चौथ का बरवाड़ा में पशु चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ नवनिर्माणाधीन अस्पताल के पास स्थित एक खेत से अज्ञात चोर चार भैंसों को चुरा ले गए। पीड़ित पशुपालक रमेशचंद्र सैनी के अनुसार, सोमवार शाम को उन्होंने अपनी दो बड़ी और दो छोटी भैंसों को खेत पर बाँधकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे दूध निकालने पहुँचे, तो उन्हें चारों भैंसें गायब मिलीं। मौके पर भैंसों को बाँधने वाली रस्सियाँ कटी हुई और खूँटे उखड़े हुए पाए गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इस वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के पशुपालकों में दहशत का माहौल है। चोरी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए और दिनभर कस्बे में इस वारदात की चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने पुलिस से चोरों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग की है। पीड़ित रमेशचंद्र सैनी ने इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने चोरों की गिरफ्तारी और अपनी भैंसों की बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।
चौथ का बरवाड़ा में पशु चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ नवनिर्माणाधीन अस्पताल के पास स्थित एक खेत से अज्ञात चोर चार भैंसों को चुरा ले गए। पीड़ित पशुपालक रमेशचंद्र सैनी के अनुसार, सोमवार शाम को उन्होंने अपनी दो बड़ी और दो छोटी भैंसों को खेत पर बाँधकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे दूध निकालने पहुँचे, तो उन्हें चारों भैंसें गायब मिलीं। मौके पर भैंसों को बाँधने वाली रस्सियाँ कटी हुई और खूँटे उखड़े हुए पाए गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इस वारदात
को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के पशुपालकों में दहशत का माहौल है। चोरी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए और दिनभर कस्बे में इस वारदात की चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने पुलिस से चोरों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग की है। पीड़ित रमेशचंद्र सैनी ने इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने चोरों की गिरफ्तारी और अपनी भैंसों की बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।
- बाजार में ₹500 के नकली नोटों के प्रचलन को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिससे आम जनता और दुकानदार आसानी से धोखे का शिकार हो सकते हैं। इन नकली नोटों को इतनी बारीकी से बनाया गया है कि पहली नज़र में ये बिल्कुल असली लगते हैं, जिनमें महात्मा गांधी की तस्वीर और हरी पट्टी भी मौजूद है। हालांकि, गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक एडवाइजरी के अनुसार, इन नकली नोटों में एक बड़ी गलती है जो इनकी पहचान में मददगार साबित हो सकती है। असली नोटों पर जहाँ 'RESERVE BANK OF INDIA' लिखा होता है, वहीं नकली नोटों में 'RESERVE' की स्पेलिंग गलत है। इनमें 'R-E-S-E-R-V-E' की जगह 'R-E-S-A-R-V-E' लिखा गया है, यानी 'E' के स्थान पर 'A' का इस्तेमाल किया गया है। अपनी मेहनत की कमाई को इस धोखाधड़ी से बचाने के लिए, किसी से भी ₹500 का नोट लेते समय 'RESERVE BANK OF INDIA' की स्पेलिंग को ध्यान से जांचने की सलाह दी गई है। यह महत्वपूर्ण जानकारी दोस्तों, परिवार और विशेष रूप से दुकानदारों के साथ साझा करने का आग्रह किया गया है, ताकि कोई भी इस प्रकार की जालसाज़ी का शिकार न हो। वीडियो को लाइक, कमेंट और ऐसी ही अन्य जानकारियों के लिए फॉलो/सब्सक्राइब करने का भी अनुरोध किया गया है।1
- चौथ का बरवाड़ा में पशु चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ नवनिर्माणाधीन अस्पताल के पास स्थित एक खेत से अज्ञात चोर चार भैंसों को चुरा ले गए। पीड़ित पशुपालक रमेशचंद्र सैनी के अनुसार, सोमवार शाम को उन्होंने अपनी दो बड़ी और दो छोटी भैंसों को खेत पर बाँधकर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे दूध निकालने पहुँचे, तो उन्हें चारों भैंसें गायब मिलीं। मौके पर भैंसों को बाँधने वाली रस्सियाँ कटी हुई और खूँटे उखड़े हुए पाए गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इस वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के पशुपालकों में दहशत का माहौल है। चोरी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए और दिनभर कस्बे में इस वारदात की चर्चा होती रही। ग्रामीणों ने पुलिस से चोरों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग की है। पीड़ित रमेशचंद्र सैनी ने इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने चोरों की गिरफ्तारी और अपनी भैंसों की बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस इस मामले की जाँच में जुट गई है।2
