अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) द्वारा प्रदेशभर में संचालित "कर्मचारी जागृति यात्रा" को धौलपुर जिले में दूसरे दिन कर्मचारियों का अभूतपूर्व उत्साह और जनसमर्थन मिला। इस यात्रा का स्वागत करते हुए सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की और सरकार तक अपनी आवाज बुलंद तरीके से पहुँचाई। कर्मचारियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस यात्रा को ऐतिहासिक रूप प्रदान किया, यह स्पष्ट संदेश देते हुए कि अब उनकी जायज एवं वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के समक्ष कर्मचारियों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों को प्रभावी ढंग से रखना है। महासंघ ने 25 सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें आरजीएचएस के निजीकरण पर रोक लगाने, सरेंडर लीव का भुगतान तत्काल जारी करने, 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान का लाभ देने, बजट घोषणाओं को लागू करने, संविदा एवं ठेका कर्मियों को नियमित करने, पदोन्नति में दो वर्ष की छूट बिना शर्त लागू करने तथा वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारियों जैसे आइसोलेट संवर्गों को पदोन्नति पर आर्थिक लाभ देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। यात्रा के दौरान महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं। धौलपुर जिला अध्यक्ष चन्द्रभान चौधरी और महामंत्री योगेश शर्मा ने यात्रा को मिले अभूतपूर्व समर्थन के लिए सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर महासंघ के महामंत्री मोहन लाल शर्मा, उपाध्यक्ष अजयवीर सिंह, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शेर सिंह यादव, राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष डॉ. रणजीत मीना सहित कई पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) द्वारा प्रदेशभर में संचालित "कर्मचारी जागृति यात्रा" को धौलपुर जिले में दूसरे दिन कर्मचारियों का अभूतपूर्व उत्साह और जनसमर्थन मिला। इस यात्रा का स्वागत करते हुए सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित की और सरकार तक अपनी आवाज बुलंद तरीके से पहुँचाई। कर्मचारियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर इस यात्रा को ऐतिहासिक रूप प्रदान किया, यह स्पष्ट संदेश देते हुए कि अब उनकी जायज एवं वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के समक्ष कर्मचारियों की लंबित एवं
न्यायोचित मांगों को प्रभावी ढंग से रखना है। महासंघ ने 25 सूत्रीय मांग पत्र पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें आरजीएचएस के निजीकरण पर रोक लगाने, सरेंडर लीव का भुगतान तत्काल जारी करने, 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष पर चयनित वेतनमान का लाभ देने, बजट घोषणाओं को लागू करने, संविदा एवं ठेका कर्मियों को नियमित करने, पदोन्नति में दो वर्ष की छूट बिना शर्त लागू करने तथा वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारियों जैसे आइसोलेट संवर्गों को पदोन्नति पर आर्थिक लाभ देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। यात्रा के दौरान महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे
समय से लंबित मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं। धौलपुर जिला अध्यक्ष चन्द्रभान चौधरी और महामंत्री योगेश शर्मा ने यात्रा को मिले अभूतपूर्व समर्थन के लिए सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर महासंघ के महामंत्री मोहन लाल शर्मा, उपाध्यक्ष अजयवीर सिंह, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शेर सिंह यादव, राजस्थान शिक्षक संघ (एकीकृत) के अध्यक्ष डॉ. रणजीत मीना सहित कई पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
- राजस्थान पटवार संघ की उप शाखा रूपवास के गिरदावर और पटवारियों ने अध्यक्ष कुमर सिंह के नेतृत्व में पटवार पद की गरिमा को धूमिल किए जाने के विरोध में कार्य बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पटवारियों ने बताया कि यह विरोध 26 मई को हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ, जब पहाड़पुर हल्का पटवारी संदीप यादव राजस्व कार्य से तहसील कार्यालय आए थे। कार्यालय के कमरा नंबर 5 में मौजूद विश्वेन्द्र नामक व्यक्ति से जब संदीप यादव ने दीपक बंसल बाबू जी के बारे में पूछा, तो उसने कथित तौर पर पटवारी से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धक्का-मुक्की करते हुए धमकी दी कि उसे तहसीलदार ने आरटीआई के तहत रिकॉर्ड देखने के लिए भेजा है, और वह संदीप यादव की भी शिकायत करके