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सड़क पर मकाई फैला दिए जाने के कारण सवारी करने वाले लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Md Belal
सड़क पर मकाई फैला दिए जाने के कारण सवारी करने वाले लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
More news from झारखंड and nearby areas
- सड़क पर मकाई फैला दिए जाने के कारण सवारी करने वाले लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गांव में कथित तौर पर एक भूत के निकलने से दहशत फैल गई है। खबरों के अनुसार, यह भूत लोगों से कह रहा है कि वे सिर्फ आर्यन केल्वीन को ही फॉलो करते हैं।1
- कटिहार जिले के अहमदाबाद दुर्गापुर पंचायत में सड़कों की गंभीर समस्या बनी हुई है। यह मुद्दा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण परेशानी का कारण है।1
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- एक पत्रकार द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए पैसों के स्रोत पर सवाल उठाए जाने के बाद, खान सर ने इसका जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के निर्माण के लिए राज शमानी के प्लेटफॉर्म पर लोगों ने सहयोग राशि एकत्र की थी। जब यह राशि उन्हें भेजने की बात आई, तो खान सर ने इसे लेने से मना कर दिया और स्पष्ट कहा कि इन पैसों को उन्हें न भेजा जाए, बल्कि किसी ज़रूरतमंद के काम में लगाया जाए। यह कार्य ऐसे समय में बहुत बड़ी बात है जब लोग हर अवसर को कमाई के ज़रियए के रूप में देखते हैं, वहीं खान सर ने अपने लिए आई सहायता को भी ज़रूरतमंदों के नाम कर दिया। यही कारण है कि लाखों छात्र उन्हें केवल एक शिक्षक नहीं मानते। उन्होंने शिक्षा को गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों तक पहुँचाया, कम फीस में पढ़ाया, और बार-बार यह साबित किया कि समाज के लिए कुछ करने की नीयत ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। जबकि आरोप लगाना और सवाल उठाना आसान है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्षों से लाखों छात्रों का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। अन्य सभी आरोप-प्रत्यारोपों का फैसला अदालत और कानून करेंगे, लेकिन किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों और समाज के लिए किए गए योगदान को भी याद रखा जाना चाहिए। इसी भरोसे और योगदान के चलते लाखों छात्र आज भी खान सर के साथ खड़े हैं।1
- बिहार के कटिहार स्थित बाल आश्रय गृह की सुरक्षा एक बार फिर पूरी तरह खोखली साबित हुई है, जहाँ बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में 5 बच्चे फरार हो गए। इस साल 6 महीने के भीतर यह तीसरी बार है जब बच्चों ने इस आश्रय गृह को चकमा दिया है, जिससे जिला प्रशासन और शेल्टर होम के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि आखिर 12 फीट से भी ऊंची कंक्रीट की दीवार को ये छोटे-छोटे बच्चे कैसे पार कर गए। कटिहार के डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि प्रभारी अधीक्षक बाल सुधार गृह ने एक आवेदन दिया है, जिसमें 5 बच्चों के भागने की सूचना है। प्रभारी अधीक्षक के अनुसार, बच्चे द्वितीय तल की छत से दरवाजे की कुंडी तोड़कर भागे हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज की जा रही है और पुलिस बच्चों की तलाश में जुटी है। अब तक 5 में से 4 बच्चों को ढूंढ लिया गया है, जबकि एक बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। साल में तीसरी बार हुई इस चूक के बाद स्थानीय प्रशासन पर उंगलियां उठ रही हैं। जनता के बीच यह सवाल गूँज रहा है कि अगर इतनी ऊंची दीवारों के भीतर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और इतनी आसानी से गायब हो जा रहे हैं, तो फिर इस 'आश्रय गृह' की सुरक्षा के क्या मायने रह जाते हैं और आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है।4
- यह एक आम का बगीचा है। आज, इसमें आम तोड़े जा रहे हैं। पोस्ट के अनुसार, यह उनका अपना बगीचा है और सभी को इसे देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- खान सर को कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिल गई है, जिससे उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। यह जानकारी खान सर के वकील द्वारा दी गई है, जिन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में केस डायरी और एंटीसीडेंट की मांग की है। इस कानूनी राहत के बाद, खान सर अब जहां चाहें आ और जा सकते हैं, और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। कोर्ट के इस आदेश के चलते वे अब निर्बाध रूप से अपनी गतिविधियों को जारी रख सकते हैं।1