बदायूं जनपद के मूसाझाग क्षेत्र स्थित काजी खेड़ा सैंजनी गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट और पथराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुए इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिसमें दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह नामक दो लोग घायल हो गए। काजी खेड़ा सैंजनी निवासी दलजिंदर सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 311 वाली यह जमीन उनकी मां राजवीर कौर पत्नी दलविंदर सिंह ने 28 साल पहले खरीदी थी। खतौनी में भी राजवीर कौर का नाम दर्ज है और वे तभी से इस पर खेती कर रहे हैं। हालांकि, पिछले कई महीनों से किसनी महेरा के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन इस जमीन को अपना बताकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में दलजिंदर सिंह ने उप जिलाधिकारी दातागंज से शिकायत की थी, जिसके बाद उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह और हल्का लेखपाल हेम सिंह की राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा। जब टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस पर नायब तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी और स्वयं वहां से चले गए। राजवीर कौर के परिजनों ने अपनी जमीन पर तार लगाकर बाउंड्री की हुई थी। मंगलवार शाम लगभग 6 बजे, दूसरे पक्ष के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन अपने साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को लेकर खेत पर कब्जा करने पहुंचे। इस दौरान सैंजनी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। जैसे ही दूसरा पक्ष कब्जा करने लगा और राजवीर कौर के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर हमला कर दिया। पुलिस बल के हाथ-पैर फूल गए और वे मूकदर्शक बने रहे। इस मारपीट में दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह घायल हो गए। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर कब्जा कर रहे लोग मौके से भाग गए। दलजिंदर सिंह ने यह भी बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपनी जमीन पर कब्जे के प्रयास को लेकर थाने में लिखित शिकायतें दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की, जिसके कारण आज इतनी बड़ी घटना होते-होते बची। घटना का वीडियो कुछ लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
बदायूं जनपद के मूसाझाग क्षेत्र स्थित काजी खेड़ा सैंजनी गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट और पथराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुए इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिसमें दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह नामक दो लोग घायल हो गए। काजी खेड़ा सैंजनी निवासी दलजिंदर सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 311 वाली यह जमीन उनकी मां राजवीर कौर पत्नी दलविंदर सिंह ने 28 साल पहले खरीदी थी। खतौनी में भी राजवीर कौर का नाम दर्ज है और वे तभी से इस पर खेती कर रहे हैं। हालांकि, पिछले कई महीनों से किसनी महेरा के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन इस जमीन को अपना बताकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में दलजिंदर सिंह ने उप जिलाधिकारी दातागंज से शिकायत की थी, जिसके बाद उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह और हल्का लेखपाल हेम सिंह की राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा। जब टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस पर नायब तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी और स्वयं वहां से चले गए। राजवीर कौर के परिजनों ने अपनी जमीन पर तार लगाकर बाउंड्री की हुई थी। मंगलवार शाम लगभग 6 बजे, दूसरे पक्ष के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन अपने साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को लेकर खेत पर कब्जा करने पहुंचे। इस दौरान सैंजनी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। जैसे ही दूसरा पक्ष कब्जा करने लगा और राजवीर कौर के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर हमला कर दिया। पुलिस बल के हाथ-पैर फूल गए और वे मूकदर्शक बने रहे। इस मारपीट में दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह घायल हो गए। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर कब्जा कर रहे लोग मौके से भाग गए। दलजिंदर सिंह ने यह भी बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपनी जमीन पर कब्जे के प्रयास को लेकर थाने में लिखित शिकायतें दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की, जिसके कारण आज इतनी बड़ी घटना होते-होते बची। घटना का वीडियो कुछ लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
- बदायूं जनपद के मूसाझाग थाना क्षेत्र के महेरा गांव में जमीनी विवाद को लेकर ग्रामीण प्रजापति समाज के लोगों और सरदारों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले।3
- बदायूं के उसावा थाना क्षेत्र के ग्राम फुलचियाई में डायल 112 पर तैनात एक कांस्टेबल पर अभद्रता का आरोप लगा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, किसी घटना की सूचना पर डायल 112 की टीम गांव पहुंची थी, जहाँ टीम में शामिल कांस्टेबल अकरम ने एक युवक के बड़े भाई के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब दूसरे युवक ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ भी कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। इस घटना के दौरान हुई कहासुनी को किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी और स्थानीय युवकों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है, जिससे यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और घटना के पूरे घटनाक्रम की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, और यदि इस संबंध में शिकायत दर्ज होती है तो मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। यह भी बताया गया है कि संबंधित कांस्टेबल 112 के एक मामले को लेकर पहले भी विवादित रह चुके हैं।3
- aap ko kya sekh melte hai es kahane se kam kar Rahe ho aur1
- एनल बीते एक साल से बंद है।1
- उसाबा थाना क्षेत्र के गांव फुलचियाई में एक झगड़े के मौके पर पहुँचे डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की।1
- बदायूं जनपद के मूसाझाग क्षेत्र स्थित काजी खेड़ा सैंजनी गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट और पथराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुए इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिसमें दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह नामक दो लोग घायल हो गए। काजी खेड़ा सैंजनी निवासी दलजिंदर सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 311 वाली यह जमीन उनकी मां राजवीर कौर पत्नी दलविंदर सिंह ने 28 साल पहले खरीदी थी। खतौनी में भी राजवीर कौर का नाम दर्ज है और वे तभी से इस पर खेती कर रहे हैं। हालांकि, पिछले कई महीनों से किसनी महेरा के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन इस जमीन को अपना बताकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में दलजिंदर सिंह ने उप जिलाधिकारी दातागंज से शिकायत की थी, जिसके बाद उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह और हल्का लेखपाल हेम सिंह की राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा। जब टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस पर नायब तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी और स्वयं वहां से चले गए। राजवीर कौर के परिजनों ने अपनी जमीन पर तार लगाकर बाउंड्री की हुई थी। मंगलवार शाम लगभग 6 बजे, दूसरे पक्ष के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन अपने साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को लेकर खेत पर कब्जा करने पहुंचे। इस दौरान सैंजनी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। जैसे ही दूसरा पक्ष कब्जा करने लगा और राजवीर कौर के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर हमला कर दिया। पुलिस बल के हाथ-पैर फूल गए और वे मूकदर्शक बने रहे। इस मारपीट में दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह घायल हो गए। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर कब्जा कर रहे लोग मौके से भाग गए। दलजिंदर सिंह ने यह भी बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपनी जमीन पर कब्जे के प्रयास को लेकर थाने में लिखित शिकायतें दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की, जिसके कारण आज इतनी बड़ी घटना होते-होते बची। घटना का वीडियो कुछ लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।1