दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र के फरदाहा गांव में मंगलवार सुबह एक दुखद हादसे में 71 वर्षीय नागेश्वर पासवान की बिजली के तार से करंट लगने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय पलट पासवान के पुत्र नागेश्वर पासवान, निवासी फरदाहा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नागेश्वर पासवान मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी के साथ घास काटने के लिए घर से निकले थे। गांव के बगीचे में सोमवार को आए तेज़ आंधी-तूफान के कारण 11 हज़ार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर नीचे लटक गया था। इसी दौरान नागेश्वर पासवान तार के संपर्क में आ गए और हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए। उनकी पत्नी और आसपास के ग्रामीण जब तक उन्हें बचाने का प्रयास करते, तब तक मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नागेश्वर पासवान अपने पीछे चार पुत्र और तीन पुत्रियां छोड़ गए हैं, जो सभी विवाहित हैं। बताया गया है कि उनके चारों बेटे रोज़ी-रोटी के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में रहते हैं और उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद वे अपने घर के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र के फरदाहा गांव में मंगलवार सुबह एक दुखद हादसे में 71 वर्षीय नागेश्वर पासवान की बिजली के तार से करंट लगने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय पलट पासवान के पुत्र नागेश्वर पासवान, निवासी फरदाहा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नागेश्वर पासवान मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी के साथ घास काटने के लिए घर से निकले थे। गांव के बगीचे में सोमवार को आए तेज़ आंधी-तूफान के कारण 11 हज़ार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर नीचे लटक गया था। इसी दौरान नागेश्वर पासवान तार के संपर्क में आ गए और हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए। उनकी पत्नी और आसपास के ग्रामीण जब तक उन्हें बचाने का प्रयास करते, तब तक मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नागेश्वर पासवान अपने पीछे चार पुत्र और तीन पुत्रियां छोड़ गए हैं, जो सभी विवाहित हैं। बताया गया है कि उनके चारों बेटे रोज़ी-रोटी के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में रहते हैं और उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद वे अपने घर के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र के फरदाहा गांव में मंगलवार सुबह एक दुखद हादसे में 71 वर्षीय नागेश्वर पासवान की बिजली के तार से करंट लगने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान स्वर्गीय पलट पासवान के पुत्र नागेश्वर पासवान, निवासी फरदाहा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, नागेश्वर पासवान मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी के साथ घास काटने के लिए घर से निकले थे। गांव के बगीचे में सोमवार को आए तेज़ आंधी-तूफान के कारण 11 हज़ार वोल्ट का बिजली का तार टूटकर नीचे लटक गया था। इसी दौरान नागेश्वर पासवान तार के संपर्क में आ गए और हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए। उनकी पत्नी और आसपास के ग्रामीण जब तक उन्हें बचाने का प्रयास करते, तब तक मौके पर ही उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नागेश्वर पासवान अपने पीछे चार पुत्र और तीन पुत्रियां छोड़ गए हैं, जो सभी विवाहित हैं। बताया गया है कि उनके चारों बेटे रोज़ी-रोटी के सिलसिले में दूसरे प्रदेशों में रहते हैं और उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद वे अपने घर के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने समस्तीपुर में प्रखंड कार्यालय पर 'महंगाई की मार, बेरोजगारी का वार' के विरोध में धरना दिया। इस प्रदर्शन के दौरान राजद के नेता शाहीन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इन गंभीर मुद्दों से निपटने में पूरी तरह विफल रही है।1
- राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने और महंगाई के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा एक धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन आम जनता को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। धरना को संबोधित करते हुए बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक अख्तरुल इस्लाम शाहीन और राजद जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधान पार्षद रोमा भारती ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन सरकार इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह असफल रही है।1
- बिहार की सियासत में एक बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आई है, जहाँ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बिहार का 'चीप' मिनिस्टर करार दिया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं और ज्वलंत जनसमस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए आवास और सुरक्षा जैसे गैर-जरूरी मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'अयोग्य, अक्षम, भ्रष्ट और आपराधिक प्रवृत्ति के ऐरे-गैरे लोगों' को सरकारी खर्च पर उच्च कोटि की सुरक्षा और मंत्रिस्तरीय आवास 'रेवड़ी की तरह' बांटे जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन सबके बावजूद बिहार का खजाना खाली है, जबकि युवा, किसान, मजदूर, छात्र-शिक्षक सहित राज्य के सभी वर्ग त्राहिमाम कर रहे हैं। इस बड़े सियासी प्रहार पर लोगों की राय जानने का आह्वान भी किया गया है।1
