भारत में संतुलन विकारों से जूझ रहे लगभग 25 करोड़ लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, पैसिफिक वनहेल्थ ने दिल्ली में एक समर्पित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की है। देश के अग्रणी न्यूरोटोलॉजिस्ट डॉ. अनिर्बान बिस्वास के नेतृत्व में स्थापित इस विशेष केंद्र का मुख्य उद्देश्य वर्टिगो और संतुलन संबंधी विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहतर निदान, पुनर्वास और दीर्घकालिक रिकवरी सुनिश्चित करना है। यह पहल संतुलन विकारों की एक लंबे समय से अनदेखी की जा रही समस्या को संबोधित करने के लिए की गई है। भारत में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी 2021 में 13.8 करोड़ से बढ़कर 2031 तक लगभग 19.4 करोड़ होने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती वृद्ध आबादी में से एक बन रही है। दुनियाभर में, चक्कर आना (डिज़ीनेस) और संतुलन संबंधी समस्याएं बुजुर्गों के अस्पताल या डॉक्टर के पास जाने के सबसे आम कारणों में से हैं। इसके बावजूद, भारत में वर्टिगो और संतुलन विकार बड़े पैमाने पर पहचान, निदान और उपचार की कमी का सामना कर रहे हैं, जो इस नए केंद्र की आवश्यकता को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
भारत में संतुलन विकारों से जूझ रहे लगभग 25 करोड़ लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, पैसिफिक वनहेल्थ ने दिल्ली में एक समर्पित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की है। देश के अग्रणी न्यूरोटोलॉजिस्ट डॉ. अनिर्बान बिस्वास के नेतृत्व में स्थापित इस विशेष केंद्र का मुख्य उद्देश्य वर्टिगो और संतुलन संबंधी विकारों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहतर निदान, पुनर्वास और दीर्घकालिक रिकवरी सुनिश्चित करना है। यह पहल संतुलन विकारों की एक लंबे समय से अनदेखी की जा रही समस्या को संबोधित करने के लिए की गई है। भारत में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी 2021 में 13.8 करोड़ से बढ़कर 2031 तक लगभग 19.4 करोड़ होने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती वृद्ध आबादी में से एक बन रही है। दुनियाभर में, चक्कर आना (डिज़ीनेस) और संतुलन संबंधी समस्याएं बुजुर्गों के अस्पताल या डॉक्टर के पास जाने के सबसे आम कारणों में से हैं। इसके बावजूद, भारत में वर्टिगो और संतुलन विकार बड़े पैमाने पर पहचान, निदान और उपचार की कमी का सामना कर रहे हैं, जो इस नए केंद्र की आवश्यकता को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
- दिल्ली के होलंबी खुर्द इलाके में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले रवि की 5 जून की रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। रवि अपने बुजुर्ग पिता, पत्नी और दो बच्चों के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। परिजनों के अनुसार, वह काम खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी कुछ युवकों से उनका विवाद हो गया। परिवार का आरोप है कि युवकों ने पहले तो रवि के साथ मारपीट की और फिर उनका पीछा करते हुए गली तक आ गए। आरोप है कि हमलावरों ने रवि के सिर पर ईंट से वार किया, जिससे वह बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद भी हमलावर नहीं रुके और कीलों लगे लकड़ी के पट्टों से उन पर लगातार हमला करते रहे। गंभीर रूप से घायल रवि किसी तरह अपने घर तक पहुँच पाए, लेकिन बाहर पत्नी को आवाज लगाते हुए गिर पड़े और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे होलंबी खुर्द इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश में छापेमारी जारी है। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, क्योंकि परिवार का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद रवि की निर्ममता से हत्या की गई है। रवि के बुजुर्ग पिता के आंसू थम नहीं रहे हैं। इस वारदात ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब पीड़ित परिवार को इंसाफ का इंतजार है।1
- पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में 9 जून को बुलाए गए बंद और विरोध प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया है। क्षेत्र के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा आयोजित 'लॉन्ग मार्च टू मुजफ्फराबाद' के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और पाकिस्तान सरकार तथा सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रावलकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच एक बार फिर उग्र और हिंसक आमना-सामना होने की जानकारी मिली है। इस दौरान पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ नारे लगाए गए, जिनमें 'आसिम मुनीर आतंकवादी' और 'ISI दहशतगर्द' जैसे नारे शामिल थे। इसके चलते कई जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। कश्मीर आवामी एक्शन कमेटी के नेता ख्वाजा मेहरान ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि, "आज का दिन लिखकर रखिए और आने वाली पीढ़ियों को बताइए कि हम खड़े हुए थे और हमें इनकी पैरामिलट्री फोर्स के आगे झुके नहीं, इनसे डरे नहीं।" रावलकोट की कई मस्जिदों से भी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई, जिसमें घोषणा की गई कि "जम्मू-कश्मीर की धरती पर फिरंगी फोर्स की तरफ से हमला किया गया है" और "तमाम कश्मीरियों से गुजारिश है कि long march में शिरकत करके कौमी-गैरत का सबूत दें।" JAAC के वरिष्ठ नेता शौकत नवाज मीर ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल लोगों की आवाज को कुचला-दबाया जा रहा है, और उनके नौजवानों को मारा जा रहा है तथा उनकी हत्या की जा रही है। PoK में चल रहा यह आंदोलन स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व, आर्थिक मुद्दों और प्रशासनिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर तेज हुआ है। क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।2
- सीएम योगी ने सहारनपुर के पुलिस-प्रशासन की उनके सराहनीय कार्य के लिए जमकर सराहना की है। उनकी इस प्रशंसा का मुख्य कारण यह रहा कि सहारनपुर पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के चलते समय रहते कई जानें बचाई जा सकीं।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। बताया जा रहा है कि एक मां अपनी ही बेटी का घर तोड़कर अपने दामाद के साथ घर छोड़कर चली गई और दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली। इस घटना ने रिश्तों की सारी परिभाषाओं को शर्मसार कर दिया है और यह सवाल उठाया गया है कि ऐसी मां को मां कहलाने का हक भी नहीं बनता। चर्चा है कि मां और दामाद के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहे थे। शादी के बाद दोनों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने इस फैसले को स्वीकार करने और लोगों से आशीर्वाद देने की अपील करते नजर आ रहे हैं।1
- Post by Pohuyy1
- सोशल मीडिया यूज़र alam_malik143143 ने लोगों से उनके यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनल को फॉलो करने का अनुरोध किया है।1
- देश में सरकारी नौकरियों के लिए जारी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, जहां अक्सर पीएचडी, इंजीनियरिंग और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री वाले उम्मीदवार भी कम शैक्षणिक योग्यता वाली नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने साफ कहा है कि हर नौकरी के लिए ज्यादा पढ़ाई होना ज़रूरी नहीं है। यदि किसी पद के लिए न्यूनतम के साथ-साथ अधिकतम शैक्षणिक योग्यता भी तय की गई है, तो उससे अधिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को नौकरी से बाहर किया जा सकता है। अदालत ने इस व्यवस्था को पूरी तरह वैध और न्यायसंगत माना है। इसका उद्देश्य कम शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवारों को रोजगार के उचित अवसर प्रदान करना है। इस फैसले के अनुसार, अगर कोई सरकारी नौकरी 10वीं या 12वीं पास वालों के लिए निकलती है, तो उसके लिए एमए या पीएचडी डिग्री वाले उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए जा सकते हैं।1
- दिल्ली अग्निकांड में अपनी जान जोखिम में डालकर आठ लोगों को बचाने वाले रियाजुद्दीन और अरमान मंसूरी ने लाखों रुपये के गद्दे बिछाकर लोगों की मदद की थी। अब उन्होंने एक नेक मिसाल पेश करते हुए कहा है कि उनके जितना नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई हो चुकी है। इसलिए, उन्होंने लोगों से अपील की है कि उनके बैंक खाते में कोई भी व्यक्ति अब और पैसा न डाले। इस कार्य से देश में ईमानदारी की एक नई मिसाल कायम हुई है, खासकर ऐसे में जब आमतौर पर बैंक खाते में आए पैसे को कोई भी व्यक्ति बुरा नहीं मानता।1