नरसिंहगढ़ नगर के थावरिया वार्ड क्रमांक-1 निवासी युवा विशाल कुंभकार (पिता कैलाश कुंभकार) की 5 जून शाम को हुई असामयिक और संदेहास्पद मृत्यु के मामले में अब न्याय की मांग तेज हो गई है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है, जहाँ परिजनों और समाज के लोगों का मानना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि इसके पीछे गंभीर कारण और परिस्थितियाँ छिपी हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। मंगलवार को प्रजापति समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में समाजजन और स्थानीय लोग नरसिंहगढ़ थाने पहुंचे। प्रजापति समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आर.एस. कुंभकार और जिला अध्यक्ष दिनेश प्रजापति के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय रहते इस मामले की गहराई से जांच नहीं की गई, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दोषियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रजापति समाज द्वारा भोपाल CM हाउस का घेराव और चक्का जाम जैसा बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। समाज ने पुलिस से विशाल कुंभकार की मृत्यु की परिस्थितियों की गहन और निष्पक्ष जांच करने, किसी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को समय रहते पुलिस जांच रिपोर्ट से अवगत कराने की मांग की। इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रजापति समाज के साथ अन्य स्थानीय संगठन भी एकजुट होते दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है ताकि परिवार को न्याय मिल सके और संभावित बड़े आंदोलन को टाला जा सके। पूरे क्षेत्र की नजरें पुलिस की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
नरसिंहगढ़ नगर के थावरिया वार्ड क्रमांक-1 निवासी युवा विशाल कुंभकार (पिता कैलाश कुंभकार) की 5 जून शाम को हुई असामयिक और संदेहास्पद मृत्यु के मामले में अब न्याय की मांग तेज हो गई है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है, जहाँ परिजनों और समाज के लोगों का मानना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि इसके पीछे गंभीर कारण और परिस्थितियाँ छिपी हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। मंगलवार को प्रजापति समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में समाजजन और स्थानीय लोग नरसिंहगढ़ थाने पहुंचे। प्रजापति समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आर.एस. कुंभकार और जिला अध्यक्ष दिनेश प्रजापति के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने
जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय रहते इस मामले की गहराई से जांच नहीं की गई, तो समाज चुप नहीं बैठेगा। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि दोषियों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रजापति समाज द्वारा भोपाल CM हाउस का घेराव और चक्का जाम जैसा बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा। समाज ने पुलिस से विशाल कुंभकार की मृत्यु की परिस्थितियों की गहन और निष्पक्ष जांच करने, किसी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी
कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को समय रहते पुलिस जांच रिपोर्ट से अवगत कराने की मांग की। इस संवेदनशील मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रजापति समाज के साथ अन्य स्थानीय संगठन भी एकजुट होते दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है ताकि परिवार को न्याय मिल सके और संभावित बड़े आंदोलन को टाला जा सके। पूरे क्षेत्र की नजरें पुलिस की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
- माचलपुर स्थित परोंडा बालाजी मंदिर में राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में कथावाचक भरत जी हिनौती द्वारा राम कथा का वाचन किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों ने, जिनमें शाजापुर के संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हैं, अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए एक मार्मिक रास्ता अपनाया है। मंगलवार, 9 जून 2026 को दोपहर 12.51 बजे, उन्होंने अपने खून से एक भावुक पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की पुरजोर मांग की। इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि 'संविदा कर्मी का निवेदन, सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।' कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोरोना जैसी भीषण महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर हजारों जिंदगियां बचाईं और प्रदेश की सेवा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे, जब आम जनता घरों में थी। अस्पतालों, जांच केंद्रों और टीकाकरण केंद्रों पर 24 घंटे लगातार ड्यूटी देकर इन 'कोरोना योद्धाओं' ने हजारों मरीजों को मौत के मुंह से निकाला था। हालांकि, महामारी का दौर बीत जाने के बाद उन्हें लग रहा है कि सरकार उनके त्याग और बलिदान को भूल गई है, जिसके चलते वे अब असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। संविदा कर्मियों का आरोप है कि वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग में निष्ठावान सेवा देने के बावजूद उनके भविष्य पर अनिश्चितता की तलवार लटकी हुई है। समान कार्य करने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलता है, और लगातार छंटनी का डर तथा भविष्य की चिंता ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इस कदम को कर्मचारियों की घोर हताशा का परिणाम बताया है। संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं को अनवरत चलाने वाले इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से नियमित कर उनका जायज हक दिया जाए, ताकि उन्हें भविष्य में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।2