- दरभंगा में शोभा कंपनी द्वारा एक भर्ती अभियान की घोषणा की गई है। इस भर्ती के लिए 11 जून को सीधा क्लाइंट इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को 1000 से 1300 AED के बीच मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा, जो नौकरी के इच्छुक व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।1
- समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में पैसे के विवाद को लेकर एक व्यक्ति की गर्दन में गमछा लपेटकर कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। मृतक की पत्नी प्रियंका देवी, जो जहांगीरपुर कोठिया गाँव की निवासी हैं, ने खानपुर थाने में एक आवेदन देकर आरोप लगाया है कि रविवार सुबह 9:00 बजे उनके पति को उन्हीं के गाँव के मंटून सहनी और दो अन्य नामजद व्यक्तियों ने गमछे से गला घोंटकर मार डाला। इस गंभीर आरोप के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद अभियुक्त मंटून सहनी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त मंटून सहनी, जो स्वर्गीय भूखल सहनी के पुत्र और जहांगीरपुर कोठिया के ही निवासी हैं, को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस शेष नामजद अभियुक्तों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है। छापामारी दल में खानपुर थाना के थानाध्यक्ष पु०नि० शिवपूजन कुमार, अपर थानाध्यक्ष पु०अ०नि० पूनम कुमारी, पु०अ०नि० संजीवन पासवान और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।1
- दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड क्षेत्र में एलपीजी गैस की किल्लत लगातार बनी हुई है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ता भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सरकार द्वारा गैस आपूर्ति के लिए 45 दिनों का समय निर्धारित होने के बावजूद, लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें 50 से 55 दिनों के बाद भी गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस बीच, एलपीजी गैस की कीमत में हाल ही में हुई ₹29 की बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, क्योंकि उन्हें एक ओर महंगी गैस खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर समय पर आपूर्ति नहीं मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के चलते दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड स्थित मल्हीपट्टी इंडियन गैस एजेंसी पर सोमवार को सुबह से ही लगभग 500 से अधिक उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े देखे गए। भारी भीड़ को देखते हुए एपीएम थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और गैस वितरण कार्य को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग किया। एजेंसी के एक कर्मी ने बताया कि पिछले कई दिनों से गैस की गाड़ी नहीं आने के कारण उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। उन्होंने यह भी बताया कि सामान्यतः सोमवार को एजेंसी बंद रहती है, लेकिन उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए गैस की खेप पहुंचने के बाद वितरण कार्य किया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि गैस बुकिंग के बाद उन्हें रेफरेंस नंबर तो मिल जाता है, लेकिन बाद में उन्हें बुकिंग रद्द होने का संदेश भी प्राप्त होता है। इसके बाद उन्हें दोबारा बुकिंग कर घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग से गैस आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकें और उन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।1
- बहादुरपुर प्रखंड परिसर की मौजूदा स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और नाकामी की पोल खोल रही है। परिसर से सामने आई तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि जहाँ एक ओर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर एक सोया हुआ कुत्ता पूरे सिस्टम का मज़ाक उड़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका मुख्य द्वार गंदे पानी से लबालब भरा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने इस जलजमाव को महज़ कोई इत्तेफाक मानने से साफ इनकार किया है, बल्कि इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उनकी चर्चाओं के अनुसार, इस जलभराव की स्थिति का इस्तेमाल अब उच्च अधिकारियों से एक भारी-भरकम 'विशेष फंड' की मांग करने के लिए किया जाएगा। आशंका जताई जा रही है कि इस बड़े फंड से केवल एक छोटा सा नाला साफ करवाकर काम की खानापूर्ति कर दी जाएगी, जबकि शेष बजट का 'बंदरबांट' हो जाएगा। यह स्थिति जनता की गाढ़ी कमाई की खुलेआम लूट मानी जा रही है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं कि यह कब तक जारी रहेगी। बहादुरपुर प्रखंड में नाले जाम होने और परिसर के जलमग्न होने की इस शर्मनाक स्थिति को 'आपदा को अवसर' में बदलने की तैयारी का हिस्सा बताया जा रहा है।1