नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम बारहा बड़ा में, वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई। गांव वालों ने बताया कि पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा उमर नदी तक और कंछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी वाले के मकान तक की सड़कें पूरी तरह खराब और कीचड़ भरी हैं। यह सिर्फ खराब सड़क नहीं, बल्कि कच्चे और दलदली रास्ते हैं। इन बदहाल और कीचड़ भरी सड़कों के कारण, खासकर मानसून के मौसम में, बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है, जिससे वे स्कूल का बहिष्कार करने को मजबूर हैं। लगभग 40 से 50 परिवार और अनुमानित 40 से 50 बच्चे इस समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर सड़क का 1.5 किलोमीटर का हिस्सा अत्यधिक दलदली और मुश्किल है। इस गंभीर स्थिति के चलते माता-पिता ने सामूहिक रूप से यह फैसला लिया है कि जब तक सड़क ठीक नहीं हो जाती, वे आगामी मानसून में अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे, क्योंकि इन खतरनाक रास्तों से बच्चों का गुजरना जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई सालों से अच्छी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई। पिछले 49 दिनों से वे लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सड़क, पानी, बिजली और घर जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया गया है, लेकिन सड़क बनाने की उनकी मुख्य मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। इस उपेक्षा से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है, क्योंकि वे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों को प्राथमिकता से ठीक करने का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन वार्डों में सही सड़क के अभाव में बच्चों, माता-पिता या परिवारों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।
नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम बारहा बड़ा में, वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई। गांव वालों ने बताया कि पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा उमर नदी तक और कंछेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी वाले के मकान तक की सड़कें पूरी तरह खराब और कीचड़ भरी हैं। यह सिर्फ खराब सड़क नहीं, बल्कि कच्चे और दलदली रास्ते हैं। इन बदहाल और कीचड़ भरी सड़कों के कारण, खासकर मानसून के मौसम में, बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है, जिससे वे स्कूल का बहिष्कार करने को मजबूर हैं। लगभग
40 से 50 परिवार और अनुमानित 40 से 50 बच्चे इस समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर सड़क का 1.5 किलोमीटर का हिस्सा अत्यधिक दलदली और मुश्किल है। इस गंभीर स्थिति के चलते माता-पिता ने सामूहिक रूप से यह फैसला लिया है कि जब तक सड़क ठीक नहीं हो जाती, वे आगामी मानसून में अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे, क्योंकि इन खतरनाक रास्तों से बच्चों का गुजरना जोखिम भरा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई सालों से अच्छी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई। पिछले 49 दिनों से वे लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें सड़क, पानी, बिजली और घर जैसी बुनियादी सुविधाओं
की कमी को उजागर किया गया है, लेकिन सड़क बनाने की उनकी मुख्य मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। इस उपेक्षा से बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है, क्योंकि वे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को वार्ड नंबर 4 और 5 की सड़कों को प्राथमिकता से ठीक करने का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन वार्डों में सही सड़क के अभाव में बच्चों, माता-पिता या परिवारों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।
- करेली के समीप स्थित ग्राम करपगांव में सरकारी जमीन पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई उस समय विवादों में आ गई, जब प्रशासन की टीम एक निर्माणाधीन मकान को तोड़ने के लिए मौके पर पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का जोरदार विरोध शुरू कर दिया, जिससे वहां तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात बिगड़ते देख एक किसान जेसीबी मशीन के सामने ही खड़ा हो गया और प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग करने लगा। किसान के इस विरोध के कारण प्रशासन की टीम को आखिर पीछे हटना पड़ा।1
- करेली में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बंदरों ने एक पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में अत्यधिक गर्मी पड़ रही है।1
- केरपानी गाँव में वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले एक व्यक्ति का सुआतला पुलिस ने जुलूस निकाला।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित मुक्तिधाम में एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई है, जहाँ प्यासे बंदरों ने पानी के टैंकर से अपनी प्यास बुझाई। इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे देखने वाले हर व्यक्ति का दिल छू गया है।1
