासी मंजू देवी ने अपने पुत्र कुश कुमार की गुमशुदगी के संबंध में मोहिउद्दीननगर थाने में आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि कुश कुमार पिछले दो महीनों से अपनी नानी गीता देवी के घर महमद्दीपुर में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, कुश कुमार 21 मई की दोपहर बाद अचानक घर से गायब हो गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में लगातार खोजबीन के बावजूद अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किशोर के इस अचानक लापता होने से परिवार के सदस्य बहुत परेशान हैं और किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कुश कुमार को ढूंढ निकालने की मांग की है। इस मामले पर मोहिउद्दीननगर थाना अध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया है कि किशोर की गुमशुदगी को लेकर आवेदन प्राप्त हो गया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और किशोर की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1