उसे 'ठीक' कर देगा। पटवारियों का आरोप है कि इस घटना के बाद विश्वेन्द्र ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर संदीप यादव पटवारी के खिलाफ गलत आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे पटवार पद की गरिमा को ठेस पहुंची। इस अवसर पर गिरदावर राकेश जैन, मनोज खंडूजा, जोगेन्द्र, सुरेन्द्र धाकड़, मनोज शर्मा, महेन्द्र पाल सिंह, रविकांत शर्मा, अलोकिक, पटवारी कुमार सिंह, मंगल सिंह, रवि कुमार, मनीष शर्मा, संजय कुमार, हरेन्दर, शिवराज, धर्म सिंह, बाबू सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, नीरज शर्मा सहित कई पटवारी मौजूद रहे। पटवार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वेन्द्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो उपशाखा रूपवास इसी तरह कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन जारी रखेगी।1
- धौलपुर जिले के सैपऊ स्थित परऊआ गांव में एक ईंट भट्ठे के पास सड़क पर 'नाग-नागिन' का रोमांस देखने को मिला है। इस दुर्लभ और अनोखे नजारे का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- ओम बन्ना सा राजस्थान वाले री से देखते रहे आपकी आशा चौहान पत्रकार आज की ताजा खबर1
- फतेहाबाद थाना क्षेत्र के वरना गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की उटंगन नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, और बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जिससे गांव का माहौल गमगीन हो गया। मृतकों की पहचान वरना गांव निवासी प्रशांत पुत्र अरविंद (12 वर्ष) और लक्ष्मण पुत्र श्यामलाल (11 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दोनों बच्चे गांव के पास स्थित उटंगन नदी के किनारे बकरियां चराने गए थे। बकरियां चराने के दौरान वे नदी में नहाने लगे, और बताया जाता है कि नहाते समय दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को पानी में डूबता देख आसपास मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और उन्हें बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने काफी प्रयासों के बाद दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला और तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस दोनों बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद लेकर पहुंची, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा बच्चों को मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही फतेहाबाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस द्वारा मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मृतक प्रशांत और लक्ष्मण के घरों में मातम पसरा हुआ है, और गांव के लोग बड़ी संख्या में दोनों परिवारों के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।1
- आगरा से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ उटगन नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। ये दोनों बच्चे बकरियाँ चराने गए थे और नदी में नहाने के दौरान हादसा हो गया। इस घटना से पूरे गाँव में मातम छा गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक बच्चों की पहचान 12 वर्षीय प्रशांत और 11 वर्षीय लक्ष्मण के रूप में हुई है। यह घटना फतेहाबाद क्षेत्र के वरना उटगन नदी में हुई। नेशनल मीडिया न्यूज़ एजेंसी के माध्यम से पत्रकार धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने इस खबर की जानकारी दी है। इस दुखद हादसे के बाद अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने मासूम बच्चों के प्रति कोई लापरवाही न बरतें और उनका बहुत ही सही तरीके से ध्यान रखें, अन्यथा ऐसे हादसे फिर हो सकते हैं।2
- राजस्थान नगरपालिका कर्मचारी फेडरेशन ने राजाखेड़ा नगरपालिका परिसर में अध्यक्ष मौहर सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों द्वारा दिए गए व्यावहारिक सुझावों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिन्हें सर्वसम्मति से संगठन का समर्थन मिला। फेडरेशन ने कर्मचारियों के हितों और नगर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों से नगरपालिका प्रशासन को अवगत कराने का निर्णय लिया, ताकि आपसी समन्वय से इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में कर्मचारियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी कर्मियों के आरजीएचएस (RGHS) कार्ड बनवाने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही, कार्ड एक्टिवेशन, ऑनलाइन एंट्री और दवाइयों की प्राप्ति में आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए पालिका परिसर में एक विशेष सहायता काउंटर