- सागर के देवरी में गैस सिलेंडरों की किल्लत जारी है, जिसके चलते लोग घंटों तक लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं। इस समस्या के कारण कई दिहाड़ी मजदूर अपनी रोज की मजदूरी छोड़कर गैस भरवाने के लिए लाइन में खड़े होने को विवश हैं। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार साबित हो रही है, जहाँ एक ओर महंगाई का बोझ है, वहीं दूसरी ओर गैस की बढ़ती कीमतें और काम का नुकसान उन्हें बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। यह आज की एक बड़ी समस्या बन गई है, जिससे आम आदमी की हालत खराब है और वे समझ नहीं पा रहे कि इस विकट स्थिति में क्या करें।1
- एक गरीब किसान प्रतिदिन सुबह शिव मंदिर जाता था, जहाँ वह भगवान भोलेनाथ को चढ़ाने के लिए दूध, फल या मिठाई जैसी कोई वस्तु नहीं ले जाता था। इसके बजाय, वह सिर्फ एक लोटा पानी और सच्चे मन से "ॐ नमः शिवाय" का जाप करता था। गाँव के लोग उसका उपहास करते थे और पूछते थे कि इतनी साधारण पूजा से भोलेनाथ कैसे प्रसन्न होंगे। इस पर किसान मुस्कुराते हुए जवाब देता था कि भोलेनाथ को चढ़ावे की वस्तुएँ नहीं, बल्कि भक्त का सच्चा भाव प्रिय होता है। एक वर्ष गाँव में भयंकर सूखा पड़ा, जिसके कारण सभी के खेत सूख गए। हालाँकि, उस गरीब किसान का छोटा सा खेत आश्चर्यजनक रूप से हरा-भरा रहा। जब लोग हैरान होकर उससे इसका कारण पूछने लगे, तो किसान ने विनम्रतापूर्वक बताया कि यह उसकी मेहनत का फल नहीं, बल्कि भोलेनाथ की कृपा है। उसने स्पष्ट किया कि जिसने भी भगवान को सच्चे मन से याद किया है, उन्होंने कभी उसका साथ नहीं छोड़ा। इस कहानी से यह महत्वपूर्ण सीख मिलती है कि भगवान शिव को किसी भी प्रकार का दिखावा या भौतिक वस्तुएँ नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और निष्कलंक भक्ति ही सबसे प्रिय है। हर-हर महादेव!1
- नरसिंहपुर की कृषि उपज मंडी में किसानों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया है। किसानों का आरोप है कि मंडी के टीन शेड में जहाँ व्यापारियों का अनाज रखा गया है, वहीं उन्हें अपना अनाज जमीन पर रखने को मजबूर किया जा रहा है। इस अनुचित व्यवस्था के चलते किसानों में गहरा रोष है।1
- नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के बारहा बड़ा गांव में बुनियादी सुविधाओं की प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव की बदहाल सड़कों से परेशान 40 से 50 परिवारों ने यह कड़ा फैसला लिया है कि आने वाले मानसून के मौसम में वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे, यानी 'स्कूल बॉयकाट' करेंगे। मध्य प्रदेश किसान सभा नरसिंहपुर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक अत्यंत आवश्यक अपील पत्र सौंपकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यह शिकायती पत्र स्पष्ट करता है कि ग्रामीण पिछले 49 दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कलेक्टर को सौंपे गए पत्र के अनुसार, ग्राम बारहा बड़ा गांव के वार्ड नंबर 4 और 5 की मुख्य सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से रघुवर कुशवाहा उमर नदी तक की सड़क और कंचेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी वाले के मकान तक का रास्ता कच्चे रास्तों और दलदल में बदल गया है। बारिश के मौसम में इस सड़क का लगभग 1.5 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से चलने लायक नहीं रहता, जिससे यहां से गुजरना बेहद खतरनाक हो जाता है। ग्रामीण पिछले कई वर्षों से सही सड़क की मांग कर रहे हैं, और अपनी इस मांग को लेकर वे पिछले 49 दिनों से लगातार विरोध-प्रदर्शन और धरने पर बैठे हैं। इस लगभग दो महीने से जारी आंदोलन में सड़क के साथ-साथ पानी, बिजली और आवास जैसी अन्य बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस बदहाल रास्ते के कारण वार्ड नंबर 4 और 5 में रहने वाले लगभग 40 से 50 परिवारों के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कीचड़ और दलदल भरे रास्तों से होकर बच्चों का स्कूल जाना अत्यंत असुरक्षित हो गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, माता-पिता ने सामूहिक रूप से यह कड़ा निर्णय लिया है कि जब तक सही सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, वे आने वाले मानसून के सीजन में अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि लगातार हो रही पढ़ाई की बर्बादी और बच्चों के भविष्य पर पड़ रहे बुरे असर की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की है। मध्य प्रदेश किसान सभा और ग्रामीणों ने कलेक्टर से अपील की है कि वे संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देशित कर पेट्रोल पंप बारहा बड़ा रोड से उमर नदी तक और कंचेदी कुशवाहा के घर से प्रकाश होरी के मकान तक सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाएं, ताकि बच्चे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। पत्र के अंत में, ग्रामीणों ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि सड़क न होने के कारण इन वार्डों के बच्चों, माता-पिता या किसी भी ग्रामीण के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जवाबदारी शासन, प्रशासन और सरकार की होगी।1
- नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के ग्राम केरपानी में देर रात तोड़फोड़ करने वाले एक नकाबपोश मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। यह गिरफ्तारी ग्राम केरपानी में दो नकाबपोश बदमाशों द्वारा एक वाहन और अन्य सामानों में की गई तोड़फोड़ की घटना के संबंध में हुई है। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया, जबकि मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था।1