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Deepak kumar Jha
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Deepak kumar Jha1
- दरभंगा के राज मैदान स्थित श्यामा माई मंदिर के पास पूजा करने पहुंची एक महिला से बदमाशों ने सोने की चेन छीन ली। यह घटना इसी थाना क्षेत्र में 8 दिन पहले हुई गोलीबारी और मौत के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े करती है। पीड़िता और स्थानीय लोगों ने इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है।1
- एक महिला का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया है, जिसके बाद उसके मायके वालों ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतिका के भाई का दावा है कि उसकी बहन की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने कथित तौर पर दो लाख रुपये नहीं दिए थे। इस घटना के बाद से मृतिका का पति घर छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।1
- विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार, जन स्वराज के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सहनी की अध्यक्षता में समस्तीपुर में संगठन विस्तार और उसकी मजबूती पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निरंजन ठाकुर ने इस बैठक का संचालन किया, जिसमें पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक सुदृढ़ करना था, साथ ही आगामी 4 जून को जन स्वराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के आगमन और भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना भी इसका एक प्रमुख लक्ष्य था। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सहनी ने ज़ोर देकर कहा कि संगठन की शक्ति ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने बताया कि जन स्वराज का लक्ष्य पंचायत से लेकर जिला स्तर तक एक मजबूत और सक्रिय संगठन तैयार करना है। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार, संगठन के पुनर्गठन और विस्तार का कार्य तेज़ी से किया जाएगा, जिसके तहत वार्ड, पंचायत, प्रखंड और विधानसभा स्तर पर नई टीमों का गठन होगा और युवाओं, महिलाओं एवं नए कार्यकर्ताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएंगी। कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चलाने, लोगों की समस्याओं को सुनने और संगठन की विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाने का आह्वान किया गया। सहनी ने यह भी कहा कि बिहार में जन स्वराज ही एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रहा है और सरकार से जनता के मुद्दों पर सीधे सवाल पूछ रहा है। बैठक के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने संगठन को और सशक्त बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव भी प्रस्तुत किए। अंत में, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई और सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं से इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई। इस बैठक में जिला महामंत्री निरंजन ठाकुर, नृपेंद्र कुमार, किसान प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष श्याम कुमार चौधरी, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, कर्पूरी बिचार मंच के चेयरमैन राम नरेश चौरसिया, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, रवि कुमार, उदय शंकर ठाकुर, सुनील कुशवाहा, दीपक सहनी और बच्चू बाबू सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- मुंबई की चकाचौंध में एक बार फिर बिहार के एक श्रमिक परिवार का सपना टूट गया है, जब दरभंगा के एक मजदूर की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इस घटना को एक सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। उन्होंने प्रशासन पर न्याय न मिलने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। दरभंगा के बेहेड़ी थाना क्षेत्र के सिरुआ गाँव के निवासी फूलचंद झा मुंबई में एक निर्माण कार्य स्थल पर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार के अनुसार, 17 मई की दोपहर के बाद से फूलचंद से उनका संपर्क टूट गया था और अगले ही दिन उन्हें उनकी मौत की दुखद खबर मिली। परिवार का दावा है कि मुंबई जाकर शव देखने पर उन्हें शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले, जो किसी दुर्घटना के बजाय किसी हमले की ओर इशारा कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इस मामले को पुलिस और निर्माण कार्य से जुड़े प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है और अपनी शिकायत की एफआईआर कॉपी तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की माँग कर रहा है। यह मामला बिहार भवन नई दिल्ली और स्थानीय प्रशासन तक पहुँच चुका है। फिलहाल, परिवार की एकमात्र माँग एक निष्पक्ष जाँच और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाना है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एक गरीब मजदूर को न्याय मिल पाएगा, या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में यह मामला भी दबा दिया जाएगा।1
- दरभंगा जिले में सिमरी-दरभंगा सड़क पर एक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH 27) के निर्माण कार्य पर तुरंत ध्यान देने और सड़क को जल्द से जल्द बनाने की अपील की है।1
- भाकपा माले और ग्रामीणों ने ध्वस्त नल जल व्यवस्था, तीन महीने से लंबित पेंशन भुगतान, फर्जी बिजली बिल और बढ़ती महंगाई के विरोध में आगामी 27 मई 2026 को अंगार घाट में एक प्रतिरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है। यह फैसला मो. नूर आलम की अध्यक्षता में वार्ड नं. 04 स्थित अमरसिंह स्थान पर हुई एक संयुक्त बैठक में लिया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने भीषण गर्मी में वार्ड नं. 04 और 03 में उत्पन्न गंभीर जल संकट के लिए जन प्रतिनिधियों और 'डबल इंजन' सरकार की प्रशासनिक विफलता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में, भाकपा माले नेता महावीर पोद्दार ने बिहार सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अब प्रदेश में 'सुशासन' की नहीं, बल्कि 'बुल्डोजर और एनकाउंटर' की सरकार चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की 'दस हजारिया डबल इंजन भाजपा-जदयू की सरकार' नफरत और हिंसा के सहारे चल रही है, सभी विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है, और सरकार सरकारी कर्मचारियों व विधायकों को वेतन-भत्ता देने के लिए भी कर्ज ले रही है। जिला कमिटी सदस्य समीम मन्सुरी ने बताया कि भाकपा माले के नेतृत्व में उजियार पुर प्रखंड कार्यालय पर पाँच दिनों का आमरण अनशन किया गया था, जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी दलसिंहसराय के आश्वासन पर अनिल भंडारी के घर से अंगार घाट चौक स्थित शिव मंदिर तक नल जल योजना को स्वीकृति मिली और बोरिंग भी कराया गया। हालाँकि, दो महीने बीत जाने के बाद भी पाइप लाइन बिछाने और जलापूर्ति बहाल करने का काम अधूरा पड़ा है, जिससे लोग गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं और पी एच इ डी विभाग 'कुंभकर्णी नींद' में सोया हुआ है। मन्सुरी ने आरोप लगाया कि सरकार को आम जनता की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की चिंता है। इस महत्वपूर्ण बैठक में रेखा देवी, मो. अरमान खान, पिंकी देवी, कोमल देवी, अनिल सहनी, बबीता देवी, दायरानी देवी, सद्दाम शाह, मो. शबान हुसैन, सावित्री देवी, पूनम देवी, परवेज खलिफा, राजेन्द्र सहनी, शांति देवी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।1
- बिहार के मुख्यमंत्री ने काम नहीं करने वाले अधिकारियों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, जो अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेंगे, उन्हें सबसे पहले 10 दिन में पहला नोटिस मिलेगा। इसके बाद, यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो 20 दिन में दूसरा नोटिस और 25 दिन में तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों नोटिसों के बाद भी यदि काम पूरा नहीं होता या सुधार नहीं दिखता, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से सीधे निलंबन का आदेश जारी कर दिया जाएगा।1