- सुमेरगंज मंडी में आयोजित एक कलश यात्रा के दौरान भाग लेने वाले लोगों को बेहद सुखद और आनंददायक अनुभव प्राप्त हुआ। इस अवसर पर कलश यात्रा का आनंद लेते हुए अत्यधिक प्रसन्नता महसूस की गई।2
- सोमवार दोपहर को क्रय विक्रय सहकारी समिति की बैठक अध्यक्ष रामेश्वर मीणा की अध्यक्षता में समिति के गोदाम परिसर में आयोजित हुई, जहाँ सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा किया। सदस्यों ने आरोप लगाया कि समिति की ओर से सरकारी कांटों पर भी पैसे वसूले जा रहे हैं, जिस पर शकील अहमद सहित कई अन्य लोगों ने विरोध दर्ज कराया। इसके अतिरिक्त, सदस्य चेतन पटवा, अभय सिंह शक्तावत और अशोक शर्मा ने वितरण की जा रही उपहार सामग्री में भी गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि ₹80 की सामग्री के लिए ₹188 का बिल लगाया गया, जिसको लेकर काफी देर तक हंगामा चलता रहा और सदस्यों ने उपहार सामग्री को वहीं रखकर अपना विरोध प्रदर्शित किया। बाद में समिति ने पाँच सदस्यीय क्रय समिति गठित करने का निर्णय लिया, जिस पर आगे निर्णय किया जाएगा। इस दौरान उपाध्यक्ष माया आकड़, अन्य सदस्य, सहकारी समिति के व्यवस्थापक और कई कर्मचारी बैठक में उपस्थित थे।2
- बूँदी ज़िले के लाखेरी कस्बे में स्थित मुख्य बस स्टैंड का आधुनिक शौचालय आजकल असुविधाओं का पर्याय बन गया है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह शौचालय कभी समय पर खुलता नहीं तो कभी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। शौचालय का उपयोग करने वाले बताते हैं कि कई बार तो सुबह नौ बजे तक भी इस पर ताला लगा रहता है। इस बारे में जमादार को भी कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। आज सुबह भी जब लोग शौचालय का उपयोग करने पहुंचे तो उन्हें पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। पानी न होने की शिकायत करने पर जमादार ने जवाब दिया कि बोरिंग खराब है और इसके लिए उच्च अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। जमादार के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना जवाब को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है, क्योंकि बस स्टैंड पर बने इस आधुनिक शौचालय में पानी खत्म होने से जनता को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।2
- करौली जिले के सपोटरा स्थित पंचायत समिति परिसर में कृषि विभाग का एक पुराना भवन वर्षों से अनुपयोगी पड़ा है, जो मरम्मत के अभाव में अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। स्थानीय लोग इसकी मरम्मत कराकर इसे डाकघर या अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लेने की लगातार मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह भवन कभी कृषि विभाग की गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, जहाँ किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाती थी और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते थे। बाद में पंचायत समिति परिसर में ही नया भवन बनने के बाद कृषि विभाग का कार्यालय वहाँ स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से यह पुराना भवन खाली पड़ा है। लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण इसकी दीवारों में दरारें आ गई हैं, कई जगह से प्लास्टर उखड़ चुका है, और बारिश में इसकी स्थिति और खराब हो जाती है। खाली पड़े भवन के आसपास गंदगी भी जमा होने लगी है, जो इसकी बदहाली को और बढ़ा रही है। कस्बे के लोगों का कहना है कि यह भवन आज भी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि इसकी मरम्मत करा दी जाए तो इसे डाकघर सहित अन्य सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति का संरक्षण होगा, बल्कि आमजन को भी सुविधाएँ मिलेंगी। इस संबंध में कृषि पर्यवेक्षक राकेश खटाना ने बताया कि भवन के जर्जर होने की जानकारी पहले ही विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी। उनका कहना है कि नवीन भवन उपलब्ध होने के बाद ही कृषि विभाग कार्यालय को स्थानांतरित किया गया, क्योंकि पुराना भवन इतना जर्जर था कि वहाँ से विभागीय कार्यों का संचालन संभव नहीं था। कस्बे के लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर भवन की मरम्मत कराकर इसके उपयोग को लेकर एक ठोस निर्णय लें, ताकि वर्षों से खाली पड़ी इस सरकारी संपत्ति का जनहित में सदुपयोग किया जा सके।1
- सवाई माधोपुर में चलाए जा रहे 'रास्ता खोलो अभियान' के तहत जिला कलक्टर काना राम की लगातार निगरानी से कई वर्षों पुराने लंबित विवादों का समाधान हो रहा है। इस पहल के माध्यम से, जो मामले लंबे समय से उलझे हुए थे, उन्हें सुलझाने में सफलता मिल रही है।1
- सवाई माधोपुर हाउसिंग बोर्ड के हनुमान नगर चौराहे पर भीषण गर्मी के चलते एक विद्युत पोल के तारों में आग लग गई। वार्ड नंबर 21 के पार्षद चंदन सिंह नरूका ने तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने शटडाउन लेकर आग पर काबू पाया।1