- Post by मंगल भिलाला1
- जनसुनवाई में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से नागरिक अपनी समस्याएं एवं1
- भोपाल जिले के बैरसिया क्षेत्र के ग्राम पथरिया निवासी 60 वर्षीय बदामी बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। चार दिन से लापता महिला का शव जंगल में मिलने पर उनके परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैरसिया अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने, लापरवाही बरतने और रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि बदामी बाई के लापता होने के बाद उन्होंने बैरसिया पुलिस को कई बार सूचना दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी। ग्रामीणों ने जसमत नामक व्यक्ति और उसके 10 से 15 साथियों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए, आरोपियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। इस मामले में परिजनों ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत लेने और शिकायत को दबाने का भी आरोप लगाया, जिनकी विभागीय जांच कर उन्हें निलंबित करने की मांग की गई है। हालांकि, इन रिश्वत के आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला का शव मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एसडीओपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। घटना के बाद से बैरसिया क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की प्रमुख मांगों में बदामी बाई की मौत की निष्पक्ष जांच, आरोपी जसमत और उसके साथियों की तत्काल गिरफ्तारी, एफआईआर दर्ज न करने और रिश्वत लेने के आरोपों की जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।2
- मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। इस फैसले पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इसके खिलाफ अदालत का रुख करेगी। इसी बीच, विधायकों को लेकर बेंगलुरु जा रहा एक विमान रनवे से वापस लौट आया।1
- शाजापुर के ग्राम पनवाड़ी स्थित एबी रोड के एक ब्लैक स्पॉट (डेंजर जोन) पर मंगलवार दोपहर सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए 'जीवन रक्षक पाठशाला' का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को रोकना और आम नागरिकों को शुरुआती कुछ मिनटों, यानी 'गोल्डन आवर' में मददगार बनने के लिए प्रेरित करना था, जो घायल की जान बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं। उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन और शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, एसडीओपी अजय मिश्रा, रक्षित निरीक्षक वंदना सिंह, यातायात प्रभारी सौरव शुक्ला और सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती सहित पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। शाजापुर जिला अस्पताल से आई चिकित्सकों की टीम ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने का सही तरीका सिखाया। डॉक्टरों ने जोर देकर बताया कि किसी भी दुर्घटना या कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में यदि मरीज को तुरंत और सही तरीके से सीपीआर दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को दुर्घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिक को अब पुलिस परेशान नहीं करती, बल्कि उन्हें 'राहवीर योजना' के तहत ₹25,000 तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाता है। साथ ही, 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के अंतर्गत सड़क दुर्घटना के पात्र घायलों को ₹1.50 लाख तक का कैशलेस (मुफ्त) उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान भी समझाया गया। कार्यक्रम के अंत में, अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को देखकर कतराएं नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह आगे बढ़कर उसकी मदद करें। इसके अतिरिक्त, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत भी दी गई। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर आपातकालीन सहायता संबंधी अहम जानकारियाँ प्राप्त कीं।3
- मोड़ी में हजारों भगवा ध्वजों के साथ एक भव्य झंडा सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे वातावरण में 'जय श्रीराम' के जयकारे गूंज उठे, जिससे माहौल अत्यंत उत्साहपूर्ण हो गया।1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर स्थित माणा टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मौत का सच क्या है। इस बीच, घटना से संबंधित एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1