स्थापित करने की भी मांग की गई। सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई और वक्ताओं ने कार्य के दौरान उपयोग में आने वाले आवश्यक संसाधन जैसे रेडियम जैकेट, दस्ताने, मजबूत जूते और मास्क नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग रखी। यह भी कहा गया कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वित्तीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें बकाया वेतन, महंगाई भत्ता (डीए) एरियर, वर्दी भत्ता और अन्य लंबित देयों का शीघ्र भुगतान करने का सुझाव दिया गया। फेडरेशन ने यह भी मांग की कि चुंगी पुनर्भरण मद में प्राप्त अनुदान राशि का उपयोग केवल वेतन एवं भत्तों के भुगतान में ही किया जाए। इसके अतिरिक्त, सदस्य नितेश गौड़ ने कार्यालय में अन्य विभागों से प्रतिनियुक्त कर्मचारियों के स्थान पर स्वायत्त शासन विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति का सुझाव दिया, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके। इस बैठक में फेडरेशन के उपाध्यक्ष पारस, संरक्षक दयाल सिंह, सलाहकार राजेन्द्र सिंह, महामंत्री सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष संजय कुमार, सदस्य नितेश गौड़, नारायण सिंह, मनोज कुमार सहित नगरपालिका के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के न्यायाधिपति एवं धौलपुर संरक्षक चंद्रशेखर शर्मा ने एक दिवसीय न्यायिक क्षेत्र के निरीक्षण के लिए धौलपुर का दौरा किया। सर्किट हाउस पहुंचने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मांगो, धौलपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष हरिओम शर्मा, बाड़ी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र जादौन, जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर नवीन न्यायालय परिसर का निरीक्षण करते हुए धौलपुर अभिभाषक संघ ने न्यायाधिपति चंद्रशेखर शर्मा को विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के लिए नवीन न्यायालय परिसर में उपयुक्त चैंबर या 100 गुणा 250 फुट का पक्का बरामदा हॉल के लिए भूमि उपलब्ध कराने, उत्तम पेयजल व्यवस्था करने तथा एमएसीटी न्यायालय व श्रम न्यायालय धौलपुर में शीघ्र अधिकारी की नियुक्ति की मांग की गई। न्यायाधिपति शर्मा ने इस पर कहा कि धौलपुर न्यायिक क्षेत्र में धौलपुर बार-बेंच सर्वोपरि है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं को बैठने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा और धौलपुर अभिभाषक संघ द्वारा बताई गई समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने त्वरित, सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध कराने को अपना प्रयास बताया। उन्होंने धौलपुर के न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस तीनों ही महकमों के शीर्ष अधिकारियों को श्रेष्ठ बताया। धौलपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं अनंतराम त्यागी, रामनिवास परमार, विश्वनाथ बुद्धराजा, नत्थी लाल शर्मा, हरवीर सिंह सिकरवार, हरिशंकर मुद्गल, बृजेंद्र रावत और अतुल कुमार भार्गव के साथ न्यायाधिपति चंद्रशेखर शर्मा को नवीन न्यायालय परिसर की भौगोलिक और व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान धौलपुर और बाड़ी अभिभाषक संघ दोनों ने न्यायाधिपति शर्मा का माला, साफा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। धौलपुर पहुंचने पर न्यायाधिपति शर्मा की अगुवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव मांगो, मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट सेला फौजदार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल सैनी, न्यायाधीश राकेश गोयल सहित धौलपुर व बाड़ी के न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय प्रबंधक बृजेश शर्मा, न्यायिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ओमबाबू शर्मा, वरिष्ठ मूंसरिम राजीव शर्मा और विनय शुक्ला ने भी की। अंत में धौलपुर अभिभाषक संघ के महासचिव अरविंद सिंह गुर्जर ने सभी न्यायिक, प्रशासनिक अधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश त्यागी, उपाध्यक्ष हेमंत पचौरी, कोषाध्यक्ष विनय शर्मा, संयुक्त सचिव बृजेश बघेल, पुस्तकालय सचिव प्रशांत बघेल और ऑडिटर विवेक व्यास सहित कई न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी व अधिवक्ता उपस्थित थे।4
- राजस्थान के भालेरी जिले से ओम बन्ना सा की अमर कहानी सामने आई है। इस कहानी में वहां की एक बाइक से जुड़े चमत्कार का वर्णन किया गया है।1
- अचानक हुए एक हादसे में एलपीजी सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।1